लातेहार स्थित डीवीसी तुबेद कोल माइंस परिसर में दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) का 79वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप महाप्रबंधक (खनन) दीपक कुमार ने डीवीसी का ध्वज फहराकर किया। इस अवसर पर, दीपक कुमार ने डीवीसी को पूर्वी भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक संस्थाओं में से एक बताया और कर्मचारियों से टीम भावना, समर्पण तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। वहीं, वरिष्ठ प्रबंधक (खनन) एस.डी. सिंह ने पिछले 79 वर्षों में ऊर्जा, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास में डीवीसी के उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डीवीसी तुबेद कोल माइंस ने हाल ही में 6 मिलियन मीट्रिक टन (6 एमएमटी) कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है, जिसे पूरी टीम की मेहनत और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम बताया गया। कार्यक्रम के दौरान डीवीसी की स्थापना और उसके उद्देश्यों को भी रेखांकित किया गया। जानकारी दी गई कि 7 जुलाई 1948 को स्थापित दामोदर वैली कॉर्पोरेशन का मूल उद्देश्य दामोदर घाटी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं का विकास, विद्युत उत्पादन के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना था। स्थापना दिवस के इस अवसर पर, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षित खनन, सतत विकास, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन संगठन की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
लातेहार स्थित डीवीसी तुबेद कोल माइंस परिसर में दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) का 79वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप महाप्रबंधक (खनन) दीपक कुमार ने डीवीसी का ध्वज फहराकर किया। इस अवसर पर, दीपक कुमार ने डीवीसी को पूर्वी भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक संस्थाओं में से एक बताया और कर्मचारियों से टीम भावना, समर्पण तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। वहीं, वरिष्ठ प्रबंधक (खनन) एस.डी. सिंह ने पिछले 79 वर्षों में ऊर्जा, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास में डीवीसी के उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डीवीसी तुबेद कोल माइंस ने हाल ही में 6 मिलियन मीट्रिक टन (6 एमएमटी) कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है, जिसे पूरी टीम की मेहनत और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम बताया गया। कार्यक्रम के दौरान डीवीसी की स्थापना और उसके उद्देश्यों को भी रेखांकित किया गया। जानकारी दी गई कि 7 जुलाई 1948 को स्थापित दामोदर वैली कॉर्पोरेशन का मूल उद्देश्य दामोदर घाटी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं का विकास, विद्युत उत्पादन के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना था। स्थापना दिवस के इस अवसर पर, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षित खनन, सतत विकास, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन संगठन की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ऐसे कुएं से एक अज्ञात और आधा-अधूरा शव बरामद हुआ है जिसे "मौत का कुआं" कहा जाता है। इस वीभत्स खोज ने पूरे गांव में गहरी सनसनी फैला दी है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- लोहरदगा जिले के टाउन हॉलिवुड में कांग्रेस द्वारा 'संकल्प, सर' नामक अभियान की व्यापक समीक्षा की गई। यह समीक्षा संगठन की मजबूती और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सिक्योरिटी इंटेलिजेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड (SIS) द्वारा झारखंड के गुमला जिला और बसिया अनुमंडल के सभी ब्लॉक परिसर में भर्ती कैंप का आयोजन किया गया है। भारत सरकार की ELI योजना के तहत SIS में सुरक्षा जवान, सुपरवाइजर, एसएलवी, एवं सुरक्षा अधिकारियों की बहाली शुरू की गई है। एशिया महाद्वीप की विश्व स्तरीय SIS ग्रुप द्वारा यह कैंप 01 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक गुमला एवं बसिया अनुमंडल के शिक्षित ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए लगाया जा रहा है। SIS भर्ती अधिकारी संजन कुमार के अनुसार, यह 250 पदों पर स्थायी रोजगार का सुनहरा अवसर है, जिसमें युवाओं को 65 वर्ष की आयु तक SIS LIMITED में स्थायी परमानेंट नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती भारत सरकार की ELI योजना के तहत है, और प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के पोशाक, रहने और भोजन के लिए जमा की गई राशि से अधिक ₹15,000 ड्यूटी के दौरान सीधे अभ्यर्थी के खाते में सरकार द्वारा वापस किए जाएंगे, हालांकि यह योजना सीमित समय के लिए है। SIS सिक्योरिटी भर्ती अधिकारी लखींद्र सरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित युवाओं को प्रारंभिक वेतनमान ₹15,500 से ₹32,000 तक मिलेगा, जो SIS GROUP की कंपनियां जैसे SIS Limited, SIS SISCO, SIS Prosegur, एवं TERNINEX के लिए मान्य होगा। इन कंपनियों में तैनाती के स्थानों पर राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट 1984 के अंतर्गत अन्य भत्ते, सरकारी पेंशन, विधवा पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, ईएसआई, ग्रुप इंश्योरेंस, बोनस, मेडिक्लेम जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, दो बच्चों को आईपीएस देहरादून में पढ़ाने की व्यवस्था, एम्प्लॉय