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सिमरिया। मामला ग्राम पंचायत गूढ़ा का है जहाँ पर नहीं होती नालियों की साफ सफाई सरपंच. श्री मति सोना बाई राय को कई बार बोलने पर भी नहीं हुई साफ सफाई ग्राम वासियो को खुद करनी पड़ती है अपने-अपने घर के सामने की नालियां साफ सरकारी पैसे का कर रहें गलत तरीके से ग़बन
Sitaram ray
सिमरिया। मामला ग्राम पंचायत गूढ़ा का है जहाँ पर नहीं होती नालियों की साफ सफाई सरपंच. श्री मति सोना बाई राय को कई बार बोलने पर भी नहीं हुई साफ सफाई ग्राम वासियो को खुद करनी पड़ती है अपने-अपने घर के सामने की नालियां साफ सरकारी पैसे का कर रहें गलत तरीके से ग़बन
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- सरपंच. श्री मति सोना बाई राय को कई बार बोलने पर भी नहीं हुई साफ सफाई ग्राम वासियो को खुद करनी पड़ती है अपने-अपने घर के सामने की नालियां साफ सरकारी पैसे का कर रहें गलत तरीके से ग़बन1
- सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराना अनिवार्य है इनकी नौकरी लगने से पहले इनके पास कितनी संपत्ति थी आज इनके पास कितनी है अवैध संपत्ति इनकी जप्त करना अनिवार्य है पता लग जाएगा इन्होंने इतनी जल्दी इतनी संपत्ति कैसे कमाई जिस दिन सरकार ऐसा करेगी करएप्शन दफ्तरों से गायब हो जाएगा।।1
- माधवगंज रोड में पूरन ट्राली वाले के पास गिरा पीपल का पेड़ पेड़ गिरने से बचे राहगीर बाल बाल पेड़ का आधा हिस्सा कुछ दिनों पहले भी गिर चुका फिर भी नगर परिषद द्वारा अपनाया गया लापरवाही पूर्ण रवैया1
- अजयगढ़ जनपद पंचायत में आयोजित विकास कार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक पन्ना जिले की कलेक्टर श्रीमती उषा परमार (आईएएस) ने अजयगढ़ जनपद पंचायत कार्यालय में प्रमुख विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री उमराव सिंह मराबी के साथ मिलकर अजयगढ़ के समस्त ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं सहायकों से गहन चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से इन योजनाओं की प्रगति की गई समीक्षा: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों/प्रकरणों का निराकरण मां की बगिया (एक बगिया मां के नाम) योजना – महिलाओं को सशक्त बनाने वाली फलदार बागवानी योजना जल जीवन मिशन / जल संवर्धन से जुड़े कार्य (जलगंगा संवर्धन सहित) वास एंड व्हील के तहत साफ सफाई सहित अन्य विभिन्न विकास कार्य एवं मनरेगा से संबद्ध परियोजनाएं बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित हो, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और तेज हो सके। बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी: मनरेगा अधिकारी श्री संजय सिंह परिहार परियोजना अधिकारी श्री पीयूष मिश्रा एसडीएम श्री आलोक मार्को जनपद सीईओ श्री सतीश सिंह बीईओ श्री भगवानदास रजक एपीआईओ श्री अमित यादव पंचायत इंस्पेक्टर श्री योगेश सिंह जनपद पंचायत के अन्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे यह बैठक ग्रामीण विकास को गति देने और जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । कलेक्टर श्रीमती उषा परमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं में तेजी लाई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- सक्रिय ग्राम पंचायत में पंचायत द्वारा नाली निर्माण जिसमें घटिया क्वालिटी का मटेरियल लगाकर सरपंच सेक्रेटरी इंजीनियर कर रहे शासन का पैसा बर्बाद जहां एक तरफ भाजपा सरकार ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत गंदगी ना पहले नाली निर्माण कर रही है लेकिन सेक्रेटरी और इंजीनियर द्वारा शासन का पैसा बर्बाद किया जा रहा है नाली में ना ही अच्छी क्वालिटी का लोहा उपयोग किया गया ना ही गिट्टी ना बालू दस्त से बना डाली पूरी नाली अब देखना होगा इसमें जनपद सीईओ द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है4
- दरअसल बात यह हो रही थी कि मैं गांव में खरीद केदारी करने आया था तो अचानक वहां मोड नहीं पाया तो मेरा रिएक्शन नाली में चला गया जिससे मेरे चार-चार पांच छोटे-छोटे बच्चे मिल गए उन्होंने सहायता की जिससे मैं रिक्शा निकालना में मेरी मदद हुई1
- एम्बुलेंस मालिको और चालको ने एक दिन भी नहीं टिकने दिया टी आई का आदेश, फाड़ा नोटिस। सतना। अनधिकृत एम्बुलेंस मालिको और चालको का अस्पताल परिसर मे प्रवेश वर्जित..जिला अस्पताल के मुख्य द्वार में चस्पा किया गया नोटिस अस्पताल की में गेट पर शरारती तत्वों द्वारा उसे एक दिन में ही निकाल कर फेंक दिया गया जिला अस्पताल में इस प्रकार का कृत करने वालों के खिलाफ क्या अस्पताल प्रबंधन सख्त कार्यवाही करेगी या यूं ही डाल देगा। #satna #police #news #hospital1
- मध्य प्रदेश। के धार जिला के कुक्षी में खदान सर्वे के दौरान हालात बेकाबू हो गए। चूना पत्थर खदान के विरोध में हजारों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और प्रशासनिक टीम का घेराव कर दिया। विरोध इतना उग्र हो गया कि 9 थानों की पुलिस पर पथराव किया गया और तहसीलदार की गाड़ी पलटाने की कोशिश की गई। ग्रामीणों का कहना है कि खदान और प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री से उनकी खेती, जमीन और भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। भारी विरोध और तनाव के चलते प्रशासन को बिना सर्वे किए ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और यह मुद्दा अब पूरे मध्य प्रदेश समेत देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। क्या आप ग्रामीणों के समर्थन में हैं या प्रशासन के फैसले के साथ? अपनी राय Comment में जरूर दे1