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मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम और एसडीओपी श्री नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस स्थानीय जनमानस को साइबर सुरक्षा और अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन गतिविधियों के तहत, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा अनूपपुर में बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और लगभग 100 ग्राहकों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना एवं प्राध्यापकगण की उपस्थिति में लगभग 600 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इन कार्यक्रमों में टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह और आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम ने नागरिकों को विभिन्न सावधानियों और सुझावों के बारे में बताया। पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सावधानियाँ और सुझाव दिए हैं, जिनमें अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल कॉल/एसएमएस पर ओटीपी साझा न करना, अनजान स्रोत से प्राप्त लिंक्स पर क्लिक न करना, अनजान नंबर के वीडियो कॉल्स अटेंड न करना, और अज्ञात कॉल पर भरोसा करके कोई भी वित्तीय लेन-देन न करना शामिल है। नागरिकों को सोशल मीडिया (Facebook, Instagram, X आदि) पर प्राइवेसी सेटिंग्स पूरी तरह सक्रिय रखने, लॉटरी, इनाम, कैशबैक, नौकरी, लोन, बीमा आदि के भ्रामक ऑफर्स से सावधान रहने, तथा किसी भी संस्था/कंपनी के कस्टमर केयर नंबर के लिए केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है; गूगल सर्च से मिले अज्ञात नंबरों पर भरोसा न करने को कहा गया है। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए केवल विश्वसनीय और प्रमाणित ई-कॉमर्स वेबसाइट/एप का उपयोग करने, सभी मेसेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) चालू रखने, अपने डिवाइस पर अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर रखने और किसी अनजान ईमेल/लिंक को खोलने से पहले उसकी प्रामाणिकता जाँचने की भी बात कही गई। सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर ही जाने और यदि कोई कॉल कर स्वयं को बैंक कर्मी बताकर जानकारी मांगे तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से यह भी बताया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है और ऐसे भय द्वारा की जा रही वसूली से सावधान रहें। शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी, म्यूचुअल फंड में उच्च रिटर्न का झांसा देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश न करने, और टेलीग्राम पर वर्क-फ्रॉम-होम या टास्क कम्प्लीट कर पैसे कमाने के झांसे से बचने की अपील की गई है। ऑनलाइन पेमेंट के लिए यूपीआई पिन माँगा जा सकता है, लेकिन कोई अन्य व्यक्ति आपसे यूपीआई पिन डालने या साझा करने को कहे तो ऐसा न करें। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से APK फाइल डाउनलोड/इंस्टॉल न करें और आरबीआई संबंधित वित्तीय संस्थाओं से ही लोन लें; लोन एप/सेवा उपयोग करने से पहले बैंक से सत्यापन करने को कहा गया है। इसके अलावा, अपना बैंक खाता व सिम किसी अन्य व्यक्ति के उपयोग के लिए न देने की हिदायत भी दी गई है। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे तुरंत “गोल्डन आवर” के भीतर 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने, अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने को कहा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्वरित शिकायत दर्ज होने पर संबंधित खातों की फ्रीजिंग कराकर धनराशि वापसी में सहायता मिल सकती है। कोतवाली अनूपपुर पुलिस जनता से अनुरोध करती है कि वे इन सभी सावधानियों का पालन करके डिजिटल प्लेटफार्मों पर सुरक्षित रहें तथा किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

1 day ago
user_JIYAUDDIN ANSARI
JIYAUDDIN ANSARI
Voice of people Budar, Shahdol•
1 day ago

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम और एसडीओपी श्री नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस स्थानीय जनमानस को साइबर सुरक्षा और अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन गतिविधियों के तहत, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा अनूपपुर में बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और लगभग 100 ग्राहकों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना एवं प्राध्यापकगण की उपस्थिति में लगभग 600 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इन कार्यक्रमों में टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह और आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम ने नागरिकों को विभिन्न

