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बिहार के पटना हाईकोर्ट के वकील कोसिलेन्द्र ने पुलिस से आक्रोशित होकर मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में पुलिसकर्मियों को भयंकर बद्दुआएं दी हैं। वकील ने बेहद गुस्से में कहा है कि ये पुलिसकर्मी घुट-घुट कर मरें और ईश्वर इन्हें पचास रोग दे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए यहाँ तक कह दिया कि ये आँख से अंधे हों, इनका हार्ट और किडनी खराब हो जाए, इन्हें कैंसर हो और इन्हें फांसी की सजा मिले। वकील कोसिलेन्द्र की इस भारी नाराजगी और आक्रोश की मुख्य वजह पुलिस का भ्रष्टाचार है। उनका कहना है कि इन पुलिसकर्मियों ने भ्रष्टाचार की खातिर एक माँ से उसका बेटा छीन लिया है। इसी वजह से बेहद उत्तेजित होकर उन्होंने मीडिया के सामने पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपना यह बयान जारी किया है।
Vimal Kashyap
बिहार के पटना हाईकोर्ट के वकील कोसिलेन्द्र ने पुलिस से आक्रोशित होकर मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में पुलिसकर्मियों को भयंकर बद्दुआएं दी हैं। वकील ने बेहद गुस्से में कहा है कि ये पुलिसकर्मी घुट-घुट कर मरें और ईश्वर इन्हें पचास रोग दे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए यहाँ तक कह दिया कि ये आँख से अंधे हों, इनका हार्ट और किडनी खराब हो जाए, इन्हें कैंसर हो और इन्हें फांसी की सजा मिले। वकील कोसिलेन्द्र की इस भारी नाराजगी और आक्रोश की मुख्य वजह पुलिस का भ्रष्टाचार है। उनका कहना है कि इन पुलिसकर्मियों ने भ्रष्टाचार की खातिर एक माँ से उसका बेटा छीन लिया है। इसी वजह से बेहद उत्तेजित होकर उन्होंने मीडिया के सामने पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपना यह बयान जारी किया है।
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- धौलपुर में पूर्व पार्षद शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी द्वारा निर्मित 'जन सेवा भवन' का रविवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। इस भवन का उद्घाटन पूर्व सभापति रघुवीर सिंह चौधरी और पंडित दुर्गादत्त शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर किया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत पूजा-अर्चना और हवन के साथ संपन्न हुई। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने इस निर्माण को जनहित की दिशा में एक सराहनीय पहल बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान पूर्व सांसद डॉ. मनोज राजोरिया और पूर्व सांसद अशोक अर्गल ने शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर विशेष सम्मान किया। इस अवसर पर पंडित दुर्गादत्त शास्त्री ने कहा कि यह भवन आमजन की समस्याओं के समाधान और जनहित कार्यों के संचालन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पूर्व सभापति रघुवीर सिंह चौधरी और पूर्व सांसद अशोक अर्गल ने भी इस विचार को दोहराते हुए कहा कि यह समर्पित केंद्र सामाजिक सरोकारों, जनसुनवाई, जनसंपर्क और जरूरतमंदों की मदद के लिए नियमित गतिविधियों का गवाह बनेगा। पूर्व सांसद डॉ. मनोज राजोरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को एक मंच पर लाना और जनता व जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। इस गरिमामयी समारोह में पूर्व विधायक रानी सिलौटिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पाराशर, पूर्व प्रधान देवेंद्र प्रताप सिंह जादौन, पूर्व आरसीए सचिव सोमेंद्र तिवारी, और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव जाहिद कुरैशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय भाजपा नेता, अधिवक्ता, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर पूर्व पार्षद शैलेंद्र यादव और अकील अहमद बॉबी ने समारोह में आए सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार जताया।3
- मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।1
- मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।1
- मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।4
