गोयला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 21 जून को प्रशासक रामदेव गुर्जर की अध्यक्षता और शिक्षाविद भगवत सिंह गोयला के सानिध्य में योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक मुरली ने विभिन्न आसनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित लोगों को उनका अभ्यास भी करवाया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद भगवत सिंह ने योग दिवस के इतिहास, इसके उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भस्त्रिका, बाह्य प्राणायाम, कपालभाती, अनुलोम विलोम, भ्रामरी और उदगीत प्राणायाम सहित सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करवाया। साथ ही, उन्होंने इन आसनों व प्राणायामों के लाभों और विभिन्न रोगों के निवारण में उनकी भूमिका के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस समारोह में पंचायत प्रशासक रामदेव गुर्जर, भगवत सिंह राठौड़, शिवराज रेगर, सुदर्शन रेगर, रामस्वरूप दाधीच, राम प्रसाद माली, राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय और आयुर्वेदिक चिकित्सालय का स्टाफ, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का स्टाफ और आंगनबाड़ी के समस्त कार्यकर्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में, यह समारोह हास्यासन के साथ संपन्न हुआ।
गोयला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 21 जून को प्रशासक रामदेव गुर्जर की अध्यक्षता और शिक्षाविद भगवत सिंह गोयला के सानिध्य में योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक मुरली ने विभिन्न आसनों के बारे में
विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित लोगों को उनका अभ्यास भी करवाया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद भगवत सिंह ने योग दिवस के इतिहास, इसके उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भस्त्रिका, बाह्य प्राणायाम, कपालभाती, अनुलोम विलोम, भ्रामरी और उदगीत प्राणायाम सहित
सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास करवाया। साथ ही, उन्होंने इन आसनों व प्राणायामों के लाभों और विभिन्न रोगों के निवारण में उनकी भूमिका के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस समारोह में पंचायत प्रशासक रामदेव गुर्जर, भगवत सिंह राठौड़, शिवराज रेगर,
सुदर्शन रेगर, रामस्वरूप दाधीच, राम प्रसाद माली, राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय और आयुर्वेदिक चिकित्सालय का स्टाफ, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का स्टाफ और आंगनबाड़ी के समस्त कार्यकर्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में, यह समारोह हास्यासन के साथ संपन्न हुआ।
- अजमेर जिले के नासिराबाद स्थित देरांठु विद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योगाभ्यास सत्र के साथ-साथ मतदाता जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया, जिसने कार्यक्रम को दोहरा महत्व प्रदान किया।1
- अजमेर जिले के अरांई में निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घरों के सामने बना नाला अधूरा होने के कारण पूरे गाँव का पानी उसमें भरा रहता है। इसी अधूरे नाले के रास्ते से सटा हुआ उनका पीने के पानी का टाका (टैंक) है, जिसमें रिसाव होने के कारण नाले का गंदा पानी भर गया है। इस स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यहाँ उनकी कोई सुनवाई नहीं करता, और 181 हेल्पलाइन नंबर को भी 'फर्जी' बताया गया है, जिस पर कई बार कोशिश करने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली। ग्रामीणों की मांग है कि इस नाले को तुरंत पूरा बनवाया जाए; अन्यथा, यदि नाला पूरा नहीं बनता है, तो उन्हें टाके के लिए मुआवजा दिया जाए।2
- राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित जैन दादाबाड़ी में एक अनोखा और अद्भुत दृश्य प्रतिदिन देखने को मिलता है। यहाँ हर दिन दोपहर करीब 2:30 बजे, निश्चित समय पर, 3 से 5 लाख कबूतर आते हैं। इन कबूतरों की खासियत यह है कि वे जैन नवकार मंत्र सुनते हैं और 'जय जिनेंद्र' कहने के बाद ही दाना चुगना शुरू करते हैं। इस घटना को जैन धर्म का एक चमत्कार और एक अद्भुत आश्चर्य माना जाता है, जहाँ लाखों कबूतर मंत्र सुनकर ही अपना भोजन ग्रहण करते हैं।1
- अजय सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वर्ष 2028 कांग्रेस पार्टी के लिए आखिरी अवसर होगा। यह बयान मध्य प्रदेश के सोनकच्छ से जुड़ी नवीनतम ख़बरों के संदर्भ में सामने आया है।1
