कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आगे आए हैं। उन्होंने सामाजिक सहयोग के माध्यम से मृत पांच प्रसूताओं के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार और समाज मिलकर उनके साथ खड़े रहेंगे और इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा सहारा बनेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जिन माताओं का असमय निधन हुआ है, उनके पीछे छोटे-छोटे बच्चे और परिवार हैं, जिनके सामने अब पालन-पोषण और भविष्य की बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वह इन परिवारों का सहारा बने। उन्होंने घोषणा की कि इन सभी बच्चों को पालनहार योजना का लाभ दिलाया जाएगा और परिवार के योग्य सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किए जाएंगे, ताकि उन्हें दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक मजबूती मिल सके। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, परवरिश और सुरक्षित भविष्य के लिए भी हरसंभव सहयोग का वादा किया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले की गंभीरता को देखते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि एम्स दिल्ली और जयपुर के विशेषज्ञों की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आगे आए हैं। उन्होंने सामाजिक सहयोग के माध्यम से मृत पांच प्रसूताओं के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार
और समाज मिलकर उनके साथ खड़े रहेंगे और इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा सहारा बनेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जिन माताओं का असमय निधन हुआ है, उनके पीछे छोटे-छोटे बच्चे और परिवार हैं, जिनके सामने अब पालन-पोषण और भविष्य की बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वह इन परिवारों का
सहारा बने। उन्होंने घोषणा की कि इन सभी बच्चों को पालनहार योजना का लाभ दिलाया जाएगा और परिवार के योग्य सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किए जाएंगे, ताकि उन्हें दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक मजबूती मिल सके। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, परवरिश और सुरक्षित भविष्य के लिए भी हरसंभव सहयोग का वादा किया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई प्रसूताओं की
मौत के मामले की गंभीरता को देखते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि एम्स दिल्ली और जयपुर के विशेषज्ञों की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आगे आए हैं। उन्होंने सामाजिक सहयोग के माध्यम से मृत पांच प्रसूताओं के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार और समाज मिलकर उनके साथ खड़े रहेंगे और इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा सहारा बनेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जिन माताओं का असमय निधन हुआ है, उनके पीछे छोटे-छोटे बच्चे और परिवार हैं, जिनके सामने अब पालन-पोषण और भविष्य की बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वह इन परिवारों का सहारा बने। उन्होंने घोषणा की कि इन सभी बच्चों को पालनहार योजना का लाभ दिलाया जाएगा और परिवार के योग्य सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के पूरे प्रयास किए जाएंगे, ताकि उन्हें दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक मजबूती मिल सके। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, परवरिश और सुरक्षित भविष्य के लिए भी हरसंभव सहयोग का वादा किया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले की गंभीरता को देखते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि एम्स दिल्ली और जयपुर के विशेषज्ञों की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।4
- बिहार के हाजीपुर में शनिवार को उस समय भारी अफ़रा-तफ़री मच गई जब बिहार के सीएम सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही हवा में फंस गया। पायलट की सूझबूझ के चलते हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन इस आपातकालीन स्थिति के बीच सीएम की सुरक्षा में तैनात प्रोटोकॉल वाले अधिकारी और कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए।1
- यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अखबार नवीसों से बातचीत की है।1
- राजस्थान के कोटा जिले के लाडपुरा क्षेत्र में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी ने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करवाई है।1
- कोटा की पुरानी सब्जी मंडी स्थित राजू घी वाले की गली में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक गैस वेल्डिंग की दुकान में काम के दौरान अचानक सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसमें दुकानदार चंदालाल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त दुकान में मौजूद दो अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। धमाके की भयावह आवाज सुनकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दुकान पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। लोगों के अनुसार, पिछले सात महीनों में इस दुकान पर यह दूसरी बार और अब तक कुल मिलाकर तीसरी बार सिलेंडर ब्लास्ट की घटना हो चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही मकबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- राजस्थान के कोटा स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और जेके लोन हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आगे आए हैं। उन्होंने सामाजिक सहयोग से जान गंवाने वाली पांच प्रसूताओं के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। पीड़ित परिवारों को यह आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रसूताओं की मौत के इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।1
- कोटा की अरुंधति चौधरी ने खेल के क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के बल पर मान और गौरव बढ़ाया है। भारत स्वाभिमान राजस्थान का मन कही जाने वाली अरुंधति चौधरी की इस सफलता और उनके द्वारा बढ़ाए गए गौरव को श्याम सुंदर शर्मा ने रेखांकित किया है।1
- राजस्थान के कोटा में अमर पंजाबी रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंकने के आरोप में लैंडमार्क पुलिस चौकी के एएसआई वेद प्रकाश को शनिवार को कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी ने निलंबित कर दिया है। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे की है। रेस्टोरेंट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एएसआई कार से उतरकर रेस्टोरेंट की ओर पत्थर फेंकता और फिर वापस कार में बैठता नजर आ रहा है। इस संबंध में रेस्टोरेंट संचालक टिंकू ने कुन्हाड़ी थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके 6 दिन बाद यह कार्रवाई की गई है। डीएसपी पूनम चौहान ने बताया कि वेद प्रकाश ने शराब के नशे में अमर पंजाबी रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंका था, जो सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर नजर आ रहा है। रेस्टोरेंट के मालिक की शिकायत के बाद एसपी सिटी ने एएसआई को सस्पेंड किया है और अब मामले की जांच की जा रही है। रेस्टोरेंट के संचालक टिंकू का कहना है कि चार-पांच दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति उनके रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंककर फरार हो गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस में दर्ज कराई थी। उन्हें बाद में पता चला कि पत्थर फेंकने वाला व्यक्ति पुलिस विभाग का ही एएसआई है। वहीं, निलंबित एएसआई वेद प्रकाश ने अपने बचाव में कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं है और उसने कोई पत्थर नहीं फेंका है। वेद प्रकाश का कहना है कि उनका रेस्टोरेंट संचालकों से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। कोचिंग क्षेत्र होने के कारण वे देर रात तक गश्त कर दुकानों को समय पर बंद करवाते हैं, जिससे कुछ लोगों को उनसे नाराजगी हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1