पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत चिल्ला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी तुषार चन्द्र को बाँदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तुषार चन्द्र मूल रूप से महोबा के सुरहा, थाना कबरई का निवासी है, जिसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा बताया गया है। वर्ष 2021 में एसटीएफ प्रयागराज ने थाना चिल्ला क्षेत्र में जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके बाद थाना चिल्ला में संबंधित मामला दर्ज किया गया था। तभी से तुषार चन्द्र, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना था, फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर चिल्ला पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम नरी मोड़ के पास से तुषार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि जेल से छूटने के बाद वह कहाँ-कहाँ रहा और क्या जाली नोटों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है या नहीं। साथ ही, पुलिस उसके अन्य साथियों के बारे में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत चिल्ला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी तुषार चन्द्र को बाँदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तुषार चन्द्र मूल रूप से महोबा के सुरहा, थाना कबरई का निवासी है, जिसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा बताया गया है। वर्ष 2021 में एसटीएफ प्रयागराज ने थाना चिल्ला क्षेत्र में जाली नोटों का कारोबार
करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके बाद थाना चिल्ला में संबंधित मामला दर्ज किया गया था। तभी से तुषार चन्द्र, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना था, फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर चिल्ला पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम नरी मोड़ के पास से तुषार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि जेल से छूटने के बाद वह कहाँ-कहाँ रहा और क्या जाली नोटों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है या नहीं। साथ ही, पुलिस उसके अन्य साथियों के बारे में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
- बांदा में, चिल्ला पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण के एक मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तुषार को गिरफ्तार कर लिया है। तुषार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।1
- पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत चिल्ला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा के संचरण करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी तुषार चन्द्र को बाँदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तुषार चन्द्र मूल रूप से महोबा के सुरहा, थाना कबरई का निवासी है, जिसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा बताया गया है। वर्ष 2021 में एसटीएफ प्रयागराज ने थाना चिल्ला क्षेत्र में जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक गिरोह को पकड़ा था, जिसके बाद थाना चिल्ला में संबंधित मामला दर्ज किया गया था। तभी से तुषार चन्द्र, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना था, फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर चिल्ला पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम नरी मोड़ के पास से तुषार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि जेल से छूटने के बाद वह कहाँ-कहाँ रहा और क्या जाली नोटों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है या नहीं। साथ ही, पुलिस उसके अन्य साथियों के बारे में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है।2
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू विधानसभा 233 के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें सरकारी दावों और मंचों से किए जाने वाले बड़े-बड़े भाषणों के विपरीत चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 'हाईवे' और 'स्मार्ट सिटी' के दावों से देश विकसित नहीं होगा, जब तक गांवों की गलियों में मूलभूत विकास नहीं पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों के 'ऐतिहासिक विकास' और 'गाँवों को लंदन बना देने' के दावों के बावजूद, इन गाँवों में आज भी कई जगह नालियाँ नहीं हैं, और जहाँ बनी भी हैं, वे जर्जर होकर बजबजा रही हैं। कई स्थानों पर खड़ंजे टूटे पड़े हैं, जबकि कई गलियों में तो आज तक खड़ंजे बने ही नहीं हैं। लगभग 50 प्रतिशत परिवार अभी भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं, वहीं प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक जाने के रास्ते भी बदहाल हैं। विशेष रूप से, ग्राम बीरा के आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने का मार्ग अत्यंत खराब है और वहाँ पीने के पानी के लिए हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत मुसीवा में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति सीधे तौर पर सवाल उठाती है कि आखिर विकास के नाम पर आने वाला करोड़ों रुपये का बजट कहाँ चला गया और जनता के टैक्स का पैसा किसकी जेब में पहुँच गया। पोस्ट में दिशा समिति की बैठकों के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा गया है कि क्या उनका काम केवल फोटो खिंचवाना और