सड़क खोदो परियोजना: जानबूझकर खोदी जा रहीं सड़कें सतना। अब तो सड़क खोदने की अति हो गई। लेकिन कहते हैं यह सड़क खोदो अभियान है। कुछ समाज सेवियों द्वारा बार बार गड्ढेदार सड़क बताकर इस बात की याद दिलाकर और पीड़ा पहुंचाई जाई जा रही है। अब तो कहा जाने लगा है कि खराब सड़क नगर निगम और जनप्रतिनधियों के लिए मनोरंजन का साधन है। अन्यथा जनप्रतिनिधि चाह लें और उनको चुनने वाली जनता चाह ले तो भला एक भी गड्ढा रह पाएगा? बाहर से कहना है पर अंदर से चाहना नहीं है। ऐसा करने में कोई कठिनाई नहीं है कि सड़क में गड्ढें न हों, पर विकास का कोई न कोई बहान बनाकर सड़कों को नष्ट किया जा रहा है। विकास भी सड़क खोदने के पीछे पड़ा हुआ है। यही सभी एक बार फिर से इसी खराब सड़क को वोट करेंगे और ऊपर से असहाय होकर बात करेंगे कि हम नगर निगम के सामने असहाय हैं। विरोध किया, ज्ञापन दिया, फोटो खिंचवाई और सड़क बिगाडऩे वालों के बीच बैठक मित्रता निभाई। विरोध की नौटंकी क्यों? इससे तो अच्छा है कि सत्ता पक्ष के लोग ही विपक्ष का भी काम कर रहे हैं। अब आ गई गैस पाइप लाइन इधर सीवर लाइन की पीड़ा झेलते झेलते लोग उसके अभ्यस्त हो चुके थे। तो बीच में अब नए नए विकास का वेदर सिस्टम बन गया। जो भी विकास होगा सड़क को खोदकर ही होगा। कलेक्ट्रेट के उत्तरी छोर सहित कुछ अन्य हिस्सों में चार महीने पहले सड़क बनाई गई थी जिसको खोद दिया गया। अब गैस पाइपलाइन के लिए सड़क खोद डाली। यही गैस लाइन पूर्व में मनोपटल से गायब थी और लोगों को लगा कि अब सीवर लाइन के बाद पक्की सड़क मिल जाएगी। पर गैस पाइप लाइन का विकास आ टपका। गड्ढे विकास की जननी एक तो सतना नगर निगम की जनता पहले से गड्ढों की वजह से परेशान है। आपदा में अवसर वाली कहावत यहां पर बिल्कुल सटीक बैठती है ऊपर से टेलीकॉम कंपनी द्वारा पूरे शहर में अपनी केविल डालने के लिए बड़े बड़े गड्ढे खोदे जा रहे हैं। यह कम्पनी सड़क बिगाड़कर चलते बनती है । गड्ढों में गिरकर बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही है लेकिन इसकी किसी को क्या पड़ी है बहरहाल धवारी में टेलीकॉम कंपनी द्वारा एक चौराहे के ठीक बीचों बीच खोदे गये गड्ढे के विरुद्ध धवारी की जनता ने विरोध जताना शुरू कर दिया है । अभी इन कार्यों की प्रतीक्षा शेष कभी सीवर लाइन, कभी पानी की सप्लाई लाइन में सुधार, कभी टेलिकाम केबिल,कभी गैस पाइप लाइन वगैरह वगैरह। लोगों को लग रहा है कि इसके बाद सड़क खोदने वाला विकास थम जाएगा और सड़कें एक नंबर की चकाचक हो जाएंगी। पर लोगों को नहीं मालूम कि अभी एक विकास छिपाकर रखा गया है जब भी सड़कें ठीक हो जाएंगी तो अंडर ग्राउंड विद्युत केबिल बिछाई जाएंगी। उसके बाद ऐसी खुदाई की जाएगी कि करंट का खतरा भी सताने लगेगा। इतने पर भी प्रताडि़त नहीं हुए और सह गए तो कुछ योजनाएं और छिपाकर रखी गई हैं। राजनीतिक दल, विभाग और जनता सबकी मिलीभगत से उनको भी अमल में लाया जा सकता है। शायद उनका आखिरी हो ये सितम एक गाना है कि शायद उनका आखिरी हो ये सितम हर सितम यह सोचकर हम सह गए। दिल के अरमा आंसुओं में बह गए। बता दें कि विकास की प्रजनन दर सुस्त है। जो रुक रुक कर उत्पन्न होते हैं। एक साथ विकास नहीं होते हंै। क्योंकि विकास एक सिस्टमेटिक बहाना है। बता दें कि सत्ताधारी दल को वोट की चिंता नहीं है वो तो कहीं न जाएंगे वो तो फिक्स हैं मिलना ही है, लोग कैसे परेशान होंं इसकी चिंता अधिक है। अरे भाई परेशान करने का टारगेट क्या है? इसके पीछे कौन सा सीक्रेट लॉजिक है? कब तक जनता मूर्ख बनती रहेगी?
