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अभिनेत्री कंगना रनौत ने रणवीर सिंह के समर्थन में सामने आकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उन पर लगाए गए कथित प्रतिबंध के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। कंगना रनौत ने इस संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि, जब किसी व्यक्ति की हैसियत और कद बढ़ता है तो उसके दुश्मन भी बनने लगते हैं।
Naresh Bajaj
अभिनेत्री कंगना रनौत ने रणवीर सिंह के समर्थन में सामने आकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उन पर लगाए गए कथित प्रतिबंध के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। कंगना रनौत ने इस संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि, जब किसी व्यक्ति की हैसियत और कद बढ़ता है तो उसके दुश्मन भी बनने लगते हैं।
- User2799Katni Nagar, Madhya Pradesh👏13 hrs ago
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- साइबर ठगों का कहर कटनी जिले में देखने को मिला है, जहाँ पिछले 24 घंटे के भीतर 4 लोग साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। इन घटनाओं में ठगों ने पीड़ितों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है।1
- सतना जिला अस्पताल में एक कर्मचारी की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। डॉक्टर को दिखाने आई छात्राओं को ओपीडी के अंदर ही कैद कर लिया गया, जब कर्मचारी ने सारे गेट पर ताला जड़ दिया और खुद गायब हो गया। छात्राओं द्वारा शोर मचाए जाने के बाद, अन्य कर्मचारी ओपीडी पहुंचे और ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला।1
- मैहर माँ शारदा देवी धाम के समीप स्थित फलाहारी आश्रम के पास एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार इस इलाके में देखा जा चुका है और इसकी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुकी हैं। क्षेत्र के लोग और श्रद्धालुओं का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी से आसपास के लोगों में दहशत व्याप्त है, जिसके कारण शाम होते ही वे घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। वहीं, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि वन विभाग और रेस्क्यू टीम को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक तेंदुए को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि बार-बार तेंदुए के दिखाई देने से रेस्क्यू अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि किसी बड़े हादसे से पहले तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की लगातार मांग कर रहे हैं।1
- मैहर माँ शारदा देवी धाम के पास स्थित फलाहारी आश्रम के समीप एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना से गहरी दहशत है, खासकर इसलिए क्योंकि तेंदुआ पहले भी कई बार इस इलाके में देखा जा चुका है और इसकी वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई हैं। तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण शाम होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, वहीं माँ शारदा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग और रेस्क्यू टीम को इस संबंध में कई बार सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक तेंदुए को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का यह भी कहना है कि बार-बार तेंदुए के दिखाई देने से बचाव अभियान की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जोर दिया है कि किसी बड़े हादसे से पहले तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की गुहार लगा रहे हैं।1
- मैहर माँ शारदा देवी धाम के समीप स्थित फलाहारी आश्रम के पास एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार इस इलाके में देखा जा चुका है और इससे संबंधित वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुकी हैं। तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में भारी दहशत व्याप्त है, जिससे शाम होते ही लोग अपने घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस मामले में वन विभाग और रेस्क्यू टीम को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक तेंदुए को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने बार-बार तेंदुए के दिखाई देने के बावजूद वन विभाग के रेस्क्यू अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि किसी बड़ी अनहोनी से पहले तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल वन विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील कर रहे हैं।1
- आज उमरिया जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और रोजगार सहायिकाओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर महोदया, उमरिया को सौंपा। उन्होंने इस ज्ञापन के माध्यम से अपना मानदेय बढ़ाने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का निवेदन किया। इस मांगों को लेकर हुए ज्ञापन सौंपने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सहायक संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, जिला सचिव श्रीमती बेबी जान, जिला सह सचिव नेमकली सिंह, ललिता साहू, चयना पटेल, उमा कोल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ और भारतीय मजदूर संघ द्वारा कलेक्टर कार्यालय उमरिया में प्रस्तुत किया गया।1
