रायबरेली:मुस्लिम युवती ने अपनाया हिंदू धर्म, बालेश्वर मंदिर में प्रेमी शिवम के साथ लिए सात फेरे,,,, रिपोर्ट-सागर तिवारी वाटसाप नं- 8742935637 रायबरेली जिले से सांप्रदायिक सौहार्द और प्रेम की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। जाती धर्म को दरकिनार कर एक बार फिर यहां प्यार की जीत की हुई है। यहाँ एक मुस्लिम युवती ने अपने पांच साल पुराने प्यार को मुकम्मल करने के लिए न केवल हिंदू धर्म अपनाया, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मंदिर में शादी भी की। यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, सेमरपहा गांव की रहने वाली आयमन अहमद और स्थानीय निवासी शिवम पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों पहली ही मुलाकात में एक दूसरे को दिल से बैठे। पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार और फिर इज़हार हुआ। दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ा कि अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद, दोनों प्रेमी युगल ने एक-साथ जीवन बिताने का फैसला किया। अपने प्यार को एक नया नाम देने के लिए आयमन ने हिंदू धर्म स्वीकार करने का निर्णय लिया और अपना नाम बदलकर 'कृतिका' रख लिया। इस प्रेमी जोड़े ने रायबरेली के प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर को अपनी शादी के लिए पवित्र स्थल चुना। शादी की रस्में पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुईं। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच, शिवम ने कृतिका पूर्व नाम आयमन की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया। इसके बाद दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया। शादी सम्पन्न होने के बाद 19 वर्षीय कृतिका ने अपनी खुशी जाहिर की। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बालिग है और उसने यह कदम अपनी स्वेच्छा से उठाया है। कृतिका ने यह भी बताया कि "मैं इस विवाह से बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया है। हम दोनों एक-दूसरे को पांच साल से जानते हैं।" वहीं शिवम ने भी अपनी पत्नी का हाथ थामते हुए इस नई शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिवम और आयमन की शादी स्थानीय लोगों ने इस विवाह को प्रेम की जीत बताया है।
रायबरेली:मुस्लिम युवती ने अपनाया हिंदू धर्म, बालेश्वर मंदिर में प्रेमी शिवम के साथ लिए सात फेरे,,,, रिपोर्ट-सागर तिवारी वाटसाप नं- 8742935637 रायबरेली जिले से सांप्रदायिक सौहार्द और प्रेम की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। जाती धर्म को दरकिनार कर एक बार फिर यहां प्यार की जीत की हुई है। यहाँ एक मुस्लिम युवती ने अपने पांच साल पुराने प्यार को मुकम्मल करने के लिए न केवल हिंदू धर्म अपनाया, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मंदिर में शादी भी की। यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, सेमरपहा गांव की रहने वाली आयमन अहमद और स्थानीय निवासी शिवम पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों पहली ही मुलाकात में एक दूसरे को दिल से बैठे। पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार और फिर इज़हार हुआ। दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ा कि अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद, दोनों प्रेमी युगल ने एक-साथ जीवन बिताने का फैसला किया। अपने प्यार को एक नया नाम देने के लिए आयमन ने हिंदू धर्म स्वीकार करने का निर्णय लिया और अपना नाम बदलकर 'कृतिका' रख लिया। इस प्रेमी जोड़े ने रायबरेली के प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर को अपनी शादी के लिए पवित्र स्थल चुना। शादी की रस्में पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुईं। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच, शिवम ने कृतिका पूर्व नाम आयमन की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया। इसके बाद दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया। शादी सम्पन्न होने के बाद 19 वर्षीय कृतिका ने अपनी खुशी जाहिर की। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बालिग है और उसने यह कदम अपनी स्वेच्छा से उठाया है। कृतिका ने यह भी बताया कि "मैं इस विवाह से बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया है। हम दोनों एक-दूसरे को पांच साल से जानते हैं।" वहीं शिवम ने भी अपनी पत्नी का हाथ थामते हुए इस नई शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिवम और आयमन की शादी स्थानीय लोगों ने इस विवाह को प्रेम की जीत बताया है।
