एक वर्ष से खराब पड़े 100 से अधिक सरकारी हैंडपंप, ग्रामीणों को पेयजल संकट चुर्रासकतपुर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी की भारी समस्या, शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान पीलीभीत।बीसलपुर क्षेत्र के गांव चुर्रासकतपुर और उसके आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लगे हैंडपंप या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या उनमें से दूषित पानी निकल रहा है, जिससे लोगों की समस्या और बढ़ गई है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से हैंडपंप खराब होने के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी का मौसम नजदीक आते ही समस्या और गंभीर होती जा रही है। चुर्रासकतपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मीरपुर, वाहनपुर, रिछोला, सबल महादेवा, चेना, अभयपुर, भगवंतपुर, चौसर पटनिया, परेवा, मितेपुर, किशनी, सौहरा, खाकूम, रिछोला घासी, गुजरानपुर, ललौर, सिसैया, शयार, जल्लापुर, राजुपुर और भौरूऔ समेत करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई सड़क मार्गों पर लगे हैंडपंप खराब होने के कारण राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। पहले ये हैंडपंप यात्रियों और राहगीरों के लिए राहत का साधन होते थे, लेकिन अब बंद पड़े होने से लोगों को निराशा हाथ लग रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराकर पेयजल की व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो वे इस मामले की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडे से करेंगे और समस्या के समाधान की मांग करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्र में पेयजल संकट दूर कराने की मांग की है।
एक वर्ष से खराब पड़े 100 से अधिक सरकारी हैंडपंप, ग्रामीणों को पेयजल संकट चुर्रासकतपुर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी की भारी समस्या, शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान पीलीभीत।बीसलपुर क्षेत्र के गांव चुर्रासकतपुर और उसके आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लगे हैंडपंप या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या उनमें से दूषित पानी निकल रहा है, जिससे लोगों की समस्या और बढ़ गई है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से हैंडपंप खराब होने के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी का मौसम नजदीक आते ही समस्या और गंभीर
होती जा रही है। चुर्रासकतपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मीरपुर, वाहनपुर, रिछोला, सबल महादेवा, चेना, अभयपुर, भगवंतपुर, चौसर पटनिया, परेवा, मितेपुर, किशनी, सौहरा, खाकूम, रिछोला घासी, गुजरानपुर, ललौर, सिसैया, शयार, जल्लापुर, राजुपुर और भौरूऔ समेत करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई सड़क मार्गों पर लगे हैंडपंप खराब होने के कारण राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। पहले ये हैंडपंप यात्रियों और राहगीरों के लिए राहत का साधन होते थे, लेकिन अब बंद पड़े होने से लोगों को निराशा हाथ लग रही है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराकर पेयजल की व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो वे इस मामले की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडे से करेंगे और समस्या के समाधान की मांग करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्र में पेयजल संकट दूर कराने की मांग की है।
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- पूरनपुर,पीलीभीत।भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने केंद्र सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और ग्रामीण जनता लगातार परेशान हो रही है, इसलिए अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया जा रहा है। सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालते हुए तहसील मुख्यालय तक मार्च किया। रैली के माध्यम से किसानों ने अपनी मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद किसान नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों की फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी दी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके। साथ ही किसानों ने कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले डीजल की कीमत कम करने, किसानों के ऊपर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने तथा कृषि से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग भी उठाई।किसान नेताओं ने बताया कि संगठन द्वारा देशभर में किसान-मजदूर और ग्रामीण जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान किसानों के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 मार्च 2026 को ट्रैक्टर मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है, जिसके माध्यम से किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 23 मार्च 2026 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के किसान, मजदूर और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होकर आगे की आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और भाकियू (चढूनी) के कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने पूरनपुर में निकाला ट्रैक्टर मार्च पुलिस रही मौके पर1
- पीलीभीत,कलीनगर- तहसील क्षेत्र के भीमपुर नौगजा गांव से मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए चौथी बार डोला बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ रवाना किया गया।1
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