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जो मुखिया और वार्ड सदस्य लोगों से घूस के नाम पर पैसे की मांग करते हैं, अब उन्हें जेल भेजा जा सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई मुखिया या वार्ड सदस्य ऐसा करता है, तो आम नागरिक उन्हें जेल भेज सकते हैं। इस संबंध में पूरी प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी एक वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
Rahul Kandulna
जो मुखिया और वार्ड सदस्य लोगों से घूस के नाम पर पैसे की मांग करते हैं, अब उन्हें जेल भेजा जा सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई मुखिया या वार्ड सदस्य ऐसा करता है, तो आम नागरिक उन्हें जेल भेज सकते हैं। इस संबंध में पूरी प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी एक वीडियो के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
More news from झारखंड and nearby areas
- एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- खूंटी शहर के ग्राम देवी सार्वजनिक दुर्गा मंदिर (देवी गुड़ी) में स्थापित मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं के तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ शामिल हुए। शाम करीब चार बजे नेताजी चौक स्थित मंदिर परिसर से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं की प्रतीकात्मक आकृतियों का नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में मंदिर समिति के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु और अन्य भक्तगण भी शामिल थे, जिनके मां काली और बजरंगबली के जयघोषों से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। मंदिर समिति के संजय मिश्रा, नकुल भगत और अनूप साहू के अनुसार, महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मां काली और बजरंगबली की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी। इसके बाद शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। ग्राम देवी मंदिर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर में उमड़ रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, और पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों व धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है।1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।1
- अनग्रबाड़ी बिछना, खूंटी, झारखंड, जिसका पिन कोड 835210 है, के लिए संपर्क नंबर +91 7667913218 उपलब्ध है।1
- मौजूदा समय में टेक्नोलॉजी ने झारखंड की असलियत उजागर की है, जिससे यह साफ होता है कि राज्य किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। पोस्ट के अनुसार, झारखंड 'घूसखोरी' में चौथे स्थान पर है, और इस स्थिति का कारण कुछ लालची लोगों को बताया गया है। इसमें कड़े शब्दों में कहा गया है कि इतिहास गवाह है, ऐसे लोगों को कहीं न कहीं अपने कृत्यों का हिसाब देना ही होगा।2
- लोहरदगा जिले के ओएना टोंगरी में हुई एक हत्या का मामला महज सात घंटे के भीतर सुलझा लिया गया है। इस घटना का इतनी तेजी से खुलासा कर दिया गया।1
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पोड़ा गांव में मंगलवार सुबह कैलाश होरो की 12 वर्षीय पुत्री बालमती होरो ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। बालमती पोड़ा गांव के सरकारी विद्यालय की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल जाने को लेकर उसकी मां ने उसे डांट दिया था, जिसके बाद बालमती अपने कमरे में चली गई, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त हो गई। सुबह करीब 10 बजे, खेत में शंकरकंद लगाकर लौटे पिता कैलाश होरो ने अपनी बेटी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और कर्रा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।1
- प्रस्तुत वीडियो में एक पावर वीडर मशीन का विस्तृत प्रदर्शन दिखाया गया है। यह मशीन खेतों में होने वाले मुख्य कार्य जैसे गुड़ाई, निराई और खरपतवार हटाने की प्रक्रिया को बहुत तेज और आसान बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस पावर वीडर मशीन के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति +91 7667913218 पर संपर्क कर सकते हैं। मशीन का पता अंगराबाड़ी, बिचना, खूंटी, झारखंड – 835210 है।1
- झारखंड की धरती पर एक ऐसा खतरनाक गड्ढा बना दिया गया है जिसे 'मौत का कुआं' बताया जा रहा है। सड़कों पर बनी यह स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1