जौनपुर के मीरगंज क्षेत्र स्थित रामपुरचौथार गांव में बीते शुक्रवार को एक सड़क हादसे में कार सवार दंपति की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया। 30 मई को पोस्टमार्टम के बाद जब राकेश तिवारी और उनकी पत्नी प्रभावती देवी के शव घर पहुंचे, तो स्वजनों के साथ-साथ पास-पड़ोसियों और ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। यह दंपति करीब एक महीने पहले मुंबई से अपने गांव आए थे और अपनी बेटी के घर झूसी, प्रयागराज जा रहे थे, तभी हड़िया के भेस्को गांव के पास यह दुखद हादसा हो गया। शव घर पहुंचते ही स्वजनों के रोने-बिलखने की आवाज से गांव का हर महिला-पुरुष मर्माहत हो गया, और सांत्वना देने वालों की आंखें भी नम हो गईं। गांव से पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी, जिससे माहौल और भी गमगीन हो गया। सबसे मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब 4 वर्षीय बेदांत और 7 वर्षीय संस्कृति, मासूम नाती-नातिन अपने दादा-दादी को अर्थी पर देख, उसी पर लेटकर बिलख उठे। उनकी मासूम सिसकियों ने वहां मौजूद हर शख्स के दिल को चीर दिया। शनिवार की सुबह जब दंपति की अर्थी घर से निकली तो सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें भटहर गांव के व्यापारी और आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल थे। सभी ने नम आंखों से दंपति को अंतिम विदाई दी। मृतक दंपति का अंतिम संस्कार गोपीगंज स्थित रामपुर घाट पर किया गया, जहां पूरा माहौल शोक में डूबा रहा। राकेश तिवारी ने बेहतर जीवन की तलाश में कुछ साल पहले मुंबई जाकर भाभा एटॉमिक सेंटर में कर्मचारी के तौर पर काम किया था और अपने परिवार को संवारने में पूरी जिंदगी लगा दी थी, लेकिन एक ही झटके में उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। ग्रामीणों ने कहा कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए, क्योंकि इस हादसे से परिवार पूरी तरह टूट गया।
जौनपुर के मीरगंज क्षेत्र स्थित रामपुरचौथार गांव में बीते शुक्रवार को एक सड़क हादसे में कार सवार दंपति की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया। 30 मई को पोस्टमार्टम के बाद जब राकेश तिवारी और उनकी पत्नी प्रभावती देवी के शव घर पहुंचे, तो स्वजनों के साथ-साथ पास-पड़ोसियों और ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। यह दंपति करीब एक महीने पहले मुंबई से अपने गांव आए थे और अपनी बेटी के घर झूसी, प्रयागराज जा रहे थे, तभी हड़िया के भेस्को गांव के पास यह दुखद हादसा हो गया। शव घर पहुंचते ही स्वजनों के रोने-बिलखने की आवाज से गांव का हर महिला-पुरुष मर्माहत हो गया, और सांत्वना देने वालों की आंखें भी नम हो गईं। गांव से पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी, जिससे माहौल और भी गमगीन हो गया। सबसे मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब 4 वर्षीय बेदांत और 7 वर्षीय संस्कृति, मासूम नाती-नातिन अपने दादा-दादी को अर्थी पर देख, उसी पर लेटकर बिलख उठे। उनकी मासूम सिसकियों ने वहां मौजूद हर शख्स के दिल को चीर दिया। शनिवार की सुबह जब दंपति की अर्थी घर से निकली तो सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें भटहर गांव के व्यापारी और आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल थे। सभी ने नम आंखों से दंपति को अंतिम विदाई दी। मृतक दंपति का अंतिम संस्कार गोपीगंज स्थित रामपुर घाट पर किया गया, जहां पूरा माहौल शोक में डूबा रहा। राकेश तिवारी ने बेहतर जीवन की तलाश में कुछ साल पहले मुंबई जाकर भाभा एटॉमिक सेंटर में कर्मचारी के तौर पर काम किया था और अपने परिवार को संवारने में पूरी जिंदगी लगा दी थी, लेकिन एक ही झटके में उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। ग्रामीणों ने कहा कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए, क्योंकि इस हादसे से परिवार पूरी तरह टूट गया।
- वाराणसी में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों और जनजागरण अभियानों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के दौरान, लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया, साथ ही स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि तंबाकू केवल एक बुरी आदत नहीं है, बल्कि यह अनेक घातक बीमारियों की जड़ है। इसके सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, उच्च रक्तचाप और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष लाखों लोग तंबाकू जनित रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, इसलिए इस लत से समय रहते छुटकारा पाना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक करते हुए उन्हें किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया। समाजसेवियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन न करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव होते हैं, और इसलिए सभी को मिलकर नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। सूर्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा रिपोर्ट किए गए इस कार्यक्रम का समापन 'तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें — स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें' के सशक्त संदेश के साथ हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की ग्राम पंचायत उसरांव जीतापुर में श्री महाराजा सुहेलदेव राजभर की एक मूर्ति स्थापित की गई है। इस मूर्ति की स्थापना राजभर समाज द्वारा की गई है, जिसके लिए समाज की तरफ से बहुत-बहुत बधाई व्यक्त की गई।1
- सांसद रवि किशन ने हाल ही में जारी बजट को पूरे उत्तर प्रदेश के कल्याण का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विशेष रूप से महिलाओं, बेटियों, युवाओं, चिकित्सा सुरक्षा और शिक्षा सहित सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रवि किशन ने जोर देकर कहा कि यह बजट समूचे उत्तर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और कल्याण को सुनिश्चित करेगा।1
- जनपद जौनपुर की ग्राम पंचायत हिसामपुर में भगत श्रीराम पूजारी जी ने माता रानी जी की पूजा संपन्न कराई। इस दौरान भगत श्रीराम पूजारी जी ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की।1
- जौनपुर जिले के मछलीशहर स्थित ग्राम सभा मथुरा में न्याय की देवी माता अहिल्या बाई होलकर प्रवेश द्वार का निर्माण माननीय विधायक श्री पंकज पटेल द्वारा कराया गया है। इस उपलब्धि के लिए समस्त मथुरा वासियों के साथ-साथ विशेष रूप से पाल, धनगर, बघेल और गड़ेरिया समाज को ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- जनपद जौनपुर में, होटल रिवर व्यू में राज्यमंत्री के नेतृत्व में 'मन की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के संबोधन को डिजिटल टेलीविजन के माध्यम से सुना गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्री गिरिश चन्द्र यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और सैकड़ों वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।1
- जौनपुर में पुलिस ने एक कार्रवाई की है, जहाँ डुगडुगी बजवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद एक नोटिस भी चस्पा किया गया। हालांकि, मूल जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुलिस ने यह कार्रवाई किस व्यक्ति के घर पर की है, क्योंकि यह एक अनुत्तरित प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1