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आज की ताज़ा अहम बड़ी खबर @ गांव नांद पुरवा से निवाडाडी के पास रोड पर पड़ी गाय जो पैर पर चोट के घाव होने से गाय को चलने में हो रही हैं दिक्कत लोग नहीं दे रहे ध्यान आप को बताते चले बिलसंडा क्षेत्र के निवाडाड़ी वाले रोड पर चोटिल पड़ी गाय लोग नहीं दे रहे ध्यान क्राइम इंडिया न्यूज़ के साथ अरुन राना की रिपोर्ट जिला पीलीभीत से
Arun Rana
आज की ताज़ा अहम बड़ी खबर @ गांव नांद पुरवा से निवाडाडी के पास रोड पर पड़ी गाय जो पैर पर चोट के घाव होने से गाय को चलने में हो रही हैं दिक्कत लोग नहीं दे रहे ध्यान आप को बताते चले बिलसंडा क्षेत्र के निवाडाड़ी वाले रोड पर चोटिल पड़ी गाय लोग नहीं दे रहे ध्यान क्राइम इंडिया न्यूज़ के साथ अरुन राना की रिपोर्ट जिला पीलीभीत से
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- पीलीभीत सूचना विभाग 10 मार्च 2026/जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने आज बेनहर गुरूकुल विद्यालय में जनगणना-2027 हेतु फील्ड टेªनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीता काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर टेªनरों द्वारा प्रथम चरण में 36 फील्ड टेªनरों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दोनों चरण में कुल 72 फील्ड टेªनरों को प्रशिक्षण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रथम बैच का प्रशिक्षण दिनांक 10,11,12 मार्च 2026 एवं द्वितीय बैच दिनांक 13,14,16 मार्च 2026 तक चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं मकानों की गणना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर टेªनरों द्वारा फील्ड टेªनरों को जनगणना के उद्देश्य, कानूनी प्रावधानों और मकान सूचीकरण के सैद्धांतिक नियमों की जानकारी दी जायेगी। मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल का उपयोग व प्रगणकों को डेटा फीड करने के लिए तकनीकी बारीकियों को समझाया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड वर्क का अभ्यास, माॅक एक्सरसाइज और अंत में शंका समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि फील्ड टेªनर द्वारा अपने अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने सभी फील्ड टेªनरों को बारीकियों से सीखने हेतु कहा। जनगणना का कार्य दो चरणों में सम्पादित किया जायेगा। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना एवं द्वितीय चरण 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की जायेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रसून द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- *किसानों का हक, अब होगा अधिकार!* पूरनपुर,,भारतीय किसान यूनियन (चडू नी) के आह्वान पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपनी मांगें रखीं। यह मार्च घुँचीयाई चौराहे से तहसील पूरनपुर तक निकाला गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। किसानों की प्रमुख मांगें हैं: - अमेरिका के साथ कृषि ट्रेड डील रद्द हो, जिससे देश के किसानों के हितों को गंभीर नुकसान होने की आशंका है। - गेहूं खरीद केंद्र अधिक संख्या में खोले जाएं और उन्हें गांवों के बाहर मुख्य मार्गों पर स्थापित किया जाए, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की अनुविधा न हो। - माबारा पशुओं और गौवंश की समस्या का स्थायी समाधान हो, जो किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। - सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाए और MSP को कानूनी गारंटी प्रदान की जाए। - किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए नया बिजली बिल और पानी का मीटर तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। किसानों का कहना है कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। भारतीय किसान यूनियन (चहूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरसराम सिंह बहूती जी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर हम शासन और प्रशासन तक पहुंचाएंगे और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करेंगे। इस ट्रैक्टर मार्च में शामिल किसानों ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही की जाए। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं और पीछे नहीं हटेंगे।1
- smart meter reading problem with bill jyada AA Raha hai band hone par bhi reading Chal raha hai1
- पीलीभीत ।पीलीभीत यात्रा के दूसरे दिन राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश की दृष्टि से भारत ही नहीं विश्व का आकर्षक गंतव्य बन गया है। इससे पीलीभीत भी लाभान्वित हो रहा है। यहां के औद्योगिक कॉरिडोर में विकास का नया अध्याय कायम होगा। राज्य सूचना आयुक्त ने वाईफरकेशन निरीक्षण भवन में कहा कि विश्व में इस समय युद्ध और तनाव का माहौल है। मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा ने दुनिया को एक संदेश दिया है। संदेश यह कि शांति व्यवस्था के माहौल में ही विकास और मानव कल्याण के कार्य हो सकते है। सिंगापुर और जापान के साथ हुए समझौतों से यह प्रमाणित हुआ। उत्तर प्रदेश में शांति का माहौल है। कानून व्यवस्था सुदृढ़ है। इसलिए यहां विकास कार्य सहजता के साथ आगे बढ़ रहे है। भारत ही नहीं दुनिया के निवेशक उत्तर प्रदेश को बेहतर गंतव्य के रूप में मानने लगे है। पीलीभीत में औद्योगिक विकास भी प्रगति पर है। अमरिया में एशिया का सबसे बड़ा खमीर प्लांट लग रहा है। औद्योगिक हब का विकास हो रहा है। शारदा सागर के पास पर्यटन विकास और नए बस स्टेशन का निर्माण भी शामिल है। शारदा सागर के किनारे पर्यटन केंद्र विकसित किया जा रहा है। सिंगापुर और जापान से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश उत्तर प्रदेश में होगा। जापान की तकनीक यूपी के विकास में सहायक होगा। बौद्ध और रामायण सर्किट पर भी द्विपक्षीय सहयोग पर सहमति बनी। यूपी भारत की प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश बन चुका है।3
- किसानों का हक, अब होगा अधिकार! पूरनपुर,,भारतीय किसान यूनियन (चहूनी) के आह्वान पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपनी मांगें रखीं। यह मार्च घुँचीयाई चौराहे से तहसील पूरनपुर तक निकाला गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। किसानों की प्रमुख मांगें हैं: - अमेरिका के साथ कृषि ट्रेड डील रद्द हो, जिससे देश के किसानों के हितों को गंभीर नुकसान होने की आशंका है। - गेहूं खरीद केंद्र अधिक संख्या में खोले जाएं और उन्हें गांवों के बाहर मुख्य मार्गों पर स्थापित किया जाए, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की अनुविधा न हो। - माबारा पशुओं और गौवंश की समस्या का स्थायी समाधान हो, जो किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। - सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाए और MSP को कानूनी गारंटी प्रदान की जाए। - किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए नया बिजली बिल और पानी का मीटर तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। किसानों का कहना है कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। भारतीय किसान यूनियन (चहूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरसराम सिंह बहूती जी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर हम शासन और प्रशासन तक पहुंचाएंगे और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करेंगे। इस ट्रैक्टर मार्च में शामिल किसानों ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही की जाए। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं और पीछे नहीं हटेंगे।1