चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: “गाड़ी पर फेंके जूते, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई” बाराबंकी में हुई घटना को लेकर अब नगीना लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने लाइव आकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। चंद्रशेखर आजाद का दावा है कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पूरी घटना को देखते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर पहले से सोशल मीडिया के जरिए धमकी देने के आरोप थे, उनमें से कुछ लोग मौके पर मौजूद थे। सांसद का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से इन लोगों को पकड़कर उनकी पहचान करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। वीओ: बाराबंकी की इस घटना के बाद सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर घटना को लेकर अपना पक्ष रखा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, जब वह बाराबंकी पहुंचे तो वहां कुछ ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्हें वह पहले से पहचानते थे। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर इन्हीं लोगों की ओर से खुलेआम धमकियां दी जा रही थीं। सांसद का आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि इन लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान की जाए, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए। उनका कहना है कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन पुलिसकर्मी खड़े होकर सबकुछ देखते रहे। चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरी घटना को पुलिस की कथित मिलीभगत से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब उन्हें लगा कि उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है और पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है, तो उन्होंने वहां से वापस लौटना ही उचित समझा। वीओ: अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बाराबंकी में ऐसा क्या हुआ कि एक सांसद को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करनी पड़ी? क्या वाकई पुलिस के सामने उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए? क्या मौके पर मौजूद लोगों के खिलाफ पहले से सोशल मीडिया पर धमकी देने की शिकायतें थीं? और अगर सांसद के आरोप सही हैं, तो पुलिस ने कथित तौर पर उन लोगों को पकड़कर पूछताछ क्यों नहीं की? इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेंगे। #ChandrashekharAzad #ChandrashekharAzadNews #NaginaMP #Barabanki #BarabankiNews #BarabankiIncident #AzadSamajParty #ChandrashekharAzadLive #UPNews #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #PoliticalNews #UPPolitics #Police #PoliceAdministration #BarabankiPolice #ViralNews #NewsUpdate #GroundReport #OpenChallenge24News #RekhaDuggal #AmitSaini #आजादसमाजपार्टी #चंद्रशेखरआजाद #नगीना_सांसद #बाराबंकी #बाराबंकी_घटना #उत्तरप्रदेश_समाचार #ब्रेकिंग_न्यूज़
चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: “गाड़ी पर फेंके जूते, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई” बाराबंकी में हुई घटना को लेकर अब नगीना लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने लाइव आकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। चंद्रशेखर आजाद का दावा है कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पूरी घटना को देखते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर पहले से सोशल मीडिया के जरिए धमकी देने के आरोप थे, उनमें से कुछ लोग मौके पर मौजूद थे। सांसद का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से इन लोगों को पकड़कर उनकी पहचान करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। वीओ: बाराबंकी की इस घटना के बाद सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर घटना को लेकर अपना पक्ष रखा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, जब वह बाराबंकी पहुंचे तो वहां कुछ ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्हें वह पहले से पहचानते थे। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर इन्हीं लोगों की ओर से खुलेआम धमकियां दी जा रही थीं। सांसद का आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि इन लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान की जाए, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए। उनका कहना है कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन पुलिसकर्मी खड़े होकर सबकुछ देखते रहे। चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरी घटना को पुलिस की कथित मिलीभगत से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब उन्हें लगा कि उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है और पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है, तो उन्होंने वहां से वापस लौटना ही उचित समझा। वीओ: अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बाराबंकी में ऐसा क्या हुआ कि एक सांसद को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करनी पड़ी? क्या वाकई पुलिस के सामने उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए? क्या मौके पर मौजूद लोगों के खिलाफ पहले से सोशल मीडिया पर धमकी देने की शिकायतें थीं? और अगर सांसद के आरोप सही हैं, तो पुलिस ने कथित तौर पर उन लोगों को पकड़कर पूछताछ क्यों नहीं की? इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेंगे। #ChandrashekharAzad #ChandrashekharAzadNews #NaginaMP #Barabanki #BarabankiNews #BarabankiIncident #AzadSamajParty #ChandrashekharAzadLive #UPNews #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #PoliticalNews #UPPolitics #Police #PoliceAdministration #BarabankiPolice #ViralNews #NewsUpdate #GroundReport #OpenChallenge24News #RekhaDuggal #AmitSaini #आजादसमाजपार्टी #चंद्रशेखरआजाद #नगीना_सांसद #बाराबंकी #बाराबंकी_घटना #उत्तरप्रदेश_समाचार #ब्रेकिंग_न्यूज़
- शकूरबस्ती विधानसभा, सरस्वती विहार: दिल्ली जल बोर्ड के बाहर बहता पानी शकूरबस्ती विधानसभा क्षेत्र के सरस्वती विहार में दिल्ली जल बोर्ड के बाहर पानी बहता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों और ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि यह पानी अक्सर इसी तरह बहता रहता है और कई बार तेज बहाव होने के बावजूद समय पर इसे बंद नहीं किया जाता। मौके के पास जल बोर्ड का कार्यालय और CCTV कैमरे मौजूद हैं। ऐसे में सवाल है कि इतनी बड़ी मात्रा में पानी बहने के बावजूद जल बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ती? एक तरफ दिल्ली के कई इलाकों में लोग टैंकरों के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर पानी का इंतजार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जल बोर्ड के सामने पानी की बर्बादी गंभीर सवाल खड़े करती है। एक-एक बूंद पानी कीमती है। उन लोगों से पूछिए, जिनके घरों में पानी की व्यवस्था नहीं है कि पानी की एक बूंद की कीमत क्या होती है। सवाल यही है—इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? एक नई उम्मीद की आवाज़ — तरुण शर्मा1
- गुजरात नवसारी क्षेत्र के तिघरा गांव के खेतो मे, तेंदुआ दिखाई दिया,येह खबर सुनकर आस पास के परिसर मे डर का माहोल निर्माण हो गया है।1
- पुलिस बीट से 10 मीटर की दूरी, थाना मुखर्जी नगर,दशहरा ग्राउंड डेरावाल शॉप के पास दिनांक 14.9.2026, रात्रि 10:26 मिनट 27 सेकंड की घटना पुलिस बीट से 10 मीटर की दूरी, थाना मुखर्जी नगर,दशहरा ग्राउंड डेरावाल शॉप के पास दिनांक 14.9.2026, रात्रि 10:26 मिनट 27 सेकंड की घटना1
- चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: “गाड़ी पर फेंके जूते, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई” बाराबंकी में हुई घटना को लेकर अब नगीना लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने लाइव आकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। चंद्रशेखर आजाद का दावा है कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पूरी घटना को देखते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर पहले से सोशल मीडिया के जरिए धमकी देने के आरोप थे, उनमें से कुछ लोग मौके पर मौजूद थे। सांसद का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से इन लोगों को पकड़कर उनकी पहचान करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। वीओ: बाराबंकी की इस घटना के बाद सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर घटना को लेकर अपना पक्ष रखा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, जब वह बाराबंकी पहुंचे तो वहां कुछ ऐसे लोग मौजूद थे, जिन्हें वह पहले से पहचानते थे। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर इन्हीं लोगों की ओर से खुलेआम धमकियां दी जा रही थीं। सांसद का आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि इन लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान की जाए, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए। उनका कहना है कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन पुलिसकर्मी खड़े होकर सबकुछ देखते रहे। चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप: चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरी घटना को पुलिस की कथित मिलीभगत से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब उन्हें लगा कि उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है और पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है, तो उन्होंने वहां से वापस लौटना ही उचित समझा। वीओ: अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बाराबंकी में ऐसा क्या हुआ कि एक सांसद को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करनी पड़ी? क्या वाकई पुलिस के सामने उनकी गाड़ी पर जूते फेंके गए? क्या मौके पर मौजूद लोगों के खिलाफ पहले से सोशल मीडिया पर धमकी देने की शिकायतें थीं? और अगर सांसद के आरोप सही हैं, तो पुलिस ने कथित तौर पर उन लोगों को पकड़कर पूछताछ क्यों नहीं की? इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेंगे। #ChandrashekharAzad #ChandrashekharAzadNews #NaginaMP #Barabanki #BarabankiNews #BarabankiIncident #AzadSamajParty #ChandrashekharAzadLive #UPNews #UttarPradeshNews #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #PoliticalNews #UPPolitics #Police #PoliceAdministration #BarabankiPolice #ViralNews #NewsUpdate #GroundReport #OpenChallenge24News #RekhaDuggal #AmitSaini #आजादसमाजपार्टी #चंद्रशेखरआजाद #नगीना_सांसद #बाराबंकी #बाराबंकी_घटना #उत्तरप्रदेश_समाचार #ब्रेकिंग_न्यूज़1
- सुखद यात्रा का आनन्द लें। खुश रहें-मस्त रहें। सभी दर्शकों एवं शुभ: चिंतकों का दिन शुभ: हो। (BC)1
- पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर भाग रहे 2 शातिर बदमाश गिरफ्तार; चोटिल HC रमेश कुमार ने बहादुरी से दबोचा, 3 चोरी के वाहन व 2 फोन बरामद KeshavPuram: पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर भाग रहे 2 शातिर बदमाश गिरफ्तार; चोटिल HC रमेश कुमार ने बहादुरी से दबोचा, 3 चोरी के वाहन व 2 फोन बरामद ➡ केशव पुरम इलाके में गश्त के दौरान संदिग्ध बाइक सवारों ने हेड कॉन्स्टेबल रमेश कुमार की बाइक में मारी जोरदार टक्कर; नीचे गिरने और पैर पर हमला होने के बावजूद जवान ने अदम्य साहस दिखाते हुए दोनों को मौके पर दबोचा ➡ पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंगोलपुरी निवासी शाहिल उर्फ डुड्डा (24 वर्ष) और सनी उर्फ गोलू (25 वर्ष) के रूप में हुई; आरोपियों के पास से मौके पर चोरी के 2 मोबाइल फोन बरामद ➡ आरोपियों की निशानदेही पर अशोक विहार, शालीमार बाग और मंगोलपुरी से चोरी की गईं 3 दोपहिया गाड़ियां भी जब्त; पुलिस ने वाहन चोरी व स्नैचिंग के 5 मामलों को सुलझाया ➡ आरोपी सनी मंगोलपुरी थाने का घोषित बदमाश है और उस पर 10 आपराधिक केस दर्ज हैं, जबकि शाहिल पर लूट व स्नैचिंग के 2 मामले दर्ज; घायल हेड कॉन्स्टेबल का अस्पताल में कराया गया उपचार1
- दिल्ली में छात्रसंघ चुनाव प्रचार के दौरान बवाल, फायरिंग और मारपीट में दो छात्र घायल दिल्ली के भारत नगर थाना क्षेत्र में छात्रसंघ चुनाव के प्रचार के दौरान दो छात्र गुटों के बीच झगड़े के बाद फायरिंग और मारपीट की घटना सामने आई है। मंगलवार को वजीरपुर गांव के पास हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्र सत्यवती कॉलेज के हैं और चुनाव प्रचार में शामिल थे। घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दो क्षतिग्रस्त गाड़ियां मिलीं। क्राइम टीम और एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। घायल छात्रों की पहचान 19 वर्षीय अंश और 19 वर्षीय भविष्य चौधरी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए दीप चंद बंधु अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि झगड़े में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में इसे कॉलेज छात्रों के बीच हुआ झगड़ा बताया गया है और मेडिकल रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अनामिका ने अपने प्रेमी मोहम्मद शाहनवाज़ को किसी दूसरी महिला के साथ देखकर उससे सवाल किया। उसे रोकने के लिए वह उसकी कार के सामने खड़ी हो गई। अनामिका ने उसे कार के बोनट पर फंसाए हुए ही गाड़ी भगा दी, फिर रफ्तार बढ़ाकर उसे नीचे फेंक दिया। शिकायत दर्ज करा दी गई है।1