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बाढ का कहर: बाढ़ में बहे व्यक्ति का मिला शव, क्षेत्र में शोक की लहर 12 घंटे की तलाश के बाद बरामद हुआ शव, पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरवाड़ा। हर्रई विकासखण्ड में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण उफान पर आए नदी-नालों ने एक बार फिर जान ले ली।बुधवार शाम को ग्राम बरुल की नदी पार करते समय हर्रई निवास भगवान दास सोनी मोटरसाइकिल सहित बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे तलाश अभियान के बाद उनका शव बारगी टोला की नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफान पर आए नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। बाढ का कहर: बाढ़ में बहे व्यक्ति का मिला शव, क्षेत्र में शोक की लहर 12 घंटे की तलाश के बाद बरामद हुआ शव, पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरवाड़ा। हर्रई विकासखण्ड में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण उफान पर आए नदी-नालों ने एक बार फिर जान ले ली।बुधवार शाम को ग्राम बरुल की नदी पार करते समय हर्रई निवास भगवान दास सोनी मोटरसाइकिल सहित बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे तलाश अभियान के बाद उनका शव बारगी टोला की नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफान पर आए नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

13 hrs ago
user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

बाढ का कहर: बाढ़ में बहे व्यक्ति का मिला शव, क्षेत्र में शोक की लहर 12 घंटे की तलाश के बाद बरामद हुआ शव, पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरवाड़ा। हर्रई विकासखण्ड में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण उफान पर आए नदी-नालों ने एक बार फिर जान ले ली।बुधवार शाम को ग्राम बरुल की नदी पार करते समय हर्रई निवास भगवान दास सोनी मोटरसाइकिल सहित बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे तलाश अभियान के बाद उनका शव बारगी टोला की नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफान पर आए नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। बाढ का कहर: बाढ़ में बहे व्यक्ति का मिला शव, क्षेत्र में शोक की लहर 12 घंटे की तलाश के बाद बरामद हुआ शव, पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अमरवाड़ा। हर्रई विकासखण्ड में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण उफान पर आए नदी-नालों ने एक बार फिर जान ले ली।बुधवार शाम को ग्राम बरुल की नदी पार करते समय हर्रई निवास भगवान दास सोनी मोटरसाइकिल सहित बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे तलाश अभियान के बाद उनका शव बारगी टोला की नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफान पर आए नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

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  • मुख्यमंत्री_मछुआ_समृद्धि_योजना अंतर्गत आवेदन आमंत्रित ,उपभोक्ताओं को ताजी एवं स्वच्छ स्थिति में मछली उपलब्ध कराने के उद्देश्य ​सिवनी। उपभोक्ताओं को ताजी एवं स्वच्छ स्थिति में मछली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन की मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2026-27 में जिले में स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उप संचालक मत्स्योद्योग सिवनी ने बताया कि इच्छुक नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतें शासकीय भूमि का चयन कर प्रस्ताव एवं ठहराव सहित अपना आवेदन कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग में प्रस्तुत करें। चयनित निकायों को पार्लर स्थापना के लिए 5 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए 10 अगस्त 2026 तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
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    मुख्यमंत्री_मछुआ_समृद्धि_योजना अंतर्गत आवेदन आमंत्रित ,उपभोक्ताओं को ताजी एवं स्वच्छ स्थिति में मछली उपलब्ध कराने के उद्देश्य
​सिवनी। उपभोक्ताओं को ताजी एवं स्वच्छ स्थिति में मछली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन की मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2026-27 में जिले में स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उप संचालक मत्स्योद्योग सिवनी ने बताया कि इच्छुक नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतें शासकीय भूमि का चयन कर प्रस्ताव एवं ठहराव सहित अपना आवेदन कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग में प्रस्तुत करें। चयनित निकायों को पार्लर स्थापना के लिए 5 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए 10 अगस्त 2026 तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जाम सांवली हनुमान लोक में दुकान आवंटन को लेकर गरमाई सियासत पूर्व विधायक अजय चौरे ने उठाई स्थानीय युवाओं व गरीबों को प्राथमिकता देने की मांग सौंसर पांढुर्णा 31 जुलाई 2026 चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक जाम सावली