पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक *पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने बांधा समां, भारतीय संस्कृति और कला की दिख रही खूबसूरत झलक.... *********** * संवाददाता: तरुण कुमार की रिपोर्ट गांधी मैदान पटना से.. * ************* पटना, बिहार। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। विभिन्न गीतों पर बालिकाओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी हुई हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी मैदान का वातावरण सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर हो रहा है। दशहरा महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से कार्यक्रम की रौनक बढ़ रही है। मंच पर बालिकाएं एक से बढ़कर एक गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं। उनकी प्रस्तुति में कला, संगीत और नृत्य का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न गीतों की धुन पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की लय, नृत्य की भाव-भंगिमाओं और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। मंच पर कलाकारों का उत्साह और उनकी मेहनत दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। खासकर बालिकाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिल रहा मंच दशहरा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को शामिल करना क्षेत्रीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छोटे शहरों और स्थानीय क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली कलाकार मौजूद हैं, जिन्हें उचित मंच मिलने पर अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। गांधी मैदान जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से उनकी प्रतिभा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इससे नई पीढ़ी में संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद मिलती है। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत का उत्सव दशहरा भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। देशभर में दशहरा के अवसर पर धार्मिक आयोजनों, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों का आयोजन किया जाता है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहां धार्मिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को उत्सव से जोड़ रही हैं। गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता देखने को मिल रही है। दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सांस्कृतिक मंच दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से गांधी मैदान की रौनक और बढ़ गई है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियां दर्शकों के मनोरंजन के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रही हैं। कुल मिलाकर, पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं के संगम के रूप में सामने आ रहा है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बना रही हैं। एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने महोत्सव में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक *पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने बांधा समां, भारतीय संस्कृति और कला की दिख रही खूबसूरत झलक.... *********** * संवाददाता: तरुण कुमार की रिपोर्ट गांधी मैदान पटना से.. * ************* पटना, बिहार। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। विभिन्न गीतों पर बालिकाओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी हुई हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी मैदान का वातावरण सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर हो रहा है। दशहरा महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष
महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से कार्यक्रम की रौनक बढ़ रही है। मंच पर बालिकाएं एक से बढ़कर एक गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं। उनकी प्रस्तुति में कला, संगीत और नृत्य का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न गीतों की धुन पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की लय, नृत्य की भाव-भंगिमाओं और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। मंच पर कलाकारों का उत्साह और उनकी मेहनत दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। खासकर बालिकाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिल रहा मंच दशहरा महोत्सव
में स्थानीय कलाकारों को शामिल करना क्षेत्रीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छोटे शहरों और स्थानीय क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली कलाकार मौजूद हैं, जिन्हें उचित मंच मिलने पर अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। गांधी मैदान जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से उनकी प्रतिभा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इससे नई पीढ़ी में संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद मिलती है। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत का उत्सव दशहरा भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। देशभर में दशहरा के अवसर पर धार्मिक आयोजनों, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों का आयोजन किया जाता है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहां धार्मिक
गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को उत्सव से जोड़ रही हैं। गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता देखने को मिल रही है। दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सांस्कृतिक मंच दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से गांधी मैदान की रौनक और बढ़ गई है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियां दर्शकों के मनोरंजन के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रही हैं। कुल मिलाकर, पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं के संगम के रूप में सामने आ रहा है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बना रही हैं। एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने महोत्सव में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक *पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने बांधा समां, भारतीय संस्कृति और कला की दिख रही खूबसूरत झलक.... *********** * संवाददाता: तरुण कुमार की रिपोर्ट गांधी मैदान पटना से.. * ************* पटना, बिहार। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। विभिन्न गीतों पर बालिकाओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी हुई हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी मैदान का वातावरण सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर हो रहा है। दशहरा महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से कार्यक्रम की रौनक बढ़ रही है। मंच पर बालिकाएं एक से बढ़कर एक गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं। उनकी प्रस्तुति में कला, संगीत और नृत्य का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न गीतों की धुन पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की लय, नृत्य की भाव-भंगिमाओं और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। मंच पर कलाकारों का उत्साह और उनकी मेहनत दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। खासकर बालिकाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिल रहा मंच दशहरा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को शामिल करना क्षेत्रीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छोटे शहरों और स्थानीय क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली कलाकार मौजूद हैं, जिन्हें उचित मंच मिलने पर अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। गांधी मैदान जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से उनकी प्रतिभा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इससे नई पीढ़ी में संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद मिलती है। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत का उत्सव दशहरा भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। देशभर में दशहरा के अवसर पर धार्मिक आयोजनों, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों का आयोजन किया जाता है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहां धार्मिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को उत्सव से जोड़ रही हैं। गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता देखने को मिल रही है। दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सांस्कृतिक मंच दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से गांधी मैदान की रौनक और बढ़ गई है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियां दर्शकों के मनोरंजन के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रही हैं। कुल मिलाकर, पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं के संगम के रूप में सामने आ रहा है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बना रही हैं। एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने महोत्सव में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।4
- शेखपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज में अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल से विद्यार्थियों ने सीखे बचाव के तरीके शेखपुरा। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा में सोमवार को अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मॉक ड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित रहने तथा तत्काल बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय के फायर एंड सेफ्टी इंचार्ज सह मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. सुजीत कुमार ने किया। प्रशिक्षण के दौरान आग पर काबू पाने के विभिन्न तरीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया, ताकि आपात स्थिति में विद्यार्थी सही कदम उठा सकें। मॉक ड्रिल में गैस सिलेंडर में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया, गीले तौलिये या कपड़े के इस्तेमाल तथा कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) अग्निशामक यंत्र के उपयोग की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि आग लगने पर घबराहट से बचना, स्थिति का आकलन करना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना भी था। महाविद्यालय में आयोजित इस पहल से विद्यार्थियों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और परिसर में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। #Sheikhpuranews1
- नवादा रेलवे ट्रैक पर रील बनाने वाली महिला गिरफ्तार, बाद में जमानत पर रिहा नवादा रेलवे ट्रैक पर रील बनाने वाली महिला गिरफ्तार नवादा रेलवे स्टेशन के सामने ट्रैक पर रील बनाने के मामले में RPF पोस्ट किउल ने विभा देवी (35), निवासी शेखपुरा, के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 145 एवं 147 के तहत कांड संख्या 1444/26 दर्ज किया। महिला को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया। उन्हें 13 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होना है। ⚠️ रेलवे ट्रैक पर रील बनाना जानलेवा हो सकता है।2
- बाईपास स्थित बीएड कॉलेज के समीप डीटीओ मुकुल पंकज मणि एवं एमवीआई संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से सड़क चलाया सुरक्षा एवं हेलमेट जागरूकता अभियान परिवहन विभाग के निर्देशानुसार, जिला परिवहन विभाग, लखीसराय की टीम द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बी.एड. कॉलेज मोड़ पर विशेष जाँच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 वाहन चालकों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई तथा कुल ₹38,500/- का जुर्माना वसूल किया गया।जाँच अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग, चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट के अनुपालन, ट्रैक्टरों के आवश्यक कागजात की सघन जांच किया गया।1
- #DelhiProtest : दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर बिहार के दिग्गज नेता ललन सिंह का राष्ट्र के नाम बड़ा संबोधन, देशवासियों को दिया अहम संदेश, दिल्ली से बिहार तक सियासी हलचल के बीच सुनिए ललन सिंह ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा और किन मुद्दों पर रखी अपनी बात! #DelhiProtest #LalanSingh #BiharPolitics #DelhiNews #BreakingNews #JMBNews1
- रणजी ट्रॉफी: यूपी ने पहली पारी में बनाए 540 रन, बिहार 44/2 पर संघर्षरत राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी एलीट सीजन 2026-27 के मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने पहली पारी में 540 रन बनाए। माधव कौशिक ने 150 और रिंकू सिंह ने 112 रनों की शानदार पारी खेली। जवाब में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक बिहार ने 18 ओवर में दो विकेट पर 44 रन बनाए। बिहार अभी 496 रन पीछे है। तीसरे दिन बिहार के बल्लेबाजों पर पारी संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।1
- प्रमंडल स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शेखपुरा के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, खुशी कुमारी ने जीता स्वर्ण पदक शेखपुरा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रमंडल स्तरीय एक दिवसीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की बॉक्सिंग स्पर्धा में शेखपुरा जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुंगेर प्रमंडल के छह जिलों से लगभग 112 बालक एवं बालिकाओं ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसमें शेखपुरा के खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में अंडर-17 बालिका वर्ग के 42 किलोग्राम भार वर्ग में खुशी कुमारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, कविता कुमारी ने 46-48 किलोग्राम तथा सलमा खातून ने 50-52 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। पिंकी कुमारी ने 42-44 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। अंडर-14 बालक वर्ग में सन्नी कुमार ने 34-36 किलोग्राम, अर्पित राज ने 42-44 किलोग्राम, जयंत कुमार ने 46-48 किलोग्राम और अभय कुमार ने 48-50 किलोग्राम भार वर्ग में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान शेखपुरा जिला बॉक्सिंग कोच प्रहलाद पंडित और टीम मैनेजर मनीष कुमार मौजूद रहे। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि की जानकारी जिला बॉक्सिंग संघ के सचिव अशोक कुमार ने दी। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जानकारी साझा करते हुए प्रतियोगिता में जिले की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।1
- अवैध बालू के ट्रैक्टर ने ली मासूम की जान, बच्ची की मौत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा; मुख्य सड़क जाम शेखपुरा/नवादा। सुमका गांव में बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से 10 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान इंदल मांझी की पुत्री के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बच्ची सड़क पर सामान लेने गई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्ची ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ट्रॉली से बालू सड़क पर गिराकर फरार हो गया। बच्ची की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से रोजाना 10 से 20 बालू लदे ट्रैक्टर गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सूचना पर पकरीबरावां और कसार थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों ने अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग उठाई है।1