सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सिक्योरिटी इंटेलिजेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड (SIS) द्वारा झारखंड के गुमला जिला और बसिया अनुमंडल के सभी ब्लॉक परिसर में भर्ती कैंप का आयोजन किया गया है। भारत सरकार की ELI योजना के तहत SIS में सुरक्षा जवान, सुपरवाइजर, एसएलवी, एवं सुरक्षा अधिकारियों की बहाली शुरू की गई है। एशिया महाद्वीप की विश्व स्तरीय SIS ग्रुप द्वारा यह कैंप 01 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक गुमला एवं बसिया अनुमंडल के शिक्षित ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए लगाया जा रहा है। SIS भर्ती अधिकारी संजन कुमार के अनुसार, यह 250 पदों पर स्थायी रोजगार का सुनहरा अवसर है, जिसमें युवाओं को 65 वर्ष की आयु तक SIS LIMITED में स्थायी परमानेंट नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती भारत सरकार की ELI योजना के तहत है, और प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के पोशाक, रहने और भोजन के लिए जमा की गई राशि से अधिक ₹15,000 ड्यूटी के दौरान सीधे अभ्यर्थी के खाते में सरकार द्वारा वापस किए जाएंगे, हालांकि यह योजना सीमित समय के लिए है। SIS सिक्योरिटी भर्ती अधिकारी लखींद्र सरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित युवाओं को प्रारंभिक वेतनमान ₹15,500 से ₹32,000 तक मिलेगा, जो SIS GROUP की कंपनियां जैसे SIS Limited, SIS SISCO, SIS Prosegur, एवं TERNINEX के लिए मान्य होगा। इन कंपनियों में तैनाती के स्थानों पर राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट 1984 के अंतर्गत अन्य भत्ते, सरकारी पेंशन, विधवा पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, ईएसआई, ग्रुप इंश्योरेंस, बोनस, मेडिक्लेम जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, दो बच्चों को आईपीएस देहरादून में पढ़ाने की व्यवस्था, एम्प्लॉय स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत शेयर का वितरण, स्थानांतरण के दौरान यात्रा भत्ता, रियायती आवास एवं रियायती मेस की सुविधा भी दी जाएगी। एसआईएस के मुख्य कार्य स्थल लाल किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, सांची स्तूप, स्टेट बैंक एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बिरला ग्रुप, हिंडालको, विप्रो, बीसीसीएल, भारतीय पुरातत्व विभाग के स्मारक, एयरपोर्ट, टोल टैक्स, टाटा, बिरला, जिंदल एम्स, मेट्रो, होटल, आई सेक्टर, कॉरपोरेट सेक्टर, एयरपोर्ट, जेएसडब्ल्यू प्लांट इत्यादि जगहों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। भर्ती से संबंधित जानकारी देते हुए एसआईएस के भर्ती अधिकारी संजन सम्राट यादव ने बताया है कि सुरक्षा अधिकारी (आधिकारी सेवा) में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। सुरक्षा जवान के लिए 10वीं पास या फेल होना और 167 सेंटीमीटर हाइट अनिवार्य है। एसएलवी के लिए भी 10वीं पास या फेल होना और 165 सेंटीमीटर हाइट आवश्यक है, जबकि सुपरवाइजर के लिए 12वीं पास और 170 सेंटीमीटर हाइट से ऊपर होना अनिवार्य है। सभी पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष की आयु और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य है। यह भर्ती कैंप विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किया जा रहा है: 01-02 जुलाई 2026 को घाघरा प्रखंड में, 03-04 जुलाई 2026 को विशनपुर प्रखंड परिसर में, 06-07 जुलाई 2026 को रायडीह प्रखंड परिसर में, 08-09 जुलाई 2026 को सिसई प्रखंड परिसर में, 10-11 जुलाई 2026 को भरनो प्रखंड परिसर में, 13-14 जुलाई 2026 को गुमला प्रखंड परिसर में, 18 जुलाई 2026 को पालकोट प्रखंड परिसर में, 20 जून 2026 को कामडारा प्रखंड परिसर में, और 21-22 जुलाई 2026 को बसिया प्रखंड परिसर में कैंप लगाया जा रहा है। यह गुमला के विभिन्न प्रखंडों के युवाओं के लिए एसआईएस में रोजगार का एक सुनहरा अवसर है।
सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सिक्योरिटी इंटेलिजेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड (SIS) द्वारा झारखंड के गुमला जिला और बसिया अनुमंडल के सभी ब्लॉक परिसर में भर्ती कैंप का आयोजन किया गया है। भारत सरकार की ELI योजना के तहत SIS में सुरक्षा जवान, सुपरवाइजर, एसएलवी, एवं सुरक्षा अधिकारियों की बहाली शुरू की गई है। एशिया महाद्वीप की विश्व स्तरीय SIS ग्रुप द्वारा यह कैंप 01 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक गुमला एवं बसिया अनुमंडल के शिक्षित ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए लगाया जा रहा है। SIS भर्ती अधिकारी संजन कुमार के अनुसार, यह 250 पदों पर स्थायी रोजगार का सुनहरा अवसर है, जिसमें युवाओं को 65 वर्ष की आयु तक SIS LIMITED में स्थायी परमानेंट नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती भारत सरकार की ELI योजना के तहत है, और प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के पोशाक, रहने और भोजन के लिए जमा की गई राशि से अधिक ₹15,000 ड्यूटी के दौरान सीधे अभ्यर्थी के खाते में सरकार द्वारा वापस किए जाएंगे, हालांकि यह योजना सीमित समय के लिए है। SIS सिक्योरिटी भर्ती अधिकारी लखींद्र सरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित युवाओं को प्रारंभिक वेतनमान ₹15,500 से ₹32,000 तक मिलेगा, जो SIS GROUP की कंपनियां जैसे SIS Limited, SIS SISCO, SIS Prosegur, एवं TERNINEX के लिए मान्य होगा। इन कंपनियों में तैनाती के स्थानों पर राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट 1984 के अंतर्गत अन्य भत्ते, सरकारी पेंशन, विधवा पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, ईएसआई, ग्रुप इंश्योरेंस, बोनस, मेडिक्लेम जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, दो बच्चों को आईपीएस देहरादून में पढ़ाने की व्यवस्था, एम्प्लॉय स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत शेयर का वितरण,