सड़क खोदो परियोजना: जानबूझकर खोदी जा रहीं सड़कें सतना। अब तो सड़क खोदने की अति हो गई। लेकिन कहते हैं यह सड़क खोदो अभियान है। कुछ समाज सेवियों द्वारा बार बार गड्ढेदार सड़क बताकर इस बात की याद दिलाकर और पीड़ा पहुंचाई जाई जा रही है। अब तो कहा जाने लगा है कि खराब सड़क नगर निगम और जनप्रतिनधियों के लिए मनोरंजन का साधन है। अन्यथा जनप्रतिनिधि चाह लें और उनको चुनने वाली जनता चाह ले तो भला एक भी गड्ढा रह पाएगा? बाहर से कहना है पर अंदर से चाहना नहीं है। ऐसा करने में कोई कठिनाई नहीं है कि सड़क में गड्ढें न हों, पर विकास का कोई न कोई बहान बनाकर सड़कों को नष्ट किया जा रहा है। विकास भी सड़क खोदने के पीछे पड़ा हुआ है। यही सभी एक बार फिर से इसी खराब सड़क को वोट करेंगे और ऊपर से असहाय होकर बात करेंगे कि हम नगर निगम के सामने असहाय हैं। विरोध किया, ज्ञापन दिया, फोटो खिंचवाई और सड़क बिगाडऩे वालों के बीच बैठक मित्रता निभाई। विरोध की नौटंकी क्यों? इससे तो अच्छा है कि सत्ता पक्ष के लोग ही विपक्ष का भी काम कर रहे हैं। अब आ गई गैस पाइप लाइन इधर सीवर लाइन की पीड़ा झेलते झेलते लोग उसके अभ्यस्त हो चुके थे। तो बीच में अब नए नए विकास का वेदर सिस्टम बन गया। जो भी विकास होगा सड़क को खोदकर ही होगा। कलेक्ट्रेट के उत्तरी छोर सहित कुछ अन्य हिस्सों में चार महीने पहले सड़क बनाई गई थी जिसको खोद दिया गया। अब गैस पाइपलाइन के लिए सड़क खोद डाली। यही गैस लाइन पूर्व में मनोपटल से गायब थी और लोगों को लगा कि अब सीवर लाइन के बाद पक्की सड़क मिल जाएगी। पर गैस पाइप लाइन का विकास आ टपका। गड्ढे विकास की जननी एक तो सतना नगर निगम की जनता पहले से गड्ढों की वजह से परेशान है। आपदा में अवसर वाली कहावत यहां पर बिल्कुल सटीक बैठती है ऊपर से टेलीकॉम कंपनी द्वारा पूरे शहर में अपनी केविल डालने के लिए बड़े बड़े गड्ढे खोदे जा रहे हैं। यह कम्पनी सड़क बिगाड़कर चलते बनती है । गड्ढों में गिरकर बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही है लेकिन इसकी किसी को क्या पड़ी है बहरहाल धवारी में टेलीकॉम कंपनी द्वारा एक चौराहे के ठीक बीचों बीच खोदे गये गड्ढे के विरुद्ध धवारी की जनता ने विरोध जताना शुरू कर दिया है । अभी इन कार्यों की प्रतीक्षा शेष कभी सीवर लाइन, कभी पानी की सप्लाई लाइन में सुधार, कभी टेलिकाम केबिल,कभी गैस पाइप लाइन वगैरह वगैरह। लोगों को लग रहा है कि इसके बाद सड़क खोदने वाला विकास थम जाएगा और सड़कें एक नंबर की चकाचक हो जाएंगी। पर लोगों को नहीं मालूम कि अभी एक विकास छिपाकर रखा गया है जब भी सड़कें ठीक हो जाएंगी तो अंडर ग्राउंड विद्युत केबिल बिछाई जाएंगी। उसके बाद ऐसी खुदाई की जाएगी कि करंट का खतरा भी सताने लगेगा। इतने पर भी प्रताडि़त नहीं हुए और सह गए तो कुछ योजनाएं और छिपाकर रखी गई हैं। राजनीतिक दल, विभाग और जनता सबकी मिलीभगत से उनको भी अमल में लाया जा सकता है। शायद उनका आखिरी हो ये सितम एक गाना है कि शायद उनका आखिरी हो ये सितम हर सितम यह सोचकर हम सह गए। दिल के अरमा आंसुओं में बह गए। बता दें कि विकास की प्रजनन दर सुस्त है। जो रुक रुक कर उत्पन्न होते हैं। एक साथ विकास नहीं होते हंै। क्योंकि विकास एक सिस्टमेटिक बहाना है। बता दें कि सत्ताधारी दल को वोट की चिंता नहीं है वो तो कहीं न जाएंगे वो तो फिक्स हैं मिलना ही है, लोग कैसे परेशान होंं इसकी चिंता अधिक है। अरे भाई परेशान करने का टारगेट क्या है? इसके पीछे कौन सा सीक्रेट लॉजिक है? कब तक जनता मूर्ख बनती रहेगी?
