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भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर का टेन्योर समाप्त हो चुका है।
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भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर का टेन्योर समाप्त हो चुका है।
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- भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर का टेन्योर समाप्त हो चुका है।1
- इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए वनडे क्रिकेट के फाइनल मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है।1
- कल रात पल्लू जेल से नितीश कुमार यादव के फरार होने की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर ताजा अपडेट आया है कि कैदी पल्लू जेल से भाग निकला है।1
- पूर्वी चंपारण के सुगौली में पुलिस ने देशी कट्टा के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सुगौली पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- बिहार में आनंद सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को पूरी तरह गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल नहीं होना चाहिए।1
- पटना में बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम के बाहर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प और जमकर पथराव हुआ। प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यकर्ता कुर्जी रोड स्थित सदाकत आश्रम पहुंचे थे, जहां तीखी नारेबाजी और बहस के बाद दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस हिंसा में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जबकि कई वाहनों और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों ने उनके प्रदेश कार्यालय पर भी हमला कर तोड़फोड़ की कोशिश की, जबकि कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर उकसावे और हिंसा फैलाने का आरोप जड़ा है। मामले की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ पहुंचीं सिटी एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) दीक्षा और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराया। फिलहाल सदाकत आश्रम, भाजपा प्रदेश कार्यालय और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की जांच के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग की अपील की है। इस घटना ने राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब सभी की नजरें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।1