धौलपुर में वीर एकलव्य निषाद कश्यप सेवा समिति के तत्वावधान में रविवार को छात्र एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व समाजसेवी राकेश बाथम द्वारा मां सरस्वती और निषादराज भगवान के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राकेश बाथम ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन व लगन बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मानित हो रहे विद्यार्थी भविष्य में उच्च प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर समाज व देश का नाम रोशन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने समाज की आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। समारोह के दौरान शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के कक्षा 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं, सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष उपहार और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष कमल सिंह ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर निषाद कश्यप समाज के सैकड़ों समाजबंधु, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
धौलपुर में वीर एकलव्य निषाद कश्यप सेवा समिति के तत्वावधान में रविवार को छात्र एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व समाजसेवी राकेश बाथम द्वारा मां सरस्वती और निषादराज भगवान के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राकेश बाथम ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन व लगन बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मानित हो रहे विद्यार्थी भविष्य में उच्च प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर समाज व देश का नाम रोशन करेंगे। इसके साथ ही
उन्होंने समाज की आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। समारोह के दौरान शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के कक्षा 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं, सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष उपहार और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष कमल सिंह ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर निषाद कश्यप समाज के सैकड़ों समाजबंधु, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
- धौलपुर के भभूतिपुरा गांव के समीप बाबू महाराज मंदिर पर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए जगन गुर्जर की 12वीं की रस्म और पगड़ी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान आयोजित बैठक में जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद राज्य सरकार के सामने रखी गई पांच प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रशासन के आश्वासन के बावजूद अब तक इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बैठक को संबोधित करते हुए प्रह्लाद खटाना और रामवीर पोसवाल ने बताया कि 29 जून को जगन गुर्जर की हत्या के बाद अजमेर में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के साथ वार्ता हुई थी। उस समय हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, अजमेर जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने, जगन को जेल भेजने वाले बाड़ी कोतवाली थाना अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने और जगन के पुत्र आशाराम व परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने सहित पांच मांगें रखी गई थीं। नेताओं का कहना है कि घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा किसी भी मांग पर अमल नहीं किया गया है। प्रशासन की तरफ से केवल जगन गुर्जर के भाई पान सिंह और लाल सिंह को कुछ समय के लिए पैरोल पर गांव भेजा गया है। बैठक में समाज के लोगों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे बड़ा प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और इसके लिए आने वाले दिनों में व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।3
- भरततिवारी के फर्जी एनकाउंटर से देश की जनता में भारी आक्रोश है और लोग जगह-जगह कैंडल रैली निकालकर आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना को लेकर जनता की पांच प्रमुख मांगें हैं, जिनमें भरततिवारी को शहीद का दर्जा देने, उनके गांव का नाम भरततिवारी रखने, उनके परिवार को आर्थिक सहायता तथा सरकारी नौकरी देने और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग शामिल है। इसी बीच, कल 11 जुलाई की दोपहर बिहार के हाजीपुर (वैशाली) में एक हैरान करने वाली घटना घटी। सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर जैसे ही उड़ान भरकर 150 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, भरततिवारी की आत्मा ने उसे पकड़ लिया, जिसके कारण हेलीकॉप्टर चार मिनट तक हवा में एक ही जगह स्थिर रहा और आगे या ऊपर नहीं बढ़ पाया। इससे घबराए सम्राट चौधरी सोचने लगे कि कहीं यह मौत से सामना तो नहीं है और क्या यह भरततिवारी की आत्मा का ही काम है। उस वक्त नीचे स्टेडियम में मौजूद जनता हेलीकॉप्टर क्रैश होने के डर से भाग खड़ी हुई, जबकि कुछ लोग सोच रहे थे कि पापी का अंत करने के लिए अगर यह हेलीकॉप्टर क्रैश हो जाता तो बढ़िया रहता। आखिरकार चार-पांच मिनट बाद हेलीकॉप्टर आगे बढ़ा, लेकिन सम्राट चौधरी को चेतावनी दी गई है कि किसी और दिन उन्हें हेलीकॉप्टर में ही लपेट दिया जाएगा।2
