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ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
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ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
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- फर्रुखाबाद जनपद के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों ने मंगलवार को फतेहगढ़ स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। संचालकों ने अपनी संस्थाओं को अग्निशमन (फायर) एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करने के लिए 90 दिन की मोहलत देने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का वर्गीकरण कर उन्हें राहत प्रदान करने की अपील भी की। कोचिंग संचालक निशांत के नेतृत्व में पहुंचे इन संचालकों ने एडीएम को बताया कि हाल ही में हुए प्रशासनिक निरीक्षणों और कार्यवाही के कारण जनपद के अधिकांश कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान बंद पड़े हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में सभी संस्थानों को कम से कम 90 दिनों का समय देना शामिल है ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों, विशेष रूप से फायर एनओसी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने यह भी मांग की है कि छात्र संख्या के आधार पर संस्थानों का श्रेणीकरण किया जाए, जिससे छोटे और बड़े संस्थानों के लिए अलग-अलग मानकों के अनुरूप राहत दी जा सके। आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE, SSC, UPTET, Agniveer और UP Police भर्ती आदि को देखते हुए संस्थानों को तुरंत संचालन की अनुमति देने की भी मांग की गई। संचालकों ने तर्क दिया कि ये संस्थान विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जीवन रेखा हैं और इनके अचानक बंद होने से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह ने संचालकों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों की जांच कराई जाएगी और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लेकर आवश्यक मोहलत देने पर विचार किया जाएगा। फर्रुखाबाद के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए यह मुद्दा वर्तमान में बेहद महत्वपूर्ण है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे शिक्षा संस्थानों का संचालन नियमित हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।2
- ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। वकील इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।1
- नदी की ओर मिट्टी के लगातार बहने का एक दृश्य सामने आया है, जहाँ अचानक ज़मीन धँसने लगी। इस घटना के दौरान एक व्यक्ति बाइक पर वहाँ से गुज़र रहा था। मिट्टी के अचानक ढहने से वह व्यक्ति बाल-बाल बचा और सुरक्षित रहा।1
- केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सर्वदानंद बरनवाल ने फर्रुखाबाद स्थित एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया। यह जानकारी फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट में सामने आई है।1
- सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बेहटी में देर शाम एक घर में जहरीले सांप होने की सूचना रेंजर शाहाबाद को प्राप्त हुई। रेंजर शाहाबाद ने तुरंत इसकी जानकारी फॉरेस्टर शशिकांत बाजपेयी को दी, जिसके बाद शशिकांत बाजपेयी अपनी टीम के साथ देर रात गाँव पहुँचे। वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक उस जहरीले नाग का रेस्क्यू किया और उसे बाद में एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।1
- यह जानकारी कन्नौज जिले के मुर्रा पोस्ट में स्थित ग्राम पंचायत बेगम से संबंधित है।1
- कन्नौज जिले के मदारपुर स्थित नार्धा गाँव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्राम प्रधान मदारपुर, श्री सतराम यादव ने बताया कि गाँव में पानी के नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। उन्होंने यह भी बताया कि पानी तीन गाँवों से होते हुए नार्धा तक पहुँचता है, पर वह नार्धा गाँव तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे ग्रामीणों को पानी का उत्पादन नहीं मिल पा रहा है।1
- फर्रुखाबाद जिले में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा में कुल 31,560 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिसके लिए जिलेभर में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।1