- ब्रांडेड बोतलों में 'मौत' परोसने वाले मास्टरमाइंड सहित दो गए जेल आबकारी विभाग की कार्यवाही क्या आप भी किसी से संपर्क कर घर बैठे महंगी और ब्रांडेड शराब मंगा रहे हैं? सावधान हो जाइए! हो सकता है कि उस चमकदार विदेशी बोतल में आपके लिए 'मौत' पैक करके भेजी जा रही हो। सतना में एक ऐसे ही खौफनाक और शातिर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो विदेशी मदिरा (मंकी शोल्डर और रेड लेबल) की खाली बोतलों में सस्ता और जहरीला केमिकल भरकर लोगों की जान से खेल रहा था। कलेक्टर महोदय श्री सतीश कुमार एस, आबकारी उपायुक्त सम्भागीय उड़नदस्ता रीवा माधव सिंह भेड़िया एवं आबकारी सहायक आयुक्त सुरेन्द्र कुमार उरांव, सतना के कड़े निर्देशों पर उप निरीक्षक आशीष वाटिया के आबकारी वृत्त सतना क्र. 01 की टीम ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर इस 'मौत के व्यापार' को ध्वस्त कर दिया है। फिल्मी था काम करने का तरीका (High-Tech Modus Operandi) इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि (38 वर्ष, निवासी घूरडांग) किसी सफेदपोश अपराधी की तरह काम करता था। वह कभी खुद सामने नहीं आता था। केवल मोबाइल पर ऑर्डर लेता और पुलिस/आबकारी की नजरों से बचने के लिए अपने एजेंटों के जरिए एक बार में सिर्फ एक या दो बोतल ही ग्राहकों तक पहुंचाता था। उसका मकसद साफ था—पकड़े जाने पर भारी मात्रा का केस न बने और वह कानून की खामियों का फायदा उठाकर बच निकले। ऐसे बिछाया गया मौत के सौदागरों के लिए जाल (The Decoy Trap) मुखबिरों से इस खतरनाक खेल की भनक लगते ही आबकारी उप निरीक्षक आशीष वारिया ने एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक 'डिकॉय ऑपरेशन' (Sting Operation) की योजना बनाई। आबकारी टीम ने एक आम ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को 14 सितंबर की रात सिमारिया चौक, हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास बुलाया। जैसे ही डिलीवरी एजेंट सुनील कुशवाहा (23 वर्ष) ने 'मंकी शोल्डर' की बोतल सौंपी, सादे कपड़ों में उप निरीक्षक संजय साकेत और पहले से घेराबंदी किए खड़ी आबकारी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। बोतल में शराब नहीं, तैर रहा था 'जहर' जब आबकारी टीम ने जप्त बोतल को खोलकर देखा, तो मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। जिस शराब को लोग हजारों रुपये देकर शौक से पीते हैं, उसमें संदिग्ध सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व तैर रहे थे। उसकी तीक्ष्ण गंध बता रही थी कि यह इंसानी शरीर के लिए कितना घातक (Unfit for human consumption) है। यदि यह खेप बाजार में खप जाती, तो सतना में एक बड़ी जनहानि (Hooch Tragedy) से इनकार नहीं किया जा सकता था। देर रात मास्टरमाइंड के अड्डे पर दबिश एजेंट सुनील के पकड़े जाते ही टीम ने बिना एक पल गंवाए देर रात मास्टरमाइंड जितेन्द्र उर्फ रवि के घर पर दबिश दी। पुलिस की भनक लगते ही शातिर रवि ने अपना असली स्मार्टफोन और भारी मात्रा में रखी नकली शराब ठिकाने लगा दी थी, लेकिन वह आबकारी टीम की गिरफ्त से बच नहीं सका। गैर-जमानती धाराओं में गए जेल आबकारी विभाग ने इस गंभीर मामले में म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के साथ-साथ अत्यंत सख्त एवं गैर-जमानती धारा 49(क) (अपमिश्रित मदिरा) के तहत प्रकरण (अपराध क्र. 374/26) पंजीबद्ध किया है। आज दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनके खौफनाक मंसूबों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सीधे जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है। जप्त 'जहर' को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जा रहा है। *इनकी रही सक्रिय भूमिका* इस कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक आशीष वाटिया के नेतृत्व में आबकारी उप निरीक्षक निलेश गुप्ता संजय साकेत, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी मंगलदीन कोल, शंकर दयाल प्रजापति,आरक्षक आशुतोष तिवारी, अमृता उरमलिया एवं अन्य स्टाफ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोगों की जान से खेलने वाले ऐसे किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।1
- बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए सरकार से 53 करोड़ के बजट की मांग का प्रस्ताव पारित नगर पालिका बोर्ड की विशेष बैठक संपन्न, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित नवरात्रि पर्व पर नए कार्यालय का होगा उद्घाटन चित्रकूट । नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी बोर्ड की विशेष बैठक अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें विभिन्न कार्य योजनाओं पर विचार विमर्श हुआ और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए । बैठक में सबसे अहम बात यह रही की मंदाकिनी में आई बाढ़ के कारण पालिका क्षेत्र में करीब 53 करोड़ की क्षति हुई है जिसकी भरपाई के लिए नगर पालिका ने शासन को बजट आवंटन के प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट भ्रमण के दौरान यहां की तबाही देखी थी और सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। बैठक में विकसित भारत के संबंध में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को संपादित करने के लिए भी विस्तृत चर्चा हुई और उन सभी कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि दीपावली दशहरा गणेश उत्सव को देखते हुए विभिन्न धार्मिक स्थलों और जहां पर देवी पंडाल लगते हैं वहां की साफ सफाई प्रकाश व्यवस्था के लिए अभी से ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने सभी सभासदों से अपेक्षा की है की बाढ़ अथवा मूसलाधार बारिश के कारण जिन लोगों के कच्चे मकान गिर गए हैं उनकी सूचना दो दिन के अंदर पालिका कार्यालय को दे दिया जाए जिसमें घर गिरने की फोटो ,पीड़ित व्यक्ति का आधार ,मोबाइल नंबर ,पासबुक होना चाहिए ताकि पीड़ित लोगों को आर्थिक मुआवजा सरकार से दिलाया जा सके और निकट भविष्य में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से भी लाभान्वित कराया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड में पालिका के नए कार्यालय उद्घाटन पर भी चर्चा हुई निर्णय लिया गया कि नवरात्रि के पर्व पर नए कार्यालय का उद्घाटन होगा और पुराने कार्यालय के ध्वस्तीकरण का भी प्रस्ताव पारित किया गया ।इसके अलावा टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराए जाने, रामलीला कमेटी का गठन किए जाने का भी निर्णय हुआ ।कमेटी में गैर राजनीतिक व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। नगर की साफ सफाई के लिए 300 सफाई कर्मचारी रखे जाने के लिए राज्य वित्त आयोग में प्रतिमाह एक करोड़ की धनराशि शासन से मांग की गई है। कर्मचारियों की कमी की वजह से नगर की साफ सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।2
- चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी1
- आशाओं ने मानदेय बढ़ाने और नियमित करने की मांग उठाई पहाड़ी, चित्रकूट। आशाओं ने मानदेय बढ़ाने और नियमित करने की मांग उठाई पहाड़ी, चित्रकूट। सीएचसी पहाड़ी में मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने विधायक अनिल प्रधान के सामने मानदेय बढ़ाने और नियमित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद मानदेय नहीं बढ़ा है। आशाएं स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार काम कर रही हैं। आशाओं ने कम से कम 30 हजार रुपये मासिक वेतन और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग की। विधायक अनिल प्रधान ने मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर आशाओं को नियमित कराने और मानदेय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।1
