logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*जिलाधिकारी ने जनसुनवाई में सुनीं जनसमस्याएं, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश* कानपुर देहात, 15 सितंबर 2026। जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री कपिल सिंह ने आज कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जनसामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, भूमि विवाद, विकास कार्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, विद्युत, पेयजल, सड़क, पुलिस एवं अन्य जनहित से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का विभागवार परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को निर्धारित समयावधि में संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसुनवाई में जनपद स्तरीय अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।

15 hrs ago
user_Anand shukla
Anand shukla
अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago
69a73862-fb0d-4304-8988-abdb82e4836d

*जिलाधिकारी ने जनसुनवाई में सुनीं जनसमस्याएं, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश* कानपुर देहात, 15 सितंबर 2026। जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री कपिल सिंह ने आज कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जनसामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, भूमि विवाद, विकास कार्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, विद्युत, पेयजल, सड़क, पुलिस एवं अन्य जनहित से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का विभागवार परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को निर्धारित समयावधि में संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसुनवाई में जनपद स्तरीय अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • खाद्य तेल में मिलावट का खेल कानपुर देहात के रनिया में चल रहा कारोबार कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में खाद्य तेल के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। मंटोरा चौराहे के आसपास एक संदिग्ध बाड़े में टैंकर से तेल उतारने का वीडियो वायरल हो रहा है। आरोप है कि हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों से तेल उतारकर उसे दूसरे कंटेनरों में भरा जाता है और कथित तौर पर मिलावट के बाद स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है। वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    1
    खाद्य तेल में मिलावट का खेल कानपुर देहात के रनिया में चल रहा कारोबार
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में खाद्य तेल के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। मंटोरा चौराहे के आसपास एक संदिग्ध बाड़े में टैंकर से तेल उतारने का वीडियो वायरल हो रहा है।
आरोप है कि हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों से तेल उतारकर उसे दूसरे कंटेनरों में भरा जाता है और कथित तौर पर मिलावट के बाद स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है।
वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    user_Anand shukla
    Anand shukla
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • छौंक की गौशाला या गोवंशों की कालकोठरी? वायरल वीडियो ने व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल मौके पर 75–80 गोवंश होने का दावा, अभिलेखों में 100 से अधिक! चारा-भूसे के नाम पर आने वाली रकम पर भी उठे सवाल सरकार गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं पर लगातार धन खर्च कर रही है। लेकिन कालपी क्षेत्र के कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत छौंक में संचालित तथाकथित अस्थाई गौशाला से सामने आई तस्वीरें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस पूरी व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित बताई जा रही इस गौशाला की जिम्मेदारी मोहिनी सिंह के पास होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस गौशाला में गोवंशों को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भूसा, हरा चारा और पानी मिलना चाहिए, वहां हालात इसके उलट बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो ने झकझोर दिया—मृत गोवंश को कचरे की तरह उठाने का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक मृत गाय के शव को ट्रैक्टर के आगे लगे लोहे के सूपड़े में लादकर ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरें निश्चित तौर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गौशाला में गोवंशों की हालत लंबे समय से खराब है और भूख-प्यास तथा पर्याप्त देखभाल न मिलने के कारण गोवंशों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह भी स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति का है। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी हो जाती है। पसलियां दिखाती तस्वीरें, आखिर गोवंशों को मिल क्या रहा है? स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों के मुताबिक गौशाला में कई गोवंश बेहद कमजोर दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। सवाल यह है कि यदि गौशाला में गोवंशों की देखभाल के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो फिर धरातल पर उनकी हालत इतनी खराब क्यों दिखाई दे रही है? क्या चारे की खरीद और वितरण का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है? क्या स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा वास्तव में गौशाला तक पहुंची? क्या गोवंशों को निर्धारित मात्रा में चारा मिल रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कागज और जमीन पर मौजूद गोवंशों की संख्या एक जैसी है? 75–80 जमीन पर, 100 से ज्यादा कागजों में? इस पूरे मामले का सबसे गंभीर आरोप गोवंशों की संख्या में कथित अंतर को लेकर है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर लगभग 75 से 80 गोवंश ही दिखाई देते हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों अथवा शासन को भेजे जाने वाले विवरण में 100 से अधिक गोवंश दर्ज होने की बात कही जा रही है। यदि जांच में यह अंतर सही पाया जाता है तो सवाल बेहद बड़ा है— जो गोवंश मौके पर हैं ही नहीं, उनके नाम पर चारा-भूसा और अन्य मदों में धनराशि की मांग कैसे की जा रही है? और यदि अभिलेख बिल्कुल सही हैं तो फिर प्रशासन मौके पर गिनती कराकर यह स्पष्ट क्यों नहीं करता कि वास्तविक संख्या कितनी है? यही वह बिंदु है जहां से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है। कहीं कागजों पर पल तो नहीं रहे गोवंश? स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वास्तविक संख्या से अधिक गोवंश दर्शाकर सरकारी धन का लाभ उठाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अगर यह सिर्फ अफवाह है तो जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी और आरोप निराधार साबित हो जाएंगे। और अगर जांच में रिकॉर्ड और मौके की संख्या में बड़ा अंतर मिलता है, तो फिर यह केवल गौशाला की अव्यवस्था का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और अभिलेखीय गड़बड़ी का गंभीर विषय बन जाएगा। सवाल सिर्फ गायों का नहीं, सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है सरकार का उद्देश्य है कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थान मिले, उन्हें भोजन और पानी मिले और उनकी उचित देखभाल हो। लेकिन यदि कहीं कागजों पर गोवंशों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन की मांग की जा रही हो और धरातल पर वही गोवंश भूख-प्यास से जूझते मिलें, तो यह व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी। गौशाला किसी की कमाई का जरिया नहीं, बेजुबान गोवंशों के संरक्षण की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मामले में भावनाओं से ज्यादा जरूरी है तथ्यों की जांच। जिला प्रशासन करे तत्काल निष्पक्ष जांच मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि छौंक गौशाला का अचानक स्थलीय निरीक्षण कर— - मौके पर मौजूद प्रत्येक गोवंश की वास्तविक गिनती कराई जाए। - गौशाला रजिस्टर और दैनिक उपस्थिति का मिलान किया जाए। - भूसा एवं हरा चारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाए। - खरीद और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए। - शासन को भेजी गई डिमांड का मौके की संख्या से मिलान कराया जाए। - मृत गोवंशों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच हो। - वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसकी तारीख/स्थान की पुष्टि कराई जाए। - गौशाला संचालन की जिम्मेदारी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाए। अगर आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति साफ होनी चाहिए। और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। आखिर जवाब देगा कौन? गोवंशों के नाम पर सरकारी योजनाएं और बजट कागजों पर भले ही मजबूत दिखाई दें, लेकिन असली परीक्षा गौशाला के भीतर मौजूद उन बेजुबानों की हालत से होती है। छौंक की गौशाला से सामने आए वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों ने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है— क्या सरकारी अभिलेखों में दर्ज गोवंश और गौशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या वास्तव में समान है? अगर हां, तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करे। अगर नहीं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कागजों पर दर्ज अतिरिक्त गोवंशों के नाम पर होने वाली सरकारी धनराशि का हिसाब कौन देगा? फिलहाल यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित अधिकारियों अथवा गौशाला संचालक का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी क्या राय है? क्या छौंक की अस्थाई गौशाला में गोवंशों की संख्या, चारा-भूसा और सरकारी धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
    1
    छौंक की गौशाला या गोवंशों की कालकोठरी? 
वायरल वीडियो ने व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
मौके पर 75–80 गोवंश होने का दावा, अभिलेखों में 100 से अधिक! 
