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मध्य प्रदेश के डबरा में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन पर लगे पोस्टरों से राष्ट्रीय सचिव हेबरन सिंह कंसाना की तस्वीरें फाड़ दी गईं। यह घटना पार्टी में आपसी मतभेद या किसी असामाजिक तत्व की हरकत होने की ओर इशारा करती है। इस हरकत ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं।

9 hrs ago
user_Rajesh kumar soni
Rajesh kumar soni
Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago
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मध्य प्रदेश के डबरा में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन पर लगे पोस्टरों से राष्ट्रीय सचिव हेबरन सिंह कंसाना की तस्वीरें फाड़ दी गईं। यह घटना पार्टी में आपसी मतभेद या किसी असामाजिक तत्व की हरकत होने की ओर इशारा करती है। इस हरकत ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई............. बारिश से पहले एक्शन मोड में प्रशासन ! अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई। #ग्वालियर #ग्वालियरसमाचार #वायरलरील्स #आज की ताजा खबर अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई............. बारिश से पहले एक्शन मोड में प्रशासन ! अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई। #ग्वालियर #ग्वालियरसमाचार #वायरलरील्स #आज की ताजा खबर
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    अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई.............

बारिश से पहले एक्शन मोड में प्रशासन ! अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई।

#ग्वालियर #ग्वालियरसमाचार #वायरलरील्स
#आज की ताजा खबर
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई.............
बारिश से पहले एक्शन मोड में प्रशासन ! अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने ग्वालियर में एलिवेटेड रोड, नाला सफाई और मल्टीलेवल पार्किंग का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी – जलभराव हुआ तो होगी कार्रवाई।
#ग्वालियर #ग्वालियरसमाचार #वायरलरील्स
#आज की ताजा खबर
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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    *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*
भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया?
➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?
➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    32 min ago
  • दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप
दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
दतिया में गेहूं खरीदी पर सवाल, सर्वेयरों पर लापरवाही के आरोप
दतिया। जिले के उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी में लापरवाही और मिलावट के आरोप सामने आ रहे हैं। मामला उनाव रोड स्थित बिहार हाउस बुधेड़ा उपार्जन केंद्र का बताया जा रहा है, जहां सर्वेयरों पर खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की अनदेखी कर खरीदी कराने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सर्वेयरों की जिम्मेदारी गेहूं की गुणवत्ता जांचने की होती है। यदि गेहूं में मिट्टी, कचरा या खराब अनाज पाया जाता है तो उसे खरीदी से अलग किया जाना चाहिए। बावजूद इसके केंद्र पर कथित रूप से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने और गुणवत्ताहीन गेहूं को अस्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सर्वेयरों की लापरवाही के कारण मिट्टी और कचरा मिश्रित गेहूं को भी खरीदी योग्य बताया जा रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
मामले को लेकर जब केंद्र प्रबंधन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरोपों के घेरे में आए कुछ सर्वेयरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उन्हें हटाया गया तो वे पूरे मामले की “पोल खोल” देंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • दतिया : थाना धीरपुरा पुलिस की बड़ी सफलता, 24 घंटे के भीतर नाबालिग बालिका को किया दस्तयाब दतिया जिले की थाना धीरपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुम हुई नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत बालिका की तलाश शुरू की और सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, 7 मई 2026 को फरियादी ने अपनी नाबालिग पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट थाना धीरपुरा में दर्ज कराई थी। मामले में थाना धीरपुरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 28/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे एवं एसडीओपी आकांक्षा जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कार्यवाहक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह जाट एवं उनकी टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने 8 मई को नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इस कार्रवाई में आरक्षक संतोष यादव, दशरथ बघेल एवं चन्द्रप्रकाश की सराहनीय भूमिका रही।
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    दतिया : थाना धीरपुरा पुलिस की बड़ी सफलता, 24 घंटे के भीतर नाबालिग बालिका को किया दस्तयाब
दतिया जिले की थाना धीरपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुम हुई नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत बालिका की तलाश शुरू की और सफलता हासिल की।
जानकारी के अनुसार, 7 मई 2026 को फरियादी ने अपनी नाबालिग पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट थाना धीरपुरा में दर्ज कराई थी। मामले में थाना धीरपुरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 28/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खंडेलवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे एवं एसडीओपी आकांक्षा जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कार्यवाहक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह जाट एवं उनकी टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाया।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने 8 मई को नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इस कार्रवाई में आरक्षक संतोष यादव, दशरथ बघेल एवं चन्द्रप्रकाश की सराहनीय भूमिका रही।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी। प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई। समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली। लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।
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    लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ
दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी।
प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई।
समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली।
लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।
    user_P Goyal
    P Goyal
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!* भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है। यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अब सवाल यह उठ रहा है कि — ➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया? ➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? ➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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    *मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*


