उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती दी है। प्रशांत किशोर का दावा है कि बांकीपुर से भाजपा का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सीट को भाजपा अपना अभेद्य किला मानती थी और यह दावा करती थी कि वहां कुत्ता-बिल्ली को खड़ा करने पर भी जीत पक्की है, आज एक विकल्प मिलने पर उन्हें प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने देखा है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के डर से दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार भागते हैं या फिर उन्हें भाजपा द्वारा खरीदा जाता है। उन्होंने इसे ऊपर वाले का न्याय बताते हुए कहा कि आज भाजपा के साथ वही स्थिति हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 3 तारीख को आने वाले चुनावी नतीजों में जनता भाजपा का मुकम्मल हिसाब करेगी।
उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती दी है। प्रशांत किशोर का दावा है कि बांकीपुर से भाजपा का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सीट को भाजपा अपना अभेद्य किला मानती थी और यह दावा करती थी कि वहां कुत्ता-बिल्ली को खड़ा करने पर भी जीत पक्की है, आज एक विकल्प मिलने पर उन्हें प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने देखा है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के डर से दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार भागते हैं या फिर उन्हें भाजपा द्वारा खरीदा जाता है। उन्होंने इसे ऊपर वाले का न्याय बताते हुए कहा कि आज भाजपा के साथ वही स्थिति हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 3 तारीख को आने वाले चुनावी नतीजों में जनता भाजपा का मुकम्मल हिसाब करेगी।
- पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में बिजली विभाग की लापरवाही के विरोध में ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कनीय अभियंता पर अभद्रता करने और फोन नहीं उठाने का गंभीर आरोप लगाया है। भूख हड़ताल का सिलसिला तब समाप्त हुआ जब विभाग के अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने अपना धरना खत्म करने का निर्णय लिया।1
- उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती दी है। प्रशांत किशोर का दावा है कि बांकीपुर से भाजपा का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सीट को भाजपा अपना अभेद्य किला मानती थी और यह दावा करती थी कि वहां कुत्ता-बिल्ली को खड़ा करने पर भी जीत पक्की है, आज एक विकल्प मिलने पर उन्हें प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने देखा है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के डर से दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार भागते हैं या फिर उन्हें भाजपा द्वारा खरीदा जाता है। उन्होंने इसे ऊपर वाले का न्याय बताते हुए कहा कि आज भाजपा के साथ वही स्थिति हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 3 तारीख को आने वाले चुनावी नतीजों में जनता भाजपा का मुकम्मल हिसाब करेगी।1
- पूर्णिया में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बारिश की वजह से गुलाबबाग से मरंगा जाने वाले मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- पूर्णिया के भवानीपुर पत्केली गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों और मुखिया के बीच तनातनी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां के मुखिया विकास कार्यों के लिए भेदभाव करते हैं और उनका कहना है कि जिन लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया, वे उनके मोहल्ले या गली का विकास नहीं करेंगे। स्थानीय स्तर पर इस स्थिति को लेकर काफी नाराजगी है। विकास की कमी और मुखिया के इस कथित रवैये को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया पर अपील की जा रही है कि लोग अपनी राय रखें और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करें ताकि गांव और गलियों का सही ढंग से विकास सुनिश्चित हो सके।1
- पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर में बिजली संकट के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त हो गई है। यह हड़ताल क्षेत्र में व्याप्त बिजली की समस्या के समाधान की मांग को लेकर की जा रही थी। आंदोलनकारियों ने बिजली विभाग से प्राप्त आश्वासन के बाद अपनी भूख हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है।1
- पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में तीन महीने से बंद पड़ा सुधा डेयरी काउंटर आखिरकार फिर से शुरू हो गया है। इस काउंटर का उद्घाटन फीता काटकर किया गया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों के लिए सेवाएं एक बार फिर बहाल हो गई हैं।1
- पूर्णिया जिले के पूर्णिया पूर्व में बाराती और सराती पक्ष के बीच किसी विवाद की खबर नहीं है, बल्कि पूरा मामला मटन और चिकन के चुनाव को लेकर गरमा गया है। खाने के मेन्यू में मटन और चिकन को लेकर उपजे इस मतभेद के कारण ही विवाद की स्थिति बनी है।1