650 साल पुरानी शाही मस्जिद… जिसे बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी गई, आज उसी मस्जिद का हिस्सा लोग अपने ही हाथों से तोड़ रहे हैं… आखिर क्यों?” MTF NEWS उज्जैन शहर से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने हर संवेदनशील दिल को भावुक कर दिया है। साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ महापर्व की तैयारियों के तहत प्रशासन द्वारा कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है,इस सड़क चौड़ीकरण के दायरे में वहाँ की ऐतिहासिक और सदियों पुरानी 'शाही मस्जिद' का लगभग 9 से 11 फीट का हिस्सा आ रहा था। मस्जिद कमेटी के पास सिंधिया रियासत के ज़माने के मुकम्मल, पक्के और वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी इबादतगाह को बचाने की हर मुमकिन कानूनी लड़ाई भी लड़ी लेकिन जनहित के बड़े प्रोजेक्ट्स और कोर्ट के आदेश के आगे आख़िरकार कानूनन कोई रास्ता नहीं बचा। प्रशासन की किसी एकतरफा कार्रवाई, बुलडोजर चलने की स्थिति या इबादतगाह की किसी भी तरह की अदब-ओ-एहतराम में कमी को रोकने के लिए वहाँ की मस्जिद कमेटी और समाज के बुजुर्गों ने बेहद भारी मन से एक बड़ा फैसला लिया। आज वहाँ का मंज़र देखकर आँखों में आँसू आ जाते हैं स्थानीय लोग खुद आगे बढ़कर, रोते-बिलखते हुए अपने ही हाथों से मस्जिद के उस प्रभावित हिस्से का मलबा हटा रहे हैं,सदियों पुरानी इस अज़ीम धरोहर को इस तरह कम होते देखना वहाँ के हर शख्स के लिए एक गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे जैसा है। शहर में अमन-चैन कायम रखने और अपनी पाक जगह की गरिमा को महफूज रखने के लिए उज्जैन के उस समाज ने जो यह दर्दनाक समझौता किया है, वह उनकी सूझबूझ और बड़े सब्र की मिसाल है। या रब्बुल आलमीन, उज्जैन के वो बेबस और लाचार बंदे आज तेरे सामने अश्कबार आँखों से खड़े हैं,ऐ मौला, अपने घर की हुरमत को बचाने के लिए जो लोग आज रो-रोकर वहाँ से मलबे का एक-एक पत्थर उठा रहे हैं, उनकी इस मजबूरी और लाचारी को देखना। ऐ परवरदिगार, वो कमज़ोर बंदे हैं जो इस ऐतिहासिक इबादतगाह के उस हिस्से की पूरी हिफाज़त न कर सके, उनकी इस खता को माफ़ फरमाना,इलाही, उन लोगों के इस अज़ीम सब्र, उनकी पाक नीयत और इस तकलीफ़ को कबूल फरमा,इस मुश्किल और इम्तिहान की घड़ी में वहाँ के पूरे समाज को सब्र-ए-जमील अता कर, उनके दिलों को हौसला दे और इस मुकद्दस मस्जिद के बचे हुए हिस्से की अब तू खुद हिफाज़त फरमा। बेशक, तू हर चीज़ पर कादिर है और दिलों के हाल को सबसे बेहतर जानने वाला है। आमीन।
650 साल पुरानी शाही मस्जिद… जिसे बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी गई, आज उसी मस्जिद का हिस्सा लोग अपने ही हाथों से तोड़ रहे हैं… आखिर क्यों?” MTF NEWS उज्जैन शहर से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने हर संवेदनशील दिल को भावुक कर दिया है। साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ महापर्व की तैयारियों के तहत प्रशासन द्वारा कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है,इस सड़क चौड़ीकरण के दायरे में वहाँ की ऐतिहासिक और सदियों पुरानी 'शाही मस्जिद' का लगभग 9 से 11 फीट का हिस्सा आ रहा था। मस्जिद कमेटी के पास सिंधिया रियासत के ज़माने के मुकम्मल, पक्के और वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी इबादतगाह को बचाने की हर मुमकिन कानूनी लड़ाई भी लड़ी लेकिन जनहित के बड़े प्रोजेक्ट्स और कोर्ट के आदेश के आगे आख़िरकार कानूनन कोई रास्ता नहीं बचा। प्रशासन की किसी एकतरफा कार्रवाई, बुलडोजर चलने की स्थिति या इबादतगाह की किसी भी तरह की अदब-ओ-एहतराम में कमी को रोकने के लिए वहाँ की मस्जिद कमेटी और समाज के बुजुर्गों ने बेहद भारी मन से एक बड़ा फैसला लिया। आज वहाँ का मंज़र देखकर आँखों में आँसू आ जाते हैं स्थानीय लोग खुद आगे बढ़कर, रोते-बिलखते हुए अपने ही हाथों से मस्जिद के उस प्रभावित हिस्से का मलबा हटा रहे हैं,सदियों पुरानी इस अज़ीम धरोहर को इस तरह कम होते देखना वहाँ के हर शख्स के लिए एक गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे जैसा है। शहर में अमन-चैन कायम रखने और अपनी पाक जगह की गरिमा को महफूज रखने के लिए उज्जैन के उस समाज ने जो यह दर्दनाक समझौता किया है, वह उनकी सूझबूझ और बड़े सब्र की मिसाल है। या रब्बुल आलमीन, उज्जैन के वो बेबस और लाचार बंदे आज तेरे सामने अश्कबार आँखों से खड़े हैं,ऐ मौला, अपने घर की हुरमत को बचाने के लिए जो लोग आज रो-रोकर वहाँ से मलबे का एक-एक पत्थर उठा रहे हैं, उनकी इस मजबूरी और लाचारी को देखना। ऐ परवरदिगार, वो कमज़ोर बंदे हैं जो इस ऐतिहासिक इबादतगाह के उस हिस्से की पूरी हिफाज़त न कर सके, उनकी इस खता को माफ़ फरमाना,इलाही, उन लोगों के इस अज़ीम सब्र, उनकी पाक नीयत और इस तकलीफ़ को कबूल फरमा,इस मुश्किल और इम्तिहान की घड़ी में वहाँ के पूरे समाज को सब्र-ए-जमील अता कर, उनके दिलों को हौसला दे और इस मुकद्दस मस्जिद के बचे हुए हिस्से की अब तू खुद हिफाज़त फरमा। बेशक, तू हर चीज़ पर कादिर है और दिलों के हाल को सबसे बेहतर जानने वाला है। आमीन।
- 650 साल पुरानी शाही मस्जिद… जिसे बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी गई, आज उसी मस्जिद का हिस्सा लोग अपने ही हाथों से तोड़ रहे हैं… आखिर क्यों?” MTF NEWS उज्जैन शहर से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने हर संवेदनशील दिल को भावुक कर दिया है। साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ महापर्व की तैयारियों के तहत प्रशासन द्वारा कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है,इस सड़क चौड़ीकरण के दायरे में वहाँ की ऐतिहासिक और सदियों पुरानी 'शाही मस्जिद' का लगभग 9 से 11 फीट का हिस्सा आ रहा था। मस्जिद कमेटी के पास सिंधिया रियासत के ज़माने के मुकम्मल, पक्के और वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी इबादतगाह को बचाने की हर मुमकिन कानूनी लड़ाई भी लड़ी लेकिन जनहित के बड़े प्रोजेक्ट्स और कोर्ट के आदेश के आगे आख़िरकार कानूनन कोई रास्ता नहीं बचा। प्रशासन की किसी एकतरफा कार्रवाई, बुलडोजर चलने की स्थिति या इबादतगाह की किसी भी तरह की अदब-ओ-एहतराम में कमी को रोकने के लिए वहाँ की मस्जिद कमेटी और समाज के बुजुर्गों ने बेहद भारी मन से एक बड़ा फैसला लिया। आज वहाँ का मंज़र देखकर आँखों में आँसू आ जाते हैं स्थानीय लोग खुद आगे बढ़कर, रोते-बिलखते हुए अपने ही हाथों से मस्जिद के उस प्रभावित हिस्से का मलबा हटा रहे हैं,सदियों पुरानी इस अज़ीम धरोहर को इस तरह कम होते देखना वहाँ के हर शख्स के लिए एक गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे जैसा है। शहर में अमन-चैन कायम रखने और अपनी पाक जगह की गरिमा को महफूज रखने के लिए उज्जैन के उस समाज ने जो यह दर्दनाक समझौता किया है, वह उनकी सूझबूझ और बड़े सब्र की मिसाल है। या रब्बुल आलमीन, उज्जैन के वो बेबस और लाचार बंदे आज तेरे सामने अश्कबार आँखों से खड़े हैं,ऐ मौला, अपने घर की हुरमत को बचाने के लिए जो लोग आज रो-रोकर वहाँ से मलबे का एक-एक पत्थर उठा रहे हैं, उनकी इस मजबूरी और लाचारी को देखना। ऐ परवरदिगार, वो कमज़ोर बंदे हैं जो इस ऐतिहासिक इबादतगाह के उस हिस्से की पूरी हिफाज़त न कर सके, उनकी इस खता को माफ़ फरमाना,इलाही, उन लोगों के इस अज़ीम सब्र, उनकी पाक नीयत और इस तकलीफ़ को कबूल फरमा,इस मुश्किल और इम्तिहान की घड़ी में वहाँ के पूरे समाज को सब्र-ए-जमील अता कर, उनके दिलों को हौसला दे और इस मुकद्दस मस्जिद के बचे हुए हिस्से की अब तू खुद हिफाज़त फरमा। बेशक, तू हर चीज़ पर कादिर है और दिलों के हाल को सबसे बेहतर जानने वाला है। आमीन।1
- फिरोजाबाद में कांग्रेस का हंगामा! CEC को हटाने की मांग, जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन।1
