लखनऊ के गोसाईगंज पावर हाउस के अंतर्गत मोहम्मदपुर गढ़ी मजरा नारायणपुर गांव में पिछले लगभग पांच वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण बिजली की तारें सड़क के किनारे और रास्तों में खतरनाक ढंग से झूल रही हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी गुहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में लटकती ये केबलें उनकी जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन झूलती केबलों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बिजली के खंभे लगवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।
लखनऊ के गोसाईगंज पावर हाउस के अंतर्गत मोहम्मदपुर गढ़ी मजरा नारायणपुर गांव में पिछले लगभग पांच वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण बिजली की तारें सड़क के किनारे और रास्तों में खतरनाक ढंग से झूल रही हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी गुहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में लटकती ये केबलें उनकी जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन झूलती केबलों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बिजली के खंभे लगवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।
- लखनऊ के गोसाईगंज पावर हाउस के अंतर्गत मोहम्मदपुर गढ़ी मजरा नारायणपुर गांव में पिछले लगभग पांच वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण बिजली की तारें सड़क के किनारे और रास्तों में खतरनाक ढंग से झूल रही हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी गुहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में लटकती ये केबलें उनकी जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन झूलती केबलों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बिजली के खंभे लगवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।1
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ है, जिसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी। इस भीषण धमाके के कारण पूरा घर उड़ गया और एक महिला तथा एक युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गईं।1
- हरदोई के सुरसा विकास खण्ड के मतुआ गाँव में आयोजित श्रीमद्भागवत साप्ताहिक ज्ञान कथा के सप्तम दिवस पर श्रोतागण भक्तिभाव में लीन हो गए। नैमिषारण्य धाम के कथावाचक ऋषि शुक्ला ने अपनी मधुर और अमृतमयी वाणी से रुक्मणी विवाह, सुदामा चरित्र, कंस वध और राजा परीक्षित मोक्ष कथा के प्रेरक प्रसंगों का वर्णन किया, जिससे पूरा नगर भक्ति भावना से सराबोर होकर भाव विभोर हो गया। इस कथा के मुख्य यजमान गुड्डू सिंह रहे। कथा की रोचकता के कारण परिसर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास ऋषि शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण की सार्थकता इसी में है कि मनुष्य नियमित रूप से कुछ क्षण भगवान की भक्ति और सेवा कार्यों में लगाए। उन्होंने सभी को अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर सकारात्मक संवाद स्थापित करने और एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनने का प्रयास करने की सलाह दी। जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मानवीय मूल्यों को जीवन में संजोकर सदा नेक कार्य करने के प्रति सजग रहना चाहिए। इस श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे मौजूद थे। माधौगंज नगर से चलकर आए ज्वाला मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भी सप्तम दिवस की कथा का रसपान किया। आरती के उपरांत, आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा प्रसाद वितरित किया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी का विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।4
- सुलतानपुर जनपद के बन्धुआकला थाना क्षेत्र में 15 जून 2026 को पुलिस ने दुष्कर्म के एक अभियुक्त को मुकदमा दर्ज होने के मात्र दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर के मार्गदर्शन में की गई। बन्धुआकला थाना पर वादी की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0-119/2026 धारा 64(1)/351(3) बीएनएस व 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत प्रभाकर पुत्र सुरेश कुमार, निवासी ग्राम गढ़ऊपुर थाना बन्धुआकला जनपद सुलतानपुर के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त प्रभाकर पर वादी की बहन के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त प्रभाकर को थाना क्षेत्र के सहाबागंज अण्डरपास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।1
- राजधानी लखनऊ में हजरतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा के बाहर दो महिलाओं, जो माँ-बेटी थीं, ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को सुरक्षित रोक लिया, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया। इसके बाद, दोनों महिलाओं को हजरतगंज थाने लाया गया जहाँ उनसे घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे जनपद हरदोई के संडीला थाना क्षेत्र की निवासी हैं। उनका एक मामला संडीला थाना क्षेत्र से संबंधित है, जिसमें उनके गाँव स्थित मकान में चोरी और संपत्ति विवाद का प्रकरण शामिल है। महिलाओं के अनुसार, स्थानीय थाने पर इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई और उच्च अधिकारियों द्वारा भी उनके प्रकरण का संज्ञान नहीं लिया गया, जिससे वे अत्यधिक हताश थीं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिल रहा था और वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही थीं। इसी कारण वे अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के उद्देश्य से लखनऊ आई थीं, जहाँ उन्होंने आत्मदाह का यह प्रयास किया।1
- हरदोई से आए एक पीड़ित परिवार ने लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह करने का प्रयास किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार पिछले एक महीने से संडीला थाने के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उनकी चोरी और मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।1
- श्रीलंका-ए के खिलाफ सुपर ओवर में भारत-ए की हार के बाद मैदान पर काफी गहमागहमी देखने को मिली। इस दौरान, भारत-ए के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का मारा। यह घटना तब हुई जब श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वैभव को मैच न जिता पाने के कारण ताना मारा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति हाथापाई तक पहुँचने वाली थी। इस गरमागरम माहौल के बीच, भारत-ए के कप्तान तिलक वर्मा भी अंपायरों से उलझते हुए दिखाई दिए।1