*60 फीट ऊंचे ठाकुरजी के रथ को खींचने के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़; रंगनाथ भगवान के जयकारों से गूंजा वृंदावन* वृंदावन। धर्म नगरी वृंदावन में दक्षिणात्य शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में चल रहे दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में शुक्रवार को भगवान गोदारंगमन्नार ने चंदन की लकड़ी से निर्मित विशालकाय रथ पर विराजमान हो अपने भक्तों को दर्शन देकर कृतार्थ किया। उत्तर भारत के प्रसिद्ध रथ का मेला के नाम से विख्यात इस दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में जहां भगवान गोदारंगमन्नार प्रतिदिन सुबह शाम सोने-चांदी के दिव्य वाहनों पर विराजमान होकर मंदिर से रंगजी के बड़े बगीचा तक भ्रमण कर रहे हैं।वहीं ब्रह्मोत्सव के सातवें दिन ठाकुरजी ने चंदन की लकड़ी से बने विशाल रथ पर विराजमान होकर भ्रमण किया। प्रातःकाल मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य विधिविधान से पूजा अर्चना कर ठाकुरजी को रथ में विराजमान किया। करीब 15 फुट चौड़े, 20 फुट लंबे और 50 फुट ऊंचे रथ की छवि देखते ही बन रही थी। उच्चश्रेवा नामक चार श्वेत घोड़ों की लगाम थामे पार्षद, मुख्य पार्षद जय विजय, दिग्पाल, विश्वकसेन जी आदि देवताओं से सुसज्जित रथ पर सजी रंगबिरंगी पताकाएं, देशी विदेशी सुगन्धित पुष्प, केलि के तने, हरे पत्ते आदि से सुसज्जित रथ का आकर्षण अपनी दिव्यता से भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। बैंडबाजे एवं दक्षिण शैली के वाद्य यंत्रों की धार्मिक धुनों के मध्य मंदिर से शुरू हुई रथ की सवारी सवारी बड़े बगीचा पहुंची। जहां कुछ देर विश्राम के बाद सवारी पुनः मंदिर आकर संपन्न हुई। वहीं रथ का मेला देखने के लिए नगर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और विशालकाय रथ को खीचकर पुण्य कमाने के लिए भक्तों में होड़ सी लग गई। वहीं हजारों भक्तों ने विशाल रथ में विराजमान ठाकुरजी के दर्शन एवं रथ को खींचकर स्वयं को धन्य किया। इसके साथ ही आनन्दित भक्त जयघोष करने लगे, जिससे चारों ओर भगवान रंगनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठे।
*60 फीट ऊंचे ठाकुरजी के रथ को खींचने के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़; रंगनाथ भगवान के जयकारों से गूंजा वृंदावन* वृंदावन। धर्म नगरी वृंदावन में दक्षिणात्य शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में चल रहे दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में शुक्रवार को भगवान गोदारंगमन्नार ने चंदन की लकड़ी से निर्मित विशालकाय रथ पर विराजमान हो अपने भक्तों को दर्शन देकर कृतार्थ किया। उत्तर भारत के प्रसिद्ध रथ का मेला के नाम से विख्यात इस दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में जहां भगवान
गोदारंगमन्नार प्रतिदिन सुबह शाम सोने-चांदी के दिव्य वाहनों पर विराजमान होकर मंदिर से रंगजी के बड़े बगीचा तक भ्रमण कर रहे हैं।वहीं ब्रह्मोत्सव के सातवें दिन ठाकुरजी ने चंदन की लकड़ी से बने विशाल रथ पर विराजमान होकर भ्रमण किया। प्रातःकाल मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य विधिविधान से पूजा अर्चना कर ठाकुरजी को रथ में विराजमान किया। करीब 15 फुट चौड़े, 20 फुट लंबे और 50 फुट ऊंचे रथ की छवि देखते ही बन रही
थी। उच्चश्रेवा नामक चार श्वेत घोड़ों की लगाम थामे पार्षद, मुख्य पार्षद जय विजय, दिग्पाल, विश्वकसेन जी आदि देवताओं से सुसज्जित रथ पर सजी रंगबिरंगी पताकाएं, देशी विदेशी सुगन्धित पुष्प, केलि के तने, हरे पत्ते आदि से सुसज्जित रथ का आकर्षण अपनी दिव्यता से भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। बैंडबाजे एवं दक्षिण शैली के वाद्य यंत्रों की धार्मिक धुनों के मध्य मंदिर से शुरू हुई रथ की सवारी सवारी बड़े बगीचा पहुंची। जहां कुछ देर
विश्राम के बाद सवारी पुनः मंदिर आकर संपन्न हुई। वहीं रथ का मेला देखने के लिए नगर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और विशालकाय रथ को खीचकर पुण्य कमाने के लिए भक्तों में होड़ सी लग गई। वहीं हजारों भक्तों ने विशाल रथ में विराजमान ठाकुरजी के दर्शन एवं रथ को खींचकर स्वयं को धन्य किया। इसके साथ ही आनन्दित भक्त जयघोष करने लगे, जिससे चारों ओर भगवान रंगनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठे।
