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रेखा सिंह दिल्ली ने अपने दर्शकों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से है, जिसे लोग यूट्यूब पर इसी नाम से खोज सकते हैं। इसके अलावा, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से ही उपलब्ध हैं। रेखा सिंह ने दर्शकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें सामग्री पसंद आए, तो वे उसे लाइक, कमेंट और शेयर करें। उन्होंने अपने दोस्तों को शुभ रात्रि कहकर अपनी बात समाप्त की।
🟪❤️🌹रेखा सिंह दिल्ली🌺🌹⚘️
रेखा सिंह दिल्ली ने अपने दर्शकों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से है, जिसे लोग यूट्यूब पर इसी नाम से खोज सकते हैं। इसके अलावा, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से ही उपलब्ध हैं। रेखा सिंह ने दर्शकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें सामग्री पसंद आए, तो वे उसे लाइक, कमेंट और शेयर करें। उन्होंने अपने दोस्तों को शुभ रात्रि कहकर अपनी बात समाप्त की।
- Pawan kumarनई दिल्ली, नई दिल्ली, दिल्लीbolo kuch rani14 hrs ago
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- बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित जैतपुर चौक, सरैया में AIDYO के बैनर तले एक प्रतिवाद रैली का आयोजन किया गया। इस रैली की अध्यक्षता रंजीत कुमार ने की।1
- रेखा सिंह दिल्ली ने अपने दर्शकों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से है, जिसे लोग यूट्यूब पर इसी नाम से खोज सकते हैं। इसके अलावा, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी 'रेखा सिंह दिल्ली' के नाम से ही उपलब्ध हैं। रेखा सिंह ने दर्शकों से आग्रह किया कि यदि उन्हें सामग्री पसंद आए, तो वे उसे लाइक, कमेंट और शेयर करें। उन्होंने अपने दोस्तों को शुभ रात्रि कहकर अपनी बात समाप्त की।3
- दिल्ली के गुलशन चौक स्थित सलाम कॉलोनी के एक युवा ने भारतीय सेना में चयनित होकर कमाल कर दिखाया है। सेना में चयन के बाद उनका यह पहला खास इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने अपनी कठिन मेहनत, संघर्ष और देश सेवा के जुनून की कहानी साझा की है, जिसके बल पर वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इस प्रेरणादायक सफलता गाथा में युवा ने भारतीय सेना में चयन की अपनी पूरी यात्रा, ट्रेनिंग के अनुभव और सलाम कॉलोनी से सेना तक के अपने सफर का विस्तृत वर्णन किया है। इंटरव्यू में उनके परिवार की खुशी भी झलकती है और उन्होंने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है।1
- जंतर-मंतर पर 'कोकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान, पार्टी अध्यक्ष ने सरकार के खिलाफ तीखे आरोप लगाए। अध्यक्ष ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी माँ को इस बात का गहरा डर था कि मौजूदा सरकार उन्हें जेल में डाल देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश में हर उस माँ को यह डर सताता है, जिसका बच्चा इस सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाता है।1
- एक कार्यक्रम के दौरान भीषण गर्मी और भारी भीड़ के बीच अभिजीत दिप्के की तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, आयोजकों ने उन्हें तुरंत मंच के पीछे ले जाकर आराम दिया, और फिर समर्थकों की भारी मौजूदगी के कारण कुछ समय के लिए वाहन में बैठाकर भी उन्हें आराम कराया गया। इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों में चिंता का माहौल बन गया था, हालांकि, अब उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।2
- दिल्ली में आधी रात को हुए एक एनकाउंटर में राका गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद राका गैंग का 'खेल खत्म' हो गया।1
- जंतर मंतर पर देश को बदलने आए कुछ लोगों को 'भाड़े के कॉकरोच' बताया गया है। पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया है कि ये लोग भारत की गर्मी भी सहन नहीं कर पाए और इसी गर्मी ने इन्हें बदल दिया। टिप्पणी में जोर देकर कहा गया है कि जो लोग भारत की सामान्य गर्मी भी नहीं झेल सकते, वे देश में कोई बड़ा बदलाव क्या ही ला पाएँगे।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिजीत दीप भी मौजूद रहे।1
- व्यंग्यात्मक डिजिटल ग्रुप 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने शनिवार, 6 जून को जंतर-मंतर पर नीट-2026 पेपर लीक और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार की कड़ी आलोचना भी की। दिपके, जो विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सुबह ही अमेरिका से दिल्ली पहुँचे थे, ने समर्थकों और छात्रों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। सीजेपी की शुरुआत मूल रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की उन टिप्पणियों के व्यंग्यात्मक जवाब के तौर पर हुई थी, जिसमें उन्होंने पिछले महीने एक कोर्ट सुनवाई के दौरान कुछ लोगों को 'कॉकरोच' और 'परजीवी' कहा था। तब से यह समूह एक संगठित अभियान का रूप ले चुका है और ऑनलाइन इसके काफी फॉलोअर्स हैं। दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अधिक केंद्रित है।1