जन अभियान परिषद कई दिनों से विवादों घिरा हुआ है, जिला पंचायत CEO ने दोनों पक्षों को जारी किया नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक उसमें कोई भी सुनवाई नहीं* *जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद भी अभी तक नहीं हुआ कोई न्याय, शिकायतकर्ता लगा रही न्याय का गुहार* *जन अभियान परिषद कई दिनों से विवादों घिरा हुआ है, जिला पंचायत CEO ने दोनों पक्षों को जारी किया नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक उसमें कोई भी सुनवाई नहीं* *जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद भी अभी तक नहीं हुआ कोई न्याय, शिकायतकर्ता लगा रही न्याय का गुहार* कटनी – कटनी जिले में जन अभियान परिषद के भीतर एक बड़ा विवाद सामने आया है। विजयराघवगढ़ जनपद पंचायत की ब्लॉक समन्वयक (BC) पर एक मेंटर ने रिश्वत मांगने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हरसिमरन कौर ने दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया था, हालांकि अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवराखुर्द की ग्राम विकास समिति में परामर्शदाता (मेंटर) अर्चना गौतम ने ब्लॉक समन्वयक आरती गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अर्चना गौतम ने 17 फरवरी 2026 को जनसुनवाई में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाए थे। लगाए गए मुख्य आरोप शिकायतकर्ता अर्चना गौतम का आरोप है कि ब्लॉक समन्वयक आरती गुप्ता द्वारा: अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है। उनसे 10,000 रुपये नकद लिए गए और अतिरिक्त 15,000 रुपये की मांग की गई। पैसे न देने पर पद से हटाने और कुछ राजनेताओं के नाम लेकर धमकाने की बात कही गई। जिला पंचायत की कार्रवाई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत कटनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन कौर ने 25 फरवरी 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया। पत्र के माध्यम से आरती गुप्ता (ब्लॉक समन्वयक) और अर्चना गौतम (मेंटर) दोनों को 27 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जिला पंचायत कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। निर्देश दोनों पक्षों को अपने-अपने साक्ष्य और प्रमाणों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया, ताकि मामले का निष्पक्ष निराकरण किया जा सके। कलेक्टर को भी भेजी गई प्रतिलिपि इस मामले की जानकारी जिला कलेक्टर और जिला समन्वयक, जन अभियान परिषद को भी भेजी गई है। शासकीय विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े इस आरोप ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजरें सुनवाई और प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हुई हैं।
जन अभियान परिषद कई दिनों से विवादों घिरा हुआ है, जिला पंचायत CEO ने दोनों पक्षों को जारी किया नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक उसमें कोई भी सुनवाई नहीं* *जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद भी अभी तक नहीं हुआ कोई न्याय, शिकायतकर्ता लगा रही न्याय का गुहार* *जन अभियान परिषद कई दिनों से विवादों घिरा हुआ है, जिला पंचायत CEO ने दोनों पक्षों को जारी किया नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक उसमें कोई भी सुनवाई नहीं* *जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आने के बाद भी अभी तक नहीं हुआ कोई न्याय, शिकायतकर्ता लगा रही न्याय का गुहार* कटनी – कटनी जिले में जन अभियान परिषद के भीतर एक बड़ा विवाद सामने आया है। विजयराघवगढ़ जनपद पंचायत की ब्लॉक समन्वयक (BC) पर एक मेंटर ने रिश्वत मांगने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हरसिमरन कौर ने दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया था, हालांकि अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवराखुर्द की ग्राम विकास समिति में परामर्शदाता (मेंटर) अर्चना गौतम ने ब्लॉक समन्वयक आरती गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अर्चना गौतम ने 17 फरवरी 2026 को जनसुनवाई में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाए थे। लगाए गए मुख्य आरोप शिकायतकर्ता अर्चना गौतम का आरोप है कि ब्लॉक समन्वयक आरती गुप्ता द्वारा: अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है। उनसे 10,000 रुपये नकद लिए गए और अतिरिक्त 15,000 रुपये की मांग की गई। पैसे न देने पर पद से हटाने और कुछ राजनेताओं के नाम लेकर धमकाने की बात कही गई। जिला पंचायत की कार्रवाई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत कटनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन कौर ने 25 फरवरी 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया। पत्र के माध्यम से आरती गुप्ता (ब्लॉक समन्वयक) और अर्चना गौतम (मेंटर) दोनों को 27 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जिला पंचायत कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। निर्देश दोनों पक्षों को अपने-अपने साक्ष्य और प्रमाणों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया, ताकि मामले का निष्पक्ष निराकरण किया जा सके। कलेक्टर को भी भेजी गई प्रतिलिपि इस मामले की जानकारी जिला कलेक्टर और जिला समन्वयक, जन अभियान परिषद को भी भेजी गई है। शासकीय विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े इस आरोप ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजरें सुनवाई और प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हुई हैं।
- स्लीमनाबाद रेल्वे स्टेशन ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विगत 15 वर्षों से रेल प्रशासन को दी गई मांग पर उचित विचार न किए पर आक्रोशित होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप त्रिपाठी ईश्वर चंद्र त्रिपाठी दीपक तिवारी अमरदीप साहू कटनी से विंधेश्वरी पटेल मंगल सिंह धरवारा शिव सरपंच अमित गर्ग आदि भारी जन सैलाब रेल रुको आंदोलन में उमर पाड़ा वही रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने डीआरएम तथा जीएमसी प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर ज्ञापन को प्राप्त किया और इतवारी को 15 दिन में आरंभ करने तथा निर्दोषी ट्रेनों के ठहराव के लिए 15 दोनों का समय मांगा है1
