मैहर के वार्ड क्रमांक 21 बल्लभ नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उनके वार्ड में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें दैनिक कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर, नागरिकों ने विवश होकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसी क्रम में, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने SDM तथा नगर पालिका परिषद मैहर के CMO को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी निराकरण करने की मांग की। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मैहर के वार्ड क्रमांक 21 बल्लभ नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उनके वार्ड में नियमित रूप से पानी
की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें दैनिक कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर, नागरिकों ने विवश होकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसी क्रम में, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने SDM तथा नगर पालिका परिषद मैहर के CMO
को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी निराकरण करने की मांग की। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- सतना के टिकुरिया टोला स्थित गली नम्बर 1 में एक ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्रतीक्षा में है।1
- पानी और बिजली की गंभीर समस्या को लेकर आम जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस जनआक्रोश के बीच, आम आदमी पार्टी ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- मैहर अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी का गंभीर मामला सामने आया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद भी अस्पताल प्रभारी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर मैहर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और उनकी भूमिका पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहा है।1
- मैहर जिले में दूध, पनीर और खोवा में बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंकाएं लगातार गहरी हो रही हैं, जिसे लेकर लोगों में भारी चिंता है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस आशंका को और बल दिया है, जहाँ अवधेश सोनी नामक एक युवक द्वारा स्थानीय 'राधे कृष्णा डेरी' से खरीदे गए आधे लीटर दूध को पकाने पर वह फट गया। दूध से निकला पदार्थ रबड़ की तरह खिंचने लगा, जिसके बाद लोगों ने उसमें केमिकल और मिलावट होने का संदेह जताया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैहर में कई ऐसी डेयरियां संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन कई कुंतल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध की आपूर्ति आखिर कहाँ से हो रही है। लोगों ने खाद्य विभाग पर लंबे समय से डेयरियों की सघन जाँच न करने और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर प्रभावी कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि कुछ डेयरी संचालक चंद पैसों के लालच में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि मिलावटी उत्पादों के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की अनदेखी के चलते यह कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए लोगों ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जाँच कर उनके उत्पादों के सैंपल लेने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को तुरंत रोका जा सके।1
- मैहर के वार्ड क्रमांक 21 बल्लभ नगर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उनके वार्ड में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें दैनिक कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर, नागरिकों ने विवश होकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इसी क्रम में, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने SDM तथा नगर पालिका परिषद मैहर के CMO को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पानी की समस्या का स्थायी निराकरण करने की मांग की। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।3
- मध्यप्रदेश के मैहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर प्रशासन के सख्ती के दावों के विपरीत गंभीर हालात सामने आ रहे हैं। शहर में लगातार मिलावटी खाद्य सामग्री, खासकर दूध, पनीर और अन्य उत्पादों की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति लगभग शून्य बनी हुई है। स्थानीय लोगों के बीच मैहर के बाबा अलाउद्दीन चौक स्थित एक डेयरी प्रतिष्ठान को लेकर लंबे समय से चर्चा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यहां बिकने वाले दूध और पनीर की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं और उनमें मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद जांच और कार्रवाई का कोई ठोस परिणाम अभी तक दिखाई नहीं देता। इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लगातार मिलावट की आशंका जताई जा रही है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। यदि जांच हो चुकी है, तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं और इनमें मिलावट बच्चों, बुजुर्गों तथा आम उपभोक्ताओं पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती है, ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती।1
- मैहर के नादन थाना क्षेत्र के ग्राम जरियारी के सिगटाहा टोला में एक जमीन विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब एक महिला को छत से नीचे फेंकने का गंभीर आरोप सामने आया। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक, ममता पटेल अपनी माता के साथ घर का कामकाज कर रही थीं, इसी दौरान जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि रमेश पटेल नामक व्यक्ति ने गुस्से में आकर ममता पटेल को छत से धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिरकर घायल हो गईं। घटना के बाद गाँव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने घायल महिला को संभालकर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नादन थाना पुलिस इस वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जाँच में जुटी हुई है। पुलिस ने बताया है कि जाँच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1