- बांदा का कालिंजर बना National Geo-Heritage Site | करोड़ों साल पुराना इतिहास | Banda News 2026 बांदा के कालिंजर क्षेत्र की पहाड़ी को Geological Survey of India (GSI) ने National Geo-Heritage Site के रूप में मान्यता दी है। यहां अलग-अलग भूवैज्ञानिक काल की चट्टानों और धरती के प्राचीन इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण मिलते हैं। यह पहचान कालिंजर को इतिहास के साथ-साथ भू-विज्ञान के लिहाज से भी खास बनाती है।1
- कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठा जनप्रतिनिधि… पाठा में दिखी जनसेवा की असली तस्वीर!” बाढ़ पीड़ितों की राहत से लेकर चमरौहा पुल की मांग तक—मानिकपुर में जनसमस्याओं को लेकर सक्रियता, बुजुर्ग किसान के साथ पिंटू द्विवेदी की सादगी ने खींचा ग्रामीणों का ध्यान। पाठा में जनसेवा की तस्वीर: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे विधायक, बुजुर्ग किसान के साथ जमीन पर बैठकर सुनी पीड़ा मऊ-मानिकपुर में विकास और राहत कार्यों पर जोर, विधायक अविनाश चन्द्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई चमरौहा पुल की मांग; बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग चित्रकूट/मानिकपुर। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और “जनहित से बढ़कर कोई धर्म नहीं, जनसेवा से बढ़कर कोई कर्म नहीं”—इन्हीं भावनाओं के साथ मऊ-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क और राहत कार्यों का सिलसिला जारी है। मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चन्द्र द्विवेदी ने पाठा क्षेत्र के दूरदराज गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान जनसमस्याओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। विधायक की ओर से विधानसभा क्षेत्र में सड़क, इंटरलॉकिंग, पुल, विद्यालय समेत विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। वहीं बरदहा नदी की भीषण बाढ़ से प्रभावित डोडा माफी, जारोमाफी, इटवा-डुड़ैला, चमरौहा, मऊ गुरदरी, मारकुंडी, सकरौहा, रानीपुर और गिदुरहा समेत प्रभावित गांवों के परिवारों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पहल भी सामने आई है। मुख्यमंत्री के सामने उठी चमरौहा पुल की मांग बाढ़ के दौरान आवागमन प्रभावित होने वाले पाठा क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को देखते हुए विधायक अविनाश चन्द्र द्विवेदी द्वारा चमरौहा पुल की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष उठाए जाने की बात कही गई है। साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग भी रखी गई। विधायक ने बाढ़ आपदा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए राहत कार्यों की सराहना करते हुए इसे मुख्यमंत्री के निर्देशों का परिणाम बताया। ₹2.85 करोड़ से बनेगा जड़ेरा नाला पर आरसीसी बॉक्स कलवर्ट विकास कार्यों की कड़ी में मानिकपुर–मारकुंडी–डुड़ैला मार्ग के किमी-5 में जड़ेरा नाला पर क्षतिग्रस्त रपटा के स्थान पर 6×5×4 मीटर स्पान आरसीसी बॉक्स कलवर्ट के निर्माण के लिए ₹2.85 करोड़ की लागत से कार्य स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्य को क्षेत्रीय आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए विधायक की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। वहीं विधायक प्रतिनिधि पिंटू द्विवेदी की सादगी ने खींचा ध्यान दूसरी ओर मऊ-मानिकपुर विधायक प्रतिनिधि पिंटू द्विवेदी भी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जनसुनवाई कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में सक्रिय दिखाई दिए। इसी दौरान एक तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी, जब एक बुजुर्ग किसान जमीन पर बैठकर अपनी परेशानी बता रहा था और पिंटू द्विवेदी भी बिना किसी औपचारिकता के उसी के पास जमीन पर बैठ गए। उन्होंने बुजुर्ग का हालचाल जाना और उसकी समस्या को ध्यानपूर्वक सुना। समस्या सामने आने के बाद उनकी ओर से तत्काल आर्थिक सहायता किए जाने की बात कही गई। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए केवल सहायता का क्षण नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि और आम व्यक्ति के बीच अपनत्व की तस्वीर के रूप में सामने आया। जरूरतमंद व्यक्ति के बीच बैठकर उसकी बात सुनना और कठिन समय में उसके साथ खड़े होने की कोशिश ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। “पद बड़ा हो सकता है, लेकिन इंसानियत उससे भी बड़ी होनी चाहिए” ग्रामीणों के बीच पिंटू द्विवेदी के इस व्यवहार की सराहना की जा रही है। समर्थकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे उन्हें केवल विधायक प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य और बेटे के समान मानते हैं। बाढ़ हो या रोजमर्रा की जनसमस्या—ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और जरूरतमंदों की मदद करना जनसेवा की उसी भावना को दर्शाता है, जिसमें पद से ज्यादा प्राथमिकता इंसान और उसकी परेशानी को दी जाती है। जनता की सेवा, सम्मान और उनके सुख-दुःख में साथ खड़ा रहना—यही जनप्रतिनिधित्व की असली कसौटी है। विकास की राह पर मानिकपुर—हर कदम आगे सड़क से पुल तक, विद्यालय से इंटरलॉकिंग तक और बाढ़ राहत से लेकर जनसुनवाई तक—मऊ-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनसरोकार से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। आपका विश्वास—हमारा संकल्प। मानिकपुर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पित।1
- यूपी में जंगलराज कायम नहीं होने देंगे वामदल - कामरेड अमित यादव जाति धर्म आधारित राजनीति कर रही भाजपा -रुद्र प्रसाद मिश्र चित्रकूट। आज वामपंथी एवं संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन महामहिम राज्यपाल महोदय उत्तर प्रदेश लखनऊ को द्वारा उप जिलाधिकारी कर्वी महोदय चित्रकूट को दिया गया। सैकड़ों कार्यकर्ता का. रुद्र प्रसाद मिश्र व अमित यादव के नेतृत्व में कैंप कार्यालय कचहरी से चलकर धनुष चौराहा व पटेल चौक होते हुए नारेबाजी करते तहसील मुख्यालय कर्वी पहुंचे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीएम वरिष्ठ नेता कामरेड रुद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पूरी तरह जंगल राज्य कायम हो चुका है। सन 1911 में बनी हुई सहारनपुर की मस्जिद को तोड़ा जाना भाजपा राज्य का राजनीतिक केंद्र बिंद, कार्यशैली तथा ध्रुवीकरण करना संविधान भावना का उल्लघंन है। भाजपा पूरे देश में बाबा साहेब के बनाए संविधान को हटाकर मनुवादी सिद्धांत लागू करना चाहते हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भाजपा के मुख्यमंत्री जनता के मूड और अपनी पार्टी के भीतर मतभेदों से स्पष्ट रूप से घबराए हुए हैं लोगों की चिंताओं को दूर करने के बजाय वह चुनाव से पहले डराने धमकाने बुलडोजर करवाई और विभाजनकारी राजनीति का सहारा ले रहे हैं। भाजपा किसानों की जमीनें छीनकर मजदूर बनाने की साज़िश कर रही। सीपीआई जिला सचिव का. अमित यादव एड. ने कहा कि वामदल यूपी में भाजपा का जंगलराज कायम नहीं होने देंगे। उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विरोधियों तक यह दमन, विपक्ष के नेताओं को नजर बंद करना, हाउस अरेस्ट करना, विरोधी दलों के नेताओं के बारे में व्यक्तिगत जानकारियां