उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जस्ट डायल ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट पोर्टल के जरिए लोगों से ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना मुरादनगर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल बिल बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग का झांसा देकर ग्राहकों से ऑनलाइन एडवांस किराया वसूलते थे और फर्जी सिम व बैंक खातों के जरिए रकम निकाल लेते थे। पूछताछ में कई राज्यों में फैले साइबर ठगी के तंत्र का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह किसी भी शिकायत की भनक लगते ही पहचान छिपाने के लिए अपने मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड नष्ट कर देता था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में शामिल फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जस्ट डायल ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट पोर्टल के जरिए लोगों से ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना मुरादनगर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल बिल बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग का झांसा देकर ग्राहकों से
ऑनलाइन एडवांस किराया वसूलते थे और फर्जी सिम व बैंक खातों के जरिए रकम निकाल लेते थे। पूछताछ में कई राज्यों में फैले साइबर ठगी के तंत्र का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह किसी भी शिकायत की भनक लगते ही पहचान छिपाने के लिए अपने मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड नष्ट कर देता था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में शामिल फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना मुरादनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जस्ट डायल ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट पोर्टल के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल बिल बरामद किए हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी ट्रांसपोर्ट बुकिंग का झांसा देकर ग्राहकों से ऑनलाइन एडवांस किराया जमा कराते थे। ठगी की इस रकम को निकालने के लिए फर्जी सिम और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया जाता था। आरोपियों से पूछताछ में कई राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, खुद को पकड़े जाने से बचाने के लिए गिरोह शिकायत मिलते ही अपना मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड नष्ट कर देता था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह में शामिल उनके अन्य फरार साथियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है।2
- गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) लखनऊ की संयुक्त कार्रवाई में नकली दवाइयों का एक बड़ा नेटवर्क बेनकाब हुआ है। लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज मुकदमे के आरोपी राजेंद्र उर्फ अरुण टूंडा की निशानदेही पर देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में संचालित एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली दवाइयां बरामद की गई हैं, जो देश की नामी कंपनियों के नाम से तैयार की जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, इस अवैध फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। बरामद दवाओं में Cipla, Lupin, Dr. Reddy's, Mankind, Sun Pharma, Abbott और Zydus जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम शामिल हैं। मामले में स्थानीय पुलिस और ड्रग विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- ismein jitne bhi sare delete kar diya gaya hai sare delete kar diya hai sare ke sare case yah sab chahte kya hai mere se yah sare kaise delete kar di main ismein ka jitna bhi jante ho gaya tha1
- 21 जुलाई 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने गाज़ियाबाद ज़िला मुख्यालय का घेराव करते हुए एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और मुरादनगर के ज़िला मंत्री मुमताज़ खान के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार मार्च निकाला और नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत सभी किसान एकजुट हुए और गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांगों में 2014 के समझौते के अनुसार भूमिहीनों के लिए 8% ज़मीन और LIG फ़्लैट देना, वेव सिटी के तहत तलहटा में किसानों के लिए रास्ता बनाना, अमेरिका के साथ ट्रेन डील रद्द करना तथा बिजली, पानी और खाद से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। गाज़ियाबाद के ज़िला मजिस्ट्रेट ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी मांगें 28 जुलाई 2026 तक पूरी कर दी जाएंगी। वहीं यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ज़िला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, मुरादनगर ज़िला मंत्री मुमताज़ खान, सुल्तानपुर यूथ ब्लॉक अध्यक्ष विशाल चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला प्रभारी इमरान अंसारी, सुल्तानपुर यूथ ग्राम अध्यक्ष मोहित चौधरी, मुरादनगर यूथ ज़िला सचिव साजिद सैफ़ी और मुरादनगर यूथ किसान नेता शकील सैफ़ी समेत कई किसान नेता उपस्थित रहे।1
- 20 जुलाई को सीजेपी और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बातचीत हुई, जिसमें सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सौरव दास का नाम हर किसी की जुबान पर आ गया है। मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने की वजह से सौरव दास की हर जगह चर्चा हो रही है। इस बैठक के बाद सौरव दास ने खुद बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी के बीच क्या बातचीत हुई है।1
- गाजियाबाद में सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना जी के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हवन कुंड के चारों ओर बैठकर आहुति दी और वर्तमान सरकार की 'बुद्धि शुद्धि यज्ञ' को सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह यज्ञ आंदोलन कर रहे युवाओं के समर्थन और सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए आयोजित किया गया। पार्टी ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे देश के युवाओं तथा सोनम वांगचुक जी का खुला समर्थन किया है। परीक्षाओं में हुई धांधली का कड़ा विरोध जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग उठाई है।2
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 21 जुलाई 2026 को गाज़ियाबाद ज़िले के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।1
- गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) लखनऊ की संयुक्त टीम ने नकली दवाइयों के एक बड़े नेटवर्क का बेनकाब किया है। लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज मुकदमे के आरोपी राजेंद्र उर्फ अरुण टूंडा की निशानदेही पर देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में चल रही एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा गया। पुलिस के अनुसार यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी और यहाँ बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली दवाइयां बरामद की गई हैं। ये दवाइयां देश की प्रतिष्ठित और नामी कंपनियों जैसे Cipla, Lupin, Dr. Reddy's, Mankind, Sun Pharma, Abbott और Zydus के नाम से तैयार की जा रही थीं। मामले में स्थानीय पुलिस और ड्रग विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।4