गुमला जिला के टोटो थाना क्षेत्र स्थित फोरी गांव निवासी 35 वर्षीय विक्की महली ने बीती रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों को सुबह इस घटना की जानकारी मिली। जानकारी के अनुसार, विक्की महली कल बाजार से मछली लाया था, जिसे उसने रात में परिवार के साथ मिलकर खाया और फिर सोने चला गया। इसी दौरान देर रात उसने अपने कमरे में एक तौलिये के सहारे फांसी लगा ली। मृतक तीन माह पहले ही हैदराबाद से मजदूरी कर अपने घर लौटा था। मृतक के भाई भदर कुमार महली ने बताया कि तीन साल पूर्व विक्की की पत्नी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। भदर कुमार महली के अनुसार, विक्की शराब के नशे में अक्सर अपनी मृत पत्नी को देखने और उससे बातें करने की बात किया करता था, और यह भी कहता था कि उसकी मृत पत्नी आकर उससे बातें करती है। हालांकि, विक्की ने आत्महत्या क्यों की, इसका वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और यह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की छानबीन जारी है।
गुमला जिला के टोटो थाना क्षेत्र स्थित फोरी गांव निवासी 35 वर्षीय विक्की महली ने बीती रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों को सुबह इस घटना की जानकारी मिली। जानकारी के अनुसार, विक्की महली कल बाजार से मछली लाया था, जिसे उसने रात में परिवार के साथ मिलकर खाया और फिर सोने चला गया। इसी दौरान देर रात उसने अपने कमरे में एक तौलिये के सहारे फांसी लगा ली। मृतक तीन माह पहले ही हैदराबाद से मजदूरी कर अपने घर लौटा था। मृतक के भाई भदर कुमार महली ने बताया कि तीन साल पूर्व विक्की की पत्नी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। भदर कुमार महली के अनुसार, विक्की शराब के नशे में अक्सर अपनी मृत पत्नी को देखने और उससे बातें करने की बात किया करता था, और यह भी कहता था कि उसकी मृत पत्नी आकर उससे बातें करती है। हालांकि, विक्की ने आत्महत्या क्यों की, इसका वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और यह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की छानबीन जारी है।
- जो मुखिया और वार्ड सदस्य लोगों से घूस के नाम पर पैसे की मांग करते हैं, अब उन्हें जेल भेजा जा सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई मुखिया या वार्ड सदस्य ऐसा करता है, तो आम नागरिक उन्हें जेल भेज सकते हैं। इस संबंध में पूरी प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी एक वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।1
- खूंटी शहर के ग्राम देवी सार्वजनिक दुर्गा मंदिर (देवी गुड़ी) में स्थापित मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं के तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ शामिल हुए। शाम करीब चार बजे नेताजी चौक स्थित मंदिर परिसर से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं की प्रतीकात्मक आकृतियों का नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में मंदिर समिति के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु और अन्य भक्तगण भी शामिल थे, जिनके मां काली और बजरंगबली के जयघोषों से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। मंदिर समिति के संजय मिश्रा, नकुल भगत और अनूप साहू के अनुसार, महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी। इसके बाद शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। ग्राम देवी मंदिर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर में उमड़ रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, और पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों व धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है।1
- अनग्रबाड़ी बिछना, खूंटी, झारखंड, जिसका पिन कोड 835210 है, के लिए संपर्क नंबर +91 7667913218 उपलब्ध है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने लातेहार में कहा है कि भूसूर गांव खेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस पहल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को खेल के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ में बुधवार सुबह लगभग 9 बजे डीएसपी आवास के समीप एक दर्दनाक घटना घटी, जहाँ अव्यवस्थित रूप से पड़े कांटेदार तारों के जाल में एक नीलगाय बुरी तरह उलझ गई। तारों में फंसी नीलगाय काफी देर तक छटपटाती रही, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना की सूचना मुखिया नरेश लोहरा और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कटर की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तारों को काटकर नीलगाय को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल नीलगाय को तुरंत वन क्षेत्र कार्यालय, बालूमाथ लाया गया, जहाँ पशु चिकित्सक डॉ. नीलिमा तिर्की और उनकी टीम ने उसका प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद, विभाग की टीम नीलगाय को बेहतर देखभाल और निगरानी के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले गई। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खुले में बिखरे पड़े कांटेदार तार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बन रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इन तारों को जल्द से जल्द हटाया जाए।4
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ऐसे कुएं से एक अज्ञात और आधा-अधूरा शव बरामद हुआ है जिसे "मौत का कुआं" कहा जाता है। इस वीभत्स खोज ने पूरे गांव में गहरी सनसनी फैला दी है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- लोहरदगा जिले के टाउन हॉलिवुड में कांग्रेस द्वारा 'संकल्प, सर' नामक अभियान की व्यापक समीक्षा की गई। यह समीक्षा संगठन की मजबूती और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।1
- झारखंड की धरती पर एक ऐसा खतरनाक गड्ढा बना दिया गया है जिसे 'मौत का कुआं' बताया जा रहा है। सड़कों पर बनी यह स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1