तहसील सौंसर जिला पांढुर्णा में नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक नीलामी सूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है. मंदिर संस्थान द्वारा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में रोष व्याप्त है. पूर्व विधायक अजय चौरे ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन और मंदिर समिति से स्थानीय लोगों एवं गरीबों के हितों की रक्षा करने की पुरजोर मांग की है. पूर्व विधायक अजय चौरे ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमेशा से जाम सांवली मंदिर का संचालन ग्राम के लोगों द्वारा किया गया है और हनुमान जी की कृपा से ही यहाँ के स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होता रहा है. वर्तमान में दुकानों की नीलामी और आवंटन प्रक्रिया में बाहरी और बड़े व्यवसायियों को प्राथमिकता मिलने से स्थानीय बेरोजगारों के अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा है. इसी कड़ी में सौंसर से कांग्रेस विधायक विजय रेवनाथ चौरे के निज निवास पर आयोजित जनता दरबार के दौरान भी चमत्कारिक हनुमान मंदिर परिसर के दुकानदारों ने अपनी समस्याएँ साझा कीं। दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से मंदिर परिसर में हार-फूल, पूजन सामग्री तथा अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, किंतु अब मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा उन्हें मंदिर परिसर से बेदखल कर दिया गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी मंदिर ट्रस्ट द्वारा की जा रही है, परंतु वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। दुकानदारों ने केवल इतनी मांग की है कि उन्हें दुकान संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। विधायक को यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि लगभग 5 करोड़ की राशि में एक बड़ी दुकान नीलाम की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को नीलामी में प्राथमिकता एवं आरक्षण प्रदान किया जाता है, परंतु ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी इन नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। दुकानों की नीलामी की राशि अत्यधिक होने के कारण इसमें केवल पूंजीपति ही भाग ले सकते हैं और मध्यमवर्गीय परिवार व आम आदमी वहाँ दुकान लेने का सपना भी नहीं देख सकता। प्रमुख माँगे एवं बिंदु: जाम सावली हनुमान लोक में वर्तमान एवं भविष्य में निर्मित होने वाली कुल दुकानों का 80 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय बेरोजगार युवाओं और पूर्व में दुकान संचालित करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाए. मंदिर में आने वाले चढ़ावे और शासन से मिलने वाले करोड़ों रुपयों पर पहला हक स्थानीय गरीब परिवारों का होना चाहिए न कि बड़े व्यापारियों का. यदि स्थानीय लोगों की उपेक्षा की गई तो मंदिर समिति और प्रशासन के खिलाफ उग्र सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक द्वारा जारी सूचना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक आम नीलामी दिनांक 05 अगस्त 2026 बुधवार से निर्धारित की गई है जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों ए बी सी डी ई के तहत आफर प्राइस और अमानत राशि तय की गई है. नीलामी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता बनी हुई है कि कहीं इस प्रक्रिया से मूल स्थानीय दुकानदार व गरीब वर्ग रोजगार से वंचित न हो जाए. क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन पांढुर्णा कलेक्टर और मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा दुकान आवंटन नियमों में संशोधन कर स्थानीय निवासियों के हितों को सुरक्षित करने की अपील की है. संपादकीय एवं स्थानीय समाचार संकलन ब्यूरो सौंसर पांढुर्णा
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    जाम सांवली हनुमान लोक में दुकान आवंटन को लेकर गरमाई सियासत पूर्व विधायक अजय चौरे ने उठाई स्थानीय युवाओं व गरीबों को प्राथमिकता देने की मांग
सौंसर पांढुर्णा 31 जुलाई 2026
चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक जाम सावली तहसील सौंसर जिला पांढुर्णा में नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक नीलामी सूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है. मंदिर संस्थान द्वारा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में रोष व्याप्त है. पूर्व विधायक अजय चौरे ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन और मंदिर समिति से स्थानीय लोगों एवं गरीबों के हितों की रक्षा करने की पुरजोर मांग की है.
पूर्व विधायक अजय चौरे ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमेशा से जाम सांवली मंदिर का संचालन ग्राम के लोगों द्वारा किया गया है और हनुमान जी की कृपा से ही यहाँ के स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होता रहा है. वर्तमान में दुकानों की नीलामी और आवंटन प्रक्रिया में बाहरी और बड़े व्यवसायियों को प्राथमिकता मिलने से स्थानीय बेरोजगारों के अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा है.