- धौलपुर जिले के दिहौली थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में शनिवार-रविवार की रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोरों ने एक ही रात में गांव के करण सिंह और वासुदेव शर्मा के दो घरों को निशाना बनाया। चोर इन घरों से लाखों रुपये के कीमती सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेट ले गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब चोरी की यह वारदात हो रही थी, तब दोनों परिवारों के लोग अपने घरों में सो रहे थे, लेकिन किसी को भी चोरों की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब पीड़ित परिवारों के सदस्य जागे, तो कमरों का सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। अलमारियों और बक्सों के ताले टूटे हुए थे और उनमें रखे लाखों के गहने व नकदी गायब थे। ग्रामीणों की सूचना के बाद दिहौली थाने की पुलिस तुरंत दलबल के साथ सुंदरपुर गांव पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं और दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद कर लिया जाएगा।4
- धौलपुर के नगर परिषद सभागार में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत जिलास्तरीय जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत एसपी विकास सांगवान ने दीप प्रज्वलित कर की। समारोह में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, एएसपी वैभव शर्मा और सीओ कृष्णराज जांगिड सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान आयोजित किए गए आत्मरक्षा प्रदर्शन के साथ-साथ उपस्थित महिलाओं को महिला हेल्पलाइन, राजकॉप ऐप, साइबर-1930, वन स्टॉप सेंटर और पॉक्सो-SHE-Box के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसपी विकास सांगवान ने संबोधित करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और इसे सुदृढ़ बनाने के लिए समाज की सहभागिता बेहद जरूरी है।4
- राजस्थान के धौलपुर जिले के बासेड़ी क्षेत्र के एक गाँव में सड़क और नाली की कभी भी मरम्मत नहीं की गई है। यहाँ के सरपंच पिछले 5 सालों से कोई भी काम नहीं करा रहे हैं। सड़क और नाली दोनों की इस बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक गाँव में कोई सुधार या मरम्मत का काम नहीं हुआ है।1
- भिंड और मुरैना अंचल के वीर सपूत शहीद इसेन्द्र सिंह भदौरिया जी का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। किशूपुरा भिंड के रहने वाले इसेन्द्र सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में डीएससी महाराजपुरा ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन पर पदस्थ थे। कल अचानक तबियत बिगड़ने के कारण वे वीरगति को समर्पित हो गए। उनकी अंतिम विदाई के दौरान सैन्य सम्मान में 3 बिहार रेजीमेंट, डीएससी प्लाटून और एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके साथ ही, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी शहादत को सलाम किया। अंचल के इस वीर सपूत के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।2
- पोरसा के राजौधा स्थित सांदीपनि विद्यालय में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मधुमेह के कारणों, इसके बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। कार्यशाला के दौरान राजेश श्रीवास्तव ने सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर के "मधुमेह मुक्त भारत" के सपने का जिक्र किया, जिसके तहत देश भर में यह अभियान चलाया जा रहा है। शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने बताया कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज इंसुलिन के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचता है और ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है। इस प्रक्रिया के प्रभावित होने पर ही मधुमेह की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने भोजन के समय टीवी या मोबाइल न देखने तथा भोजन में केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय दाल, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी बताया कि मधुमेह रोगियों को चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ की सलाह पर कार्बोहाइड्रेट की नियंत्रित मात्रा ही लेनी चाहिए। इस दौरान अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में हर महीने ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया। संतोष उपाध्याय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- बिहार के पटना हाईकोर्ट के वकील कोसिलेन्द्र ने पुलिस से आक्रोशित होकर मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में पुलिसकर्मियों को भयंकर बद्दुआएं दी हैं। वकील ने बेहद गुस्से में कहा है कि ये पुलिसकर्मी घुट-घुट कर मरें और ईश्वर इन्हें पचास रोग दे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए यहाँ तक कह दिया कि ये आँख से अंधे हों, इनका हार्ट और किडनी खराब हो जाए, इन्हें कैंसर हो और इन्हें फांसी की सजा मिले। वकील कोसिलेन्द्र की इस भारी नाराजगी और आक्रोश की मुख्य वजह पुलिस का भ्रष्टाचार है। उनका कहना है कि इन पुलिसकर्मियों ने भ्रष्टाचार की खातिर एक माँ से उसका बेटा छीन लिया है। इसी वजह से बेहद उत्तेजित होकर उन्होंने मीडिया के सामने पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपना यह बयान जारी किया है।2