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सावधानियों और सुझावों के बारे में बताया। पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सावधानियाँ और सुझाव दिए हैं, जिनमें अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल कॉल/एसएमएस पर ओटीपी साझा न करना, अनजान स्रोत से प्राप्त लिंक्स पर क्लिक न करना, अनजान नंबर के वीडियो कॉल्स अटेंड न करना, और अज्ञात कॉल पर भरोसा करके कोई भी वित्तीय लेन-देन न करना शामिल है। नागरिकों को सोशल मीडिया (Facebook, Instagram, X आदि) पर प्राइवेसी सेटिंग्स पूरी तरह सक्रिय रखने, लॉटरी, इनाम, कैशबैक, नौकरी, लोन, बीमा आदि के भ्रामक ऑफर्स से सावधान रहने, तथा किसी भी संस्था/कंपनी के कस्टमर केयर नंबर के लिए केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है; गूगल सर्च से मिले अज्ञात नंबरों पर भरोसा न करने को कहा गया है। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए केवल विश्वसनीय और प्रमाणित ई-कॉमर्स वेबसाइट/एप का उपयोग करने, सभी मेसेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) चालू रखने,

अपने डिवाइस पर अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर रखने और किसी अनजान ईमेल/लिंक को खोलने से पहले उसकी प्रामाणिकता जाँचने की भी बात कही गई। सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर ही जाने और यदि कोई कॉल कर स्वयं को बैंक कर्मी बताकर जानकारी मांगे तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से यह भी बताया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है और ऐसे भय द्वारा की जा रही वसूली से सावधान रहें। शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी, म्यूचुअल फंड में उच्च रिटर्न का झांसा देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश न करने, और टेलीग्राम पर वर्क-फ्रॉम-होम या टास्क कम्प्लीट कर पैसे कमाने के झांसे से बचने की अपील की गई है। ऑनलाइन पेमेंट के लिए यूपीआई पिन माँगा जा सकता है, लेकिन कोई अन्य व्यक्ति आपसे यूपीआई पिन डालने या साझा करने को कहे तो ऐसा न

करें। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से APK फाइल डाउनलोड/इंस्टॉल न करें और आरबीआई संबंधित वित्तीय संस्थाओं से ही लोन लें; लोन एप/सेवा उपयोग करने से पहले बैंक से सत्यापन करने को कहा गया है। इसके अलावा, अपना बैंक खाता व सिम किसी अन्य व्यक्ति के उपयोग के लिए न देने की हिदायत भी दी गई है। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे तुरंत “गोल्डन आवर” के भीतर 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने, अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने को कहा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्वरित शिकायत दर्ज होने पर संबंधित खातों की फ्रीजिंग कराकर धनराशि वापसी में सहायता मिल सकती है। कोतवाली अनूपपुर पुलिस जनता से अनुरोध करती है कि वे इन सभी सावधानियों का पालन करके डिजिटल प्लेटफार्मों पर सुरक्षित रहें तथा किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे पवित्र नगरी अमरकंटक पहुँचकर मां नर्मदा उद्गम मंदिर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने बाबा अमरकंठ महादेव का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन एवं आरती कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल अपनी पत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल, परिजनों और मित्र प्रदीप शर्मा के साथ मां नर्मदा उद्गम कुंड पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर मां नर्मदा के दरबार में मत्था टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी (बंटी महाराज) ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ उनका संपूर्ण पूजन-अर्चन संपन्न कराया। पूजन के बाद उन्होंने बाबा अमरकंठ महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया और मंदिर परिसर की परिक्रमा की, साथ ही 11 रुद्र महादेव मंदिर में भी दर्शन कर शीश नवाया। परिक्रमा के दौरान श्री बघेल ने अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में स्मृति स्वरूप छायाचित्र भी खिंचवाए। नर्मदा मंदिर के पुजारियों ने उन्हें मां नर्मदा की पावन चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया और प्रसाद भेंट करते हुए उनके यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन तथा राजनीतिक उन्नति की मंगलकामना की।
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    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे पवित्र नगरी अमरकंटक पहुँचकर मां नर्मदा उद्गम मंदिर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने बाबा अमरकंठ महादेव का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन एवं आरती कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल अपनी पत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल, परिजनों और मित्र प्रदीप शर्मा के साथ मां नर्मदा उद्गम कुंड पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर मां नर्मदा के दरबार में मत्था टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी (बंटी महाराज) ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ उनका संपूर्ण पूजन-अर्चन संपन्न कराया। पूजन के बाद उन्होंने बाबा अमरकंठ महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया और मंदिर परिसर की परिक्रमा की, साथ ही 11 रुद्र महादेव मंदिर में भी दर्शन कर शीश नवाया।