इसी कड़ी में सौंसर से कांग्रेस विधायक विजय रेवनाथ चौरे के निज निवास पर आयोजित जनता दरबार के दौरान भी चमत्कारिक हनुमान मंदिर परिसर के दुकानदारों ने अपनी समस्याएँ साझा कीं। दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से मंदिर परिसर में हार-फूल, पूजन सामग्री तथा अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, किंतु अब मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा उन्हें मंदिर परिसर से बेदखल कर दिया गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी मंदिर ट्रस्ट द्वारा की जा रही है, परंतु वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। दुकानदारों ने केवल इतनी मांग की है कि उन्हें दुकान संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। विधायक को यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि लगभग 5 करोड़ की राशि में एक बड़ी दुकान नीलाम की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को नीलामी में प्राथमिकता एवं आरक्षण प्रदान किया जाता है, परंतु ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी इन नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। दुकानों की नीलामी की राशि अत्यधिक होने के कारण इसमें केवल पूंजीपति ही भाग ले सकते हैं और मध्यमवर्गीय परिवार व आम आदमी वहाँ दुकान लेने का सपना भी नहीं देख सकता।
प्रमुख माँगे एवं बिंदु:
जाम सावली हनुमान लोक में वर्तमान एवं भविष्य में निर्मित होने वाली कुल दुकानों का 80 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय बेरोजगार युवाओं और पूर्व में दुकान संचालित करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाए.
मंदिर में आने वाले चढ़ावे और शासन से मिलने वाले करोड़ों रुपयों पर पहला हक स्थानीय गरीब परिवारों का होना चाहिए न कि बड़े व्यापारियों का.
यदि स्थानीय लोगों की उपेक्षा की गई तो मंदिर समिति और प्रशासन के खिलाफ उग्र सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान हनुमान लोक द्वारा जारी सूचना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर नवनिर्मित दुकानों की सार्वजनिक आम नीलामी दिनांक 05 अगस्त 2026 बुधवार से निर्धारित की गई है जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों ए बी सी डी ई के तहत आफर प्राइस और अमानत राशि तय की गई है. नीलामी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता बनी हुई है कि कहीं इस प्रक्रिया से मूल स्थानीय दुकानदार व गरीब वर्ग रोजगार से वंचित न हो जाए.
क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन पांढुर्णा कलेक्टर और मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा दुकान आवंटन नियमों में संशोधन कर स्थानीय निवासियों के हितों को सुरक्षित करने की अपील की है.
संपादकीय एवं स्थानीय समाचार संकलन ब्यूरो सौंसर पांढुर्णा
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    8 hrs ago
  • बरघाट की मछुआ सहकारी समिति का चुनाव अब विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने अध्यक्ष और सचिव पर पक्षपात एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी चुनाव की मांग उठाई है। 1. *उठ रहे सवाल, पूछती जनता* बरघाट की मछुआ सहकारी समिति का चुनाव अब विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने अध्यक्ष और सचिव पर पक्षपात एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी चुनाव की मांग उठाई है। 2. *सदस्य सूची पर सवाल* ग्रामीणों का आरोप है कि पहले 294 सदस्यों की सूची थी, जिसे घटाकर 230 कर दिया गया। आखिर 64 सदस्यों के नाम किस आधार पर हटाए गए, इसका जवाब अब तक नहीं मिला है। 3. *आदिवासी परिवारों का मुद्दा* बामणी के ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 90 हेक्टेयर क्षेत्र समिति में शामिल होने के बावजूद अधिकांश पात्र आदिवासी परिवारों के नाम सदस्य सूची से बाहर कर दिए गए, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 4. *हर्षित पटेल का आरोप* हर्षित पटेल का आरोप है कि पूरे क्षेत्र से केवल 38 से 40 लोगों के नाम ही सूची में रखे गए, जबकि बाकी पात्र लोगों को सदस्यता से वंचित कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 5. *निष्पक्ष जांच की मांग* स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पात्र लोगों को सदस्यता से वंचित कर चुनाव कराया गया, तो यह सहकारिता की भावना के विपरीत होगा। उन्होंने स्वतंत्र जांच और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की है। 6. *अब सबकी नजरें सहकारिता विभाग पर हैं। देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर विभाग क्या कार्रवाई करता है और चुनाव पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाता है या नहीं।* *सिवनी से मोहित यादव 9584667143* #Seoni #Barghat #CooperativeSociety #MatsyaSahkariSamiti #SeoniNews #MPNews #BreakingNews #LocalNews #TribalRights #Transparency #CooperativeElection #PublicInterest #SeoniUpdates #MadhyaPradeshNews #NewsUpdate
