ब्यावर की होनहार छात्रा सहज वर्मा ने AIIMS B.Sc. (Hons.) नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2026 में अपने पहले प्रयास में 95.87% अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता पाई है। उन्होंने NEET 2026 में भी पहली बार में 500 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिससे उन्होंने ब्यावर और पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। सहज की यह उपलब्धि इसलिए भी अधिक प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी माता को मात्र 14 वर्ष की आयु में खो दिया था, जब उनकी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में केवल दो महीने बाकी थे। इस कठिन समय में उनके पिता पंकज वर्मा, जो स्वयं एक एम्बुलेंस चालक हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद माँ और पिता दोनों की जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाते हुए सहज के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बलबूते, सहज ने 10वीं कक्षा में 90% अंक प्राप्त कर मेरिट में स्थान बनाया था, और इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95% अंक हासिल किए। उनकी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए उन्हें केंद्र सरकार के INSPIRE Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस सफलता में साइंस एकेडमी, ब्यावर के सीईओ श्री पवन रावत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने सहज को अपनी पुत्री की तरह मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया। सहज वर्मा की यह कहानी केवल एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अदम्य संघर्ष, मजबूत पारिवारिक संस्कारों, एक समर्पित गुरु के मार्गदर्शन और अटूट आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल ब्यावर, बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है, और यह उन सभी बच्चों व अभिभावकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
ब्यावर की होनहार छात्रा सहज वर्मा ने AIIMS B.Sc. (Hons.) नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2026 में अपने पहले प्रयास में 95.87% अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता पाई है। उन्होंने NEET 2026 में भी पहली बार में 500 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिससे उन्होंने ब्यावर और पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। सहज की यह उपलब्धि इसलिए भी अधिक प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी माता को मात्र 14 वर्ष की आयु में खो दिया था, जब उनकी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में केवल दो महीने बाकी थे। इस कठिन समय में उनके पिता पंकज वर्मा, जो स्वयं एक एम्बुलेंस चालक हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद माँ और पिता दोनों की जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाते हुए सहज के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बलबूते, सहज ने 10वीं कक्षा में 90% अंक प्राप्त कर मेरिट में स्थान बनाया था, और इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95% अंक हासिल किए। उनकी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए उन्हें केंद्र सरकार के INSPIRE Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस सफलता में साइंस एकेडमी, ब्यावर के सीईओ श्री पवन रावत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने सहज को अपनी पुत्री की तरह मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया। सहज वर्मा की यह कहानी केवल एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अदम्य संघर्ष, मजबूत पारिवारिक संस्कारों, एक समर्पित गुरु के मार्गदर्शन और अटूट आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल ब्यावर, बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है, और यह उन सभी बच्चों व अभिभावकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
- ब्यावर की होनहार छात्रा सहज वर्मा ने AIIMS B.Sc. (Hons.) नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 2026 में अपने पहले प्रयास में 95.87% अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता पाई है। उन्होंने NEET 2026 में भी पहली बार में 500 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिससे उन्होंने ब्यावर और पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। सहज की यह उपलब्धि इसलिए भी अधिक प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी माता को मात्र 14 वर्ष की आयु में खो दिया था, जब उनकी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में केवल दो महीने बाकी थे। इस कठिन समय में उनके पिता पंकज वर्मा, जो स्वयं एक एम्बुलेंस चालक हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद माँ और पिता दोनों की जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाते हुए सहज के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बलबूते, सहज ने 10वीं कक्षा में 90% अंक प्राप्त कर मेरिट में स्थान बनाया था, और इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95% अंक हासिल किए। उनकी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए उन्हें केंद्र सरकार के INSPIRE Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस सफलता में साइंस एकेडमी, ब्यावर के सीईओ श्री पवन रावत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने सहज को अपनी पुत्री की तरह मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया। सहज वर्मा की यह कहानी केवल एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अदम्य संघर्ष, मजबूत पारिवारिक संस्कारों, एक समर्पित गुरु के मार्गदर्शन और अटूट आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल ब्यावर, बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है, और यह उन सभी बच्चों व अभिभावकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।1
- 04 जुलाई को पाली जिला मुख्यालय पर माली समाज भवन में आयोजित रोजगार मेले में कुल 763 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों में चयनित अभ्यर्थियों को ये नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी अवसर पर पचपदरा रिफाइनरी बालोतरा के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा लाइव प्रसारण एलईडी वॉल पर दिखाया गया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संबोधित किया। राज्य स्तरीय इस समारोह में सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी गई, साथ ही 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया गया। इसमें राजस्थान रिफाइनरी, यमुना जल परियोजना, जयपुर मेट्रो फेज-2 और 50 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्रों का वितरण भी शामिल था। कुल 763 नियुक्तियों में से, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, पाली द्वारा 35 अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्ति पत्र दिए जा चुके थे, जबकि रोजगार मेले में 719 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। इसके अतिरिक्त, 9 नियुक्तियां अनुकम्पा एवं शहीद आश्रित श्रेणी के अंतर्गत की गईं। विभागवार विवरण के अनुसार, प्रशासनिक सुधार विभाग को सर्वाधिक 634 नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। माध्यमिक शिक्षा विभाग को 45, पंचायती राज विभाग को 13, जोधपुर विद्युत वितरण निगम को 9, कृषि विभाग और सचिवालय को 5-5, कौशल नियोजन विभाग को 2, तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत उत्पादन, राजस्थान लोक सेवा आयोग, जयपुर विद्युत वितरण निगम, अजमेर विद्युत वितरण निगम और प्रारम्भिक शिक्षा विभाग को एक-एक अभ्यर्थी के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए। पूर्व में जारी नियुक्तियों में पुलिस एवं गृह विभाग के 17, सहकारिता विभाग के 6, कॉलेज शिक्षा विभाग के 5, कृषि विभाग के 4 और प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के 3 अभ्यर्थी शामिल थे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, उप सभापति ललित प्रितमानी, जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गौस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र मेहता सहित जनप्रतिनिधि त्रिलोक चौधरी, रामकिशोर साबु, पुखराज पटेल, राकेश पंवार और विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर शहर से संबंधित वीडियो देखते हुए, खबरें चैनल पर संपादक साबुदीनखान भुट्टा मेड़तियालोहार को देखा गया।1
- अजमेर जिले के पीसांगन क्षेत्र के कालीमंगरी गाँव में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से जर्जर सड़कों और पीने के पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे ग्रामीणों ने स्थानीय कांग्रेस नेता शिव प्रकाश गुर्जर से मिलकर अपनी परेशानियाँ बताईं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों की खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, भीषण गर्मी के इस मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइनों को आपस में न जोड़ने के कारण गाँव में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, जिस पर विभाग बार-बार गुहार लगाने के बाद भी ध्यान नहीं दे रहा था। मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए, कांग्रेस नेता शिव प्रकाश गुर्जर ने बिना समय गंवाए मौके से ही उपखंड अधिकारी (SDM) को दूरभाष के माध्यम से पूरी जानकारी दी। उन्होंने अधिकारी से साफ शब्दों में कहा कि ग्रामीणों को हो रही इस परेशानी को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिव प्रकाश गुर्जर के हस्तक्षेप के बाद, उपखंड अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों को तुरंत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने दोनों समस्याओं – जर्जर सड़कों और पेयजल किल्लत – का जल्द से जल्द निवारण करने का भरोसा दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए शिव प्रकाश गुर्जर का आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों में पगारा प्रशासक रामदेव गुर्जर, सगीर अहमद, सुवा लाल देतवाल, उगमा राम निंबिवाल, लक्ष्मण जी निंबिवाल, ओमप्रकाश जी मावर, प्रवीण वैष्णव, राम जी पिलोदिया, नोरत जी पीलोदिया, सलीम मंसूरी, नंदकिशोर जी मावर, नवल कुमावत, सुशील मावर, इरफान मंसूरी, मनोज कुदाल, बादशाह रमेश जी मुन्दनिया, राम जी गेदर और रामनिवास मावर शामिल थे।1
