21 जुलाई 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने गाज़ियाबाद ज़िला मुख्यालय का घेराव करते हुए एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और मुरादनगर के ज़िला मंत्री मुमताज़ खान के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार मार्च निकाला और नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत सभी किसान एकजुट हुए और गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांगों में 2014 के समझौते के अनुसार भूमिहीनों के लिए 8% ज़मीन और LIG फ़्लैट देना, वेव सिटी के तहत तलहटा में किसानों के लिए रास्ता बनाना, अमेरिका के साथ ट्रेन डील रद्द करना तथा बिजली, पानी और खाद से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी मांगें 28 जुलाई 2026 तक पूरी कर दी जाएंगी। वहीं यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, मुरादनगर ज़िला मंत्री मुमताज़ खान, सुल्तानपुर यूथ ब्लॉक अध्यक्ष विशाल चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला प्रभारी इमरान अंसारी, सुल्तानपुर यूथ ग्राम अध्यक्ष मोहित चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला सचिव साजिद सैफ़ी और मुरादनगर यूथ किसान नेता शकील सैफ़ी समेत कई किसान नेता उपस्थित रहे।
21 जुलाई 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने गाज़ियाबाद ज़िला मुख्यालय का घेराव करते हुए एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और मुरादनगर के ज़िला मंत्री मुमताज़ खान के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार मार्च निकाला और नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत सभी किसान एकजुट हुए और गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांगों में 2014 के समझौते के अनुसार भूमिहीनों के लिए 8% ज़मीन और LIG फ़्लैट देना, वेव सिटी के तहत तलहटा में किसानों के लिए रास्ता बनाना, अमेरिका के साथ ट्रेन डील रद्द करना तथा बिजली, पानी और खाद से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी मांगें 28 जुलाई 2026 तक पूरी कर दी जाएंगी। वहीं यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, मुरादनगर ज़िला मंत्री मुमताज़ खान, सुल्तानपुर यूथ ब्लॉक अध्यक्ष विशाल चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला प्रभारी इमरान अंसारी, सुल्तानपुर यूथ ग्राम अध्यक्ष मोहित चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला सचिव साजिद सैफ़ी और मुरादनगर यूथ किसान नेता शकील सैफ़ी समेत कई किसान नेता उपस्थित रहे।
- गाजियाबाद की साहिबाबाद पुलिस ने ATM और कैश डिपॉजिट मशीनों को हैक कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से ₹4 लाख की नकदी, वारदात के पैसों से खरीदी गई एक स्कॉर्पियो कार, घटना में इस्तेमाल की गई एक सेंट्रो कार और हैकिंग में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी मशीनों में पहले से स्मार्ट प्लग लगा देते थे और उन्हें मोबाइल ऐप के जरिए नियंत्रित करते थे। ग्राहक द्वारा कैश जमा करते ही मशीन की कार्यप्रणाली को बाधित कर नोट फंसा दिए जाते थे और बाद में विशेष औजारों की मदद से मशीन को खोलकर पूरी नकदी निकाल ली जाती थी। पकड़े गए गिरोह ने गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इस तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। साहिबाबाद पुलिस आरोपियों से जुड़े पूरे आपराधिक नेटवर्क की आगे की जांच में जुटी हुई है।3
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले 21 जुलाई 2026 को गाज़ियाबाद ज़िला मुख्यालय पर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और मुरादनगर के ज़िला मंत्री मुमताज़ खान के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने मार्च निकाला, जमकर नारेबाजी की और ज़िला मुख्यालय का घेराव किया। इसके पश्चात सभी किसान एकजुट होकर गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे और अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। किसान संगठन ने ज्ञापन में मुख्य रूप से 2014 के समझौते के अनुसार भूमिहीनों के लिए 8% ज़मीन व LIG फ़्लैट देने, वेव सिटी के तहत तलहटा में किसानों के लिए रास्ता बनाने, अमेरिका के साथ ट्रेन डील रद्द करने तथा बिजली, पानी और खाद की समस्याओं को हल करने की मांग रखी। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस पर ज़िला मजिस्ट्रेट ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान 28 जुलाई 2026 तक कर दिया जाएगा। वहीं, मांगें पूरी न होने की स्थिति में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बड़े आंदोलन की तैयारी की बात कही है। इस प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और मुरादनगर ज़िला मंत्री मुमताज़ खान के अलावा सुल्तानपुर के यूथ ब्लॉक अध्यक्ष विशाल चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला प्रभारी इमरान अंसारी, सुल्तानपुर यूथ ग्राम अध्यक्ष मोहित चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला सचिव साजिद सैफ़ी और मुरादनगर यूथ किसान नेता शकील सैफ़ी सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। यह विशेष रिपोर्ट 'दुनिया डायरेक्ट' (राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र) के ज़िला संवाददाता समीर चौधरी द्वारा दी गई है।1
- गाजियाबाद में कई बार पुलिस केस करने और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद बिना वर्दी के घर से उठाकर मारपीट करने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि बिना वर्दी के आकर लोगों को घर से उठाकर ले जाने और उनके साथ मारपीट करने की घटनाएं बार-बार अंजाम दी गई हैं, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन या पुलिस की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया। बार-बार पुलिस मामलों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से गहरा आक्रोश है और अब तक कोई कार्रवाई न होने के कारण आगे भी इंसाफ मिलने की उम्मीद खत्म होती दिख रही है।1