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    बरघाट की मछुआ सहकारी समिति का चुनाव अब विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने अध्यक्ष और सचिव पर पक्षपात एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी चुनाव की मांग उठाई है।
1. *उठ रहे सवाल, पूछती जनता*
बरघाट की मछुआ सहकारी समिति का चुनाव अब विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने अध्यक्ष और सचिव पर पक्षपात एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी चुनाव की मांग उठाई है।
2. *सदस्य सूची पर सवाल*
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले 294 सदस्यों की सूची थी, जिसे घटाकर 230 कर दिया गया। आखिर 64 सदस्यों के नाम किस आधार पर हटाए गए, इसका जवाब अब तक नहीं मिला है।
3. *आदिवासी परिवारों का मुद्दा*
बामणी के ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 90 हेक्टेयर क्षेत्र समिति में शामिल होने के बावजूद अधिकांश पात्र आदिवासी परिवारों के नाम सदस्य सूची से बाहर कर दिए गए, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
4. *हर्षित पटेल का आरोप*
हर्षित पटेल का आरोप है कि पूरे क्षेत्र से केवल 38 से 40 लोगों के नाम ही सूची में रखे गए, जबकि बाकी पात्र लोगों को सदस्यता से वंचित कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
5. *निष्पक्ष जांच की मांग*
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पात्र लोगों को सदस्यता से वंचित कर चुनाव कराया गया, तो यह सहकारिता की भावना के विपरीत होगा। उन्होंने स्वतंत्र जांच और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की है।
6. *अब सबकी नजरें सहकारिता विभाग पर हैं। देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर विभाग क्या कार्रवाई करता है और चुनाव पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाता है या नहीं।*
*सिवनी से मोहित यादव 9584667143*
#Seoni #Barghat #CooperativeSociety #MatsyaSahkariSamiti #SeoniNews #MPNews #BreakingNews #LocalNews #TribalRights #Transparency #CooperativeElection #PublicInterest #SeoniUpdates #MadhyaPradeshNews #NewsUpdate
    user_News Nation 81
    News Nation 81
    Dist.News रिपोर्टर 9584667143 सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों रोज़ी-रोटी पर संकट? ​आठनेर (बैतूल)। नगर परिषद आठनेर में बस स्टैंड परिसर में अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है। नवपदस्थ तहसीलदार की 'सिंघम स्टाइल' एंट्री के साथ पुलिस, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम सड़कों पर उतरी। अभियान की शुरुआत में सबसे पहले कार्रवाई की गाज़ बस स्टैंड पर लगे गरीब फल-फ्रूट विक्रेताओं और उनके अस्थायी ठेलों पर गिरी। ​कार्रवाई के बाद से जहाँ एक तरफ सड़क पर कुछ देर के लिए जगह साफ नज़र आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ​गरीब फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट ​अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक फल विक्रेताओं की आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों का पूछना है कि क्या कार्रवाई से पहले इन गरीब विक्रेताओं के लिए किसी वैकल्पिक स्थान या स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी? बिना किसी पूर्व वैकल्पिक इंतज़ाम के ठेलों को हटा देने से इन परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। ​चुनिंदा कार्रवाई या निष्पक्ष प्रशासन? ​स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान का निशाना केवल कमजोर वर्ग ही क्यों बनता है? ​कॉम्प्लेक्स के बाहर बेतरतीब पार्किंग: बस स्टैंड स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों के बाहर ग्राहकों के वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं, जिससे हर समय ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन रसूखदार कॉम्प्लेक्स मालिकों और अव्यवस्थित पार्किंग पर भी प्रशासन की 'सिंघम' वाली सख्ती देखने को मिलेगी? ​लाखों के बजट पर सवाल: हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि चौड़ी हुई सड़क का फायदा आम जनता और सुगम यातायात को मिलने के बजाय अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है। ​जनमानस के प्रमुख सवाल ​क्या आठनेर बस स्टैंड पर अतिक्रमण का दायरा सिर्फ गरीब फल विक्रेताओं तक ही सीमित था? ​क्या नगर परिषद बड़े व्यापारियों और कॉम्प्लेक्सों की अवैध पार्किंग पर डंडा चलाने की हिम्मत दिखाएगी? ​सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च हुए लाखों रुपये का वास्तविक लाभ आखिर किसे मिल रहा है? ​संवेदनशीलता और निष्पक्षता की परीक्षा ​आठनेर में हुई यह कार्रवाई अब प्रशासन की साख पर सवालिया निशान लगा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ज़रूरी है, तो गरीबों के पुनर्वास और बड़े अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई भी उतनी ही अनिवार्य है। देखना यह होगा कि नगर परिषद और तहसील प्रशासन आने वाले दिनों में अपनी निष्पक्षता साबित करता है या यह अभियान महज़ "कमज़ोरों पर कार्रवाई" बनकर रह जाएगा।
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    आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों  रोज़ी-रोटी पर संकट?
