डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से पूर्व होगा सीमांकन एसडीएम करेंगे टीम गठित, हटेगा शासकीय भूमि से अतिक्रमण विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही सिंगरौली, सिंगरौली जिले के वरगवां तहसील अंतर्गत चर्चित डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन का मामला एक बार फिर करवट बदल रहा है, तहसीलदार बरगवां के बेदखली आदेश पर एसडीएम देवसर ने स्थगन आदेश दिया था जिसकी सुनवाई में एक बड़ा संकेत मिलने की बात सामने आ रही है इस पूरे प्रकरण में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने की लड़ाई लड़ रहे भारत सिंह ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण है तो निश्चित रूप से जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी एसडीएम ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देते हुए अतिक्रमण की कार्यवाही करने से पूर्व जमीन का सीमांकन करना जरूरी है इसके लिए एक टीम गठित की जाएगी, आवेदक के अनुसार एसडीएम ने यह भी कहा कि सीमांकन के दौरान यदि शासकीय जमीन में कोई भी अतिक्रमण पाया जाता है तो निश्चित रूप से संबंधित अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बेदखल की कार्रवाई की जाएगी अतिक्रमणकारयों के मंसूबे पर फिर सकता है पानी इस पूरे मामले ने जिस तरह से करवट बदला है ऐसे में माना जा रहा है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण हुआ है तो निश्चित रूप से अतिक्रमण करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर सकता है मामले पर एक नजर राजा सरई निवाशी भरत सिंह का आरोप है कि ग्राम डगा स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 2130 रकवा 2.8330 हे० से रमेश प्रसाद शाह पिता लालमन शाह, शिवशंकर शाह पिता नन्दलाल शाह, अरूण कुमार पिता कैलाशराम केवट राजीव कुमार पिता ओमप्रकाश तायल, सतेन्द्र कुमार पिता श्रीकान्त पाण्डेय शासकीय भूमि में अतिक्रमण किए हैं, यह भी बताया गया कि ये सभी लोग किसी से जमीन खरीदे हैं लेकिन विक्रेता ने इन्हें दूसरे जगह जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करा दी है जबकि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वो दूसरे जगह है और जिस जमीन को दिखाया गया है वो बहुत ही बेशकीमती शासकीय जमीन है विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही इस पूरे मामले में जमीन के विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा निवासी ढोटी पर भी कार्यवाही हो सकती है क्योंकि आवेदक भरत सिंह ने दावे के साथ बताया है कि विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा ने उक्त शासकीय जमीन को दिखाकर सभी क्रेतागणों को किसी दूसरे जगह जमीन की रजिस्ट्री कराई है अब सीमांकन के बाद जब उक्त जमीन शासकीय पाई जाती है तो निश्चित रूप से विक्रेता के विरुद्ध भी कार्यवाही तय माना जा रहा है अतिक्रमण नहीं हटा तो प्रभावित होंगे आसपास के लोग इस पूरे मामले में आवेदक भरत सिंह ने बताया कि जिस जगह शासकीय जमीन है उसके आसपास बस्ती है जहां कई लोग रहते हैं और यदि शासकीय जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कई लोगों का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा और भविष्य में कोई शासकीय निर्माण कार्य करना हुआ तो जमीन नहीं बचेगी कुल मिलाकर जनहित को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गई है
डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से पूर्व होगा सीमांकन एसडीएम करेंगे टीम गठित, हटेगा शासकीय भूमि से अतिक्रमण विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही सिंगरौली, सिंगरौली जिले के वरगवां तहसील अंतर्गत चर्चित डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन का मामला एक बार फिर करवट बदल रहा है, तहसीलदार बरगवां के बेदखली आदेश पर एसडीएम देवसर ने स्थगन आदेश दिया था जिसकी सुनवाई में एक बड़ा संकेत मिलने की बात सामने आ रही है इस पूरे प्रकरण में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने की लड़ाई लड़ रहे भारत सिंह ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण है तो निश्चित रूप से जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी एसडीएम ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देते हुए अतिक्रमण की कार्यवाही करने से पूर्व जमीन का सीमांकन करना जरूरी है इसके लिए एक टीम गठित की जाएगी, आवेदक के अनुसार एसडीएम ने यह भी कहा कि सीमांकन के दौरान यदि शासकीय जमीन में कोई भी अतिक्रमण पाया जाता है तो निश्चित रूप से संबंधित अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बेदखल की कार्रवाई की जाएगी अतिक्रमणकारयों के मंसूबे पर फिर सकता है पानी इस पूरे मामले ने जिस तरह से करवट बदला है ऐसे में माना जा रहा है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण हुआ है तो निश्चित रूप से अतिक्रमण करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर सकता है मामले पर एक नजर राजा सरई निवाशी भरत सिंह का आरोप है कि ग्राम डगा स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 2130 रकवा 2.8330 हे० से रमेश प्रसाद शाह पिता लालमन शाह, शिवशंकर शाह पिता नन्दलाल शाह, अरूण कुमार पिता कैलाशराम केवट राजीव कुमार पिता ओमप्रकाश तायल, सतेन्द्र कुमार पिता श्रीकान्त पाण्डेय शासकीय भूमि में