चम्पावत जनपद में प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने और सूखते धारे-नौलों को नया जीवन देने की दिशा में प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित स्प्रिंग एंड रिवर रीजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा) की समीक्षा बैठक में जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया गया। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने डिप्टेश्वर, गौड़ी नदी और कालसन-भोलेश्वर जल संरक्षण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। जिलाधिकारी ने कालसन-भोलेश्वर परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, डिप्टेश्वर क्षेत्र में छोटे चेकडैम बनाकर वर्षाजल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा चौकुनीबोरा, राकड़ीफूलारा, मुड़ियानी और खर्ककार्की क्षेत्रों में चल रहे संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। 'एक जनपद-एक नदी' अभियान के तहत चयनित गौड़ी नदी संरक्षण परियोजना पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूंठा ने बताया कि इस परियोजना की प्रथम चरण की डीपीआर को राज्य स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है और इसके क्रियान्वयन के लिए ₹103.02 लाख की धनराशि भी जारी की जा चुकी है। अब लघु सिंचाई, ग्राम्य विकास और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से परियोजना के कार्य धरातल पर शुरू किए जाएंगे। वहीं, कालसन-भोलेश्वर परियोजना के तहत जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से 22 परकोलेशन टैंक तैयार किए गए हैं। साथ ही, पहाड़ी ढलानों पर पानी के बहाव को नियंत्रित कर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए लगभग 34 हज़ार रनिंग मीटर लंबाई की 12 हज़ार कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षाजल भूमि में समाहित होकर क्षेत्र के जल स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा। जिलाधिकारी ने वर्षा आधारित नदी उपचार गतिविधियों को बढ़ावा देने और चिन्हित धारे-नौलों के पुनर्जीवन के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी पारंपरिक नौले, धारे या घराट को क्षति न पहुँचे, और पहले से क्षतिग्रस्त जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूंठा, एसडीओ वन सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
चम्पावत जनपद में प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने और सूखते धारे-नौलों को नया जीवन देने की दिशा में प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित स्प्रिंग एंड रिवर रीजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा) की समीक्षा बैठक में जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का गहन आकलन किया गया। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने डिप्टेश्वर, गौड़ी नदी और कालसन-भोलेश्वर जल संरक्षण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। जिलाधिकारी ने कालसन-भोलेश्वर परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, डिप्टेश्वर क्षेत्र में छोटे चेकडैम बनाकर वर्षाजल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा चौकुनीबोरा, राकड़ीफूलारा, मुड़ियानी और खर्ककार्की क्षेत्रों में चल रहे संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। 'एक जनपद-एक नदी' अभियान के तहत चयनित गौड़ी नदी संरक्षण परियोजना पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूंठा ने बताया कि इस परियोजना की प्रथम चरण की डीपीआर को राज्य स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है और इसके क्रियान्वयन के लिए ₹103.02 लाख की धनराशि भी जारी की जा चुकी है। अब लघु सिंचाई, ग्राम्य विकास और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से परियोजना के कार्य धरातल पर शुरू किए जाएंगे। वहीं, कालसन-भोलेश्वर परियोजना के तहत जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से 22 परकोलेशन टैंक तैयार किए गए हैं। साथ ही, पहाड़ी ढलानों पर पानी के बहाव को नियंत्रित कर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए लगभग 34 हज़ार रनिंग मीटर लंबाई की 12 हज़ार कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षाजल भूमि में समाहित होकर क्षेत्र के जल स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा। जिलाधिकारी ने वर्षा आधारित नदी उपचार गतिविधियों को बढ़ावा देने और चिन्हित धारे-नौलों के पुनर्जीवन के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी पारंपरिक नौले, धारे या घराट को क्षति न पहुँचे, और पहले से क्षतिग्रस्त जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूंठा, एसडीओ वन सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भारतीय डाक (स्पीड पोस्ट) की भरोसेमंद सेवा के साथ अब 'हिक्मो शुगर' नामक आयुर्वेदिक दवा सीधे आपके घर तक पहुँचाई जा रही है, जिसे मधुमेह को नियंत्रित करने और जीवनशैली को खुशहाल बनाने में सहायक बताया गया है। इस दवा का दावा है कि यह शरीर की प्राकृतिक क्षमता को जगाने में मदद करती है, जबकि यह भी बताया गया है कि समय पर न संभाले जाने पर मधुमेह शरीर के अंगों को अंदर से कमजोर कर सकता है। 