मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
मुरैना के पोरसा में नगर पालिका परिषद के सभागार में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त द्वारा ली गई बैठक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अवधेश सिंह सेंगर ने की, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने और घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा संग्रहण करने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर, अकाउंटेंट बृज किशोर तिवारी, जीशान कुरैशी, धर्मेंद्र, जॉनी वाल्मीकि, नंदकिशोर पाथरे और राम लखन सहित नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नागरिकों से घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई, ताकि नगर पालिका की कचरा गाड़ियों में मौजूद अलग-अलग डिब्बों के माध्यम से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में रसोई के खाद्य अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके शामिल हैं जिससे खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है जिसे रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। बैठक में अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से निकलने वाले संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी विशेष चर्चा की गई। सीएमओ ने साफ किया कि यह चिकित्सा कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलना चाहिए और इसका निस्तारण नियमों के तहत अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही होना चाहिए। शहर के लोगों को जागरूक करने के लिए पोरसा में जल्द ही मुनादी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। सीएमओ ने नागरिकों से सड़क, नाली या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने तथा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की। अंत में सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए ताकि पोरसा को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सके।
- मुरैना जिले के पोरसा स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बहुत ही सरल और वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, इससे बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति से सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना 'मधुमेह मुक्त भारत' का निर्माण करना है और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है, जिससे डरने के बजाय समझने की जरूरत है। उन्होंने इंसुलिन की भूमिका और जंक फूड व अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने से हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करती है। स्वास्थ्य प्रचारक ने 'उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार' का मंत्र देते हुए बच्चों को भोजन के दौरान टीवी या मोबाइल न देखने और संतुलित भोजन अपनाने की सलाह दी। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक व पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं हर महीने आयोजित करने का सुझाव दिया, जबकि संचालन संतोष उपाध्याय ने किया। कार्यशाला के अंत में विद्यालय के समस्त शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा में स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सरल एवं वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना "मधुमेह मुक्त भारत" का निर्माण करना है, और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग समय रहते इससे बचाव कर सकें। राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। उन्होंने बच्चों को जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों और असंतुलित खानपान के दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने पर हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और संतुलित पोषण शामिल करने की सलाह दी। साथ ही, भोजन करते समय मोबाइल फोन या टीवी देखने की आदत से बचने और चिकित्सकों या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही कार्बोहाइड्रेटयुक्त खाद्य पदार्थों का नियंत्रित मात्रा में सेवन करने की बात कही। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं प्रदान करती है। इस कार्यक्रम के आयोजक विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा रहे, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं प्रत्येक माह आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन संतोष उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें विद्यालय के समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- धौलपुर में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया गया है कि वे अपना बचाव करने के लिए अपनी सफाई में लगातार झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। अत्यंत आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि पुलिस वालों को यह नहीं पता कि उनके इस तरह झूठ बोलने पर जनता उन्हें 'हरामी', 'सूअर' और 'कुत्ता' जैसी गालियां देगी। इस पूरे मामले का सच फायरिंग होने से पहले ही सबके सामने आ चुका था। एपिसोड- 0A-121 के तहत सामने आई इस जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी ने अपने मोबाइल से एक ऐसा खेल खेला जिसे पुलिस वाले समझ ही नहीं पाए। उन्होंने अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन लाइव करना शुरू कर दिया था, जिसे सारे भारतवासियों ने देखा। जिन लोगों ने उस समय इसे लाइव नहीं देखा था, उन्होंने भी बाद में इस वीडियो को देखकर पूरा सच जान लिया कि आखिर यह एनकाउंटर कैसे हुआ था।1
- आगरा में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने सरकार के खिलाफ "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" का नारा देते हुए कड़ा रुख अपनाया। राम मंदिर चोरी प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस पूरे मामले में की जा रही एसआईटी (SIT) की जांच बेहद नाकाफी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। प्राथमिकी (FIR) में मुख्य लोगों का नाम शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल छोटी मछलियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। पायलट ने उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि जनता के इन तमाम तीखे सवालों का जवाब देने के लिए सरकार को खुद आगे आना चाहिए।1
- मुरैना जिले के पोरसा में गांधीनगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस सत्संग में आश्रम की संचालिका बीके रेखा बहन ने श्रद्धालुओं को दया, करुणा और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दया मानव का सबसे अमूल्य आभूषण है और जो व्यक्ति अपने जीवन में दया, प्रेम व सहानुभूति को अपनाता है, उस पर परमपिता परमात्मा की असीम कृपा सदैव बनी रहती है। बीके रेखा बहन ने अपने प्रवचन में आगे कहा कि दयावान व्यक्ति न केवल स्वयं सुख, शांति और संतोष का अनुभव करता है, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने दूसरों के दुख-दर्द को समझकर उनकी सहायता करने को ही सच्ची मानवता बताया। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्यों को अपने भीतर करुणा, क्षमा और दयाभाव जैसे दिव्य गुणों का विकास करने की सलाह देते हुए उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने दैनिक जीवन में दया को व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सफल संचालन बीके भाग्यश्री बहन एवं बीना बहन द्वारा किया गया। सत्संग के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विश्व कल्याण एवं मानवता के उत्थान के लिए सामूहिक प्रार्थना की और राजयोग ध्यान का अभ्यास किया।1
- मुरैना के अम्बाह में आंदोलन स्थल से नवनीत तोमर को अपने साथ ले जा रही पुलिस का अचानक रास्ते में विवाद हो गया। यह तीखा विवाद नवनीत तोमर, उनके परिजनों और पुलिस के बीच हुआ। इस घटना के बाद 'रोड दंडावत यात्रा' के आंदोलनकारी पुलिस के रवैये को देखकर पूरी तरह से बौखला गए हैं। परिजनों और आंदोलनकारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर पुलिस रास्ते में ऐसा क्या करना चाहती थी जिससे यह विवाद खड़ा हुआ।1
- मुरैना के अंबाह में जोंहा रोड आंदोलनकारी नवनीत तोमर पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासनिक अमले द्वारा सिविल हॉस्पिटल अंबाह में उनका डॉक्टरी परीक्षण करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।1