खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।1
- इस वीडियो में किसान भाइयों के लिए पावर वीडर मशीन का विस्तृत डेमो प्रस्तुत किया गया है, जिसमें इसकी मुख्य विशेषताएँ और कृषि कार्यों में इसके उपयोग को दर्शाया गया है। यह मशीन विशेष रूप से निराई-गुड़ाई के काम में सहायक है, साथ ही यह मिट्टी को भुरभुरा बनाने और किसानों के श्रम व समय की बचत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मशीन के संबंध में अधिक जानकारी या खरीदने के इच्छुक किसान +91 7667913218 पर संपर्क कर सकते हैं, या अंगराबारी, बिचना, खूंटी, झारखंड – 835210 पर स्थित पते पर जा सकते हैं। वीडियो पसंद आने पर लाइक, चैनल को सब्सक्राइब और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।1
- रांची का हुंडरू फॉल अपने शानदार सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यह झरना रांची में स्थित है और सिकिदरी, रांची से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है, जो अपने मनमोहक दृश्य से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।1
- एक संदेश में झारखंड के निवासियों से एक विशेष वीडियो को व्यापक रूप से साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आप झारखंड से संबंधित हैं, तो इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने में सहयोग करें।1
- देशभक्ति केवल सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सैनिकों द्वारा ही नहीं की जाती, बल्कि यह अपने घर, मुहल्ले और शहर की सफाई से भी प्रकट होती है। गंदगी से देश की रक्षा केवल जागरूक नागरिकों द्वारा ही संभव है, जो इस दूसरे प्रकार की देशभक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जय हिंद, वंदे मातरम्।1
- खूंटी जिले में आपदा से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक खूंटी समाहरणालय स्थित उपयुक्त के कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई।1
- झारखंड की राजधानी रांची में AISA–RYA के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-युवाओं ने भारी बारिश के बीच लोक भवन तक मार्च किया। बारिश और पुलिस द्वारा रोके जाने के प्रयासों के बावजूद, छात्र-युवा लोक भवन तक पहुँचने में सफल रहे और उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने क्लस्टर सिस्टम को रद्द करने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और झारखंड में लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द शुरू करने की प्रमुख मांगें उठाईं। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया।1