- आम आदमी पार्टी ने स्थानीय महत्व के मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन सरकार की नीतियों और स्थानीय समस्याओं के समाधान में कथित विफलता को लेकर आयोजित किया गया था।1
- धार्मिक नगरी मैहर में जनसुविधाओं की बदहाली और नगर पालिका के कथित कुप्रबंधन व अव्यवस्थाओं के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने जनजागरण अभियान का शुभारंभ किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई (रोमी भैया) के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने नगर भ्रमण, प्रभात फेरी और जनसंपर्क अभियान चलाकर आम नागरिकों को नगर की समस्याओं से अवगत कराया तथा जनहित के मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान करते हुए जनसमर्थन जुटाया। इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 9 जून को नगर पालिका कार्यालय का घेराव करने का ऐलान भी किया है। अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया, जहाँ जगह-जगह गंदगी के ढेर, चोक नालियां और खराब सड़कें देखने को मिलीं। कांग्रेस नेताओं ने इसे नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बताया, विशेषकर मैहर के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी होने के बावजूद मूलभूत व्यवस्थाओं के लगातार बदहाल होने पर गंभीर प्रश्न उठाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई ने कहा कि सफाई, पेयजल, सड़क, पेंशन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर नागरिक परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। वहीं, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने नगर पालिका की निष्क्रियता को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संघर्ष के माध्यम से जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस "गूंगी-बहरी व्यवस्था" को जगाने के लिए 9 जून का घेराव एक विशाल जनआंदोलन होगा। जनजागरण अभियान के माध्यम से कांग्रेस 11 प्रमुख मांगों को जनता के बीच ले जा रही है। इन मांगों में नगर पालिका में भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, बरसात से पूर्व सभी चोक नालियों की सफाई व स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, विगत तीन माह से बंद विधवा, वृद्ध एवं दिव्यांग पेंशन की बहाली, प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित राशि का भुगतान, सीवर लाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण, सभी वार्डों में नियमित कचरा संग्रहण, धार्मिक नगरी मैहर को नशामुक्त बनाना, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक, अवैध पैकारी बंद कराना, सार्वजनिक स्थानों पर सुलभ कॉम्पलेक्स का निर्माण तथा पारंपरिक कुओं, तालाबों एवं प्राचीन बावड़ियों का जीर्णोद्धार शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने मैहर वासियों से 9 जून को होने वाले नगर पालिका घेराव आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने और जनहित की इस लड़ाई को मजबूत बनाने का आह्वान किया है।1
- एक तरफ जहां भारत खुद को वैश्विक मंच पर 'विश्वगुरु' और सुरक्षित पर्यटन केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से आई एक खबर ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर स्थित एक होटल में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने एक बार फिर व्यावसायिक और रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे होटलों में अग्निशमन मानकों की घोर अनदेखी को सामने ला दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और होटल में ठहरे कई विदेशी नागरिकों को खिड़कियों से मदद की गुहार लगाते देखा गया। संकरी गलियों और सुरक्षा मानकों की कमी के कारण दमकल कर्मियों को भी राहत कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी। विदेशी सैलानियों के ठहरने के लिए मशहूर इस इलाके में हुए हादसे ने सीधे तौर पर वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को चोट पहुंचाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए एक शर्मनाक स्थिति पैदा हुई है। स्थानीय निवासी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम दुनिया को 'अतिथि देवो भव:' का संदेश देते हैं, लेकिन धरातल पर उनके जीवन की रक्षा के लिए बुनियादी फायर एनओसी और निकास द्वार तक नहीं हैं। इस घटना ने दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली फायर सर्विस के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि होटल में आपातकालीन निकास या तो बंद थे या उनमें कबाड़ भरा हुआ था, और लगे अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायर्ड थे। इसके अतिरिक्त, संकरी गलियों में नियमों को ताक पर रखकर बहुमंजिला होटल तान दिए गए हैं, जहाँ वेंटिलेशन का नामोनिशान नहीं है। हादसे के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ लोगों का कहना है कि जब तक शहरों के बुनियादी ढांचे, कानून व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं बनाया जाता, तब तक 'विश्वगुरु' होने का दावा खोखला ही नजर आएगा। विदेशी नागरिकों की सुरक्षा में हुई यह चूक वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की साख को गहरा धक्का पहुंचा सकती है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और होटल मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या हर बार जागने के लिए किसी बड़े हादसे और मासूमों की जान जाने का इंतजार करना पड़ेगा।1