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भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।
Atma Gandhi
भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।
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- भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मीडिया के बिना लोकतंत्र की कल्पना ही नहीं की जा सकती, क्योंकि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मुख्यमंत्री योगी ने इस बात पर जोर दिया कि जनता तक सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने और सत्ता को जवाबदेह बनाने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है।1
- शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कार को रस्सी से खींचकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता केजीएन कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय पर इकट्ठे हुए, जहाँ से यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा। रास्ते भर कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर थामे सरकार विरोधी नारे लगाते रहे, और कार को रस्सी से खींचने का यह दृश्य राहगीरों के लिए भी कौतूहल का विषय बना रहा। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें कार को रस्सी से खींचकर यह दिखाना पड़ रहा है कि गाड़ियाँ अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। यह प्रदर्शन पीलीभीत में समाजवादी पार्टी द्वारा बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के खिलाफ सरकार के विरुद्ध खोला गया मोर्चा था।1
- मौसम विभाग द्वारा लगातार जारी किए जा रहे हाई अलर्ट के बीच पीलीभीत जिले में आंधी-तूफान का हल्का असर देखने को मिला। हालांकि, विभाग की चेतावनी के अनुसार कोई बड़ा नुकसान या तेज तूफान नहीं आया, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। पिछले दो दिनों से जारी अलर्ट के कारण किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में भय और आशंका का माहौल बना हुआ है, और वे लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने जरूरी कार्यों को सीमित भी कर दिया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी मौसम संबंधी सूचनाओं पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की बात कह रहा है। जिले में आंधी-तूफान का असर भले ही हल्का रहा हो, लेकिन मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।1
- पीलीभीत में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।1
- उत्तराखंड के देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई। यह दीवार एमडीडीए (MDDA) द्वारा बनाई जा रही एक परियोजना का हिस्सा थी। दीवार गिरने की इस घटना में उसके नीचे कई वाहन दब गए।1
- पीलीभीत जनपद में चरमराई विद्युत व्यवस्था और अधिकारियों की संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार को पीलीभीत के नौगवां चौराहे पर स्थित एसबीआई (SBI) बैंक के बाहर लगे एक बिजली ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा, जिससे व्यस्त चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार सूचना पाकर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बैंक और आसपास की दुकानों को भारी नुकसान होने से बचाया जा सका। इस भीषण हादसे के दौरान जनपद में बेहाल बिजली व्यवस्था के जिम्मेदार अधिशासी अभियंता (EE) आशीष कुमार और अधीक्षण अभियंता (SE) मनोज कुमार के मोबाइल फोन बंद रहे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी अपने सीयूजी (CUG) नंबर बंद रखकर बिजली की गंभीर अव्यवस्था को छुपाने की कोशिश कर रहे थे और अधिशासी अभियंता आशीष कुमार जिलाधिकारी (डीएम) के सख्त निर्देशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। नौगवां चौराहे पर हुई यह घटना कोई पहली नहीं है, बल्कि शहर में पहले भी कई बार ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं हो चुकी हैं। जर्जर तारों और ओवरलोडिंग के कारण आए दिन होने वाले इन हादसों और अफसरों की इस घोर लापरवाही से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।3