श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, जो सीधे क्षेत्र को मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह रास्ता अब एक बड़े जलभराव और कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और जिम्मेदार प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि आँखें मूंदे बैठे हैं। नेहरा नगर को बाजार से जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल चलने के लिए भी दूभर हो गया है। सड़क की इतनी खराब स्थिति है कि किसी आपातकालीन स्थिति या बीमारी के समय दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह असंभव है, जिससे स्थानीय लोग हर वक्त बीमारी में अस्पताल पहुँचने की चिंता में रहते हैं। क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ बजबजा रहा है, जो प्रशासन के दावों की पोल खोलता है। सड़क के किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर भी लगे हुए हैं, जहाँ बेसहारा पशु मुँह मारते दिखते हैं। इस गंदगी से इलाके में भयंकर बदबू फैली है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अब पूरी तरह मौन हैं। वे आरोप लगाते हैं कि "नेताओं को सिर्फ हमारे वोट से मतलब है। चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, और इस नारकीय स्थिति में तड़पने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया जाता है।" ऐसे में, स्थानीय प्रशासन से तत्काल सफाई करवाए जाने की मांग उठ रही है।
श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, जो सीधे क्षेत्र को मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह रास्ता अब एक बड़े जलभराव और कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और जिम्मेदार प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि आँखें मूंदे बैठे हैं। नेहरा नगर को बाजार से जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल चलने के लिए भी दूभर हो गया है। सड़क की इतनी खराब स्थिति है कि किसी आपातकालीन स्थिति या बीमारी के समय दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह असंभव है, जिससे स्थानीय लोग हर वक्त बीमारी में अस्पताल पहुँचने की चिंता में रहते हैं। क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे
सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ बजबजा रहा है, जो प्रशासन के दावों की पोल खोलता है। सड़क के किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर भी लगे हुए हैं, जहाँ बेसहारा पशु मुँह मारते दिखते हैं। इस गंदगी से इलाके में भयंकर बदबू फैली है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अब पूरी तरह मौन हैं। वे आरोप लगाते हैं कि "नेताओं को सिर्फ हमारे वोट से मतलब है। चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, और इस नारकीय स्थिति में तड़पने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया जाता है।" ऐसे में, स्थानीय प्रशासन से तत्काल सफाई करवाए जाने की मांग उठ रही है।
- श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अत्यधिक बदहाली का सामना कर रही है, जो क्षेत्र को सीधे मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह महत्वपूर्ण मार्ग अब जलभराव और कचरे के बड़े ढेरों में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बावजूद इसके, जिम्मेदार प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थिति इतनी विकट है कि जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल निकलना भी असंभव हो चुका है। आपातकालीन स्थितियों, जैसे कि बीमारी में, दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह से असंभव है, जिससे लोगों में हर समय यह डर बना रहता है कि किसी अचानक बीमार व्यक्ति को अस्पताल कैसे ले जाया जाएगा। इसके साथ ही, क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बजबजा रहा है। सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों पर बेसहारा पशु मुंह मारते हैं, जिससे भयंकर बदबू फैल रही है और मच्छरों के प्रकोप के कारण महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर फूट पड़ा है। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता और अधिकारी अब पूरी तरह से मौन हैं। जनता का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को केवल उनके वोटों से मतलब है, और चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, जनता को इस 'नारकीय स्थिति' में तड़पने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है।2
- मुका हिरण मामले के संबंध में बिश्नोई समाज की एक सभा आयोजित की गई, जिसमें परमेश्वरी ने भाग लिया।2
- श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मानदेय, भवन किराया और अन्य बकाया भुगतानों को लेकर नारी शक्ति राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ओर से एडीएम व महिला एवं बाल विकास विभाग को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बताया है कि कई महीनों से मानदेय का भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया भी बकाया है, जिसके चलते मकान मालिक केंद्र खाली कराने की चेतावनी दे रहे हैं। ज्ञापन में संघ ने पोषण ट्रैकर, सामुदायिक कार्यक्रम, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल और अन्य योजनाओं से संबंधित बकाया राशि के तत्काल भुगतान की भी मांग की है। साथ ही, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा राशि जल्द जारी करने की भी मांग उठाई गई है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान विभाग के नए सर्वे और सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा, क्योंकि बकाया भुगतान को लेकर अब उनका सब्र जवाब देने लगा है।2
- News Janawaz के माध्यम से देश-दुनिया, मौसम, खेल और अन्य सभी महत्वपूर्ण समाचारों का सीधा प्रसारण उपलब्ध कराया जा रहा है।1
- 22 जून 2026 की रात उकलाना से एक फोन आया, जिसमें बताया गया कि एक गऊ माता सुबह से ही जख्मी हालत में पड़ी है और कोई उस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उकलाना के एक मिस्त्री ने तुरंत 'बन्टी बाबा जी' से अनुरोध किया कि वे इस मामले में कुछ करें। इस सूचना के मिलते ही, उसी रात 8 बजे जिला मंत्री बन्टी बाबा की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। इन 'गौरक्षक शेरों' ने घायल गौ माता को कुशलतापूर्वक रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से पास की गौशाला में उपचार के लिए पहुँचाया। इस मानवीयता भरे कार्य के लिए उकलाना के मिस्त्री भाई को कोटि-कोटि नमन किया गया। यह पूरा बचाव अभियान जिला मंत्री बन्टी बाबा की टीम और जिला गौरक्षा के सहयोग से संपन्न हुआ।1
- श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, जो सीधे क्षेत्र को मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह रास्ता अब एक बड़े जलभराव और कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और जिम्मेदार प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि आँखें मूंदे बैठे हैं। नेहरा नगर को बाजार से जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल चलने के लिए भी दूभर हो गया है। सड़क की इतनी खराब स्थिति है कि किसी आपातकालीन स्थिति या बीमारी के समय दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह असंभव है, जिससे स्थानीय लोग हर वक्त बीमारी में अस्पताल पहुँचने की चिंता में रहते हैं। क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ बजबजा रहा है, जो प्रशासन के दावों की पोल खोलता है। सड़क के किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर भी लगे हुए हैं, जहाँ बेसहारा पशु मुँह मारते दिखते हैं। इस गंदगी से इलाके में भयंकर बदबू फैली है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अब पूरी तरह मौन हैं। वे आरोप लगाते हैं कि "नेताओं को सिर्फ हमारे वोट से मतलब है। चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, और इस नारकीय स्थिति में तड़पने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया जाता है।" ऐसे में, स्थानीय प्रशासन से तत्काल सफाई करवाए जाने की मांग उठ रही है।2
- नवीन जिला अनूपगढ़ के घडसाना क्षेत्र के गांव 7 एमडी में बिश्नोई समाज के एक युवक ने 23 जून 2026 को 'फाइनेंशियल ऑफ' से परेशान होकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है।1