अखबारों में खबरें छपवाना ही रह गया है। पोस्ट में विधायक, सांसद, ब्लॉक प्रमुख, अधिकारियों और सभी जनप्रतिनिधियों को खुले मंच से चुनौती दी गई है कि यदि उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा है, तो वे पोस्ट लिखने वाले के साथ गांव-गांव और गली-गली चलकर जमीनी हकीकत देख लें। इस बात पर भी जोर दिया गया है कि गांव की जनता भी देश की नागरिक है और उनके बच्चे भी सम्मानजनक शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं के समान अधिकार रखते हैं, जबकि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में केवल गरीब और मजदूरों के बच्चे ही पढ़ते हैं। आजादी के 78 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की इस बदहाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि केवल भाषणों, करोड़ों की घोषणाओं, हाईवे और स्मार्ट सिटी के निर्माण से भारत विकसित राष्ट्र नहीं बनेगा। देश तभी विकसित बनेगा, जब गाँव का हर रास्ता, हर नाली, हर विद्यालय और हर घर विकास की सच्ची गवाही देगा। उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि वे ग्राम पंचायत लखनपुर, बीरा और मुसीवा की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और जनता को यह भी स्पष्ट करें कि विकास के नाम पर आया करोड़ों रुपया आखिर कहाँ खर्च हुआ।1
- Mera Bhai sidha sadha hai sabhi doston ko Shivani ki ho1
- दो प्यारे भाइयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। उन्हें दिल से सलाम करते हुए यह भी कामना की गई है कि भगवान कामतानाथ उनकी सदैव रक्षा करें।1
- देश के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण हाट बाजारों को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं पर काम किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी प्रदान करना है। इस पहल के तहत बेहतर शेड, साफ-सफाई, पेयजल और एक व्यवस्थित बाजार प्रणाली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ग्रामीण बाजारों का यह विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।1
- बांदा जिले की अतर्रा पुलिस ने एक शातिर मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई दो खुली हुई मोटरसाइकिलें, उनके विभिन्न पार्ट्स, और मोटरसाइकिल खोलने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देश पर जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी अतर्रा सुश्री प्रतिज्ञा सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सौरभ उर्फ छोटू पुत्र दिनेश निवासी संजय नगर, कस्बा व थाना अतर्रा, जनपद बांदा के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी कस्बा अतर्रा के राधेश्याम पुत्र छोटे लाल द्वारा दिनांक 30.06.2026 को अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की सूचना थाना अतर्रा पर दिए जाने के बाद हुई। इस संबंध में थाना अतर्रा पर अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त की पहचान व गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया था। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए अभियुक्त की पहचान की गई और दिनांक 02/03.07.2026 की रात्रि में पुलिस टीम द्वारा उसे संजय नगर रोड, कस्बा अतर्रा से गिरफ्तार किया गया। चोरी की गई मोटरसाइकिल के बारे में कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने ही मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसे वह अपने घर में ले जाकर खोलकर रखा है। पुलिस द्वारा तत्काल अभियुक्त के बताए हुए स्थान पर तलाशी ली गई, तो मौके से खुली हुई चोरी की दो मोटरसाइकिलें व उनके विभिन्न पार्ट्स सहित मोटरसाइकिल खोलने के उपकरण आदि बरामद हुए। दूसरी मोटरसाइकिल के बारे में पूछने पर उसने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसने कस्बा अतर्रा से ही एक बारात से उसे चोरी किया था। पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुए बरामद खुली हुई दोनों मोटरसाइकिलों व उनके पार्ट्स को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब बरामद दूसरी चोरी की मोटरसाइकिल के वास्तविक स्वामी की पहचान और अन्य आवश्यक तथ्यों के संबंध में गहनता से जांच कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि अभियुक्त द्वारा अन्य किन-किन स्थानों पर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है, तथा चोरी की मोटरसाइकिलों के विभिन्न कल-पुर्जों को वह किन व्यक्तियों अथवा स्थानों पर बेचने की फिराक में था या पूर्व में कहां-कहां उनकी बिक्री कर चुका है। इसके आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामदगी में एक अधखुली मोटरसाइकिल और उसके पार्ट्स, एक अन्य मोटरसाइकिल के विभिन्न पार्ट्स, और मोटरसाइकिल खोलने के औजार जैसे छोटी/बड़ी 07 रिंच, 02 नट स्पैनर, वायर कटर, पेचकस आदि शामिल हैं।1
- हमीरपुर जिले के बिवार थाना क्षेत्र में उमरी-इमिलिया मार्ग पर शनिवार को एक चलती लोडर गाड़ी अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण लोडर में आग भड़क उठी, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे लोडर को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया। पुलिस के अनुसार, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। आग पूरी तरह बुझा दी गई है। मामले में थाना पुलिस आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है, वहीं चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।1