दोषी चकबंदी अधिकारियों पर कार्रवाई, मुआवजा व नौकरी की मांग धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम संठी निवासी स्वर्गीय प्रभुनाथ प्रजापति की आत्महत्या के मामले को लेकर सर्वजन आवाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी धनघटा को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने इस मामले में दोषी चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, चक बहाली, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि स्व० प्रभुनाथ प्रजापति अत्यंत गरीब और मेहनतकश किसान थे। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी रोड की कृषि योग्य भूमि को गलत तरीके से ताल (पानी भरे क्षेत्र) में दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई। आरोप है कि न्याय के लिए महीनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनसे अवैध धन की मांग की गई। मजबूरी में उन्हें अपनी भैंस बेचकर रिश्वत देनी पड़ी, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर प्रभुनाथ प्रजापति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिजन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। सर्वजन आवाज पार्टी ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए, भूमि तत्काल बहाल हो, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा राशन व आवास जैसी सुविधाएं दी जाएं। पार्टी ने चेतावनी दी कि सात दिनों में कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
दोषी चकबंदी अधिकारियों पर कार्रवाई, मुआवजा व नौकरी की मांग धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम संठी निवासी स्वर्गीय प्रभुनाथ प्रजापति की आत्महत्या के मामले को लेकर सर्वजन आवाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी धनघटा को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने इस मामले में दोषी चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, चक बहाली, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि स्व० प्रभुनाथ प्रजापति अत्यंत गरीब और मेहनतकश किसान थे। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी रोड की कृषि योग्य भूमि को गलत तरीके से ताल (पानी भरे क्षेत्र) में दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई। आरोप है कि न्याय के लिए महीनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनसे अवैध धन की मांग की गई। मजबूरी में उन्हें अपनी भैंस बेचकर रिश्वत देनी पड़ी, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर प्रभुनाथ प्रजापति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिजन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। सर्वजन आवाज पार्टी ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए, भूमि तत्काल बहाल हो, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा राशन व आवास जैसी सुविधाएं दी जाएं। पार्टी ने चेतावनी दी कि सात दिनों में कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
- दोषी चकबंदी अधिकारियों पर कार्रवाई, मुआवजा व नौकरी की मांग धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम संठी निवासी स्वर्गीय प्रभुनाथ प्रजापति की आत्महत्या के मामले को लेकर सर्वजन आवाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी धनघटा को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने इस मामले में दोषी चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, चक बहाली, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि स्व० प्रभुनाथ प्रजापति अत्यंत गरीब और मेहनतकश किसान थे। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी रोड की कृषि योग्य भूमि को गलत तरीके से ताल (पानी भरे क्षेत्र) में दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई। आरोप है कि न्याय के लिए महीनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनसे अवैध धन की मांग की गई। मजबूरी में उन्हें अपनी भैंस बेचकर रिश्वत देनी पड़ी, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर प्रभुनाथ प्रजापति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिजन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। सर्वजन आवाज पार्टी ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए, भूमि तत्काल बहाल हो, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा राशन व आवास जैसी सुविधाएं दी जाएं। पार्टी ने चेतावनी दी कि सात दिनों में कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।1
- संत कबीर नगर में महाशिवरात्रि को लेकर डीआईजी व कमिश्नर ने की समीक्षा बैठक1
- आकाशवाणी 12 02 2026 ई0 *मोबाइल और ब्लैकमेलिंग " मैं कमल कांत तिवारी ग्राम पंचायत भगवानपुर ,ब्लॉक बघौली, तहसील खलीलाबाद, जनपद संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूं । हमने जो अब तक अनुभव पाया है । वह अनुभव शेयर कर रहा हूं । @ यह संदेश उन लोगों के लिए है जो लोग मोबाइल चलाते हैं। मोबाइल पर वीडियो ,फोटो रील, लोड करते हैं। कृपया किसी अनजा ऐप अथवा ऐसे टूल के ऊपर वीडियो फोटो अथवा अन्य प्रकार के अपने सामग्री लोड ना करें । आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है। कृपया सावधान रहें ! सतर्क रहें ! डिजिटल का जमाना है । नए-नए टूल्स ,नए-नए ऐप पैदा हो रहे हैं।1