*मानव अधिकारों से खिलवाड़ ? भांडेर स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं और नवजातों की जिंदगी से बड़ा जोखिम!*
भांडेर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 फरवरी के बाद से अस्पताल में न तो किसी उपकरण का स्टरलाइजेशन किया गया और न ही उससे संबंधित रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि डिलीवरी या अन्य चिकित्सा उपकरणों का स्टरलाइजेशन किया जाता है, तो उसकी विधिवत तारीख, समय और प्रभारी के हस्ताक्षर सहित रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन रजिस्टर में लंबे समय से कोई रिकॉर्ड दर्ज न होना कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि बिना स्टरलाइजेशन के उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी नहीं बल्कि मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मरीज अस्पताल इलाज और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यदि बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन ही न हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि —
➡️ आखिर महीनों से स्टरलाइजेशन रिकॉर्ड क्यों नहीं भरा गया?
➡️ जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नहीं किया?
➡️ मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    user_भूपेन्द्र जिगना
    भूपेन्द्र जिगना
    News Anchor दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सच कहना अगर बगावत है तो हम बागी ही सही....... ब्राह्मण यूथ ब्रिगेड सच कहना अगर बगावत है तो हम बागी ही सही....... ब्राह्मण यूथ ब्रिगेड
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    सच कहना अगर बगावत है
तो हम बागी ही सही.......
ब्राह्मण यूथ ब्रिगेड
सच कहना अगर बगावत है
तो हम बागी ही सही.......
ब्राह्मण यूथ ब्रिगेड
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भाण्डेर नगर में वृद्धावस्था पेंशन बंद होने का मामला सामने आया है। यहां पर सिकंदरपुर मोहल्ला निवासी मनोहर लाल वर्मा ने तहसील कार्यालय पर भांडेर एसडीएम सोनाली राजपूत को शिकायत देकर बताया कि उन्हें शासन की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन नवंबर 2025 से उनकी पेंशन बंद हो गई है। शनिवार दोपहर 02 बजे उन्होंने नव बताया कि वृद्ध होने के कारण वह मजदूरी करने की स्थिति में नहीं हैं और पेंशन बंद होने से जीवनयापन में भारी परेशानी आ रही है। मनोहर लाल वर्मा ने एसडीएम से मांग की है कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन शीघ्र चालू कराई जाए तथा नवंबर 2025 से अब तक की रुकी हुई पेंशन राशि भी दिलाई जाए।
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    भाण्डेर नगर में वृद्धावस्था पेंशन बंद होने का मामला सामने आया है। यहां पर सिकंदरपुर मोहल्ला निवासी मनोहर लाल वर्मा ने तहसील कार्यालय पर भांडेर एसडीएम सोनाली राजपूत को शिकायत देकर बताया कि उन्हें शासन की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन नवंबर 2025 से उनकी पेंशन बंद हो गई है। शनिवार दोपहर 02 बजे उन्होंने नव बताया कि वृद्ध होने के कारण वह मजदूरी करने की स्थिति में नहीं हैं और पेंशन बंद होने से जीवनयापन में भारी परेशानी आ रही है। मनोहर लाल वर्मा ने एसडीएम से मांग की है कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन शीघ्र चालू कराई जाए तथा नवंबर 2025 से अब तक की रुकी हुई पेंशन राशि भी दिलाई जाए।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी। प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई। समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली। लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए। लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी। प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई। समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली। लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।
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    लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ
दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी।
प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई।
समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली।
लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।
लोक अदालत में फिर जुड़ा रिश्ता: मनमुटाव भुलाकर पिंकी-रामू ने साथ निभाने की ली शपथ
दतिया। जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में आयोजित लोक अदालत में एक बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का सुखद अंत उस समय हुआ, जब दोनों ने आपसी मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार पिंकी का विवाह रामू के साथ 14 फरवरी 2025 को हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। समय के साथ यह मनमुटाव बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिंकी ने घर खर्च नहीं मिलने की बात कहते हुए जिला कुटुंब न्यायालय दतिया में भरण-पोषण की याचिका प्रस्तुत कर दी।
प्रकरण में अनावेदक के रूप में रामू न्यायालय में उपस्थित हुआ। लोक अदालत के दौरान अधिवक्ता श्री अजय सिंह गुर्जर ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अशोक गुप्ता ने भी मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को रिश्ते की अहमियत समझाई।
समझाइश के बाद दोनों ने आपसी सहमति से राजीनामा करने का निर्णय लिया। इसके बाद पिंकी और रामू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय श्री विजय चंद्र जी के समक्ष साथ मिलकर खुशहाल जीवन बिताने की शपथ ली।
लोक अदालत में हुए इस भावुक पल को देखकर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। अंत में दोनों पति-पत्नी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ थामकर न्यायालय से साथ रवाना हुए।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    36 min ago
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