स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत शेयर का वितरण, स्थानांतरण के दौरान यात्रा भत्ता, रियायती आवास एवं रियायती मेस की सुविधा भी दी जाएगी। एसआईएस के मुख्य कार्य स्थल लाल किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, सांची स्तूप, स्टेट बैंक एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बिरला ग्रुप, हिंडालको, विप्रो, बीसीसीएल, भारतीय पुरातत्व विभाग के स्मारक, एयरपोर्ट, टोल टैक्स, टाटा, बिरला, जिंदल एम्स, मेट्रो, होटल, आई सेक्टर, कॉरपोरेट सेक्टर, एयरपोर्ट, जेएसडब्ल्यू प्लांट इत्यादि जगहों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। भर्ती से संबंधित जानकारी देते हुए एसआईएस के भर्ती अधिकारी संजन सम्राट यादव ने बताया है कि सुरक्षा अधिकारी (आधिकारी सेवा) में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। सुरक्षा जवान के लिए 10वीं पास या फेल होना और 167 सेंटीमीटर हाइट अनिवार्य है। एसएलवी के लिए भी 10वीं पास या फेल होना और 165 सेंटीमीटर हाइट आवश्यक है, जबकि सुपरवाइजर के लिए 12वीं पास और 170 सेंटीमीटर हाइट से ऊपर होना अनिवार्य है। सभी पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष की आयु और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य है। यह भर्ती कैंप विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किया जा रहा है: 01-02 जुलाई 2026 को घाघरा प्रखंड में, 03-04 जुलाई 2026 को विशनपुर प्रखंड परिसर में, 06-07 जुलाई 2026 को रायडीह प्रखंड परिसर में, 08-09 जुलाई 2026 को सिसई प्रखंड परिसर में, 10-11 जुलाई 2026 को भरनो प्रखंड परिसर में, 13-14 जुलाई 2026 को गुमला प्रखंड परिसर में, 18 जुलाई 2026 को पालकोट प्रखंड परिसर में, 20 जून 2026 को कामडारा प्रखंड परिसर में, और 21-22 जुलाई 2026 को बसिया प्रखंड परिसर में कैंप लगाया जा रहा है। यह गुमला के विभिन्न प्रखंडों के युवाओं के लिए एसआईएस में रोजगार का एक सुनहरा अवसर है।2
- राँची के बुढ़मू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- पलामू जिले के पाटन प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेराल से सामने आए एक वीडियो में वहां के खराब रास्तों की समस्या उजागर की गई है। इस वीडियो के अनुसार, मेराल ग्राम पंचायत में सड़कों की स्थिति ठीक न होने के कारण ग्रामीण जनता को दैनिक जीवन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति क्षेत्र में रास्ते की गंभीर समस्या को दर्शाती है।1
- मंगलवार शाम को प्रतापपुर बाजार में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते दो पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले। इस हिंसक झड़प से पूरे बाजार में भगदड़ मच गई और महिलाओं सहित लगभग आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उपद्रव के दौरान डोमन ठाकुर के सैलून का शीशा भी टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है, और दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तनाव की स्थिति को देखते हुए, एसडीओ के आदेश पर विवादित जमीन पर तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।1
- लातेहार जिले में इस साल जून माह में पिछले वर्ष की तुलना में केवल 30 फीसदी वर्षा हुई है, जिससे किसान अत्यधिक चिंतित हैं। बारिश की कमी के कारण अभी तक जिले में धान, अरहर और मूंग जैसी फसलों की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने बुवाई के लिए कर्ज लेकर बिछड़ा आदि तो ले लिया है, लेकिन मौसम और मॉनसून की मौजूदा स्थिति को लेकर वे काफी परेशानी में हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई, तो उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और खेती-बाड़ी संभव नहीं हो पाएगी, जिससे खाने के लिए भी संकट पैदा हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि कृषि के लिए यहां कोई विशेष व्यवस्था नहीं है और वे पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर हैं। वहीं, जिला कृषि विभाग ने बताया है कि इस वर्ष 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण पिछले साल की अपेक्षा कम वर्षा होने का अनुमान मौसम विभाग ने पहले ही जता दिया था। इसे देखते हुए विभाग द्वारा वैकल्पिक तैयारियाँ की जा रही हैं, साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे ऐसी फसलों की बुवाई करें, जिन्हें कम वर्षा की आवश्यकता होती है, ताकि उन्हें कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के ओएना टोंगरी से एक 22 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान इस्लाम नगर लोहरदगा निवासी हुसैन अंसारी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुसैन अंसारी के शव को दो टुकड़ों में काटकर बोरी में बांधकर फेंक दिया गया था।1
- रांची में राज्य सरकार ने आईटीआई बस स्टैंड के कायाकल्प की कवायद शुरू कर दी है, जिसके तहत ₹49 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक बस टर्मिनल बनाया जाएगा जिसमें सभी सुविधाएँ मौजूद होंगी। यह आईटीआई बस स्टैंड रांची का एक प्रमुख केंद्र है जहाँ से प्रतिदिन सैकड़ों बसें दूसरे जिलों और राज्यों के लिए रवाना होती हैं। हालाँकि, बस स्टैंड के इस कायाकल्प में काफी समय लगने की आशंका है और निर्माण अवधि को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, जिससे यात्रियों और बस संचालकों को परेशानी हो सकती है। इसी को देखते हुए, यात्रियों और बस संचालकों की असुविधा को रोकने के लिए, बस स्टैंड के कायाकल्प से पहले एक वैकल्पिक व्यवस्था की तत्काल मांग की जा रही है, क्योंकि यह कार्य बहुत लंबा चलेगा।1