- मुंबई से खाटू श्याम की 75वीं पदयात्रा पर निकले श्रद्धालु चंद्र प्रकाश का ब्यावर आगमन हुआ, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। चंद्र प्रकाश अब तक 1,00,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं, जो अपने आप में एक अत्यंत प्रेरणादायक उपलब्धि है। वर्ष 2019 से लगातार मुंबई से खाटू तक पदयात्रा कर रहे चंद्र प्रकाश अपनी श्याम भक्ति, सेवा भाव और दृढ़ संकल्प के कारण अन्य श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उनके ब्यावर पहुँचने पर उपस्थित भक्तों ने खाटू श्याम बाबा से उनकी सुख, समृद्धि एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। ब्यावर स्थित रांका जी की बगीची में एक विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें धनराज जी रांका, रमेश जी श्रीमाल, पारसमल जी भटेवड़ा, दिलीप कुमार जी बाफना, हितेश जी कोठारी, मनीष जी रांका, अजय जी डोसी, हितेश जी श्रीमाल, कमलेश जी श्रीमाल, महावीर जी आबड़ और अशोक जी श्रीमाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर श्रद्धालु चंद्र प्रकाश का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया। जय श्री श्याम।1
- नागौर जिले के परबतसर क्षेत्र के एक ही गांव में शनिवार सुबह कोबरा सांप ने दो महिलाओं को अलग-अलग स्थानों पर डस लिया। बताया गया है कि एक महिला अपने घर पर बर्तन धो रही थी, जबकि दूसरी महिला घर के भीतर काम कर रही थी। घटना के तुरंत बाद दोनों महिलाओं को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उन्हें आगे के उपचार के लिए अजमेर के JLN अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों महिलाओं का इलाज जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।1
- राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT), अजमेर के केकड़ी परिसर में 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जितेंद्र भाटिया ने अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नियमित योगाभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्म-अनुशासन और समग्र स्वास्थ्य का माध्यम भी है, और सभी प्रतिभागियों से इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन और योगाभ्यास का प्रशिक्षण डॉ. करुणाशील द्वारा कराया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों को योग के महत्व और दैनिक जीवन में इसके लाभों की जानकारी देते हुए विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास भी कराया। डॉ. करुणाशील ने यह भी बताया कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, साथ ही तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने में सहायक है। इस अवसर पर NIELIT अजमेर के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास अपनाने का संदेश दिया।4
- नांदला-नसीराबाद रपट पर सीसी रोड निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना के साथ, विकास का पहिया बरसाती बाधाओं के बावजूद आगे बढ़ा है।1
- ब्यावर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश, ब्यावर के निर्देशानुसार एक योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का समन्वय सोनल पारीख, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश), ब्यावर और जिला बार संघ, ब्यावर द्वारा संयुक्त रूप से न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजे 3, ब्यावर श्री विजयप्रकाश सोनी और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर सोनल पारीख द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित करके किया गया। कृष्णा योग मंच के प्रशिक्षकों, जिनमें श्री आनंद कुमावत, श्री विष्णु कुमावत और अधिवक्ता श्री नरपत सिंह रावत शामिल थे, ने उपस्थितजनों को योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया। इस दौरान योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। हार्टफुलनेस संस्था के ओमप्रकाश कुमावत और रवि मेडतवाल ने भी इस अवसर पर ध्यान सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में, विजयप्रकाश सोनी ने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। वहीं, सचिव सोनल पारीख ने मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन के लिए योग और ध्यान को आवश्यक बताते हुए सभी प्रतिभागियों को इसे अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर, अधिवक्ता परिषद चित्तौड़ प्रांत, जिला संघ, ब्यावर द्वारा सभी उपस्थित प्रतिभागियों को स्वास्थ्यवर्धक जूस वितरित किया गया। इस अवसर पर अन्य न्यायिक अधिकारीगण, जिनमें पंकज सांखला, प्रवीण चौहान, सुषमा जाखड़, अमन तेनगुरिया शामिल थे, के साथ-साथ न्यायालय कर्मचारीगण और जिला बार संघ के अध्यक्ष जसवंत राठी, सचिव श्यामप्रताप सिंह, ऋषिराज, जयप्रकाश जांगिड़, भरत सांखला, नेपाल सिंह रावत जैसे कई सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।1