- रीठी बायपास के पास अवैध प्लाटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी, प्रशासन मौन कटनी – कटनी शहर के रीठी बायपास क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का खेल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मुख्य सड़क से लगी कृषि भूमि को बिना वैधानिक अनुमति के छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक इस पर सख्त कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू - माभिया खेतों को प्लॉट में बदल रहे हैं। न तो कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत है और न ही सड़क, नाली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था की जा रही है। इसके बावजूद लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन की खरीद-फरोख्त कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर जेसीबी से सड़कें बनाकर कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है, जबकि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में अवैध मकान खड़े हो सकते हैं। सूत्रो के अनुसार, बिना भूमि कन्वर्जन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति के यह प्लाटिंग की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों के मिलीभगत की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अनुमति की प्लाटिंग से खरीदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी कॉलोनियों को भविष्य में वैधता मिलना मुश्किल होता है और प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रीठी बायपास क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके और शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।2
- स्लीमनाबाद में फूटा जनआक्रोश: एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग पर हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन स्लीमनाबाद/कटनी। लंबे समय से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को जनआक्रोश का बड़ा विस्फोट देखने को मिला। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण, अपडाउनर्स, छात्र और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्टेशन परिसर में जुट गए। देखते ही देखते पूरा स्टेशन आंदोलनकारियों से भर गया और ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग जोरदार तरीके से उठने लगी। ग्रामीणों का कहना था कि स्लीमनाबाद क्षेत्र का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूर के स्टेशनों तक जाना पड़ता है। इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्लीमनाबाद स्टेशन पर नियमित ठहराव की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि इन ट्रेनों के रुकने से पूरे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। रेलवे अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों और समिति के पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि— रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54) के स्लीमनाबाद में प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी तथा जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को अग्रसारित कर दिया गया है और इस पर सकारात्मक विचार चल रहा है। रेलवे के इस लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया, हालांकि समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठहराव शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद इस प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इसके अलावा दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान समेत सैकड़ों ग्रामीण और अपडाउनर्स आंदोलन में शामिल रहे। ✍️ संवाददाता: बंटी नामदेव1
- Post by Saurabh Singh1
- ग्राम कटारिया में महापुरुषों के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास।1
- कटनी: मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक परिवार ने अपनी समस्या का समाधान न होने पर आत्महत्या की धमकी दे दी। जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहा था, लेकिन समाधान नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने जनसुनवाई में जमकर विरोध जताया।1
- कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए। रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया। फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- *स्लीमनाबाद में एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए फूटा जनआक्रोश; हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण, रेलवे ने दिया लिखित आश्वासन* स्लीमनाबाद/कटनी – लंबे समय से चली आ रही रेल स्टॉपेज की मांग को लेकर आज स्लीमनाबाद स्टेशन पर जनआक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अपडाउनर्स और ग्रामीण जुटना शुरू हो गए थे। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि स्लीमनाबाद में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिसके अभाव में क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। *प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग* आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज की मांग पुरजोर तरीके से रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन ट्रेनों के न रुकने से व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। *रेलवे अधिकारियों का लिखित आश्वासन और 'ब्रेकिंग न्यूज़'* आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर डीआरएम कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनकी मांगें प्रक्रिया में हैं। इस दौरान एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं: * रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54): इस ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। * इंटरसिटी ट्रेनें: जबलपुर-अंबिकापुर और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी के ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को अग्रसारित (Forward) कर दिया गया है। अधिकारियों के इस लिखित भरोसे के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। *क्षेत्रीय नेतृत्व की रही सक्रिय उपस्थिति* इस बड़े प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग और विजय साहू सहित दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बढ़गैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह और लालू खान जैसे अनेक गणमान्य नागरिक व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1