'हिक्मो शुगर' के सेवन की विधि के अनुसार, बेहतर और तेज परिणामों के लिए सुबह नाश्ते से पहले 1 कैप्सूल और 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। रात में खाना खाने के बाद 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि गुनगुने पानी से दवा शरीर में जल्दी अवशोषित होती है और बेहतर असर दिखाती है। इस दवा को 100% आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार बताया गया है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और यह सुबह उठने पर होने वाली कमजोरी और आलस से राहत दिलाने में मदद करती है। डिलीवरी भारत सरकार के डाक विभाग (इंडियन पोस्ट) के माध्यम से स्पीड पोस्ट द्वारा की जाती है, जिसकी लाइव ट्रैकिंग भी संभव है। ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए आधी राशि का अग्रिम भुगतान करना होगा, और पूरे भारत में फ्री होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। अपना ऑर्डर बुक करने के लिए 98371 43446 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है। एक महत्वपूर्ण सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह एक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है जो स्वस्थ जीवनशैली में सहायता के लिए बनाया गया है। संस्था या यह मेडिसिन किसी भी प्रकार की चिकित्सीय गारंटी या किसी भी प्रकार के परिणामों की कोई जिम्मेदारी नहीं लेती है, और उपयोग से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेने का सुझाव दिया जाता है।1
- लंबे समय से जारी बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है, जिसके चलते चारों ओर का मौसम बेहद सुहावना हो गया है। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर, खासकर कौसानी और बैजनाथ में, पर्यटक इस खुशनुमा मौसम का भरपूर आनंद ले रहे हैं।1
- पीलीभीत में एक युवक की दुकान के अंदर घुसकर पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़ित युवक ने अपने सगे चचेरे भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की बात कही गई है। इसके साथ ही, युवक ने दुकान हड़पने की साजिश का भी आरोप लगाया है। यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के खकरा का बताया जा रहा है, और पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है।1
- भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मीडिया के बिना लोकतंत्र की कल्पना ही नहीं की जा सकती, क्योंकि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मुख्यमंत्री योगी ने इस बात पर जोर दिया कि जनता तक सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने और सत्ता को जवाबदेह बनाने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है।1
- चंपावत जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टेलीकॉम समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, क्षेत्र में नेटवर्क को मजबूत बनाने (सुदृढ़ीकरण) के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए।1
- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर एक पर्यटक के लापता होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सहारनपुर निवासी 36 वर्षीय अभिषेक चौहान नामक पर्यटक एक गाइड के साथ ट्रैकिंग पर निकले थे। वापसी के दौरान उन्होंने गाइड से आगे चलने को कहा, जिसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इस बीच, द्वाली मार्ग पर उनका कैमरा बरामद होने से खोज अभियान और तेज कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पर्यटक ट्रैक के किसी दुर्गम क्षेत्र में फंस गए होंगे। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पिंडारी ट्रैक के विभिन्न हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।1
- पीलीभीत जिले के थाना बिलसंडा क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बमरौली तिराहा पर हुई एक पुलिस मुठभेड़ के बाद, थाना बिलसंडा पुलिस ने पप्पू गुप्ता की हत्या के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पप्पू गुप्ता की हत्या तब हुई थी जब वह पंकज कटियार के साथ हुई एक घटना में बीच-बचाव करने आए थे। इस पूरी कार्यवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक, पीलीभीत ने बयान जारी किया है।1
- उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ उत्तर प्रदेश के मेरठ से घूमने आए पर्यटकों की खुशी पल भर में मातम में बदल गई। इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं। लापता पर्यटकों का पता लगाने के लिए नदी में एक सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मेरठ में पर्यटकों के परिजनों को दे दी गई है, और बचाव व तलाश अभियान अभी भी जारी है।1