आठनेर में प्रशासन की कार्रवाई से उठे सवाल बस स्टैंड से हटाया गया फल विक्रेताओं कों  रोज़ी-रोटी पर संकट?
​आठनेर (बैतूल)। नगर परिषद आठनेर में बस स्टैंड परिसर में अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है। नवपदस्थ तहसीलदार की 'सिंघम स्टाइल' एंट्री के साथ पुलिस, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम सड़कों पर उतरी। अभियान की शुरुआत में सबसे पहले कार्रवाई की गाज़ बस स्टैंड पर लगे गरीब फल-फ्रूट विक्रेताओं और उनके अस्थायी ठेलों पर गिरी।
​कार्रवाई के बाद से जहाँ एक तरफ सड़क पर कुछ देर के लिए जगह साफ नज़र आई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
​गरीब फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट
​अचानक हुई इस कार्रवाई से दैनिक फल विक्रेताओं की आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों का पूछना है कि क्या कार्रवाई से पहले इन गरीब विक्रेताओं के लिए किसी वैकल्पिक स्थान या स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी? बिना किसी पूर्व वैकल्पिक इंतज़ाम के ठेलों को हटा देने से इन परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है।
​चुनिंदा कार्रवाई या निष्पक्ष प्रशासन?
​स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान का निशाना केवल कमजोर वर्ग ही क्यों बनता है?
​कॉम्प्लेक्स के बाहर बेतरतीब पार्किंग: बस स्टैंड स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों के बाहर ग्राहकों के वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं, जिससे हर समय ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन रसूखदार कॉम्प्लेक्स मालिकों और अव्यवस्थित पार्किंग पर भी प्रशासन की 'सिंघम' वाली सख्ती देखने को मिलेगी?
​लाखों के बजट पर सवाल: हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि चौड़ी हुई सड़क का फायदा आम जनता और सुगम यातायात को मिलने के बजाय अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है।
​जनमानस के प्रमुख सवाल
​क्या आठनेर बस स्टैंड पर अतिक्रमण का दायरा सिर्फ गरीब फल विक्रेताओं तक ही सीमित था?
​क्या नगर परिषद बड़े व्यापारियों और कॉम्प्लेक्सों की अवैध पार्किंग पर डंडा चलाने की हिम्मत दिखाएगी?
​सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च हुए लाखों रुपये का वास्तविक लाभ आखिर किसे मिल रहा है?
​संवेदनशीलता और निष्पक्षता की परीक्षा
​आठनेर में हुई यह कार्रवाई अब प्रशासन की साख पर सवालिया निशान लगा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ज़रूरी है, तो गरीबों के पुनर्वास और बड़े अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई भी उतनी ही अनिवार्य है। देखना यह होगा कि नगर परिषद और तहसील प्रशासन आने वाले दिनों में अपनी निष्पक्षता साबित करता है या यह अभियान महज़ "कमज़ोरों पर कार्रवाई" बनकर रह जाएगा।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    5 hrs ago
  • बनखेड़ी : सोमवार तक रेलवे फाटक खोलने की उम्मीद : तहसीलदार  शुक्रवार का हाट बाजार बना जनता के लिए मुसीबत! बनखेड़ी में हर शुक्रवार लगने वाले हाट बाजार में हजारों ग्रामीण खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। आज शाम करीब 4 बजे ओल नदी पुल के नीचे कच्चे रास्ते में केले से भरा एक आइशर ट्रक फंस गया, जिससे लंबा जाम लग गया। वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालक मजबूरी में पुल के नीचे बहते पानी से होकर निकलने को विवश रहे। सवाल यह है कि जब हर शुक्रवार बाजार लगता है और भारी भीड़ उमड़ती है, तो आखिर प्रशासन ने पहले से यातायात की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? बनखेड़ी की जनता मांग करती है कि हाट बाजार के दिन वैकल्पिक मार्ग, सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था की जाए।
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    बनखेड़ी : सोमवार तक रेलवे फाटक खोलने की उम्मीद : तहसीलदार 



शुक्रवार का हाट बाजार बना जनता के लिए मुसीबत!