- धौलपुर में इस समय उस क्रांतिवीर भरत तिवारी की बहादुरी की चर्चा है, जिसने अपने एनकाउंटर से ठीक पहले मौत के सामने भी हार नहीं मानी। अपनी मौत को बिल्कुल करीब देखकर भी हंसने वाले भरत तिवारी का केस अब चिराग पासवान लड़ेंगे। खुद को भागने वालों में से न बताने वाले भरत तिवारी ने पुलिस के सामने अपना फौलादी सीना तान दिया और हंसते हुए उन्हें सीने पर ही गोली मारने की खुली चुनौती दे डाली। भरत तिवारी ने जाते-जाते पुलिसकर्मियों से साफ कह दिया था कि यह देश उनके इस बलिदान को कभी जाया नहीं जाने देगा। एनकाउंटर के वक्त जब उन पर फायर किए जा रहे थे, तब वह रोने के बजाय हंस रहे थे और अपने दमदार डायलॉग्स से पुलिसकर्मियों को ही शर्मिंदा कर रहे थे। अब इस घटना के बाद देश के सोए हुए लोग जाग गए हैं और चिराग पासवान ने उनका केस लड़ने की घोषणा कर दी है। आमतौर पर गरीबों को धमकी या पैसे देकर दबा दिया जाता है, लेकिन यहाँ लोहा ही लोहे को काटेगा क्योंकि सम्राट चौधरी न तो पासवान को धमकी दे सकते हैं और न ही उन्हें खरीद सकते हैं। सोशल मीडिया और लोगों के मोबाइल में भरत तिवारी के करोड़ों वीडियो कैद हो चुके हैं, जिससे वह फिल्म इंडस्ट्री की तरह ही हर तरफ रोशन हो गए हैं। एनकाउंटर से ठीक पहले ही अपनी अंत घड़ी को भांपकर पुलिस को सीने पर गोली मारने की इजाजत देने वाले भरत तिवारी को एक असली क्रांतिवीर के रूप में देखा जा रहा है।2
- मुरैना के जौरा में सेवानिवृत्ति के बाद पहली बार अपने गृहनगर पहुंचे देश के पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जितेंद्र माहेश्वरी का शनिवार को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्वागत किया गया। न्यू बस स्टैंड से लेकर मनकामेश्वर महादेव मंदिर तक हजारों नागरिकों का जनसैलाब उनके स्वागत के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ा। इस दौरान पूरे मार्ग में स्वागत द्वार, पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और आतिशबाजी के साथ सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं विभिन्न संगठनों ने उनका माल्यार्पण कर सम्मान किया। स्वागत यात्रा के दौरान पुरानी सब्जी मंडी स्थित मस्जिद के पास मुस्लिम समाज के लोगों ने तिरंगा लहराकर उनका आत्मीय स्वागत किया, जो सामाजिक सद्भाव और जौरा की गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने कहा कि उन्होंने जीवनभर अपने कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुए ईमानदारी, निष्ठा और निष्पक्षता के साथ कार्य किया है। उन्होंने युवाओं से कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र कर्म के प्रति समर्पण और ईमानदारी है। अपने संघर्षपूर्ण सफर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा जौरा के शासकीय विद्यालयों में हुई, जिसके बाद उन्होंने मुरैना से स्नातक और ग्वालियर में अपने गुरु वरिष्ठ अधिवक्ता लहोटिया जी के मार्गदर्शन में वकालत की शुरुआत की। उन्होंने अपनी प्रेरणा का श्रेय अपने पिता और बड़े भाई स्वर्गीय कौशल माहेश्वरी को दिया, जो बिना शुल्क के निर्धनों के मुकदमे लड़ते थे। न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए उन्होंने मनकामेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के गठन में सहयोग किया, जिसके माध्यम से आज मंदिर परिसर में बच्चों के लिए आवास सहित निःशुल्क वैदिक पाठशाला संचालित की जा रही है। जौरा के नागरिकों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले इस क्षेत्र के पहले व्यक्ति के रूप में न्यायमूर्ति जितेंद्र माहेश्वरी ने पूरे जौरा और मुरैना जिले का नाम देशभर में गौरवान्वित किया है और नई पीढ़ी के सामने संघर्ष, सादगी और ईमानदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।1
- भरतपुर के रूपवास कस्बे के योगी मोहल्ले में चोरों ने एक सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित धीरज पुत्र गुलशन कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मायके गई हुई थी और शुक्रवार शाम को वे खुद गोवर्धन परिक्रमा के लिए चले गए थे। शनिवार अलसुबह पास में ही रहने वाले उनके पिताजी ने जब धीरज के घर की लाइट जलती देखी, तो वे अंदर गए। वहां कमरे का सारा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। चोरी की सूचना मिलते ही थानाधिकारी विनोद मीणा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने के निर्देश दिए हैं। वहीं, साक्ष्य जुटाने के लिए भरतपुर से एफएसएल (FSL) टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पीड़ित धीरज के अनुसार, चोर उनके घर से 2 सोने की अंगूठी, 1 मंगलसूत्र, 1 ओम लॉकेट, 2 वाली, चांदी के कड़े, पायल और 2 सिक्के चोरी कर ले गए हैं। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1