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आप देख सकते हैं यहां पर मारपीट बहुत ज्यादा हो रहा है मतलब पुलिस वाले को ही मार रहे हैं आप देख सकते हैं यह न्यूज़ काफी दूर तक जाना चाहिए आप देख सकते हैं यहां पर मारपीट बहुत ज्यादा हो रहा है मतलब पुलिस वाले को ही मार रहे हैं आप देख सकते हैं यह न्यूज़ काफी दूर तक जाना चाहिए
SACHIN Tiwari
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- सुलतानपुर पुलिस लाइन में ‘बड़ा खाना’ आयोजन, रिक्रूट आरक्षियों का बढ़ाया गया मनोबल सुलतानपुर, 20 अप्रैल 2026। को जनपद की पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के सम्मान और उत्साहवर्धन के लिए सोमवार को ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक चारू निगम मुख्य रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों को अनुशासन, निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और संवेदनशील पुलिस बल ही समाज में विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बना सकता है। संबोधन के बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘बड़ा खाना’ रहा, जिसमें पुलिस अधीक्षक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने रिक्रूट आरक्षियों के साथ बैठकर भोजन किया। अधिकारियों को अपने बीच पाकर रिक्रूट्स में उत्साह और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने भोजन की गुणवत्ता की सराहना की और रिक्रूट आरक्षियों से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम भी जानी। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने रिक्रूट्स के साथ भोजन साझा कर उनका मनोबल बढ़ाया। अंत में पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने सभी रिक्रूट आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें देश सेवा और जन-सुरक्षा के मार्ग पर समर्पित भाव से आगे बढ़ने का संदेश दिया।1
- लम्भुआ/सुल्तानपुर भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब जानलेवा साबित होने लगा है। कोतवाली लम्भुआ क्षेत्र के डकाही बाईपास के समीप एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां परसरामपुर निवासी 27 वर्षीय युवक सुनील कुमार पुत्र रामलौट अचानक हीट वेव की चपेट में आकर बेहोश हो गए और पास में खड़े टेंपो से जा टकराए। घटना में सुनील के सिर में गंभीर चोट लग गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने जिला चिकित्सालय, सुल्तानपुर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन सिर में चोट होने के कारण स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 👉 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील: तेज गर्मी और लू से बचाव के लिए लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।3
- Post by Press IKN1
- Post by Raju.u.p.441
- फरियाद लेकर आई युवती परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी, जमीनी विवाद में इंसाफ मांग रही युवती, पुलिस अफसर समझाने बुझाने की कर रहे कोशिश, उतरने को तैयार नही फरियादी युवती नन्दिनी, नगर कोतवाली इलाके की रहने वाली युवती पानी की टंकी पर चढ़ी, नगर कोतवाली इलाके के सिविल लाइन स्थित एसपी ऑफिस के बगल दीवानी परिसर का मामला।1
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- *चोरी की घटना का सफल अनावरण:* गोसाईगंज पुलिस ने लकड़ी चोर गिरोह के 4 सदस्यों को वाहन सहित चोरी के लकड़ी के 43 बोटे के साथ गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय भेजा गया । उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी की बाइटः-2
- *जिला कारागार में खुलेआम ‘सब कुछ उपलब्ध’ का राज!* अम्बेडकर नगर । जिला कारागार वह जगह है जहाँ अपराधी सुधरने और समाज से दूर रखे जाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन अंबेडकर नगर की जेल में हालात बिल्कुल उलटे नजर आ रहे हैं। रिहा हो चुके कई कैदियों ने दावा किया है कि यहाँ “ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जो उपलब्ध न हो” — बस सही कीमत चुकानी पड़े। ड्रग्स, गांजा, नशीले पदार्थों से लेकर सब कुछ जेल के अंदर “उचित कीमत” पर मिल जाता है। एक रिहा कैदी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,“जेल के अंदर सब कुछ चलता है। ड्रग्स से लेकर वाइन तक। बाहर से सामान आता है, अंदर बिकता है। कीमत अच्छी लगे तो कोई समस्या नहीं।” सिर्फ नशीले पदार्थ ही नहीं, जेल में ब्याज पर पैसे उधार देने का भी धंधा चल रहा है। कैदी एक-दूसरे को सूदखोरी पर पैसा देते हैं और मुनाफा कमाते हैं। रिहा कैदियों का कहना है कि यहाँ “कैदियों द्वारा ब्याज पर पैसे बांटे जाते हैं”। एक अन्य पूर्व कैदी ने कहा,“मैं खुद यह नहीं खाता, लेकिन जो लोग अंदर रह चुके हैं उन्होंने बताया है कि जेल अब सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि एक छोटा सा बाजार बन चुकी है।” यह खुलासा अंबेडकर नगर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर रिहा कैदियों की बात सही है तो जेल प्रशासन की नाकामी या मिलीभगत दोनों ही चिंता का विषय हैं। जेल महकमा अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं कर पाया है। स्थानीय पुलिस और जेल अधीक्षक से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने “जांच कर रहे हैं” कहकर टाल दिया।क्या जेल अब अपराधियों का सुधार गृह है या अपराध का अड्डा?क्या अंबेडकर नगर जिला कारागार में “सब कुछ उपलब्ध” का मॉडल राज्य भर में फैल चुका है? अब सच्चाई सामने आ रही है कि जेल की दीवारें अपराध को रोकने के बजाय उसे पनपने दे रही हैं।1