- डबल इंजन सरकार में भी ग्राम पंचायत पर सवाल: पीएम मोदी–सीएम योगी की सख्ती के बावजूद शंकरपुर विशुनपुर में लाखों का खेल? जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग: भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की हो तकनीकी पड़ताल अम्बेडकर नगर। विकास खंड बसखारी की ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में कराए गए विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। कागजों में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बदहाल नजर आ रही है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और वे पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र पर रंगाई-पुताई, मरम्मत और पुट्टी के नाम पर 14 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत खाते से 14,532 रुपये तथा 1,07,043 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। कुल मिलाकर लगभग 1.21 लाख रुपये खर्च दिखाए गए हैं। जबकि मौके पर भवन की दीवारें जर्जर, फर्श टूटा और प्लास्टर उखड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी धनराशि खर्च हुई है तो कार्य की गुणवत्ता क्यों नजर नहीं आ रही। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय रायपुर में दिव्यांग शौचालय निर्माण के लिए 14 अक्टूबर 2023 को 80,723 रुपये तथा 20 सितंबर 2024 को 1,01,000 रुपये का भुगतान किया गया। दो किस्तों में लगभग 1.81 लाख रुपये खर्च दर्शाए जाने के बावजूद शौचालय निर्माण अधूरा बताया जा रहा है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि दो बार भुगतान के बाद भी कार्य पूर्ण क्यों नहीं हुआ। विद्यालय परिसर में मिट्टी पटाई के नाम पर 24 मई 2025 को 26,208 रुपये और 46,055 रुपये, कुल 72,263 रुपये का भुगतान किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर सीमित मात्रा में ही मिट्टी डाली गई है, जो भुगतान की गई राशि से मेल नहीं खाती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में ग्राम स्तर पर इस प्रकार की अनियमितताओं के आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए, माप पुस्तिका (एमबी) और भुगतान अभिलेखों का मिलान कराया जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को किस गंभीरता से लेता है।4
- कस्बा चौकी के नाक के नीचे अवैध टेंपो स्टैंड! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल? अंबेडकर नगर अकबरपुर पुरानी तहसील परिसर के पास, कस्बा चौकी के बिल्कुल बगल स्थित उप श्रमायुक्त कार्यालय का मुख्य मार्ग इन दिनों अवैध रूप से टेंपो स्टैंड में तब्दील हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर दर्जनों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, वहीं खुलेआम टैक्सी और टेंपो का संचालन किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बेतरतीब खड़े टेंपो और टैक्सियों की वजह से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कस्बा चौकी इंचार्ज की नजर आखिर इस अवैध संचालन पर क्यों नहीं पड़ रही? जब चौकी चंद कदमों की दूरी पर है, तो क्या यह सब उनकी जानकारी में नहीं है? या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि बिना संरक्षण के इस तरह का अवैध स्टैंड चल पाना संभव नहीं। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लगातार जारी यह गतिविधि प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े कर रही है।1
- जानवर सेवा ही ईश्वर सेवा है कमेंट में मेरा यूट्यूब चैनल का लिंक है आप लोग सब्सक्राइब करें मुझे सपोर्ट करें 🙏🙏🙏 और आप भी खुद सीखें AI वीडियो बनाना यूट्यूब इंस्टाग्राम से घर बैठे पैसा कमाए1
- गोरखपुर जनपद के ग्राम करवल उर्फ मझगाँवा में छठ पर्व इस वर्ष पूरे श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। छठ घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर भगवान सूर्य और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। घाट को रंग-बिरंगी सजावट, दीपक और फूल-मालाओं से आकर्षक रूप दिया गया था। ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल के नेतृत्व में छठ घाट की साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था की विशेष व्यवस्था कराई गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट तक आने-जाने के रास्तों को दुरुस्त कराया गया तथा पेयजल और बैठने की भी समुचित व्यवस्था की गई। शाम के अर्घ्य के समय घाट पर भक्ति गीतों और छठ गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। व्रती महिलाओं और पुरुषों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। अगले दिन प्रातःकाल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हुआ। इस अवसर पर ग्राम प्रधान संदीप मोदनवाल ने सभी ग्रामवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व आस्था, शुद्धता और अनुशासन का प्रतीक है तथा ग्राम पंचायत हमेशा धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सहयोग करती रहेगी। स्थानीय लोगों ने भी घाट की बेहतर व्यवस्था के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत टीम की सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनी रही, जिससे पर्व शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- धनघटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक गणेश चौहान ने बजट सत्र के दौरान सदन में अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने सरकार का ध्यान जनहित के अहम विषयों की ओर आकर्षित किया। विधानसभा के बजट सत्र में बोलते हुए धनघटा विधायक गणेश चौहान ने अपने क्षेत्र की सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धनघटा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान किए जाने की आवश्यकता है। विधायक गणेश चौहान ने ग्रामीण इलाकों में अधूरी पड़ी परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने, किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी सदन में उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें सदन में भेजा है, वह उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। बजट में धनघटा विधानसभा को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए उन्होंने विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया। “धनघटा की जनता की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, उसे सदन में मजबूती से उठाता रहूंगा।”1