देश में ST/SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए कई स्कॉलरशिप्स में आय सीमा ₹2.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए यह सीमा ₹8 लाख है। इस असमानता को एक स्पष्ट पक्षपात करार देते हुए, सामाजिक वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत मंच तैयार करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संबंधित वर्गों की आवाज़ को अनसुना होने से रोकना है। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाने और हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है: सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धांत कि "ज़मानत एक नियम है, जेल एक अपवाद है" (Bail is the rule, jail is the exception) का ST/SC और OBC समुदायों से जुड़े कई मामलों में समान रूप से पालन नहीं होता। इस असमान न्याय प्रणाली को भी चुनौती दी जाएगी और समान न्याय व्यवस्था की स्थापना की मांग की जाएगी।
देश में ST/SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए कई स्कॉलरशिप्स में आय सीमा ₹2.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए यह सीमा ₹8 लाख है। इस असमानता को एक स्पष्ट पक्षपात करार देते हुए, सामाजिक वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत मंच तैयार करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संबंधित वर्गों की आवाज़ को अनसुना होने से रोकना है। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाने और हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है: सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धांत कि "ज़मानत एक नियम है, जेल एक अपवाद है" (Bail is the rule, jail is the exception) का ST/SC और OBC समुदायों से जुड़े कई मामलों में समान रूप से पालन नहीं होता। इस असमान न्याय प्रणाली को भी चुनौती दी जाएगी और समान न्याय व्यवस्था की स्थापना की मांग की जाएगी।
- देश में ST/SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए कई स्कॉलरशिप्स में आय सीमा ₹2.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए यह सीमा ₹8 लाख है। इस असमानता को एक स्पष्ट पक्षपात करार देते हुए, सामाजिक वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत मंच तैयार करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संबंधित वर्गों की आवाज़ को अनसुना होने से रोकना है। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाने और हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है: सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धांत कि "ज़मानत एक नियम है, जेल एक अपवाद है" (Bail is the rule, jail is the exception) का ST/SC और OBC समुदायों से जुड़े कई मामलों में समान रूप से पालन नहीं होता। इस असमान न्याय प्रणाली को भी चुनौती दी जाएगी और समान न्याय व्यवस्था की स्थापना की मांग की जाएगी।1
- बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भाजपा को संबोधित करते हुए दावा किया है कि इस बार सत्ता परिवर्तन होने वाला है और उनकी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। पार्टी ने इस दावे को BSP की 'लहर' बताते हुए सभी लोगों से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में BSP को फॉलो करें।1
- दिल्ली में हिंदू मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मलिक को 'सर तन से जुदा' करने की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें खून से लिखी एक चिट्ठी के माध्यम से दी गई है। चिट्ठी में दीपक मलिक को 'काफिर' बताते हुए स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 'जल्दी होगा सर तन से जुदा'। हिंदू मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिली इस धमकी से मामले की गंभीरता बढ़ गई है।1
- नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के हालिया नतीजों से यह सीधे तौर पर प्रमाणित होता है कि आयुष्मान भारत सहित भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की सभी योजनाएं देशवासियों के लिए बेहद कारगर साबित हो रही हैं। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि ये पहलें लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पॉलिटिकल ट्रस्ट पत्रिका द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर लोकप्रिय सांसद अश्विनी चौबे भी उपस्थित रहे।1
- रेखा सिंह दिल्ली ने अपने दर्शकों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से है, जिसे लोग यूट्यूब पर इसी नाम से खोज सकते हैं। इसके अलावा, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से ही उपलब्ध हैं। रेखा सिंह ने दर्शकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें सामग्री पसंद आए, तो वे उसे लाइक, कमेंट और शेयर करें। उन्होंने अपने दोस्तों को शुभ रात्रि कहकर अपनी बात समाप्त की।3
- भारत में लगभग 25 करोड़ लोग संतुलन विकारों से प्रभावित हैं, जिसमें वर्टिगो एक अनदेखी समस्या बनी हुई है। इसी गंभीर समस्या के समाधान और मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से, पैसिफिक वनहेल्थ ने दिल्ली में एक समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। इस विशेष केंद्र का नेतृत्व देश के अग्रणी न्यूरोटोलॉजिस्ट डॉ. अनिर्बान बिस्वास कर रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य वर्टिगो और अन्य संतुलन संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहतर निदान, पुनर्वास और दीर्घकालिक रिकवरी सुनिश्चित करना है।1
- एक वीडियो साझा करते हुए दर्शकों से उसे पूरा देखने का आग्रह किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि बस चालक की सच्चाई उजागर होगी। इस संबंध में बताया गया है कि यह बस 'डीसी' की एक निजी बस है, और पोस्ट में घटना को लेकर गहरी निराशा का भाव व्यक्त किया गया है।1