मुकुंदपुर के युवाओं ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, जब जिला प्रशासन मैहर कागजों में ही उलझा रहा, तो जन सहयोग और अपने अटूट हौसले से गाँव में खेल का मैदान बनाने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। नौतपा की भीषण गर्मी और तपती धूप में भी, जब लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, मुकुंदपुर के युवा मैदान को समतल करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह पहल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और गाँव की खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की जा रही है। युवाओं और खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह और स्वीकृति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है। युवाओं का मानना है कि यदि ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और मैदान मिल जाए, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आभारी रहने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह चीत्कार भी कर रहे हैं कि "कोई तो सुने मुकुंदपुर के युवाओं की चीत्कार।"
मुकुंदपुर के युवाओं ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, जब जिला प्रशासन मैहर कागजों में ही उलझा रहा, तो जन सहयोग और अपने अटूट हौसले से गाँव में खेल का मैदान बनाने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है। नौतपा की भीषण गर्मी और तपती धूप में भी, जब लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, मुकुंदपुर के युवा मैदान को समतल करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह पहल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और गाँव की खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की जा रही है। युवाओं और खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह और स्वीकृति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है। युवाओं का मानना है कि यदि ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और मैदान मिल जाए, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आभारी रहने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह चीत्कार भी कर रहे हैं कि "कोई तो सुने मुकुंदपुर के युवाओं की चीत्कार।"
- पानी और बिजली की गंभीर समस्या को लेकर आम जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस जनआक्रोश के बीच, आम आदमी पार्टी ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- मैहर अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी का गंभीर मामला सामने आया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद भी अस्पताल प्रभारी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर मैहर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और उनकी भूमिका पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहा है।1
- मैहर नगर पालिका क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों में लगातार गहराते पेयजल संकट तथा अघोषित बिजली कटौती से जनता में भारी गुस्सा है। इसी कड़ी में, आम आदमी पार्टी (आप) ने जिला कलेक्टर महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल ठोस कार्यवाही की मांग की है। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान है, कई वार्डों और बस्तियों में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं, घंटों की अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, जिससे छोटे-बड़े व्यापार, किसानों के कार्य और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में बल्लभ नगर, मानपुर, हरनामपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी बोर, नियमित पेयजल आपूर्ति और निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा, आरसीसी सड़क निर्माण, नालियों की साफ-सफाई, खराब पड़े बोरों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, राशन कार्ड समस्याओं के समाधान और प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों को लाभ दिलाने की मांगें भी रखी गईं। आम आदमी पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि क्षेत्र के कुछ गरीब और कमजोर परिवारों के साथ प्रशासनिक स्तर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर न्यायपूर्ण कार्यवाही की मांग भी ज्ञापन में की गई है। आप के जिला अध्यक्ष इंजी. पुष्पेंद्र सिंह ने इस स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं, तो जनता को पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जनता को साथ लेकर एक बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रदेश सह सचिव उमेश चौधरी, विधि प्रकोष्ट के जिला अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव, युथ जिला अध्यक्ष शिवा चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष सुभाष पटेल, राजेन्द्र जयसवाल, सिया चौधरी, हीरामनी साकेत, राहुल चौधरी, ज्योति विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- मैहर जिले में दूध, पनीर और खोवा में बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंकाएं लगातार गहरी हो रही हैं, जिसे लेकर लोगों में भारी चिंता है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस आशंका को और बल दिया है, जहाँ अवधेश सोनी नामक एक युवक द्वारा स्थानीय 'राधे कृष्णा डेरी' से खरीदे गए आधे लीटर दूध को पकाने पर वह फट गया। दूध से निकला पदार्थ रबड़ की तरह खिंचने लगा, जिसके बाद लोगों ने उसमें केमिकल और मिलावट होने का संदेह जताया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैहर में कई ऐसी डेयरियां संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन कई कुंतल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध की आपूर्ति आखिर कहाँ से हो रही है। लोगों ने खाद्य विभाग पर लंबे समय से डेयरियों की सघन जाँच न करने और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर प्रभावी कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि कुछ डेयरी संचालक चंद पैसों के लालच में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि मिलावटी उत्पादों के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की अनदेखी के चलते यह कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए लोगों ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जाँच कर उनके उत्पादों के सैंपल लेने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को तुरंत रोका जा सके।1
- मैहर के वार्ड क्रमांक 21 बल्लभ नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उनके वार्ड में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें दैनिक कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर, नागरिकों ने विवश होकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसी क्रम में, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने SDM तथा नगर पालिका परिषद मैहर के CMO को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी निराकरण करने की मांग की। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।3
- मध्यप्रदेश के मैहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर प्रशासन के सख्ती के दावों के विपरीत गंभीर हालात सामने आ रहे हैं। शहर में लगातार मिलावटी खाद्य सामग्री, खासकर दूध, पनीर और अन्य उत्पादों की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति लगभग शून्य बनी हुई है। स्थानीय लोगों के बीच मैहर के बाबा अलाउद्दीन चौक स्थित एक डेयरी प्रतिष्ठान को लेकर लंबे समय से चर्चा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यहां बिकने वाले दूध और पनीर की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं और उनमें मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद जांच और कार्रवाई का कोई ठोस परिणाम अभी तक दिखाई नहीं देता। इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लगातार मिलावट की आशंका जताई जा रही है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। यदि जांच हो चुकी है, तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं और इनमें मिलावट बच्चों, बुजुर्गों तथा आम उपभोक्ताओं पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती है, ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती।1
- प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करना एक मौलिक अधिकार है, लेकिन सतना जिले के मैहर स्थित सिविल अस्पताल में कई आवश्यक व्यवस्थाएँ बदहाली का शिकार हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों के कार्यान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।1
- अमरपाटन के ग्राम खरमसेड़ा में आंगनवाड़ी की शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का एक नया मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गाँव के ही रामाधार कुशवाहा और उनके पुत्रों द्वारा रविवार अवकाश का लाभ उठाते हुए, कल देर रात से आंगनवाड़ी की दीवार से जोड़कर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस शासकीय भूमि पर पहले भी अतिक्रमण कर कब्जा करने और निर्माण कराए जाने पर तहसीलदार द्वारा रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद, अब दोबारा शासकीय आंगनवाड़ी की जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण कार्य जारी है, जो पूर्व के आदेश की अवहेलना प्रतीत होता है।1
- इंडिगो के एक पायलट ने भारत-पाकिस्तान सीमा का एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में भारत-पाकिस्तान सीमा सुनहरी रोशनी से जगमगाती हुई दिखाई दे रही है।1