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बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली एवं चकमार्ग संख्या 161 और 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी बांदा को प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि ग्राम प्रधान के परिवार के लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। शिकायत में यह भी उजागर किया गया है कि लेखपाल हरिकुंवर द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत की गई जांच आख्या में कई गंभीर विरोधाभास मौजूद हैं। इन विरोधाभासों में एक रिपोर्ट में श्यामार का पेड़ और दूसरी में कहुवा का पेड़ दर्शाया जाना शामिल है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और यह भी कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अब इस पूरे प्रकरण में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

1 day ago
user_भारतसूत्र Live TV
भारतसूत्र Live TV
Social Media Manager अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली एवं चकमार्ग संख्या 161 और 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी बांदा को प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि ग्राम प्रधान के परिवार के लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। शिकायत में यह भी उजागर किया गया है कि लेखपाल हरिकुंवर द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत की गई जांच आख्या में कई गंभीर विरोधाभास मौजूद हैं। इन विरोधाभासों में एक रिपोर्ट में श्यामार का पेड़ और दूसरी में कहुवा का पेड़ दर्शाया जाना शामिल है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और यह भी कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अब इस पूरे प्रकरण में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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  • देश के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण हाट बाजारों को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं पर काम किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी प्रदान करना है। इस पहल के तहत बेहतर शेड, साफ-सफाई, पेयजल और एक व्यवस्थित बाजार प्रणाली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ग्रामीण बाजारों का यह विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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    देश के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण हाट बाजारों को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं पर काम किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी प्रदान करना है।

इस पहल के तहत बेहतर शेड, साफ-सफाई, पेयजल और एक व्यवस्थित बाजार प्रणाली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ग्रामीण बाजारों का यह विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सतना अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनकी जीत पर हार्दिक बधाई दी गई है। इन नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में सुनील शर्मा जी को अध्यक्ष, के के पयासी जी को उपाध्यक्ष, दिनेश शुक्ला जी को सचिव, यशवर्धन द्विवेदी जी को सह सचिव, वर्षा मिश्रा जी को कोषाध्यक्ष और आशीष शर्मा जी को ग्रंथपाल चुना गया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी के जितेन्द्र राय ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
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    सतना अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनकी जीत पर हार्दिक बधाई दी गई है। इन नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में सुनील शर्मा जी को अध्यक्ष, के के पयासी जी को उपाध्यक्ष, दिनेश शुक्ला जी को सचिव, यशवर्धन द्विवेदी जी को सह सचिव, वर्षा मिश्रा जी को कोषाध्यक्ष और आशीष शर्मा जी को ग्रंथपाल चुना गया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी के जितेन्द्र राय ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    28 min ago
  • पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत चिल्ला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी तुषार चन्द्र को बाँदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तुषार चन्द्र मूल रूप से महोबा के सुरहा, थाना कबरई का निवासी है, जिसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा बताया गया है। वर्ष 2021 में एसटीएफ प्रयागराज ने थाना चिल्ला क्षेत्र में जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके बाद थाना चिल्ला में संबंधित मामला दर्ज किया गया था। तभी से तुषार चन्द्र, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना था, फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर चिल्ला पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम नरी मोड़ के पास से तुषार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि जेल से छूटने के बाद वह कहाँ-कहाँ रहा और क्या जाली नोटों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है या नहीं। साथ ही, पुलिस उसके अन्य साथियों के बारे में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
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    पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत चिल्ला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी तुषार चन्द्र को बाँदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तुषार चन्द्र मूल रूप से महोबा के सुरहा, थाना कबरई का निवासी है, जिसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा बताया गया है।

वर्ष 2021 में एसटीएफ प्रयागराज ने थाना चिल्ला क्षेत्र में जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके बाद थाना चिल्ला में संबंधित मामला दर्ज किया गया था। तभी से तुषार चन्द्र, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना था, फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर चिल्ला पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम नरी मोड़ के पास से तुषार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि जेल से छूटने के बाद वह कहाँ-कहाँ रहा और क्या जाली नोटों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है या नहीं। साथ ही, पुलिस उसके अन्य साथियों के बारे में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Pintu Dubey
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    Post by Pintu Dubey
    user_Pintu Dubey
    Pintu Dubey
    Nurse रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू विधानसभा 233 के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें सरकारी दावों और मंचों से किए जाने वाले बड़े-बड़े भाषणों के विपरीत चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 'हाईवे' और 'स्मार्ट सिटी' के दावों से देश विकसित नहीं होगा, जब तक गांवों की गलियों में मूलभूत विकास नहीं पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों के 'ऐतिहासिक विकास' और 'गाँवों को लंदन बना देने' के दावों के बावजूद, इन गाँवों में आज भी कई जगह नालियाँ नहीं हैं, और जहाँ बनी भी हैं, वे जर्जर होकर बजबजा रही हैं। कई स्थानों पर खड़ंजे टूटे पड़े हैं, जबकि कई गलियों में तो आज तक खड़ंजे बने ही नहीं हैं। लगभग 50 प्रतिशत परिवार अभी भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं, वहीं प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक जाने के रास्ते भी बदहाल हैं। विशेष रूप से, ग्राम बीरा के आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने का मार्ग अत्यंत खराब है और वहाँ पीने के पानी के लिए हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत मुसीवा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति सीधे तौर पर सवाल उठाती है कि आखिर विकास के नाम पर आने वाला करोड़ों रुपये का बजट कहाँ चला गया और जनता के टैक्स का पैसा किसकी जेब में पहुँच गया। पोस्ट में दिशा समिति की बैठकों के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा गया है कि क्या उनका काम केवल फोटो खिंचवाना और अखबारों में खबरें छपवाना ही रह गया है। पोस्ट में विधायक, सांसद, ब्लॉक प्रमुख, अधिकारियों और सभी जनप्रतिनिधियों को खुले मंच से चुनौती दी गई है कि यदि उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा है, तो वे पोस्ट लिखने वाले के साथ गांव-गांव और गली-गली चलकर जमीनी हकीकत देख लें। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि गांव की जनता भी देश की नागरिक है और उनके बच्चे भी सम्मानजनक शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं के समान अधिकार रखते हैं, जबकि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में केवल गरीब और मजदूरों के बच्चे ही पढ़ते हैं। आजादी के 78 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की इस बदहाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि केवल भाषणों, करोड़ों की घोषणाओं, हाईवे और स्मार्ट सिटी के निर्माण से भारत विकसित राष्ट्र नहीं बनेगा। देश तभी विकसित बनेगा, जब गाँव का हर रास्ता, हर नाली, हर विद्यालय और हर घर विकास की सच्ची गवाही देगा। उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि वे ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और जनता को यह भी स्पष्ट करें कि विकास के नाम पर आया करोड़ों रुपया आखिर कहाँ खर्च हुआ।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू विधानसभा 233 के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें सरकारी दावों और मंचों से किए जाने वाले बड़े-बड़े भाषणों के विपरीत चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 'हाईवे' और 'स्मार्ट सिटी' के दावों से देश विकसित नहीं होगा, जब तक गांवों की गलियों में मूलभूत विकास नहीं पहुंचेगा।