चारा-भूसे के नाम पर आने वाली रकम पर भी उठे सवाल
सरकार गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं पर लगातार धन खर्च कर रही है। 
लेकिन कालपी क्षेत्र के कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत छौंक में संचालित तथाकथित अस्थाई गौशाला से सामने आई तस्वीरें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस पूरी व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित बताई जा रही इस गौशाला की जिम्मेदारी मोहिनी सिंह के पास होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस गौशाला में गोवंशों को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भूसा, हरा चारा और पानी मिलना चाहिए, वहां हालात इसके उलट बताए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो ने झकझोर दिया—मृत गोवंश को कचरे की तरह उठाने का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक मृत गाय के शव को ट्रैक्टर के आगे लगे लोहे के सूपड़े में लादकर ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरें निश्चित तौर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गौशाला में गोवंशों की हालत लंबे समय से खराब है और भूख-प्यास तथा पर्याप्त देखभाल न मिलने के कारण गोवंशों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह भी स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति का है। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
पसलियां दिखाती तस्वीरें, आखिर गोवंशों को मिल क्या रहा है?
स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों के मुताबिक गौशाला में कई गोवंश बेहद कमजोर दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
सवाल यह है कि यदि गौशाला में गोवंशों की देखभाल के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो फिर धरातल पर उनकी हालत इतनी खराब क्यों दिखाई दे रही है?
क्या चारे की खरीद और वितरण का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है?
क्या स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा वास्तव में गौशाला तक पहुंची?
क्या गोवंशों को निर्धारित मात्रा में चारा मिल रहा है?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या कागज और जमीन पर मौजूद गोवंशों की संख्या एक जैसी है?
75–80 जमीन पर, 100 से ज्यादा कागजों में?
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर आरोप गोवंशों की संख्या में कथित अंतर को लेकर है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर लगभग 75 से 80 गोवंश ही दिखाई देते हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों अथवा शासन को भेजे जाने वाले विवरण में 100 से अधिक गोवंश दर्ज होने की बात कही जा रही है।
यदि जांच में यह अंतर सही पाया जाता है तो सवाल बेहद बड़ा है—
जो गोवंश मौके पर हैं ही नहीं, उनके नाम पर चारा-भूसा और अन्य मदों में धनराशि की मांग कैसे की जा रही है?
और यदि अभिलेख बिल्कुल सही हैं तो फिर प्रशासन मौके पर गिनती कराकर यह स्पष्ट क्यों नहीं करता कि वास्तविक संख्या कितनी है?
यही वह बिंदु है जहां से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है।
कहीं कागजों पर पल तो नहीं रहे गोवंश?
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वास्तविक संख्या से अधिक गोवंश दर्शाकर सरकारी धन का लाभ उठाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन अगर यह सिर्फ अफवाह है तो जांच के बाद स्थिति साफ हो जाएगी और आरोप निराधार साबित हो जाएंगे।
और अगर जांच में रिकॉर्ड और मौके की संख्या में बड़ा अंतर मिलता है, तो फिर यह केवल गौशाला की अव्यवस्था का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और अभिलेखीय गड़बड़ी का गंभीर विषय बन जाएगा।
सवाल सिर्फ गायों का नहीं, सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है
सरकार का उद्देश्य है कि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थान मिले, उन्हें भोजन और पानी मिले और उनकी उचित देखभाल हो।
लेकिन यदि कहीं कागजों पर गोवंशों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन की मांग की जा रही हो और धरातल पर वही गोवंश भूख-प्यास से जूझते मिलें, तो यह व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी।
गौशाला किसी की कमाई का जरिया नहीं, बेजुबान गोवंशों के संरक्षण की जिम्मेदारी है।
इसलिए इस मामले में भावनाओं से ज्यादा जरूरी है तथ्यों की जांच।
जिला प्रशासन करे तत्काल निष्पक्ष जांच
मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि छौंक गौशाला का अचानक स्थलीय निरीक्षण कर—
- मौके पर मौजूद प्रत्येक गोवंश की वास्तविक गिनती कराई जाए।
- गौशाला रजिस्टर और दैनिक उपस्थिति का मिलान किया जाए।
- भूसा एवं हरा चारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
- खरीद और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए।
- शासन को भेजी गई डिमांड का मौके की संख्या से मिलान कराया जाए।
- मृत गोवंशों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच हो।
- वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसकी तारीख/स्थान की पुष्टि कराई जाए।
- गौशाला संचालन की जिम्मेदारी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाए।
अगर आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति साफ होनी चाहिए। और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
आखिर जवाब देगा कौन?