- गाजियाबाद के थाना कवि नगर क्षेत्र में RDC चौकी के पास महालक्ष्मी मॉल के सामने सड़क पर एक लाल रंग का कंटेनर ट्रक पिछले 2 दिनों से खराब अवस्था में खड़ा है। इसके कारण प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से कार्यालय समय में यहां लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क से इस ट्रक को हटवाने के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे बढ़ते ट्रैफिक दबाव के चलते दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। आम नागरिकों को हो रही इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए जनता ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि खराब पड़े इस ट्रक को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारू कराया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के गाजियाबाद से होकर गुजरने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी सिलसिले में 21 जुलाई 2026 को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों राज्यों के अधिकारियों ने एक बैठक कर कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की। अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, बैरिकेडिंग, सुरक्षा इंतजामों और यातायात संचालन का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित यातायात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए ताकि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और आम नागरिकों को भी आवाजाही में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जस्ट डायल ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट पोर्टल के जरिए लोगों से ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना मुरादनगर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल बिल बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग का झांसा देकर ग्राहकों से ऑनलाइन एडवांस किराया वसूलते थे और फर्जी सिम व बैंक खातों के जरिए रकम निकाल लेते थे। पूछताछ में कई राज्यों में फैले साइबर ठगी के तंत्र का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह किसी भी शिकायत की भनक लगते ही पहचान छिपाने के लिए अपने मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड नष्ट कर देता था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में शामिल फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।2
- गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित वार्ड नंबर 23 में नया नूरगंज ईदगाह चौड़े खड़ंजे के आसपास नगर पालिका परिषद और संबंधित ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण लोग भारी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। इलाके में नाली निर्माण का कार्य पिछले करीब दो महीने से रुक-रुककर चलाया जा रहा था, लेकिन अब तक आधी नाली भी नहीं बन सकी है। वहीं पिछले 15 दिनों से निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। निर्माण के नाम पर रास्ते पर पीली मिट्टी डाल दिए जाने से मार्ग पर भारी फिसलन हो गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर फिसलकर गिर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मिट्टी डालने के बाद यदि रोड़ी बिछा दी जाती तो ऐसी स्थिति न बनती। वर्तमान में रास्ते पर गंदगी, कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा नाली अधूरी रहने से गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और महामारी फैलने का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि भी इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कॉलोनी के निवासियों और कांग्रेस नेता महताब पठान ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद के अधिकारी तत्काल मौके का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित ठेकेदार तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम करने में सक्षम नहीं है, तो उसका टेंडर तत्काल निरस्त कर किसी सक्षम ठेकेदार को काम सौंपा जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।3
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आह्वान पर सोमवार को गाजियाबाद कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले किसानों की भोजपुर टोल प्लाजा पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। सुबह से ही भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित भोजपुर टोल पर एकत्र हुए किसानों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाना चाहते थे। जब उनका काफिला रवाना हुआ तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं रुके और अपने वाहनों व ट्रैक्टरों के साथ गाजियाबाद कलेक्ट्रेट पहुंच गए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर किसानों ने अमेरिका-इंडिया डील को किसानों के हितों के विपरीत बताते हुए प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और पुलिस बल तैनात रहा। इस प्रदर्शन में भाकियू (टिकैत) के जिला संगठन मंत्री मुस्तफा, जिला उपाध्यक्ष हामिद चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष जावेद चौधरी, तहसील महासचिव रहसुदीन, सकिंदर चौधरी, ग्राम अध्यक्ष रिजवान चौधरी, तहसील अध्यक्ष अजीत चौधरी, ट्रैक्टर प्रमुख तमकीन चौधरी और जिला सचिव कुशलवीर सिंह गुलैया सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।1