- रायबरेली के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में छात्र का शव फंदे से लटका मिलने के बाद शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना से आक्रोशित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पदाधिकारियों ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। ज्ञापन के दौरान बढ़ी गहमागहमी गुरुवार को छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ता सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। गहमागहमी इतनी बढ़ गई कि नाराज पदाधिकारियों ने कार्यालय को बाहर से घेर लिया और धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला बाहर आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना था कि जब तक सिटी मजिस्ट्रेट अपनी "गलती" नहीं मानेंगे, उन्हें कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। स्थिति बिगड़ती देख शहर कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। काफी देर तक चली मान-मनौव्वल और बातचीत के बाद, पुलिस ने किसी तरह रास्ता बनाकर सिटी मजिस्ट्रेट को उनके कार्यालय से सुरक्षित निकाला और सरकारी वाहन से रवाना किया।1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी2
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- कौशाम्बी - संदीपन घाट थाना क्षेत्र उड़ान कम्पनी गेट के सामने शनिवार को टाटा मैजिक ने साइकिल सवार परीक्षार्थी को मारी टक्कर गंभीर रूप से घायल पीड़ित के पिता राममिलन पुत्र स्वा. केदारनाथ निवासी रसूलाबाद उर्फ कोइलहा ने रविवार को संदीपन घाट थाना जाकर तहरीर दी है। तहरीर पाकर पुलिस जांच में जुटी2
- Post by Kattar ambedkarvadi satyam cha2
- Post by Devendra Kumar1
- आपको विधित है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हितों की चिंता करने वाला विश्व का सबसे बड़ा विद्यार्थी संगठन है जो कि अपने स्थापना कल से ही रचनात्मक व आंदोलनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण के ध्येय को लेकर वर्ष भर छात्रहित एवं राष्ट्रहित में कार्य करता है। जागरूकता, आत्मबल कि कमी के कारणों से कई मेधावी छात्र छात्राओं द्वारा आत्महत्या कर चुके हैं जिसकी सूक्ष्म जांच करना, जांच रिपोर्ट को परिजनों को अवगत करना, सार्वजनिक करना अनिवार्य है तथा मेधावी छात्र छात्राओं में आत्महत्या जैसा अपराध के प्रति जागरूकता अभियान चलाना अनिवार्य है दिनांक 05/मार्च 2026 को, एस जे एस कालेज जैसे नामचीन विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र राम तिवारी द्वारा फांसी लगाकर आत्म हत्या कर लिया, जिंसके मृत्यु के कारणों का जांच होना अनिवार्य है पढाई का दबाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, या किसी प्रकार का डर, या1
- रायबरेली जिले से सांप्रदायिक सौहार्द और प्रेम की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। जाती धर्म को दरकिनार कर एक बार फिर यहां प्यार की जीत की हुई है। यहाँ एक मुस्लिम युवती ने अपने पांच साल पुराने प्यार को मुकम्मल करने के लिए न केवल हिंदू धर्म अपनाया, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मंदिर में शादी भी की। यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, सेमरपहा गांव की रहने वाली आयमन अहमद और स्थानीय निवासी शिवम पिछले पांच वर्षों से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों पहली ही मुलाकात में एक दूसरे को दिल से बैठे। पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार और फिर इज़हार हुआ। दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ा कि अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद, दोनों प्रेमी युगल ने एक-साथ जीवन बिताने का फैसला किया। अपने प्यार को एक नया नाम देने के लिए आयमन ने हिंदू धर्म स्वीकार करने का निर्णय लिया और अपना नाम बदलकर 'कृतिका' रख लिया। इस प्रेमी जोड़े ने रायबरेली के प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर को अपनी शादी के लिए पवित्र स्थल चुना। शादी की रस्में पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुईं। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच, शिवम ने कृतिका पूर्व नाम आयमन की मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया। इसके बाद दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया। शादी सम्पन्न होने के बाद 19 वर्षीय कृतिका ने अपनी खुशी जाहिर की। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बालिग है और उसने यह कदम अपनी स्वेच्छा से उठाया है। कृतिका ने यह भी बताया कि "मैं इस विवाह से बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया है। हम दोनों एक-दूसरे को पांच साल से जानते हैं।" वहीं शिवम ने भी अपनी पत्नी का हाथ थामते हुए इस नई शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिवम और आयमन की शादी स्थानीय लोगों ने इस विवाह को प्रेम की जीत बताया है।1