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एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
Sunderam Keshri
एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
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- एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।1
- Post by Raju kumar ram2
- गुमला जिला के टोटो थाना क्षेत्र स्थित फोरी गांव निवासी 35 वर्षीय विक्की महली ने बीती रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों को सुबह इस घटना की जानकारी मिली। जानकारी के अनुसार, विक्की महली कल बाजार से मछली लाया था, जिसे उसने रात में परिवार के साथ मिलकर खाया और फिर सोने चला गया। इसी दौरान देर रात उसने अपने कमरे में एक तौलिये के सहारे फांसी लगा ली। मृतक तीन माह पहले ही हैदराबाद से मजदूरी कर अपने घर लौटा था। मृतक के भाई भदर कुमार महली ने बताया कि तीन साल पूर्व विक्की की पत्नी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। भदर कुमार महली के अनुसार, विक्की शराब के नशे में अक्सर अपनी मृत पत्नी को देखने और उससे बातें करने की बात किया करता था, और यह भी कहता था कि उसकी मृत पत्नी आकर उससे बातें करती है। हालांकि, विक्की ने आत्महत्या क्यों की, इसका वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और यह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की छानबीन जारी है।1
- गुमला जिले के गुमला एवं बसिया अनुमंडल के शिक्षित युवाओं के लिए एशिया महाद्वीप के विश्व स्तरीय एसआईएस ग्रुप के तहत रोजगार का सुनहरा अवसर आया है। भारत सरकार की ईएलआई योजना के अंतर्गत एसआईएस में सुरक्षा जवान, सुपरवाइजर, एसएलवी और सुरक्षा अधिकारियों की कुल 250 पदों पर भर्ती शुरू की गई है। सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सिक्योरिटी इंटेलिजेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड द्वारा जिले के सभी प्रखंड परिसरों में भर्ती शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। एसआईएस भर्ती अधिकारी संजन कुमार ने बताया कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए 65 वर्ष की उम्र तक की स्थायी नियुक्ति का मौका है, जिसे सीमित समय के लिए रखा गया है। एसआईएस सिक्योरिटी भर्ती अधिकारी लखींद्र सरदार के अनुसार, चयनित युवाओं को प्रारंभिक वेतनमान ₹15,500 से ₹32,000 तक दिया जाएगा। यह वेतन एसआईएस ग्रुप की कंपनियां एसआईएस लिमिटेड, एसआईएस सिस्को, एसआईएस प्रोसेजर और टेर्निनेक्स के लिए मान्य होगा। ड्यूटी के दौरान अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए जमा की गई राशि के अतिरिक्त ₹15,000 सीधे उनके खाते में सरकार द्वारा वापस किए जाएंगे। इसके अलावा, न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट 1984 के तहत सरकारी पेंशन, विधवा पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, ईएसआई ग्रुप इंश्योरेंस, बोनस, मेडिक्लेम, दो बच्चों को आईपीएस देहरादून में पढ़ाने की व्यवस्था सहित (ESOP) एम्प्लॉय स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत शेयर का वितरण और स्थानांतरण के दौरान यात्रा भत्ता, रियायती आवास एवं रियायती मेस की सुविधा भी दी जाएगी। इन सुरक्षा जवानों की पदस्थापना लाल किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, सांची स्तूप, स्टेट बैंक एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बिरला ग्रुप, हिंडालको, विप्रो, बीसीसीएल, भारतीय पुरातत्व विभाग के स्मारक, एयरपोर्ट, टोल टैक्स प्लाजा, टाटा, बिरला, जिंदल, एम्स, मेट्रो, होटल, आई सेक्टर, कॉरपोरेट सेक्टर, एयरपोर्ट, जेएसडब्ल्यू प्लांट जैसे विभिन्न मुख्य कार्यस्थलों पर की जाएगी। भर्ती अधिकारी संजन सम्राट यादव ने बताया कि सुरक्षा अधिकारी (आधिकारी सेवा) के लिए स्नातक होना अनिवार्य है, जबकि सुरक्षा जवान और एसएलवी के लिए 10वीं पास या फेल होना आवश्यक है। सुपरवाइजर पद के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है। कद की लंबाई क्रमशः 170 सेंटीमीटर (सुरक्षा अधिकारी), 167 सेंटीमीटर (सुपरवाइजर) और 165 सेंटीमीटर (सुरक्षा जवान व एसएलवी) से ऊपर होनी चाहिए। आयु सीमा 19 वर्ष से 40 वर्ष तक निर्धारित है और उम्मीदवार का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य है। भर्ती कैंप 01 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किए जाएंगे। इसमें 01 और 02 जुलाई को घाघरा प्रखंड में, 03 और 04 जुलाई को बिशनपुर प्रखंड में, 06 और 07 जुलाई को रायडीह प्रखंड में, 08 और 09 जुलाई को सिसई प्रखंड में, 10 और 11 जुलाई को भरनो प्रखंड में, 13 और 14 जुलाई को गुमला प्रखंड में, 18 जुलाई को पालकोट प्रखंड में, 20 जुलाई को कामडारा प्रखंड में, तथा 21 और 22 जुलाई को बसिया प्रखंड परिसर में कैंप लगाए जा रहे हैं।4