एकत्रित की जा रही है उसके लिए दबाव बनाया जाता है। राज्य को निगरानी एवं पुलिस राज बनाने की कोशिश है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले में उत्तर प्रदेश राज्य को आर्मेनिया डिस्टोपिया राज बनाने की चेष्टा बताया गया है। चुनाव नजदीक आते ही रेवड़ी की बारिश से कुछ नहीं होगा। प्रदर्शन व सभा के बाद माननीय राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा गया। प्रदर्शन व सभा में मुख्य रूप से कामरेड शिवम द्विवेदी, पूनम,गिरधर, वीर बहादुर,सुधा सिंह, रामप्रताप, राजाराम, राजधर विश्वकर्मा, संदीप कुमार पाण्डेय,शारदा प्रसाद, रामस्वरूप, प्रद्युम्न, बांकीदास चुन्ना, मुन्ना यादव, दिनेश मौजूद थे।3
- चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी,विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, और भी हो सकते हैं कई लोग ऐसा महसूस हो रहा है विस्फोटः विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, आसपास रहने वाले बोले- लगा टायर फट गया चित्रकूट के अशोह गांव में 12 सितंबर को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में भीषण विस्फोट हुआ था। इस मामले को लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है। वहीं बम विस्फोट निरोधक दल के एक अधिकारी का कहना है, विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं बल्कि बम वाला है। ये: पूरा घटनाक्रम एक साजिश के तहत किए जाने की आशंका है। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट पर धमाके के बाद मौके से मानव अंग मिले थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विस्फोट में कौन व्यक्ति मौजूद था और वहां विस्फोटक सामग्री क्यों लाई गई थी? पुलिस आसपास के जिलों में भी लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है। किसी व्यक्ति का पैर पुलिस को मौके से मिला था। मृतक की पहचान करने में जुटी पुलिस सोमवार को घटनास्थल पर जांच के दौरान पुलिस को सफेद शर्ट के जले हुए टुकड़े और कई संदिग्ध सामान मिले थे। एक पैर प्लॉट में मिला था, जबकि दूसरा करीब 300 मीटर दूर खेत में मिला। शरीर के अन्य हिस्से अभी तक नहीं मिले हैं। पुलिस इन अवशेषों के आधार पर मृतक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। बरामद मानव अवशेष का डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, डीएनए रिपोर्ट आने में करीब दो महीने लग सकते हैं। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट में जहां ब्लास्ट हुआ था, वहां से वह 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में रहते हैं। रोड पर पड़े थे मांस के टुकड़े... प्लॉट के पास रहने वाले कल्लू ने बताया कि जब यह विस्फोट हुआ तब मैं मौके से 500 मीटर की दूरी पर था। हमने सोचा की किसी की गाड़ी का टायर फट गया है। हम मौके पर गए तो वहां पर मेन रोड पर मांस के टुकड़े पड़े हुए थे। हिमांशु मिश्रा ने बताया कि शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर यह विस्फोट हुआ था। हमने आज तक ऐसे विस्फोट की आवाज नहीं सुनी। ऐसा लगा हमारे कान सुन्न हो गए हों। पुलिस जांच के दौरान प्लॉट में चटाई और तार के निशान भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट से पहले वहां कोई व्यक्ति कितनी देर तक मौजूद था। मुझे बम से उड़ाने की साजिश हो सकती है- भाजपा नेता मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर यह प्लॉट थाने से करीब डेढ किलोमीटर रखा था। मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर रखा था। यह प्लॉट थाने से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। गौतम ने फोन पर बातचीत में आशंका जताई कि यह उन्हें बम से उड़ाने की साजिश