परिक्रमा के दौरान श्री बघेल ने अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में स्मृति स्वरूप छायाचित्र भी खिंचवाए। नर्मदा मंदिर के पुजारियों ने उन्हें मां नर्मदा की पावन चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया और प्रसाद भेंट करते हुए उनके यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन तथा राजनीतिक उन्नति की मंगलकामना की।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में मातम, सब्र और कुर्बानी की याद दिलाने वाला मोहर्रम का पर्व पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित इमामबाड़ा से पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। "या हुसैन... या हुसैन" की सदाओं और गमगीन माहौल के बीच यह जुलूस नगर की विभिन्न गलियों और प्रमुख मार्गों से होकर वार्ड क्रमांक 2 स्थित कर्बला पहुंचा, जहाँ धार्मिक परंपरा के अनुसार ताज़िया को ठंडा किया गया। इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मोहर्रम, हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, जो गम और मातम का महीना माना जाता है। इस अवसर पर लोगों ने खामोशी, सब्र और इंसानियत का पैगाम दिया। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी और मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की, जबकि कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत और पानी की सबील भी लगाई, जिससे इंसानियत और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। ताज़िया के कर्बला पहुंचने पर, वहाँ पहले से मौजूद लोगों ने अदब और एहतराम के साथ अंतिम रस्में अदा कीं और मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों की भी उपस्थिति देखी गई, जो नगर की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का प्रतीक बना। प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पाली में वर्षों से मोहर्रम का जुलूस इसी परंपरा के साथ निकाला जाता रहा है, और यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देकर संपन्न हुआ कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत केवल एक धर्म की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए हक़, सच्चाई और इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक है।
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    उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में मातम, सब्र और कुर्बानी की याद दिलाने वाला मोहर्रम का पर्व पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित इमामबाड़ा से पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। "या हुसैन... या हुसैन" की सदाओं और गमगीन माहौल के बीच यह जुलूस नगर की विभिन्न गलियों और प्रमुख मार्गों से होकर वार्ड क्रमांक 2 स्थित कर्बला पहुंचा, जहाँ धार्मिक परंपरा के अनुसार ताज़िया को ठंडा किया गया।

इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मोहर्रम, हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, जो गम और मातम का महीना माना जाता है। इस अवसर पर लोगों ने खामोशी, सब्र और इंसानियत का पैगाम दिया। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी और मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की, जबकि कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत और पानी की सबील भी लगाई, जिससे इंसानियत और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली।

ताज़िया के कर्बला पहुंचने पर, वहाँ पहले से मौजूद लोगों ने अदब और एहतराम के साथ अंतिम रस्में अदा कीं और मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों की भी उपस्थिति देखी गई, जो नगर की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का प्रतीक बना। प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पाली में वर्षों से मोहर्रम का जुलूस इसी परंपरा के साथ निकाला जाता रहा है, और यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देकर संपन्न हुआ कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत केवल एक धर्म की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए हक़, सच्चाई और इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उमरिया जिले के पाली विकासखंड में गुरुवार को जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित दो बालिका छात्रावास भवनों का लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मीना सिंह द्वारा किया गया। इन भवनों में 50 सीटर एस.टी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹385.03 लाख है, और 50 सीटर एस.सी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹420.50 लाख है, शामिल हैं। दोनों छात्रावासों के निर्माण पर कुल ₹805.53 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, मानपुर और पाली विकासखंड के सरपंच, सभी मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मीना सिंह ने कहा कि यह सर्वसुविधायुक्त भवन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से तैयार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल का आभार व्यक्त किया, जिनके माध्यम से छात्रावास निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। विधायक ने स्वयं भवन का निरीक्षण करने के बाद बताया कि यह छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण, आधुनिक सुविधाएं, विशाल कक्ष, एलईडी व्यवस्था और अन्य संसाधन शामिल हैं। मीना सिंह ने यह भी कहा कि आज विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं भारतीय जनता पार्टी सरकार की शिक्षा एवं छात्र हितैषी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि एक समय था जब विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जबकि आज बच्चों के लिए आधुनिक बैंच-डेस्क की व्यवस्था है, जहाँ वे आराम से बैठकर अध्ययन कर सकते हैं और अपनी किताबें तथा बैग भी व्यवस्थित रख सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने छात्रावास भवनों का अवलोकन कर छात्राओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली।
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    उमरिया जिले के पाली विकासखंड में गुरुवार को जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित दो बालिका छात्रावास भवनों का लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मीना सिंह द्वारा किया गया। इन भवनों में 50 सीटर एस.टी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹385.03 लाख है, और 50 सीटर एस.सी. बालिका छात्रावास, जिसकी लागत ₹420.50 लाख है, शामिल हैं। दोनों छात्रावासों के निर्माण पर कुल ₹805.53 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, मानपुर और पाली विकासखंड के सरपंच, सभी मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मीना सिंह ने कहा कि यह सर्वसुविधायुक्त भवन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से तैयार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल का आभार व्यक्त किया, जिनके माध्यम से छात्रावास निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। विधायक ने स्वयं भवन का निरीक्षण करने के बाद बताया कि यह छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण, आधुनिक सुविधाएं, विशाल कक्ष, एलईडी व्यवस्था और अन्य संसाधन शामिल हैं।

