संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील में प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों के विपरीत एक महिला पत्रकार को समाचार कवरेज से रोकने का मामला सामने आया है। स्वतंत्र पत्रकार विन्ध्यवासिनी यादव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसके बाद यह प्रकरण उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग तक भी पहुंच गया है। आरोप है कि 20 जून 2026 को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान विन्ध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े मामलों की वीडियो कवरेज करने गई थीं। इसी दौरान उन्हें वीडियो बनाने से मना किया गया और सभागार से बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई। इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। 24 जून 2026 को महिला पत्रकार ने अन्य पत्रकारों के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों का कहना है कि सार्वजनिक जनसुनवाई कार्यक्रमों में मीडिया की उपस्थिति पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश ने भी उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट ने महिला पत्रकार के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच तथा महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के अनुसार, उपजिलाधिकारी धनघटा से हुई बातचीत में कैमरा चलाने पर आपत्ति जताई गई और यह भी कहा गया कि केवल 'दैनिक जागरण', 'अमर उजाला', 'दैनिक भास्कर' और 'हिन्दुस्तान' से जुड़े पत्रकारों को ही पत्रकार माना जाएगा। यह मामला फिलहाल पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील में प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों के विपरीत एक महिला पत्रकार को समाचार कवरेज से रोकने का मामला सामने आया है। स्वतंत्र पत्रकार विन्ध्यवासिनी यादव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसके बाद यह प्रकरण उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग तक भी पहुंच गया है। आरोप है कि 20 जून 2026 को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान विन्ध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े मामलों की वीडियो कवरेज करने गई थीं। इसी दौरान उन्हें वीडियो बनाने से मना किया गया और सभागार से बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई। इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। 24 जून 2026 को महिला पत्रकार ने अन्य पत्रकारों के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों का कहना है कि सार्वजनिक जनसुनवाई कार्यक्रमों में मीडिया की उपस्थिति पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश ने भी उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट ने महिला पत्रकार के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच तथा महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के अनुसार, उपजिलाधिकारी धनघटा से हुई बातचीत में कैमरा चलाने पर आपत्ति जताई गई और यह भी कहा गया कि केवल 'दैनिक जागरण', 'अमर उजाला', 'दैनिक भास्कर' और 'हिन्दुस्तान' से जुड़े पत्रकारों को ही पत्रकार माना जाएगा। यह मामला फिलहाल पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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- उत्तर प्रदेश में हुए लखनऊ अग्निकांड पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और आशंका व्यक्त की है कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हुआ हो सकता है।1
- गोरखपुर के ताल नदौर क्षेत्र में 'सिंगापुर सिटी' बनाने के नाम पर प्लाटिंग करने वाले एक रियल एस्टेट कारोबारी ने डेढ़ साल से अधिक समय से परिवारों को झांसे में लेकर ज़मीनें बेची हैं। हालांकि, इन खरीदारों को खारिज-दाखिल की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अपनी ज़मीन पर अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है। इस धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित परिवार अपनी समस्या के समाधान के लिए लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों सहित मुख्यमंत्री का चक्कर लगा रहे हैं।1
- क्षेत्र में जल निकासी की गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि पानी की निकासी न होने की वजह से अक्सर झगड़े होते रहते हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अब घर से बाहर निकलना भी मुश्किल और कष्टदायक हो गया है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, इस समस्या पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे लोगों में असंतोष है।1
- जन समर्पण पार्टी के तत्वावधान में गोरखपुर में एक सनातन समागम एवं विराट हिंदू महारैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक चन्द जी इस रैली में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।1
- गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस सुखद मौसम के कारण लोगों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान लौट आई है।1
- समाज में रिश्तों के कत्ल और संस्कारों के गहरे संकट को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर समाज किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- रेलवे के इस आवाज को क्या आपने,पहले कभी देखा ? क्या आपने देखा था पहले ? रेलवे के इस आवाज को क्या आपने,पहले कभी देखा ? ,क्या आपने देखा था पहले ?1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के मृतकों को गोरखपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दुखद घटना के शिकार हुए लोगों के लिए एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग उठाई गई।1