गोवंशों के नाम पर सरकारी योजनाएं और बजट कागजों पर भले ही मजबूत दिखाई दें, लेकिन असली परीक्षा गौशाला के भीतर मौजूद उन बेजुबानों की हालत से होती है।
छौंक की गौशाला से सामने आए वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों ने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या सरकारी अभिलेखों में दर्ज गोवंश और गौशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या वास्तव में समान है?
अगर हां, तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करे।
अगर नहीं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कागजों पर दर्ज अतिरिक्त गोवंशों के नाम पर होने वाली सरकारी धनराशि का हिसाब कौन देगा?
फिलहाल यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित अधिकारियों अथवा गौशाला संचालक का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
आपकी क्या राय है?
क्या छौंक की अस्थाई गौशाला में गोवंशों की संख्या, चारा-भूसा और सरकारी धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 min ago
  • जालौन जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के जालौन जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 बहने बेसहारा, बेसहारा हुई 6 नाबालिग बहनों के जिंदगी की जद्दोजहद, माता-पिता के बाद अब दादी का भी मासूमों से सिर से उठा साया, माता-पिता के गुजरने के बाद दादी के भरोसे रह रहीं थीं 6 सगी बहनें, कच्चे मकान में हो रही थी गुजर बसर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे रिश्तेदार, नाबालिग बच्ची अंजली ने जिला प्रशासन से वीडियो के जरिए लगाई मदद की गुहार, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, जालौन तहसील क्षेत्र के सींगपुरा गांव का मामला।
    1
    जालौन
जालौन  में  अपनों  का   छूटा  साथ, पेट की मार के 
जालौन
जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 बहने बेसहारा,
बेसहारा हुई 6 नाबालिग बहनों के जिंदगी की जद्दोजहद, 
माता-पिता के बाद अब दादी का भी मासूमों से सिर से उठा साया,
माता-पिता के गुजरने के बाद दादी के भरोसे रह रहीं थीं 6 सगी बहनें,
कच्चे मकान में हो रही थी गुजर बसर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे रिश्तेदार,
नाबालिग बच्ची अंजली ने जिला प्रशासन से वीडियो के जरिए लगाई मदद की गुहार,
ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल,
जालौन तहसील क्षेत्र के सींगपुरा गांव का मामला।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • माता-पिता के बाद दादी का भी उठा साया, छह बहनें हुईं बेसहारा ➡️ सीगपुरा गांव की छह बहनों पर टूटा दुखों का पहाड़ ➡️ 2023 में कैंसर से पिता विजय सिंह बरार की हुई थी मौत ➡️ पिता की मौत के एक महीने बाद मां राम सिया देवी का भी निधन ➡️ अब 14 सितंबर 2026 को दादी मुला देवी का भी निधन ➡️ 13 वर्षीय अंजलि, 10 वर्षीय दिव्या, 9 वर्षीय प्रतिज्ञा समेत छह बहनों के सिर से उठा आखिरी सहारा ➡️ बच्चियों ने प्रशासन से मदद की लगाई गुहार ➡️ समाजसेवियों और सक्षम लोगों से भी बच्चियों की मदद की अपील 📍 मामला जालौन ब्लॉक के सीगपुरा गांव का है।
    1
    माता-पिता के बाद दादी का भी उठा साया, छह बहनें हुईं बेसहारा

➡️ सीगपुरा गांव की छह बहनों पर टूटा दुखों का पहाड़
➡️ 2023 में कैंसर से पिता विजय सिंह बरार की हुई थी मौत
➡️ पिता की मौत के एक महीने बाद मां राम सिया देवी का भी निधन
➡️ अब 14 सितंबर 2026 को दादी मुला देवी का भी निधन
➡️ 13 वर्षीय अंजलि, 10 वर्षीय दिव्या, 9 वर्षीय प्रतिज्ञा समेत छह बहनों के सिर से उठा आखिरी सहारा
➡️ बच्चियों ने प्रशासन से मदद की लगाई गुहार
➡️ समाजसेवियों और सक्षम लोगों से भी बच्चियों की मदद की अपील