- फतेहाबाद बाईपास रोड पर गहरा गड्ढा बना हादसे का कारण, बाइक सवार गिरा फतेहाबाद। कस्बे के बाईपास रोड पर बोरी कोल्ड स्टोर के सामने सड़क पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बना हुआ है। सोमवार रात करीब 8 बजे एक मोटरसाइकिल सवार अचानक गड्ढे में गिर गया, जिससे उसे चोट लगने की बात सामने आई है। यह मार्ग अवंती बाई चौराहे से बाईपास होते हुए शमशाबाद की ओर जाता है। कोल्ड स्टोर के सामने सड़क पर काफी समय से गहरा गड्ढा होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय गड्ढा दिखाई नहीं देने से बाइक सवार अचानक संतुलन खोकर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे के कारण आए दिन हादसे की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कर गड्ढे को जल्द भरवाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। फतेहाबाद बाईपास रोड पर गहरा गड्ढा बना हादसे का कारण, बाइक सवार गिरा फतेहाबाद। कस्बे के बाईपास रोड पर बोरी कोल्ड स्टोर के सामने सड़क पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बना हुआ है। सोमवार रात करीब 8 बजे एक मोटरसाइकिल सवार अचानक गड्ढे में गिर गया, जिससे उसे चोट लगने की बात सामने आई है। यह मार्ग अवंती बाई चौराहे से बाईपास होते हुए शमशाबाद की ओर जाता है। कोल्ड स्टोर के सामने सड़क पर काफी समय से गहरा गड्ढा होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय गड्ढा दिखाई नहीं देने से बाइक सवार अचानक संतुलन खोकर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे के कारण आए दिन हादसे की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कर गड्ढे को जल्द भरवाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। वीडियो वायरल1
- फ़िरोज़ाबाद मे कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा फिरोजाबाद में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत किया गया, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यशैली और मतदाता सूची में किए गए बदलावों (विशेष गहन पुनरीक्षण - SIR) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं | फिरोजाबाद के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव और महानगर अध्यक्ष शफात खान राजू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस चौकी से लेकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला | इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ "ज्ञानेश कुमार को जेल भेजो" और "वोट चोर गद्दी छोड़" जैसे तीखे नारे लगाए | विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद का दुरुपयोग किया है | उनका दावा है कि एसआईआर (SIR) के नाम पर लाखों जायज मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं, जिसे वे "लोकतंत्र की हत्या" बता रहे हैं | प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय पर धरना देने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है | Updated News-28/सितम्बर/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें1
- फतेहाबाद, पैंतीखेड़ा के गाँव निवरी में हुई पी डी ए की जन चौपाल का आयोजन1
- आगरा ब्रेकिंग पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार घायलों में चार की हालत बताई जा रही गंभीर गंभीर घायलों को इलाज के लिए आगरा किया रेफर 10 घायलों का सीएचसी पर चल रहा इलाज घर में गमी के माहौल के बीच हुआ दर्दनाक हादसा घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप1
- भगत सिंह जयंती पर अमर शहीद को सत्-सत् नमन पुणे। महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद सरदार भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक सत्-सत् नमन किया गया। देश की स्वतंत्रता के लिए अपने अदम्य साहस, त्याग और बलिदान से उन्होंने भारतीय युवाओं के मन में राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित की। भगत सिंह जी का जीवन देशभक्ति, साहस, विचारों की दृढ़ता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी विचारधारा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी युवाओं को देशहित एवं समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से अमर शहीद भगत सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। “इंकलाब जिंदाबाद” — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- फिरोजाबाद में 353 दिन से किसान धरने पर, 9 किसानों की जमीन हुई कब्जा मुक्त1