गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं होने का बोर्ड लगा, अंदर सिलेंडरों की भरमार, कालाबाजारी से ग्राहक लौट रहे खाली हाथ हरदोई अरवल स्थित चौंसार सिसाला सैनिक इंडेन गैस एजेंसी में अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां एजेंसी के गेट पर गैस न होने की बात प्रबंधन द्वारा लिखी गई थी, वहीं अंदर गैस एजेंसी में प्रचुर मात्रा में सिलेंडर देखने को मिले। गोदाम प्रभारी से जब इस संबंध में बात की गई तो वह समुचित जवाब नहीं दे पाया। क्षेत्र के विभिन्न गांव से आने वाले लोग खाली सिलेंडर लेकर वापस जा रहे थे, जिससे उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई पड़ रही थी। ग्राहकों ने बताया कि गैस की कालाबाजारी के कारण उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जब इंडियन मिल के एरिया मैनेजर से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया। काफी समय से आ रही गैस की कालाबाजारी की शिकायतें वर्तमान स्थिति को देखते हुए सत्य प्रतीत हो रही हैं। गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं होने का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन अंदर सिलेंडरों की भरमार थी। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा गैस की कालाबाजारी की जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। एक ग्राहक ने बताया, "हम कई दिनों से गैस लेने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार हमें खाली हाथ लौटना पड़ता है। एजेंसी वाले कहते हैं कि गैस नहीं है, लेकिन अंदर सिलेंडरों की भरमार है।
गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं होने का बोर्ड लगा, अंदर सिलेंडरों की भरमार, कालाबाजारी से ग्राहक लौट रहे खाली हाथ हरदोई अरवल स्थित चौंसार सिसाला सैनिक इंडेन गैस एजेंसी में अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां एजेंसी के गेट पर गैस न होने की बात प्रबंधन द्वारा लिखी गई थी, वहीं अंदर गैस एजेंसी में प्रचुर मात्रा में सिलेंडर देखने को मिले। गोदाम
प्रभारी से जब इस संबंध में बात की गई तो वह समुचित जवाब नहीं दे पाया। क्षेत्र के विभिन्न गांव से आने वाले लोग खाली सिलेंडर लेकर वापस जा रहे थे, जिससे उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई पड़ रही थी। ग्राहकों ने बताया कि गैस की कालाबाजारी के कारण उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना
करना पड़ रहा है। इस संबंध में जब इंडियन मिल के एरिया मैनेजर से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया। काफी समय से आ रही गैस की कालाबाजारी की शिकायतें वर्तमान स्थिति को देखते हुए सत्य प्रतीत हो रही हैं। गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं होने का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन अंदर सिलेंडरों की भरमार थी।
ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा गैस की कालाबाजारी की जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। एक ग्राहक ने बताया, "हम कई दिनों से गैस लेने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार हमें खाली हाथ लौटना पड़ता है। एजेंसी वाले कहते हैं कि गैस नहीं है, लेकिन अंदर सिलेंडरों की भरमार है।
- फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी, जो एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडियों में गिनी जाती है, वहां इन दिनों किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। बीते कई दिनों से किसान अपनी आलू की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो और तीन-तीन दिन तक मंडी में बैठना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब आलू का भाव खुलता है तो मात्र ₹50 प्रति पैकेट मिलता है। किसानों का कहना है कि इतना कम दाम मिलना उनके लिए आत्महत्या के बराबर है। मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे अपनी बहन-बेटियों की शादी और परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन जब फसल बेचने का समय आता है तो उन्हें लागत भी नहीं मिल पाती। गुस्साए कई किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान मंडी से ट्रैक्टर में आलू वापस ले जाकर सड़क किनारे या नालों में फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब इतना सस्ता दाम मिलता है तो मंडी में बेचने से बेहतर है कि आलू वापस ले जाएं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसी तरह आलू का भाव गिरता रहा तो वे मंडी में आलू नहीं लाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो किसान नेताओं और अधिकारियों के घरों पर आलू पलटने को मजबूर होंगे। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया, "हमने अपनी आलू की फसल को बेचने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब हमें लागत भी नहीं मिल पा रही है। हम क्या करें, नेताओं से कहो, हमारी सुनो, हमारी फसल का दाम दो।" एक अन्य किसान ने कहा, "हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी समस्या को समझें और आलू का उचित मूल्य तय करें।"4
- Post by मोनू शुक्ला1
- हरदोई। बेनीगंज थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। घटना से इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। #sadantak #HardoiPolice #hardoinews #hardoi_city #kisan #hilights #hardoi #garmin #LocalNews #accident1
- , जय श्री श्याम4
- रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचला, तीन युवकों की दर्दनाक मौत कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचल दिया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 जीटी रोड पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक रॉन्ग साइड से आ गया और सामने से आ रही दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इनायतपुर निवासी अरबाज, अहद तथा छिबरामऊ निवासी अमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छिबरामऊ निवासी अमित अपने बीमार पिता को कानपुर में भर्ती कराकर घर लौट रहा था, जबकि अरबाज और अहद गांव से पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए आए थे। हादसे के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल ट्रैक्टर चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।2
- Post by पंकज सिंह1
- Post by अर्चना अर्चना1
- सीतापुर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गो रक्षा से ही विश्व रक्षा होगी और जब जब गाय खतरे में है, तब तब देश पर संकट मंडराएगा। शंकराचार्य ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भी सरकारें हैं, वो हमारी हैं और गाय को राष्ट्रमाता की पदवी मिलनी चाहिए। लखनऊ में होने वाली सभा के लिए शंकराचार्य को 26 शर्तों के साथ अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि यहां नेटवर्क कमजोर है, जब निकलेंगे तब पता चलेगा। शंकराचार्य का कहना है कि नैमिषारण्य आना जरूरी था, क्योंकि वृत्तासुर राक्षस से पूरे विश्व की गायों को बचाने के लिए यहीं ऋषि दधीचि ने बहुत कुछ किया था। शंकराचार्य ने कहा कि गो माता की रक्षा जरूरी है और इसमें सभी को योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी सरकारें हैं, सब हमारी है और गो माता को संरक्षण सभी सरकारों को देना चाहिए। गोरक्षा के लिए उनका यह अभियान जारी रहेगा। *शंकराचार्य के बयान* - गो रक्षा से ही विश्व रक्षा होगी। - गाय को राष्ट्रमाता की पदवी मिलनी चाहिए। - नैमिषारण्य आना जरूरी था, क्योंकि यहीं ऋषि दधीचि ने गायों को बचाने के लिए बहुत कुछ किया था। - गो माता की रक्षा जरूरी है और इसमें सभी को योगदान देना चाहिए।4