📍 मामला जालौन ब्लॉक के सीगपुरा गांव का है।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • 27 लाख दीयों से जगमगाएगी अयोध्या, दीपोत्सव में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव की रोशनी से जगमगाने की तैयारी में है। इस बार दीपोत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाने के लिए 27 लाख दीये जलाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही आयोजन में नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दीपोत्सव को लेकर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अयोध्या के प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाने के साथ ही दीप प्रज्ज्वलन की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की ओर से आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है। रामनगरी में लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देगा। दीपोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख आयोजन है, बल्कि इससे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। 27 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन के साथ अयोध्या में एक बार फिर भव्य दीपोत्सव और नए रिकॉर्ड की तैयारी की जा रही है।
    1
    27 लाख दीयों से जगमगाएगी अयोध्या, दीपोत्सव में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव की रोशनी से जगमगाने की तैयारी में है। इस बार दीपोत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाने के लिए 27 लाख दीये जलाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही आयोजन में नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दीपोत्सव को लेकर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अयोध्या के प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाने के साथ ही दीप प्रज्ज्वलन की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की ओर से आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रामनगरी में लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देगा। दीपोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख आयोजन है, बल्कि इससे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। 27 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन के साथ अयोध्या में एक बार फिर भव्य दीपोत्सव और नए रिकॉर्ड की तैयारी की जा रही है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • झाँसी SP सिटी प्रीति सिंह का बड़ा बयान- अपराधियों को दी खुली चेतावनी!!... झांसी में बढ़ रहे अपराध को लेकर झांसी एसपी सिटी ने एक प्रेस वार्ता की और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जितने भी झांसी जिले में अपराधी है या तो वह जिले को छोड़ दें या फिर वह अपराध करना बंद कर दे अन्यथा किसी भी सूरत में अपराधियों को बक्सर नहीं जाएगा और अपराधियों की जगह सिर्फ जेल में ही रहेगी और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनको जेल की सलाखों में डाला जाएगा सुनिए विस्तार से क्या कुछ बोली एसपी सिटी प्रीति सिंह!!
    1
    झाँसी SP सिटी प्रीति सिंह का बड़ा बयान- अपराधियों को दी खुली चेतावनी!!...
झांसी में बढ़ रहे अपराध को लेकर झांसी एसपी सिटी ने एक प्रेस वार्ता की और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जितने भी झांसी जिले में अपराधी है या तो वह जिले को छोड़ दें या फिर वह अपराध करना बंद कर दे अन्यथा किसी भी सूरत में अपराधियों को बक्सर नहीं जाएगा और अपराधियों की जगह सिर्फ जेल में ही रहेगी और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनको जेल की सलाखों में डाला जाएगा सुनिए विस्तार से क्या कुछ बोली एसपी सिटी प्रीति सिंह!!