- मांगलियावास पुलिस ने गत शुक्रवार देर रात्रि लामाणा की अमरगढ़ रोड पर किराने की दुकानों पर बिक रही अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर पिछले सप्ताह वायरल हुई उस खबर के बाद की गई जिसमें लामाणा की अमरगढ़ रोड पर 10 से ज्यादा किराने और चाय की दुकानों पर शराब बिकने की जानकारी दी गई थी। एएसआई आरिफ खान के अमरगढ़ रोड पर पहुंचने की भनक लगते ही अधिकतर अवैध शराब बेचने वाले दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। हालांकि, एक दुकानदार का हौसला इतना बढ़ा हुआ था कि वह खुद तो भाग गया लेकिन दुकान पर एक छोटी बालिका को बिठा गया। पुलिस के पहुंचने पर दुकान की तलाशी ली गई, जहां कई प्रकार की अंग्रेजी और देसी शराब मिलने की सूचना है। दुकान मालिक मौके से फरार हो गया जिसके बाद पुलिस ने दुकान पर ताला लगा दिया। जानकारी मिली है कि शनिवार दोपहर को पुलिस द्वारा ताले की चाबी वापस लौटा दी गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितनी शराब जब्त की गई और आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है या नहीं। इस पुलिस कार्रवाई के बाद लामाणा से अमरगढ़ तक के सभी अवैध शराब बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। लीडी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता हरिशंकर रेगर ने बताया कि अमरगढ़ रोड पर दुकानों पर खुलेआम देर रात्रि तक शराब का कारोबार जारी रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि मांगलियावास थाना क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर शराब ठेकेदारों द्वारा कई अवैध शाखाओं का संचालन करवाया जा रहा है। हाईवे पर होटलों और ढाबों पर भी खुलेआम शराब मिलती है और हाईवे किनारे शराब की दुकानें देर रात्रि तक खुली रहती हैं, जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को कई बार की गई है। रेगर के अनुसार, पूर्व में प्रशिक्षु आरपीएस दीपेंद्र सैनी के कार्यकाल के दौरान सभी अवैध शाखाएं बंद हो गई थीं, लेकिन वर्तमान में खुलेआम शराब बिक्री का यह धंधा चरम सीमा पर है।1
- शनिवार, 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बालोतरा जिले के पचपदरा में एक महत्वपूर्ण रिफाइनरी परियोजना के उद्घाटन समारोह का ब्लॉक स्तरीय सीधा प्रसारण नागौर के रियां बड़ी स्थित पंचायत समिति सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट बड़ी स्क्रीन के माध्यम से किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और आमजन मौजूद रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक इस प्रसारण को देखा और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 4 जुलाई को बालोतरा जिले के पचपदरा में एचआरआरएल (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड) रिफाइनरी का लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर का सीधा प्रसारण रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति सभागार में देखा गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। रियांबड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंगाड़िया, प्रधान प्रतिनिधि मदन गोरा, उप जिला प्रमुख शोभाराम जयपाल, सहायक विकास अधिकारी जगदीश माली, सहायक अभियंता राकेश मेंहरिया, नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के देवेंद्र गहलोत जैसे कई अधिकारी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, श्रवण सुथार, नूतन राठी, पवन कुमार शर्मा (रंधावा), मिट्ठूलाल, ओमप्रकाश जयपाल, गणेश पारीक, जगदीश सैनी, अभिषेक सैनी, कृष्णकांत और हरिराम छाबा सहित रियांबड़ी क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी प्रधानमंत्री के संबोधन और रिफाइनरी उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण देखा। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को गंभीरता से सुना, जिसमें रिफाइनरी परियोजना की विशेषताओं, राजस्थान की औद्योगिक प्रगति, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास पर इसके सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पचपदरा रिफाइनरी प्रदेश की महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों ने रिफाइनरी के सफल शुभारंभ पर अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राजस्थान के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार में उत्साह का माहौल बना रहा।1
- चावंडिया कल्ला ग्राम पंचायत क्षेत्र की मुख्य सड़क पर लंबे समय से बने गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्राम पंचायत की कथित लापरवाही के चलते सड़क की हालत बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में एक कार इन्हीं गहरे गड्ढों में फंस गई थी, जिसे आसपास मौजूद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत को कई बार शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने प्रशासन और ग्राम पंचायत से तत्काल मुख्य सड़क की मरम्मत करवाने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।1