स्थानांतरण के दौरान यात्रा भत्ता, रियायती आवास एवं रियायती मेस की सुविधा भी दी जाएगी। एसआईएस के मुख्य कार्य स्थल लाल किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, सांची स्तूप, स्टेट बैंक एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बिरला ग्रुप, हिंडालको, विप्रो, बीसीसीएल, भारतीय पुरातत्व विभाग के स्मारक, एयरपोर्ट, टोल टैक्स, टाटा, बिरला, जिंदल एम्स, मेट्रो, होटल, आई सेक्टर, कॉरपोरेट सेक्टर, एयरपोर्ट, जेएसडब्ल्यू प्लांट इत्यादि जगहों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। भर्ती से संबंधित जानकारी देते हुए एसआईएस के भर्ती अधिकारी संजन सम्राट यादव ने बताया है कि सुरक्षा अधिकारी (आधिकारी सेवा) में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। सुरक्षा जवान के लिए 10वीं पास या फेल होना और 167 सेंटीमीटर हाइट अनिवार्य है। एसएलवी के लिए भी 10वीं पास या फेल होना और 165 सेंटीमीटर हाइट आवश्यक है, जबकि सुपरवाइजर के लिए 12वीं पास और 170 सेंटीमीटर हाइट से ऊपर होना अनिवार्य है। सभी पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष की आयु और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य है। यह भर्ती कैंप विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किया जा रहा है: 01-02 जुलाई 2026 को घाघरा प्रखंड में, 03-04 जुलाई 2026 को विशनपुर प्रखंड परिसर में, 06-07 जुलाई 2026 को रायडीह प्रखंड परिसर में, 08-09 जुलाई 2026 को सिसई प्रखंड परिसर में, 10-11 जुलाई 2026 को भरनो प्रखंड परिसर में, 13-14 जुलाई 2026 को गुमला प्रखंड परिसर में, 18 जुलाई 2026 को पालकोट प्रखंड परिसर में, 20 जून 2026 को कामडारा प्रखंड परिसर में, और 21-22 जुलाई 2026 को बसिया प्रखंड परिसर में कैंप लगाया जा रहा है। यह गुमला के विभिन्न प्रखंडों के युवाओं के लिए एसआईएस में रोजगार का एक सुनहरा अवसर है।
- खूंटी शहर के ग्राम देवी सार्वजनिक दुर्गा मंदिर (देवी गुड़ी) में स्थापित मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं के तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ शामिल हुए। शाम करीब चार बजे नेताजी चौक स्थित मंदिर परिसर से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं की प्रतीकात्मक आकृतियों का नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में मंदिर समिति के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु और अन्य भक्तगण भी शामिल थे, जिनके मां काली और बजरंगबली के जयघोषों से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। मंदिर समिति के संजय मिश्रा, नकुल भगत और अनूप साहू के अनुसार, महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी। इसके बाद शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। ग्राम देवी मंदिर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर में उमड़ रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, और पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों व धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है।1
- लोहरदगा जिले के टाउन हॉलिवुड में कांग्रेस द्वारा 'संकल्प, सर' नामक अभियान की व्यापक समीक्षा की गई। यह समीक्षा संगठन की मजबूती और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ में बुधवार सुबह लगभग 9 बजे डीएसपी आवास के समीप एक दर्दनाक घटना घटी, जहाँ अव्यवस्थित रूप से पड़े कांटेदार तारों के जाल में एक नीलगाय बुरी तरह उलझ गई। तारों में फंसी नीलगाय काफी देर तक छटपटाती रही, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना की सूचना मुखिया नरेश लोहरा और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कटर की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तारों को काटकर नीलगाय को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल नीलगाय को तुरंत वन क्षेत्र कार्यालय, बालूमाथ लाया गया, जहाँ पशु चिकित्सक डॉ. नीलिमा तिर्की और उनकी टीम ने उसका प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद, विभाग की टीम नीलगाय को बेहतर देखभाल और निगरानी के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले गई। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खुले में बिखरे पड़े कांटेदार तार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बन रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इन तारों को जल्द से जल्द हटाया जाए।4
- राँची के बुढ़मू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- झारखंड के चौपारण क्षेत्र से सामने आई एक पोस्ट में देश में विकास की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में पूछा गया है कि क्या आज़ादी के दशकों बाद भी गाँव बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतज़ार कर रहे हैं, और क्या ऐसी स्थिति को ही विकास कहा जा सकता है? यह ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करती है।1
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ऐसे कुएं से एक अज्ञात और आधा-अधूरा शव बरामद हुआ है जिसे "मौत का कुआं" कहा जाता है। इस वीभत्स खोज ने पूरे गांव में गहरी सनसनी फैला दी है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के ओएना टोंगरी से एक 22 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान इस्लाम नगर लोहरदगा निवासी हुसैन अंसारी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुसैन अंसारी के शव को दो टुकड़ों में काटकर बोरी में बांधकर फेंक दिया गया था।1