अतिक्रमण किए हैं, यह भी बताया गया कि ये सभी लोग किसी से जमीन खरीदे हैं लेकिन विक्रेता ने इन्हें दूसरे जगह जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करा दी है जबकि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वो दूसरे जगह है और जिस जमीन को दिखाया गया है वो बहुत ही बेशकीमती शासकीय जमीन है विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही इस पूरे मामले में जमीन के विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा निवासी ढोटी पर भी कार्यवाही हो सकती है क्योंकि आवेदक भरत सिंह ने दावे के साथ बताया है कि विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा ने उक्त शासकीय जमीन को दिखाकर सभी क्रेतागणों को किसी दूसरे जगह जमीन की रजिस्ट्री कराई है अब सीमांकन के बाद जब उक्त जमीन शासकीय पाई जाती है तो निश्चित रूप से विक्रेता के विरुद्ध भी कार्यवाही तय माना जा रहा है अतिक्रमण नहीं हटा तो प्रभावित होंगे आसपास के लोग इस पूरे मामले में आवेदक भरत सिंह ने बताया कि जिस जगह शासकीय जमीन है उसके आसपास बस्ती है जहां कई लोग रहते हैं और यदि शासकीय जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कई लोगों का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा और भविष्य में कोई शासकीय निर्माण कार्य करना हुआ तो जमीन नहीं बचेगी कुल मिलाकर जनहित को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गई है
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- डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से पूर्व होगा सीमांकन एसडीएम करेंगे टीम गठित, हटेगा शासकीय भूमि से अतिक्रमण विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही सिंगरौली, सिंगरौली जिले के वरगवां तहसील अंतर्गत चर्चित डगा की बेशकीमती शासकीय जमीन का मामला एक बार फिर करवट बदल रहा है, तहसीलदार बरगवां के बेदखली आदेश पर एसडीएम देवसर ने स्थगन आदेश दिया था जिसकी सुनवाई में एक बड़ा संकेत मिलने की बात सामने आ रही है इस पूरे प्रकरण में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने की लड़ाई लड़ रहे भारत सिंह ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण है तो निश्चित रूप से जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी एसडीएम ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देते हुए अतिक्रमण की कार्यवाही करने से पूर्व जमीन का सीमांकन करना जरूरी है इसके लिए एक टीम गठित की जाएगी, आवेदक के अनुसार एसडीएम ने यह भी कहा कि सीमांकन के दौरान यदि शासकीय जमीन में कोई भी अतिक्रमण पाया जाता है तो निश्चित रूप से संबंधित अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बेदखल की कार्रवाई की जाएगी अतिक्रमणकारयों के मंसूबे पर फिर सकता है पानी इस पूरे मामले ने जिस तरह से करवट बदला है ऐसे में माना जा रहा है कि यदि शासकीय जमीन में अतिक्रमण हुआ है तो निश्चित रूप से अतिक्रमण करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर सकता है मामले पर एक नजर राजा सरई निवाशी भरत सिंह का आरोप है कि ग्राम डगा स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 2130 रकवा 2.8330 हे० से रमेश प्रसाद शाह पिता लालमन शाह, शिवशंकर शाह पिता नन्दलाल शाह, अरूण कुमार पिता कैलाशराम केवट राजीव कुमार पिता ओमप्रकाश तायल, सतेन्द्र कुमार पिता श्रीकान्त पाण्डेय शासकीय भूमि में अतिक्रमण किए हैं, यह भी बताया गया कि ये सभी लोग किसी से जमीन खरीदे हैं लेकिन विक्रेता ने इन्हें दूसरे जगह जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करा दी है जबकि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वो दूसरे जगह है और जिस जमीन को दिखाया गया है वो बहुत ही बेशकीमती शासकीय जमीन है विक्रेता पर हो सकती है कार्यवाही इस पूरे मामले में जमीन के विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा निवासी ढोटी पर भी कार्यवाही हो सकती है क्योंकि आवेदक भरत सिंह ने दावे के साथ बताया है कि विक्रेता राजकुमार विश्वकर्मा ने उक्त शासकीय जमीन को दिखाकर सभी क्रेतागणों को किसी दूसरे जगह जमीन की रजिस्ट्री कराई है अब सीमांकन के बाद जब उक्त जमीन शासकीय पाई जाती है तो निश्चित रूप से विक्रेता के विरुद्ध भी कार्यवाही तय माना जा रहा है अतिक्रमण नहीं हटा तो प्रभावित होंगे आसपास के लोग इस पूरे मामले में आवेदक भरत सिंह ने बताया कि जिस जगह शासकीय जमीन है उसके आसपास बस्ती है जहां कई लोग रहते हैं और यदि शासकीय जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कई लोगों का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा और भविष्य में कोई शासकीय निर्माण कार्य करना हुआ तो जमीन नहीं बचेगी कुल मिलाकर जनहित को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गई है1
- सिंगरौली के पीएम आवास गनियारी में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.1
- गंभीर आरोप एक विस्थापित महिला पिछले दो महीने से अपने मुआवजे की राशि के लिए NCL मुख्यालय का चक्कर लगा रही है ॥ उनकी बेटी की शादी है ॥ NCL प्रबंधन के लोग लगातार उसे परेशान कर रहे हैं ॥ परसों जब वे अपनी व्यथा सुना रही थीं तो NCL के अधिकारियों ने पुलिस बुला कर उन्हें आफिस से बाहर निकाल दिया ॥ NCL की गुंडागर्दी चरम पर है ॥1
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