- Post by Brajvir Singh1
- Post by Subhash Chand1
- बरसाना की लठामार होली देखकर लौट रहे तीन दोस्तों में से दो दोस्तों की नंदगांव के अश्वेश्वर कुंड में डूबने से मौत हो गई थी। जिसमें में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मृतक दोस्तों के ही दोस्त को हत्या का दोषी पाया। कुंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपित कार्तिक अपने ही दोनों दोस्तों को कुंड में धक्का दे रहा था। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 25 फरवरी को कोसीकलां के मीना नगर निवासी सक्षम उम्र15 वर्ष व ऑफीसर्स कॉलोनी निवासी रवि उम्र 17 वर्ष उनका दोस्त कार्तिक बरसाना की लठामार होली देखकर घर जा रहे थे। तभी तीनों दोस्त स्नान करने के लिए नंदगांव में स्थित आशेश्वर कुंड पर रुक गए। इस दौरान स्नान करने वक्त सक्षम व रवि की डूबने से मौत हो गई। दोनों दोस्तों की डूबने की सूचना कार्तिक ने चार घंटे बाद अपने स्वजनों को दी, लेकिन जबतक दोनों की मौत हो गई थी। देर रात पुलिस में कुंड से दोनों के शव को बाहर निकलवाया। जबकि मृतक दोनों 11 वीं क्लास के छात्र थे वहीं आरोपी दोस्त कार्तिक नौवीं क्लास का स्टूडेंट है। 25 फरवरी को तीनों बाइक से बरसाना की लट्ठमार होली देखने गए थे। सक्षम के पिता रामकिशन ने बताया कि आरोपी छात्र ही घर से दोनों को बुलाकर ले गया था। होली देखकर तीनों दोस्त घर लौट रहे थे। रास्ते में तीनों आशेश्वर महादेव स्थित कुंड पहुंच गए। यहां तीनों दोस्त नहाने लगे। इस दौरान रवि और सक्षम कुंड में गहरे पानी में चले गए। डूबने से उनकी मौत हो गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे आरोपी सक्षम और रवि के घर पहुंचा। बताया कि दोनों की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहले सक्षम का शव बरामद किया। फिर दूसरे दिन रवि का शव कुंड से बाहर निकाला। थाना प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी में सक्षम दिख रहा था धक्का देता बरसाना: सक्षम की बॉडी जब पानी से बाहर निकाल गई तो उसकी टीशर्ट फटी हुई थी। तब परिजनों ने पुलिस से कहा कि बेटे की हत्या हुई है। मारपीट में ही उसकी शर्ट फटी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मामले की जांच शुरू की। 7 मार्च को पुलिस ने कुंड के पास में लगा एक सीसीटीवी देखा। इसमें दिख रहा है कि आरोपी छात्र दोनों को खींचकर पानी की तरफ ढकेल रहा है। इसके बाद पुलिस ने सक्षम के पिता की शिकायत पर आरोपी पर केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी परिवार समेत फरार हो गया। दोस्तों को धक्का देने के बाद चुपचाप निकला आरोपी बरसाना: करीब 3 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है। तीनों दोस्त कुंड की सीढ़ियों पर हैं। इसमें दो लोग नहाने के बाद सीढ़ियों पर बैठ जाते हैं। सक्षम टीशर्ट पहने हुए है। वह सीढ़ियों पर बैठा हुआ है। तभी आरोपी छात्र हाथ पकड़कर उसे खींचता है। उसे धक्का देते हुए कुंड के पानी की तरफ ले जाता है। किनारे पर जाकर पानी में दोनों दोस्तों को धक्का दे देता है। करीब 45 सेकंड बाद आरोपी अकेला ही कुंड की सीढ़ियों से ऊपर आता है। सीढ़ियों के पास कुछ लोग बैठे होते हैं। वह किसी से बिना बोले तेजी से बाहर निकल गया। घर का इकलौता बेटा था सक्षम बरसाना: सक्षम अपने घर का अकेला बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। वहीं, रवि तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी एक बहन है। पिता राम किशन ने बताया कि बेटा सक्षम पढाई में होनहार था। हाईस्कूल में वह अच्छे नंबर लाया था। मैं मजदूरी कर उसे पढ़ा रहा था। जबकि रवि के पिता भगवान सिंह एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं।1
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter4
- भगत वर्षों की भांति रंगनाथ मंदिर में इस बार भी रथ यात्रा का आयोजन किया गया, वृंदावन में परंपरागत चली आ रही रथ यात्रा निकल गई जहां उमड़ी हजारों भक्तों की भीड़ नैना केवल दर्शन किए बल्कि रथ खींचकर एक परंपरा को आगे बढ़ने का काम किया है4
- मथुरा:- शादी में हुआ महाभारत जमकर हुई मारपीट कई लोग घायल,1
- Post by Rakesh dixit1
- Post by Subhash Chand1