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मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।

5 hrs ago
user_User7480
User7480
Ambah, Morena•
5 hrs ago

मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।

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  • पोरसा के राजौधा स्थित सांदीपनि विद्यालय में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मधुमेह के कारणों, इसके बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। कार्यशाला के दौरान राजेश श्रीवास्तव ने सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर के "मधुमेह मुक्त भारत" के सपने का जिक्र किया, जिसके तहत देश भर में यह अभियान चलाया जा रहा है। शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने बताया कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज इंसुलिन के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचता है और ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है। इस प्रक्रिया के प्रभावित होने पर ही मधुमेह की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने भोजन के समय टीवी या मोबाइल न देखने तथा भोजन में केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय दाल, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी बताया कि मधुमेह रोगियों को चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ की सलाह पर कार्बोहाइड्रेट की नियंत्रित मात्रा ही लेनी चाहिए। इस दौरान अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में हर महीने ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया। संतोष उपाध्याय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
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    पोरसा के राजौधा स्थित सांदीपनि विद्यालय में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मधुमेह के कारणों, इसके बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है।

कार्यशाला के दौरान राजेश श्रीवास्तव ने सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर के "मधुमेह मुक्त भारत" के सपने का जिक्र किया, जिसके तहत देश भर में यह अभियान चलाया जा रहा है। शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने बताया कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज इंसुलिन के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचता है और ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है। इस प्रक्रिया के प्रभावित होने पर ही मधुमेह की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं।

विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने भोजन के समय टीवी या मोबाइल न देखने तथा भोजन में केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय दाल, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी बताया कि मधुमेह रोगियों को चिकित्सक एवं आहार विशेषज्ञ की सलाह पर कार्बोहाइड्रेट की नियंत्रित मात्रा ही लेनी चाहिए। इस दौरान अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।

इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में हर महीने ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया। संतोष उपाध्याय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।
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    मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    5 hrs ago
  • मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।
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    मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।
    user_Aditya Sarwan
    Aditya Sarwan
    Local News Reporter अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।
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    मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।
    user_Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
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    मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है।

पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
    user_पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मुरैना के अंबाह अंतर्गत थरा गांव की बेटी खुशी तोमर का मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर चयन हुआ है। हाल ही में घोषित हुए पुलिस सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल कर वह सीधे इस पद पर चयनित होने वाली अपने गांव की पहली बेटी बन गई हैं। खुशी के गांव प्रथम आगमन पर ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। खुशी तोमर के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता से गांव की रूढ़िवादिता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। स्वागत यात्रा के दौरान खुशी ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निवास स्थान पर गांव के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। खुशी दो भाई-बहनों में छोटी हैं। उनके भाई और भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने खुशी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बहन ने गांव का नाम रोशन किया है और वह गांव की अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल और आदर्श बन गई हैं। थरा गांव से पहले भी कई प्रतिभाओं ने देश स्तर पर नाम रोशन किया है, जिनमें आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कैडर में सेवाएं दे रहे संदीप राजोरिया और आईईएस (भारतीय अभियांत्रिकी सेवा) में चयनित होकर सेवाएं दे रहे दीपू तोमर (पुत्र प्रान सिंह तोमर) शामिल हैं। अब खुशी तोमर ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने दादा सुरेश सिंह तोमर और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।
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    मुरैना के अंबाह अंतर्गत थरा गांव की बेटी खुशी तोमर का मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर चयन हुआ है। हाल ही में घोषित हुए पुलिस सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल कर वह सीधे इस पद पर चयनित होने वाली अपने गांव की पहली बेटी बन गई हैं। खुशी के गांव प्रथम आगमन पर ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।

खुशी तोमर के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता से गांव की रूढ़िवादिता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। स्वागत यात्रा के दौरान खुशी ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निवास स्थान पर गांव के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। खुशी दो भाई-बहनों में छोटी हैं।

उनके भाई और भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने खुशी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बहन ने गांव का नाम रोशन किया है और वह गांव की अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल और आदर्श बन गई हैं। थरा गांव से पहले भी कई प्रतिभाओं ने देश स्तर पर नाम रोशन किया है, जिनमें आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कैडर में सेवाएं दे रहे संदीप राजोरिया और आईईएस (भारतीय अभियांत्रिकी सेवा) में चयनित होकर सेवाएं दे रहे दीपू तोमर (पुत्र प्रान सिंह तोमर) शामिल हैं। अब खुशी तोमर ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने दादा सुरेश सिंह तोमर और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मुरैना के अंबाह में रोड दंडवत यात्रा के आंदोलनकारी नवनीत सिंह तोमर को जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण जनों ने नवनीत को जेल से छुड़ाने के लिए एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। नवनीत सिंह तोमर की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का यह आंदोलन लगातार जारी है।
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    मुरैना के अंबाह में रोड दंडवत यात्रा के आंदोलनकारी नवनीत सिंह तोमर को जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण जनों ने नवनीत को जेल से छुड़ाने के लिए एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। नवनीत सिंह तोमर की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का यह आंदोलन लगातार जारी है।
    user_Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
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    मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया।

सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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