मैनपुरी में एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उसकी नाबालिग बेटी को दोबारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है और रिपोर्ट दर्ज न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। महिला का कहना है कि थाना स्तर पर शिकायत देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बेवर थाना क्षेत्र के ब्रह्मनान परिहार वाली गली निवासी अनीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को पहले 31 मार्च 2026 को अमित नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस पिछली घटना में थाना बेवर में मुकदमा दर्ज हुआ था और पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर कोर्ट के आदेश पर परिजनों को सौंप दिया था। अब महिला का आरोप है कि 2 जुलाई 2026 की रात करीब 11:50 बजे अमित अपने पिता सुनील के साथ मोटरसाइकिल से उनके घर पहुँचा और उनकी बेटी को एक बार फिर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपी ने तमंचा दिखाकर रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अनीता देवी का कहना है कि जब वह इस घटना की शिकायत दर्ज कराने थाना बेवर पहुँची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिला ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर अपनी बेटी की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
मैनपुरी में एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उसकी नाबालिग बेटी को दोबारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है और रिपोर्ट दर्ज न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। महिला का कहना है कि थाना स्तर पर शिकायत देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बेवर थाना क्षेत्र के ब्रह्मनान परिहार वाली गली निवासी अनीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को पहले 31 मार्च 2026 को अमित नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस पिछली घटना में थाना बेवर में मुकदमा दर्ज हुआ था और पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर कोर्ट के आदेश पर परिजनों को सौंप दिया था। अब महिला का आरोप है कि 2 जुलाई 2026 की रात करीब 11:50 बजे अमित अपने पिता सुनील के साथ मोटरसाइकिल से उनके घर पहुँचा और उनकी बेटी को एक बार फिर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपी ने तमंचा दिखाकर रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अनीता देवी का कहना है कि जब वह इस घटना की शिकायत दर्ज कराने थाना बेवर पहुँची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिला ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर अपनी बेटी की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
- मैनपुरी में एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उसकी नाबालिग बेटी को दोबारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है और रिपोर्ट दर्ज न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। महिला का कहना है कि थाना स्तर पर शिकायत देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बेवर थाना क्षेत्र के ब्रह्मनान परिहार वाली गली निवासी अनीता देवी ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को पहले 31 मार्च 2026 को अमित नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस पिछली घटना में थाना बेवर में मुकदमा दर्ज हुआ था और पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर कोर्ट के आदेश पर परिजनों को सौंप दिया था। अब महिला का आरोप है कि 2 जुलाई 2026 की रात करीब 11:50 बजे अमित अपने पिता सुनील के साथ मोटरसाइकिल से उनके घर पहुँचा और उनकी बेटी को एक बार फिर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपी ने तमंचा दिखाकर रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अनीता देवी का कहना है कि जब वह इस घटना की शिकायत दर्ज कराने थाना बेवर पहुँची, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिला ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर अपनी बेटी की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया ऊर्जा संकट पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस दौरान 'बहुत अफवाहें फैलाई गईं और लोगों को डराया गया, लेकिन...'।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहाँ टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने ममता बनर्जी का समर्थन करने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी पदों से इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। घोष ने अपने बयान में कहा कि कोई भी अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना उस समय से की जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं और चंद्रिमा भट्टाचार्य के पास सबसे बड़ा मंत्रालय था। घोष के अनुसार, उस समय कोई 'अभिमान' नहीं था, जबकि अब 'अभिमान' स्पष्ट रूप से दिख रहा है। कुणाल घोष के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला है या फिर टीएमसी के भीतर बढ़ते मतभेदों का संकेत।1
- मैनपुरी जिले में सड़क निर्माण से संबंधित एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इस आवेदन में यह जानकारी दी गई है कि पानी की वजह से एक मकान गिर रहा है और उसे क्षति पहुँच रही है।1
- मूल पाठ में दिए गए निर्देश के अनुसार, किसी भी सवाल पर सीधे तौर पर चुप रहने का आदेश दिया गया है। यह स्पष्ट रूप से एक निर्देश है कि कोई प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए और सभी को शांत रहना चाहिए।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के बीच लगातार नए दावे और बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी अविनाश ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। बताया गया है कि चोरी किए गए चढ़ावे का बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भीखापुर के निकट एक बाग में किया जाता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उस स्थान को भी चिह्नित किया है। सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने पूछताछ में यह भी बताया कि चोरी की गई रकम सभी आरोपियों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाती थी, हालांकि कभी-कभी कुछ लोग अधिक हिस्सा भी ले लेते थे। उसने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि इसी चोरी के पैसे से उसने कार खरीदी, गांव में मकान बनवाया और अपने भाई को भी आर्थिक मदद दी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में, एलाऊ थाना क्षेत्र के नगला आनी गांव में दबंगों ने एक दलित परिवार पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से बेरहमी से हमला कर दिया। इस हमले में परिवार के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कल देर शाम करीब 7:30 बजे हुई। पीड़ित परिवार के सदस्य छोटेलाल ने बताया कि गांव के ही दबंग जितेंद्र, वावलु, अभोसेक, विवेक, रवी और सुरेश बिजली के पोल पर कटिया डाल रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन्होंने एकजुट होकर उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस दौरान दबंगों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि दलित परिवार के घर बंधी एक बकरी को भी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने घर के सामान को भी इधर-उधर फेंक दिया और दरवाजे को तोड़ दिया। छोटेलाल और परिवार के अन्य सदस्य सुमित ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय थाने ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की, न ही रिपोर्ट दर्ज की और न ही घायलों का डॉक्टरी परीक्षण या मेडिकल कराया। सुमित ने आगे बताया कि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पुलिस से लिखित अनुमति लाने के बाद ही इलाज करने की बात कही है, जिससे पीड़ित परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1