हो सकती थी। उन्होंने कहा कि वे अक्सर प्लॉट पर आते-जाते रहते हैं। यदि किसी ने उन्हें निशाना बनाने के लिए वहां बम रखा था, तो वह खुद ही उसी विस्फोट की चपेट में आ गया होगा। थाना प्रभारी निशिकांत राय ने बताया कि जिले में लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पड़ोसी जिलों को भी सूचना दी गई है चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी,विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, और भी हो सकते हैं कई लोग ऐसा महसूस हो रहा है विस्फोटः विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, आसपास रहने वाले बोले- लगा टायर फट गया चित्रकूट के अशोह गांव में 12 सितंबर को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में भीषण विस्फोट हुआ था। इस मामले को लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है। वहीं बम विस्फोट निरोधक दल के एक अधिकारी का कहना है, विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं बल्कि बम वाला है। ये: पूरा घटनाक्रम एक साजिश के तहत किए जाने की आशंका है। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट पर धमाके के बाद मौके से मानव अंग मिले थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विस्फोट में कौन व्यक्ति मौजूद था और वहां विस्फोटक सामग्री क्यों लाई गई थी? पुलिस आसपास के जिलों में भी लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है। किसी व्यक्ति का पैर पुलिस को मौके से मिला था। मृतक की पहचान करने में जुटी पुलिस सोमवार को घटनास्थल पर जांच के दौरान पुलिस को सफेद शर्ट के जले हुए टुकड़े और कई संदिग्ध सामान मिले थे। एक पैर प्लॉट में मिला था, जबकि दूसरा करीब 300 मीटर दूर खेत में मिला। शरीर के अन्य हिस्से अभी तक नहीं मिले हैं। पुलिस इन अवशेषों के आधार पर मृतक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। बरामद मानव अवशेष का डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, डीएनए रिपोर्ट आने में करीब दो महीने लग सकते हैं। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट में जहां ब्लास्ट हुआ था, वहां से वह 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में रहते हैं। रोड पर पड़े थे मांस के टुकड़े... प्लॉट के पास रहने वाले कल्लू ने बताया कि जब यह विस्फोट हुआ तब मैं मौके से 500 मीटर की दूरी पर था। हमने सोचा की किसी की गाड़ी का टायर फट गया है। हम मौके पर गए तो वहां पर मेन रोड पर मांस के टुकड़े पड़े हुए थे। हिमांशु मिश्रा ने बताया कि शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर यह विस्फोट हुआ था। हमने आज तक ऐसे विस्फोट की आवाज नहीं सुनी। ऐसा लगा हमारे कान सुन्न हो गए हों। पुलिस जांच के दौरान प्लॉट में चटाई और तार के निशान भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट से पहले वहां कोई व्यक्ति कितनी देर तक मौजूद था। मुझे बम से उड़ाने की साजिश हो सकती है- भाजपा नेता मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर यह प्लॉट थाने से करीब डेढ किलोमीटर रखा था। मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर रखा था। यह प्लॉट थाने से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। गौतम ने फोन पर बातचीत में आशंका जताई कि यह उन्हें बम से उड़ाने की साजिश हो सकती थी। उन्होंने कहा कि वे अक्सर प्लॉट पर आते-जाते रहते हैं। यदि किसी ने उन्हें निशाना बनाने के लिए वहां बम रखा था, तो वह खुद ही उसी विस्फोट की चपेट में आ गया होगा। थाना प्रभारी निशिकांत राय ने बताया कि जिले में लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पड़ोसी जिलों को भी सूचना दी गई है1