जनप्रतिनिधियों के 'ऐतिहासिक विकास' और 'गाँवों को लंदन बना देने' के दावों के बावजूद, इन गाँवों में आज भी कई जगह नालियाँ नहीं हैं, और जहाँ बनी भी हैं, वे जर्जर होकर बजबजा रही हैं। कई स्थानों पर खड़ंजे टूटे पड़े हैं, जबकि कई गलियों में तो आज तक खड़ंजे बने ही नहीं हैं। लगभग 50 प्रतिशत परिवार अभी भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं, वहीं प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक जाने के रास्ते भी बदहाल हैं। विशेष रूप से, ग्राम बीरा के आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने का मार्ग अत्यंत खराब है और वहाँ पीने के पानी के लिए हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत मुसीवा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

यह स्थिति सीधे तौर पर सवाल उठाती है कि आखिर विकास के नाम पर आने वाला करोड़ों रुपये का बजट कहाँ चला गया और जनता के टैक्स का पैसा किसकी जेब में पहुँच गया। पोस्ट में दिशा समिति की बैठकों के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा गया है कि क्या उनका काम केवल फोटो खिंचवाना और अखबारों में खबरें छपवाना ही रह गया है। पोस्ट में विधायक, सांसद, ब्लॉक प्रमुख, अधिकारियों और सभी जनप्रतिनिधियों को खुले मंच से चुनौती दी गई है कि यदि उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा है, तो वे पोस्ट लिखने वाले के साथ गांव-गांव और गली-गली चलकर जमीनी हकीकत देख लें। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि गांव की जनता भी देश की नागरिक है और उनके बच्चे भी सम्मानजनक शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं के समान अधिकार रखते हैं, जबकि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में केवल गरीब और मजदूरों के बच्चे ही पढ़ते हैं।

आजादी के 78 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की इस बदहाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि केवल भाषणों, करोड़ों की घोषणाओं, हाईवे और स्मार्ट सिटी के निर्माण से भारत विकसित राष्ट्र नहीं बनेगा। देश तभी विकसित बनेगा, जब गाँव का हर रास्ता, हर नाली, हर विद्यालय और हर घर विकास की सच्ची गवाही देगा। उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि वे ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और जनता को यह भी स्पष्ट करें कि विकास के नाम पर आया करोड़ों रुपया आखिर कहाँ खर्च हुआ।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Mera Bhai sidha sadha hai sabhi doston ko Shivani ki ho
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    Mera Bhai sidha sadha hai sabhi doston ko Shivani ki ho
    user_Dadubhai India
    Dadubhai India
    Nurse Banda, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • दो प्यारे भाइयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। उन्हें दिल से सलाम करते हुए यह भी कामना की गई है कि भगवान कामतानाथ उनकी सदैव रक्षा करें।
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    दो प्यारे भाइयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। उन्हें दिल से सलाम करते हुए यह भी कामना की गई है कि भगवान कामतानाथ उनकी सदैव रक्षा करें।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Court reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • एक पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े ने दुखद मोड़ ले लिया, जिसके चलते पति की जान चली गई। विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब पत्नी ने मायके से वापस आने से इनकार कर दिया, तो इस फैसले का पति पर इतना गहरा असर पड़ा कि उसकी सांसें थम गईं।
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    एक पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े ने दुखद मोड़ ले लिया, जिसके चलते पति की जान चली गई। विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब पत्नी ने मायके से वापस आने से इनकार कर दिया, तो इस फैसले का पति पर इतना गहरा असर पड़ा कि उसकी सांसें थम गईं।
    user_Abhay TV News
    Abhay TV News
    Reporter Karwi, Chitrakoot•
    20 hrs ago
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