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जिलाधिकारी ने माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में की जनसुनवाई, संबंधित अधिकारियों को माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का संतोषपरक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति एवं स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।
    1
    जिलाधिकारी ने माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में की जनसुनवाई, संबंधित अधिकारियों को
माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का संतोषपरक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।  शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति एवं स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • *➡️थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने वाले वांछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।* जनपद कानपुर देहात में अपराध नियन्त्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 08.09.2026 को थाना रसूलाबाद पर वादी द्वारा दी गयी तहरीर बावत वादी की पुत्री से अभियुक्त ताज मोहम्मद द्वारा जबरदस्ती इन्स्टाग्राम पर बातचीत करना व उसकी पुत्री द्वारा बातचीत से मना करने पर फोटो व वीडियो को वायरल करने आदि के सम्बन्ध में दी गयी। जिसके आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 345/2026 धारा 351(2)/351(3) बीएनएस व धारा 66 ई सूचना प्रोद्योगिकी ( संशोधन ) अधिनियम बनाम ताज मोहम्मद पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बयान पीड़िता धारा 180/183 बीएनएसएस व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त में धारा 64(2)ड बीएनएस व धारा 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी । आज दिनांक 15.09.2026 को थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्त ताज मोहम्मद पुत्र ताजुद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात को मलखानपुर पुलिया के पास थाना क्षेत्र रसूलाबाद से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। *गिरफ्तारशुदा अभियुक्त का विवरण –* 1. ताज मोहम्मद उम्र करीब 21 वर्ष पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात । *अभियुक्त ताज मोहम्मद उपरोक्त का अपराधिक इतिहास-* 1. मु0अ0सं0 0345/2026 धारा 64(2)ड/351(2)/351(3) बीएनएस व 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट व धारा 66ई आईटी एक्ट, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात। *गिरफ्तारी करने वाली थाना रसूलाबाद पुलिस टीम-* 1. अतिरिक्त निरीक्षक राजपाल सिंह, 2. का0 विनोद पुरी, 3. रि0का0 रोहित कुमार ।
    1
    *➡️थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने वाले वांछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।* 

जनपद कानपुर देहात में अपराध नियन्त्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 08.09.2026 को थाना रसूलाबाद पर वादी द्वारा दी गयी तहरीर बावत वादी की पुत्री से अभियुक्त ताज मोहम्मद द्वारा जबरदस्ती इन्स्टाग्राम पर बातचीत करना व उसकी पुत्री द्वारा बातचीत से मना करने पर फोटो व वीडियो को वायरल करने आदि के सम्बन्ध में दी गयी। जिसके आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 345/2026 धारा 351(2)/351(3) बीएनएस व धारा 66 ई सूचना प्रोद्योगिकी ( संशोधन ) अधिनियम बनाम ताज मोहम्मद पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया । थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए बयान पीड़िता धारा 180/183 बीएनएसएस व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त में धारा 64(2)ड बीएनएस व धारा 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट की बढोत्तरी की गयी । 
आज दिनांक 15.09.2026 को थाना रसूलाबाद पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में वांछित अभियुक्त ताज मोहम्मद पुत्र ताजुद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात को मलखानपुर पुलिया के पास थाना क्षेत्र रसूलाबाद से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
*गिरफ्तारशुदा अभियुक्त का विवरण –* 
1.	ताज मोहम्मद उम्र करीब 21 वर्ष पुत्र ताजउद्दीन निवासी ग्राम दहेली, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात ।
*अभियुक्त ताज मोहम्मद उपरोक्त  का अपराधिक इतिहास-* 
1.	मु0अ0सं0 0345/2026 धारा 64(2)ड/351(2)/351(3) बीएनएस व 5ठ/6 पॉक्सो एक्ट व धारा 66ई आईटी एक्ट, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात।
*गिरफ्तारी करने वाली थाना रसूलाबाद पुलिस टीम-*
1.	अतिरिक्त निरीक्षक राजपाल सिंह, 
2.	का0 विनोद पुरी, 
3.	रि0का0  रोहित कुमार ।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.