मीना सिंह ने यह भी कहा कि आज विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं भारतीय जनता पार्टी सरकार की शिक्षा एवं छात्र हितैषी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि एक समय था जब विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जबकि आज बच्चों के लिए आधुनिक बैंच-डेस्क की व्यवस्था है, जहाँ वे आराम से बैठकर अध्ययन कर सकते हैं और अपनी किताबें तथा बैग भी व्यवस्थित रख सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने छात्रावास भवनों का अवलोकन कर छात्राओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जनपद पंचायत डिंडोरी के ग्राम पंचायत कुई माल में मनरेगा योजना के तहत लगभग 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित एक चेक डैम को लेकर ग्रामीणों ने उसके निर्माण की उपयोगिता और स्थल चयन पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस निर्माण पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद, यह जमीन पर अपना अपेक्षित उद्देश्य पूरा करता नहीं दिख रहा है, और ग्रामीणों को इसमें "चुल्लू भर भी पानी नहीं" मिल रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि चेक डैम में पानी संचयन की स्थिति संतोषजनक नहीं है और उसमें लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण स्थल पंचायत कार्यालय और आंगनवाड़ी भवन के समीप क्यों चुना गया, जहाँ बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि क्या स्थल चयन तकनीकी आवश्यकता के आधार पर किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मनरेगा जैसी योजना, जिसका उद्देश्य रोजगार और स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण है, उसके क्रियान्वयन में गंभीर कमियां दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने तकनीकी स्वीकृति, निरीक्षण और निर्माण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच और रिकॉर्ड की सार्वजनिक समीक्षा की मांग की है, ताकि विकास कार्यों की उपयोगिता पर उठ रहे इन सवालों का समाधान हो सके।
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    आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जनपद पंचायत डिंडोरी के ग्राम पंचायत कुई माल में मनरेगा योजना के तहत लगभग 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित एक चेक डैम को लेकर ग्रामीणों ने उसके निर्माण की उपयोगिता और स्थल चयन पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस निर्माण पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद, यह जमीन पर अपना अपेक्षित उद्देश्य पूरा करता नहीं दिख रहा है, और ग्रामीणों को इसमें "चुल्लू भर भी पानी नहीं" मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि चेक डैम में पानी संचयन की स्थिति संतोषजनक नहीं है और उसमें लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि निर्माण स्थल पंचायत कार्यालय और आंगनवाड़ी भवन के समीप क्यों चुना गया, जहाँ बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि क्या स्थल चयन तकनीकी आवश्यकता के आधार पर किया गया था।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मनरेगा जैसी योजना, जिसका उद्देश्य रोजगार और स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण है, उसके क्रियान्वयन में गंभीर कमियां दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने तकनीकी स्वीकृति, निरीक्षण और निर्माण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच और रिकॉर्ड की सार्वजनिक समीक्षा की मांग की है, ताकि विकास कार्यों की उपयोगिता पर उठ रहे इन सवालों का समाधान हो सके।
    user_राजेश ठाकुर
    राजेश ठाकुर
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • चार जंगली प्रवासी हाथियों का एक समूह 37 दिन बाद छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को फिर से पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। ये हाथी 24 जून की रात 8:50 बजे जैतहरी क्षेत्र के चोलना, बचहाटोला, छातापटपर और पड़रिया गांवों से होते हुए गूजरनाला पार कर जिले में दाखिल हुए। गुरुवार को दिन भर उन्होंने धनगवां बीट के जंगल में विश्राम किया, और देर शाम जंगल से निकलकर जैतहरी नगर के प्रमुख मार्गों, तालाब, सम्राट होटल, बस स्टैंड और रेलवे लाइन को पार किया। शुक्रवार की सुबह तक, वे तिपान नदी को पार कर गोबरी बीट के झुरहीतलैया जंगल में पहुँचकर दिन भर आराम कर रहे थे। अपने विचरण के दौरान, इन चारों प्रवासी हाथियों ने तीन दिनों के भीतर दो घरों में तोड़फोड़ की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलें, सब्जियां, आम और कटहल जैसे पेड़ों को तोड़कर फलों को खाकर काफी नुकसान पहुँचाया है। वन विभाग, पुलिस विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर हाथियों के विचरण पर लगातार निगरानी रखी, जिसमें जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल का भी सहयोग रहा। इस निरंतर सतर्कता और ग्रामीण जनों के सहयोग के कारण कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो सकी। हालांकि, 25 जून की रात 11:45 से 12:00 बजे के बीच, जब हाथियों का यह समूह जैतहरी नगर के मुख्य मार्ग पर था, तब एक उपद्रवी युवक को लंबे डंडे से बार-बार हाथियों पर हमला करते और उन्हें मारने की कोशिश करते देखा गया। मूल पाठ में इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की गई है कि वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस उपद्रवी युवक की पहचान कर उसके विरुद्ध वन्यजीव के साथ मारपीट करने पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।
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    चार जंगली प्रवासी हाथियों का एक समूह 37 दिन बाद छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को फिर से पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। ये हाथी 24 जून की रात 8:50 बजे जैतहरी क्षेत्र के चोलना, बचहाटोला, छातापटपर और पड़रिया गांवों से होते हुए गूजरनाला पार कर जिले में दाखिल हुए। गुरुवार को दिन भर उन्होंने धनगवां बीट के जंगल में विश्राम किया, और देर शाम जंगल से निकलकर जैतहरी नगर के प्रमुख मार्गों, तालाब, सम्राट होटल, बस स्टैंड और रेलवे लाइन को पार किया। शुक्रवार की सुबह तक, वे तिपान नदी को पार कर गोबरी बीट के झुरहीतलैया जंगल में पहुँचकर दिन भर आराम कर रहे थे।