- लोहरदगा जिले के ओएना टोंगरी में हुई एक हत्या का मामला महज सात घंटे के भीतर सुलझा लिया गया है। इस घटना का इतनी तेजी से खुलासा कर दिया गया।1
- सिक्योरिटी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सिक्योरिटी इंटेलिजेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड (SIS) द्वारा झारखंड के गुमला जिला और बसिया अनुमंडल के सभी ब्लॉक परिसर में भर्ती कैंप का आयोजन किया गया है। भारत सरकार की ELI योजना के तहत SIS में सुरक्षा जवान, सुपरवाइजर, एसएलवी, एवं सुरक्षा अधिकारियों की बहाली शुरू की गई है। एशिया महाद्वीप की विश्व स्तरीय SIS ग्रुप द्वारा यह कैंप 01 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक गुमला एवं बसिया अनुमंडल के शिक्षित ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए लगाया जा रहा है। SIS भर्ती अधिकारी संजन कुमार के अनुसार, यह 250 पदों पर स्थायी रोजगार का सुनहरा अवसर है, जिसमें युवाओं को 65 वर्ष की आयु तक SIS LIMITED में स्थायी परमानेंट नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती भारत सरकार की ELI योजना के तहत है, और प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के पोशाक, रहने और भोजन के लिए जमा की गई राशि से अधिक ₹15,000 ड्यूटी के दौरान सीधे अभ्यर्थी के खाते में सरकार द्वारा वापस किए जाएंगे, हालांकि यह योजना सीमित समय के लिए है। SIS सिक्योरिटी भर्ती अधिकारी लखींद्र सरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित युवाओं को प्रारंभिक वेतनमान ₹15,500 से ₹32,000 तक मिलेगा, जो SIS GROUP की कंपनियां जैसे SIS Limited, SIS SISCO, SIS Prosegur, एवं TERNINEX के लिए मान्य होगा। इन कंपनियों में तैनाती के स्थानों पर राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम एक्ट 1984 के अंतर्गत अन्य भत्ते, सरकारी पेंशन, विधवा पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी, ईएसआई, ग्रुप इंश्योरेंस, बोनस, मेडिक्लेम जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, दो बच्चों को आईपीएस देहरादून में पढ़ाने की व्यवस्था, एम्प्लॉय स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत शेयर का वितरण, स्थानांतरण के दौरान यात्रा भत्ता, रियायती आवास एवं रियायती मेस की सुविधा भी दी जाएगी। एसआईएस के मुख्य कार्य स्थल लाल किला, कुतुब मीनार, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, सांची स्तूप, स्टेट बैंक एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा, बिरला ग्रुप, हिंडालको, विप्रो, बीसीसीएल, भारतीय पुरातत्व विभाग के स्मारक, एयरपोर्ट, टोल टैक्स, टाटा, बिरला, जिंदल एम्स, मेट्रो, होटल, आई सेक्टर, कॉरपोरेट सेक्टर, एयरपोर्ट, जेएसडब्ल्यू प्लांट इत्यादि जगहों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। भर्ती से संबंधित जानकारी देते हुए एसआईएस के भर्ती अधिकारी संजन सम्राट यादव ने बताया है कि सुरक्षा अधिकारी (आधिकारी सेवा) में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। सुरक्षा जवान के लिए 10वीं पास या फेल होना और 167 सेंटीमीटर हाइट अनिवार्य है। एसएलवी के लिए भी 10वीं पास या फेल होना और 165 सेंटीमीटर हाइट आवश्यक है, जबकि सुपरवाइजर के लिए 12वीं पास और 170 सेंटीमीटर हाइट से ऊपर होना अनिवार्य है। सभी पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष की आयु और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य है। यह भर्ती कैंप विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किया जा रहा है: 01-02 जुलाई 2026 को घाघरा प्रखंड में, 03-04 जुलाई 2026 को विशनपुर प्रखंड परिसर में, 06-07 जुलाई 2026 को रायडीह प्रखंड परिसर में, 08-09 जुलाई 2026 को सिसई प्रखंड परिसर में, 10-11 जुलाई 2026 को भरनो प्रखंड परिसर में, 13-14 जुलाई 2026 को गुमला प्रखंड परिसर में, 18 जुलाई 2026 को पालकोट प्रखंड परिसर में, 20 जून 2026 को कामडारा प्रखंड परिसर में, और 21-22 जुलाई 2026 को बसिया प्रखंड परिसर में कैंप लगाया जा रहा है। यह गुमला के विभिन्न प्रखंडों के युवाओं के लिए एसआईएस में रोजगार का एक सुनहरा अवसर है।2
- झारखंड की धरती पर एक ऐसा खतरनाक गड्ढा बना दिया गया है जिसे 'मौत का कुआं' बताया जा रहा है। सड़कों पर बनी यह स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1