बनखेड़ी में हर शुक्रवार लगने वाले हाट बाजार में हजारों ग्रामीण खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
आज शाम करीब 4 बजे ओल नदी पुल के नीचे कच्चे रास्ते में केले से भरा एक आइशर ट्रक फंस गया, जिससे लंबा जाम लग गया। वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालक मजबूरी में पुल के नीचे बहते पानी से होकर निकलने को विवश रहे।
सवाल यह है कि जब हर शुक्रवार बाजार लगता है और भारी भीड़ उमड़ती है, तो आखिर प्रशासन ने पहले से यातायात की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
बनखेड़ी की जनता मांग करती है कि हाट बाजार के दिन वैकल्पिक मार्ग, सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था की जाए।
    user_SATISH KUMAR
    SATISH KUMAR
    Street Photographer बनखेड़ी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
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    एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा
पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति

आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Seoni News: लखनादौन में 40 वर्ष पुरानी जर्जर पानी की टंकी का सुरक्षित ध्वस्तीकरण, संभावित जनहानि का खतरा टला
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    Seoni News: लखनादौन में 40 वर्ष पुरानी जर्जर पानी की टंकी का सुरक्षित ध्वस्तीकरण, संभावित जनहानि का खतरा टला
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 01 जून से अब तक जिले में 498.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज, जिले में भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के अनुसार ​सिवनी। जिले में भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के अनुसार 01 जून से 31 जुलाई 2026 तक 498.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि 31 जुलाई को 12.5 मिमी बारिश हुई। अब तक सिवनी तहसील में सर्वाधिक 620.4 मिमी और बरघाट में 612.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि केवलारी में 532.0 मिमी, लखनादौन में 531.5 मिमी, कुरई में 479.2 मिमी, धनौरा में 456.5 मिमी, छपारा में 424.3 मिमी और घंसौर में 332.2 मिमी बारिश हुई। पिछले वर्ष 31 जुलाई तक दर्ज 725.9 मिमी औसत वर्षा की तुलना में इस बार बारिश काफी कम रही है।
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    01 जून से अब तक जिले में 498.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज, जिले में भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के अनुसार
​सिवनी। जिले में भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के अनुसार 01 जून से 31 जुलाई 2026 तक 498.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि 31 जुलाई को 12.5 मिमी बारिश हुई। अब तक सिवनी तहसील में सर्वाधिक 620.4 मिमी और बरघाट में 612.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि केवलारी में 532.0 मिमी, लखनादौन में 531.5 मिमी, कुरई में 479.2 मिमी, धनौरा में 456.5 मिमी, छपारा में 424.3 मिमी और घंसौर में 332.2 मिमी बारिश हुई। पिछले वर्ष 31 जुलाई तक दर्ज 725.9 मिमी औसत वर्षा की तुलना में इस बार बारिश काफी कम रही है।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए संपर्क सूत्र: निलेश कलसकर 8966053452,8989924244 अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए सभी सम्मानित पाठकों, व्यापारियों और संस्थाओं से अनुरोध है कि वे अपने व्यापार, प्रतिष्ठान, संस्था या शुभकामना संदेशों के विज्ञापन के लिए संपर्क करें। स्थानीय स्तर पर जन-जन तक अपनी बात पहुंचाने का यह सबसे बेहतरीन माध्यम है। विज्ञापन देने के लिए दिए गए संपर्क नंबर या ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है। अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए संपर्क सूत्र: निलेश कलसकर व्हाट्सएप नंबर: 8966053452, 8989924244
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    अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए संपर्क सूत्र: निलेश कलसकर 8966053452,8989924244
अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए सभी सम्मानित पाठकों, व्यापारियों और संस्थाओं से अनुरोध है कि वे अपने व्यापार, प्रतिष्ठान, संस्था या शुभकामना संदेशों के विज्ञापन के लिए संपर्क करें। स्थानीय स्तर पर जन-जन तक अपनी बात पहुंचाने का यह सबसे बेहतरीन माध्यम है। विज्ञापन देने के लिए दिए गए संपर्क नंबर या ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है।
अटल प्रगति समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए संपर्क सूत्र: निलेश कलसकर
व्हाट्सएप नंबर: 8966053452, 8989924244
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    15 hrs ago
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