अपने विचरण के दौरान, इन चारों प्रवासी हाथियों ने तीन दिनों के भीतर दो घरों में तोड़फोड़ की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलें, सब्जियां, आम और कटहल जैसे पेड़ों को तोड़कर फलों को खाकर काफी नुकसान पहुँचाया है। वन विभाग, पुलिस विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर हाथियों के विचरण पर लगातार निगरानी रखी, जिसमें जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल का भी सहयोग रहा। इस निरंतर सतर्कता और ग्रामीण जनों के सहयोग के कारण कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो सकी।

हालांकि, 25 जून की रात 11:45 से 12:00 बजे के बीच, जब हाथियों का यह समूह जैतहरी नगर के मुख्य मार्ग पर था, तब एक उपद्रवी युवक को लंबे डंडे से बार-बार हाथियों पर हमला करते और उन्हें मारने की कोशिश करते देखा गया। मूल पाठ में इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की गई है कि वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस उपद्रवी युवक की पहचान कर उसके विरुद्ध वन्यजीव के साथ मारपीट करने पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उमरिया जिले के पनपथा बफर क्षेत्र की पलझा बीट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 5 वर्षीय बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीण बाघ को तत्काल क्षेत्र से हटाने की मांग पर अड़ गए। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 6 घंटे के भीतर बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को 4 विभागीय हाथियों की मदद से अंजाम दिया गया, जहाँ वन अमले ने प्रशिक्षित हाथियों की सहायता से बाघ को ट्रैक किया, उसे सुरक्षित पकड़ा और फिर बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए बाघ की गतिविधियों और व्यवहार की लगातार निगरानी की जाएगी। इस सफल कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को सामने लाती है।
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    उमरिया जिले के पनपथा बफर क्षेत्र की पलझा बीट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 5 वर्षीय बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीण बाघ को तत्काल क्षेत्र से हटाने की मांग पर अड़ गए।

वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 6 घंटे के भीतर बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को 4 विभागीय हाथियों की मदद से अंजाम दिया गया, जहाँ वन अमले ने प्रशिक्षित हाथियों की सहायता से बाघ को ट्रैक किया, उसे सुरक्षित पकड़ा और फिर बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए बाघ की गतिविधियों और व्यवहार की लगातार निगरानी की जाएगी। इस सफल कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को सामने लाती है।
    user_आदर्श दुबे
    आदर्श दुबे
    Yoga instructor अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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